www.mpeducationgyandeep.in
कक्षा 12वीं लेखाशास्त्र (Accountancy)
नमूना प्रश्नपत्र 2026–27 : मॉडल उत्तर
Higher Secondary Examination 2027 | कुल अंक: 80 | समय: 3 घंटे
निर्देश: प्रत्येक उपप्रश्न और आंतरिक विकल्प का उत्तर अलग बटन से खोलें। एक समय में केवल एक उत्तर खुला रहेगा। ये अध्ययन हेतु तैयार किए गए मॉडल उत्तर हैं, आधिकारिक MPBSE उत्तर-कुंजी नहीं।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए (1×6=6)
I. A और B लाभ-हानि 3:2 में बाँटते हैं। साझेदारी विलेख में ऋण पर ब्याज का प्रावधान नहीं है। A ने फर्म को ₹1,00,000 ऋण दिया। ब्याज किस दर से मिलेगा?
साझेदारी अधिनियम, 1932 के अनुसार विलेख में विपरीत प्रावधान न होने पर साझेदार के ऋण पर 6% वार्षिक ब्याज देय होता है। सही विकल्प (b) 6% वार्षिक।
II. ख्याति (Goodwill) क्या है?
ख्याति एक अमूर्त (Intangible) संपत्ति है। दिए गए विकल्पों में इसे कृत्रिम संपत्ति कहा गया है; लेखांकन की दृष्टि से सही वर्गीकरण अमूर्त संपत्ति है।
III. फर्म के विघटन पर संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि का सर्वप्रथम उपयोग किसके भुगतान में होता है?
बाहरी दायित्वों का भुगतान सर्वप्रथम किया जाता है। सही विकल्प (c)।
IV. सार्वजनिक कंपनी द्वारा अंश जारी करने पर जारी किया जाने वाला दस्तावेज?
प्रविवरण (Prospectus)। सही विकल्प (d)।
V. जिन ऋणपत्रों का हस्तांतरण केवल सुपुर्दगी से हो जाता है?
वाहक ऋणपत्र (Bearer Debentures)। सही विकल्प (a)।
VI. वित्तीय क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह का उदाहरण?
अंशों का निर्गमन वित्तीय गतिविधि है। सही विकल्प (d)।
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1×6=6)
I. लाभ-हानि विनियोजन खाता एक ______ खाता है।
यह नाममात्र (Nominal) खाता है।
II. नए साझेदार द्वारा भावी लाभ में हिस्सा पाने के लिए ______ का भुगतान किया जाता है।
ख्याति (Goodwill) / ख्याति प्रीमियम।
III. सेवानिवृत्त साझेदार के हिस्से की पूर्ति ______ साझेदार करते हैं।
शेष / निरंतर रहने वाले साझेदार।
IV. अंश हरण खाते का शेष चिट्ठे के ______ पक्ष में दिखाया जाता है।
दायित्व एवं पूँजी पक्ष में, पूँजी आरक्षित (Capital Reserve) के रूप में, जब्त अंश पुनर्निर्गम के बाद।
V. ______ ऋणपत्र में ब्याज दर निर्धारित नहीं होती।
शून्य-कूपन / शून्य ब्याज (Zero Interest) ऋणपत्र।
VI. प्रतिभूति प्रीमियम कंपनी के चिट्ठे में ______ शीर्षक के अंतर्गत दिखाया जाता है।
आरक्षित एवं अधिशेष / अन्य इक्विटी (Reserves and Surplus / Other Equity)।
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए (1×6=6)
I. लाभार्जन क्षमता में परिवर्तन का ख्याति के मूल्य पर प्रभाव नहीं पड़ता।
असत्य। लाभार्जन क्षमता में परिवर्तन से ख्याति का मूल्य प्रभावित होता है।
II. साझेदारी समझौते में परिवर्तन से फर्म का पुनर्गठन होता है।
सत्य।
III. किसी साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर पुरानी साझेदारी समाप्त हो जाती है।
सत्य। फर्म का पुनर्गठन होता है; पुराना समझौता समाप्त होकर नया संबंध बनता है।
IV. कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार चिट्ठा केवल लंबवत प्रारूप में दिया जाता है।
सत्य। अनुसूची III के अनुसार Balance Sheet का निर्धारित प्रारूप लंबवत (Vertical) है।
V. ऋण-समता अनुपात में लगातार वृद्धि कंपनी के वित्तीय जोखिम को बढ़ाती है।
सत्य।
VI. मशीनरी के बदले अंश जारी करने से कुल रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्य प्रभावित होते हैं।
असत्य। यह गैर-रोकड़ निवेश/वित्तीय लेन-देन है; रोकड़ एवं रोकड़ समतुल्य प्रभावित नहीं होते।
प्रश्न 4. सही जोड़ियाँ बनाइए (1×7=7)
I. साझेदारी विलेख में परिवर्तन
प्रश्नपत्र के विकल्पों में (a) साझेदारों के बीच संबंध दिया है; यह अधिक उपयुक्त रूप से साझेदारी की प्रकृति/समझौते से जुड़ा है।
II. साझेदारी विलेख का प्रारूप
(f) स्टाम्प अधिनियम।
III. प्रधान एवं एजेंट
(a) साझेदारों के बीच संबंध।
IV. अंश अधिमूल्य (प्रीमियम)
(b) अंश के अंकित मूल्य से अधिक प्राप्त राशि।
V. बकाया माँग
(g) माँगी गई पर अभी प्राप्त न हुई राशि।
VI. अग्रिम माँग
(d) अंशधारियों से माँग से पहले प्राप्त राशि।
VII. चुकता पूँजी
(c) अंशधारियों से वास्तव में प्राप्त राशि।
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए (1×7=7)
I. ख्याति की गणना में क्रय वर्ष क्या है?
अधिलाभ विधि में ख्याति = औसत अधिलाभ × क्रय वर्षों की संख्या; क्रय वर्ष वह अवधि है जिसके अधिलाभ के बराबर मूल्य के लिए खरीदार भुगतान करने को तैयार होता है।
II. वास्तविक औसत लाभ का सामान्य लाभ पर आधिक्य क्या कहलाता है?
अधिलाभ (Super Profit)।
III. साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर निवृत्त साझेदार का ऋण खाता कब खोला जाता है?
जब निवृत्त साझेदार को देय राशि का तत्काल पूर्ण भुगतान न करके शेष राशि ऋण के रूप में रखी जाती है।
IV. फर्म के विघटन पर मूर्त संपत्ति का विक्रय मूल्य न दिया हो तो उसका विक्रय मूल्य क्या होगा?
यदि संपत्ति का विक्रय मूल्य नहीं दिया गया है तो उसे शून्य (Nil) माना जाता है।
V. कंपनी के आंतरिक प्रबंध से संबंधित प्रलेख क्या कहलाता है?
पार्षद अंतर्नियम (Articles of Association)।
VI. कंपनी का लाभ चिट्ठे में किस शीर्षक के अंतर्गत दिखाया जाता है?
आरक्षित एवं अधिशेष / अन्य इक्विटी (Retained Earnings सहित)।
VII. मूल्यह्रास को परिचालन गतिविधियों के रोकड़ प्रवाह में शुद्ध लाभ में वापस क्यों जोड़ा जाता है?
क्योंकि मूल्यह्रास गैर-रोकड़ व्यय है; इससे लाभ घटता है, पर रोकड़ का वास्तविक बहिर्वाह नहीं होता।
प्रश्न 6. लाभ-विभाजन अनुपात
A ने ₹2,00,000 तथा B ने ₹1,00,000 पूँजी लगाई। B सक्रिय और A निष्क्रिय साझेदार है। विलेख में अनुपात न हो तो लाभ किस अनुपात में बाँटेंगे?
लाभ बराबर अनुपात 1:1 में बाँटा जाएगा। भारतीय साझेदारी अधिनियम के अनुसार, समझौते में विपरीत प्रावधान न होने पर साझेदार लाभ-हानि में समान भागीदार होते हैं। पूँजी का अनुपात अथवा सक्रिय/निष्क्रिय होना अपने-आप लाभ-विभाजन अनुपात निर्धारित नहीं करता।
प्रश्न 7. नया लाभ-विभाजन अनुपात
सचिन और विराट 2:1 में साझेदार हैं। धोनी को 1/4 भाग दिया गया, जिसे वह सचिन और विराट से 3:2 में प्राप्त करता है। नया अनुपात ज्ञात कीजिए।
पुराना अनुपात: सचिन 2/3, विराट 1/3। धोनी का हिस्सा 1/4 है। सचिन का त्याग = 1/4×3/5 = 3/20; विराट का त्याग = 1/4×2/5 = 1/10। सचिन का नया हिस्सा = 2/3−3/20 = 31/60; विराट = 1/3−1/10 = 14/60; धोनी = 15/60। अतः नया अनुपात 31:14:15।
प्रश्न 8. साझेदार की सेवानिवृत्ति के कारण
किसी साझेदार के सेवानिवृत्त होने के कोई दो कारण लिखिए।
(1) वृद्धावस्था अथवा खराब स्वास्थ्य के कारण। (2) अन्य व्यवसाय/व्यक्तिगत कारणों से साझेदारी छोड़ने की इच्छा।
प्रश्न 9. फर्म का विघटन
(i) सभी साझेदारों के दिवालिया होने पर; (ii) जिस कार्य के लिए साझेदारी की गई थी, उसके पूरा हो जाने पर विघटन की विधि बताइए।
(i) सभी साझेदार दिवालिया होने पर फर्म का अनिवार्य / न्यायालय द्वारा विघटन हो सकता है। (ii) विशेष उद्देश्य के लिए बनी साझेदारी में उद्देश्य पूरा होने पर फर्म का स्वतः विघटन (Particular Partnership का उद्देश्य समाप्त) होता है।
प्रश्न 10. अंशों का पुनर्निर्गमन
अंशों के पुनर्निर्गमन से क्या आशय है?
जब कंपनी द्वारा पहले हरण (Forfeiture) किए गए अंशों को पुनः किसी व्यक्ति को जारी/बेचा जाता है, तो इसे अंशों का पुनर्निर्गमन कहते हैं। पुनर्निर्गमन अंकित मूल्य पर, प्रीमियम पर या छूट पर हो सकता है, पर छूट की सीमा संबंधित अंशों पर हरण की गई राशि से अधिक नहीं हो सकती।
प्रश्न 11. ऋणपत्र की परिभाषा
ऋणपत्र को परिभाषित कीजिए।
ऋणपत्र कंपनी द्वारा ऋण पूँजी प्राप्त करने के लिए जारी किया गया लिखित दस्तावेज है, जिसमें कंपनी एक निश्चित राशि के ऋण तथा उस पर निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज और मूलधन के पुनर्भुगतान का वचन देती है।
प्रश्न 12. अमूर्त संपत्तियाँ
कंपनी के चिट्ठे में ‘अमूर्त संपत्तियाँ’ उप-शीर्षक की कोई चार मदें लिखिए।
उदाहरण: (1) ख्याति (Goodwill), (2) पेटेंट, (3) ट्रेडमार्क, (4) कॉपीराइट। अन्य उदाहरणों में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और लाइसेंस शामिल हो सकते हैं।
प्रश्न 13. नया चालू अनुपात
चालू परिसंपत्तियाँ ₹6,00,000 और चालू दायित्व ₹3,00,000 हैं। ₹1,00,000 नकद से चालू दायित्व चुकाने पर नया चालू अनुपात ज्ञात कीजिए।
भुगतान के बाद चालू परिसंपत्तियाँ = 6,00,000−1,00,000 = ₹5,00,000। चालू दायित्व = 3,00,000−1,00,000 = ₹2,00,000। नया चालू अनुपात = 5,00,000 : 2,00,000 = 2.5 : 1।
प्रश्न 14. ऋण-समता अनुपात
ऋण-समता अनुपात का सूत्र और आदर्श मान लिखिए।
ऋण-समता अनुपात = दीर्घकालीन ऋण / शेयरधारकों की निधि। सामान्यतः 2:1 को आदर्श माना जाता है; वास्तविक उपयुक्त मान उद्योग और जोखिम की प्रकृति पर निर्भर कर सकता है।
प्रश्न 15. रोकड़ समतुल्य
रोकड़ समतुल्य से क्या आशय है?
ऐसे अल्पकालीन, अत्यधिक तरल निवेश जिन्हें आसानी से निश्चित रोकड़ राशि में बदला जा सके और जिनके मूल्य में परिवर्तन का जोखिम नगण्य हो, रोकड़ समतुल्य कहलाते हैं। सामान्यतः इनकी परिपक्वता खरीद की तारीख से तीन माह या उससे कम होती है।
प्रश्न 16. ख्याति का समायोजन / OR: त्याग अनुपात एवं प्राप्ति अनुपात
P, Q और R समान साझेदार हैं। R के अवकाश पर ख्याति ₹36,000 है। P और Q नया अनुपात 3:2 रखते हैं। आवश्यक जर्नल प्रविष्टि दीजिए।
R का पुराना हिस्सा = 1/3। P और Q का नया अनुपात 3:2 है। त्याग अनुपात: P = 1/3−(3/5×2/3)=−1/15 अर्थात P प्राप्ति करता है; Q = 1/3−(2/5×2/3)=1/15 त्याग करता है। इसलिए केवल Q, R को ख्याति का मुआवजा देगा। R का हिस्सा = ₹36,000×1/3 = ₹12,000। जर्नल: Q का पूँजी खाता Dr. ₹12,000; To R का पूँजी खाता ₹12,000।
OR. त्याग अनुपात और प्राप्ति अनुपात में तीन अंतर लिखिए।
1. त्याग अनुपात पुराने साझेदारों द्वारा नए/शेष साझेदार के पक्ष में छोड़े गए लाभ के हिस्से का अनुपात है; प्राप्ति अनुपात शेष साझेदारों द्वारा निवृत्त/मृत साझेदार के हिस्से में से प्राप्त अतिरिक्त लाभ का अनुपात है। 2. त्याग अनुपात प्रवेश के समय निकाला जाता है; प्राप्ति अनुपात सेवानिवृत्ति/मृत्यु के समय। 3. ख्याति प्रीमियम सामान्यतः त्याग करने वाले साझेदारों को त्याग अनुपात में दिया जाता है; निवृत्त साझेदार की ख्याति का समायोजन प्राप्ति अनुपात में किया जाता है।
प्रश्न 17. अंशों का हरण / OR: भवन के बदले अंश
राम लिमिटेड ने ₹10 वाले 50 पूर्ण याचित अंश हरण किए। आवेदन पर ₹3 प्रति अंश मिला, आवंटन ₹3 और अंतिम याचना ₹4 नहीं मिले। जर्नल प्रविष्टि दीजिए।
प्राप्त आवेदन राशि = 50×₹3 = ₹150। बकाया आवंटन = ₹150; अंतिम याचना = ₹200; कुल बकाया = ₹350। कुल अंश पूँजी = 50×₹10 = ₹500। प्रविष्टि: अंश पूँजी खाता Dr. ₹500; To अंश आवंटन खाता ₹150; To अंतिम याचना खाता ₹200; To अंश हरण खाता ₹150।
OR. X लिमिटेड ने Y लिमिटेड से ₹5,40,000 में भवन खरीदा और ₹100 वाले समता अंश सम मूल्य पर जारी कर भुगतान किया। प्रविष्टियाँ दीजिए।
जारी अंशों की संख्या = ₹5,40,000/₹100 = 5,400। (1) भवन खाता Dr. ₹5,40,000; To Y लिमिटेड खाता ₹5,40,000। (2) Y लिमिटेड खाता Dr. ₹5,40,000; To समता अंश पूँजी खाता ₹5,40,000।
प्रश्न 18. चिट्ठे में मदों का वर्गीकरण / OR: वित्तीय विवरणों की सीमाएँ
(i) भूमि एवं भवन (ii) वाहन (iii) चालू कार्य (कार्य प्रगति पर) को कंपनी के चिट्ठे में मुख्य एवं उप-शीर्षकों के अंतर्गत दर्शाइए।
(i) भूमि एवं भवन: गैर-चालू परिसंपत्तियाँ → संपत्ति, संयंत्र एवं उपकरण (Property, Plant and Equipment)। (ii) वाहन: गैर-चालू परिसंपत्तियाँ → संपत्ति, संयंत्र एवं उपकरण। (iii) चालू कार्य/कार्य प्रगति पर: संदर्भ के अनुसार पूँजीगत परियोजना का Capital Work-in-Progress, गैर-चालू परिसंपत्तियों के अंतर्गत।
OR. कंपनी के वित्तीय विवरणों की कोई तीन सीमाएँ बताइए।
1. ये ऐतिहासिक लागत पर आधारित होते हैं; वर्तमान बाजार मूल्य हमेशा नहीं दिखाते। 2. गुणात्मक पहलुओं—कर्मचारी दक्षता, प्रबंधन गुणवत्ता, ग्राहक संतुष्टि—का पूरा चित्र नहीं देते। 3. लेखांकन नीतियों और अनुमान में अंतर के कारण कंपनियों की तुलना कठिन हो सकती है।
प्रश्न 19. रोकड़ प्रवाह विवरण के उद्देश्य / OR: परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह
रोकड़ प्रवाह विवरण बनाने के कोई तीन उद्देश्य लिखिए।
1. रोकड़ के स्रोतों और उपयोगों की जानकारी देना। 2. परिचालन, निवेश एवं वित्तीय गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह का विश्लेषण करना। 3. अल्पकालीन भुगतान क्षमता तथा भविष्य की रोकड़ आवश्यकताओं का आकलन करने में सहायता देना।
OR. दिए गए विवरण से परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह की गणना कीजिए।
प्रश्नपत्र की तालिका में लाभ-हानि अधिशेष, देनदार, अदत्त किराया, ख्याति, पूर्वदत्त बीमा और लेनदार दिए हैं। तालिका में ‘लाभ-हानि का आधिक्य’ 31-03-2024 को ₹2,40,000 तथा 31-03-2025 को ₹2,20,000 है; इसे चालू वर्ष का शुद्ध लाभ मानना स्पष्ट नहीं है। यदि ₹2,20,000 को चालू वर्ष का शुद्ध लाभ माना जाए: देनदार में कमी ₹24,000 जोड़ें; अदत्त किराया में कमी ₹36,000 घटाएँ; ख्याति में वृद्धि ₹8,000 घटाएँ; पूर्वदत्त बीमा में वृद्धि ₹8,000 घटाएँ; लेनदार में कमी ₹24,000 घटाएँ। परिचालन रोकड़ प्रवाह = ₹2,20,000 + 24,000 − 36,000 − 8,000 − 8,000 − 24,000 = ₹1,68,000। यह परिणाम उक्त धारणा पर आधारित है; अधिशेष को शुद्ध लाभ न मानने पर अतिरिक्त सूचना आवश्यक होगी।
प्रश्न 20. लाभ-हानि विनियोजन खाता / OR: स्थायी एवं परिवर्तनशील पूँजी
सुनील और कपिल 3:2 में लाभ बाँटते हैं। पूँजी ₹50,000 और ₹40,000; कपिल का वेतन ₹10,000; पूँजी और आहरण पर ब्याज 5%; आहरण ₹8,000 और ₹15,000, ब्याज क्रमशः ₹200 और ₹300; समायोजन से पूर्व लाभ ₹31,000। लाभ-हानि विनियोजन खाता बनाइए।
**लाभ-हानि विनियोजन खाता (₹)**
जमा पक्ष: लाभ-हानि खाते से शुद्ध लाभ ₹31,000; आहरण पर ब्याज—सुनील ₹200 + कपिल ₹300 = ₹500; कुल ₹31,500।
नामे पक्ष: कपिल का वेतन ₹10,000; पूँजी पर ब्याज—सुनील ₹2,500 और कपिल ₹2,000 = ₹4,500; शेष लाभ ₹17,000। शेष लाभ का 3:2 में विभाजन: सुनील ₹10,200; कपिल ₹6,800। कुल नामे ₹31,500।
OR. स्थायी पूँजी पद्धति और परिवर्तनशील पूँजी पद्धति में चार अंतर लिखिए।
1. स्थायी पद्धति में पूँजी खाता सामान्यतः स्थिर रहता है; परिवर्तनशील पद्धति में एक ही पूँजी खाते में सभी समायोजन होते हैं। 2. स्थायी पद्धति में आहरण, ब्याज, वेतन आदि के लिए अलग चालू खाते रखे जाते हैं; परिवर्तनशील में अलग चालू खाता आवश्यक नहीं। 3. स्थायी पद्धति में लाभ/हानि का प्रभाव चालू खाते में; परिवर्तनशील में पूँजी खाते में। 4. स्थायी पद्धति में पूँजी खाते का शेष सामान्यतः अपरिवर्तित रहता है; परिवर्तनशील में बदलता रहता है।
प्रश्न 21. ख्याति का मूल्य / OR: पुनर्मूल्यांकन खाता
औसत वार्षिक लाभ ₹8,00,000; सामान्य लाभ दर 10%; कुल परिसंपत्तियाँ ₹22,00,000; कुल दायित्व ₹5,60,000; ख्याति अधिलाभ के 2 वर्ष के क्रय पर। ख्याति ज्ञात कीजिए।
पूँजी नियोजित = परिसंपत्तियाँ − बाहरी दायित्व = ₹22,00,000−₹5,60,000 = ₹16,40,000। सामान्य लाभ = 10%×₹16,40,000 = ₹1,64,000। अधिलाभ = ₹8,00,000−₹1,64,000 = ₹6,36,000। ख्याति = अधिलाभ×2 = ₹12,72,000।
OR. X और Y 3:2 में साझेदार हैं। चिट्ठे में लेनदार ₹20,000, पूँजी X ₹40,000, Y ₹30,000; देनदार ₹15,000, स्टॉक ₹25,000, भवन ₹50,000। Z 1/5 हिस्से के लिए ₹20,000 लाता है। भवन ₹60,000, स्टॉक में ₹3,000 कमी, देनदारों पर ₹1,000 संदिग्ध ऋण प्रावधान। पुनर्मूल्यांकन खाता बनाइए।
**पुनर्मूल्यांकन खाता**
नामे: स्टॉक में कमी ₹3,000; संदिग्ध ऋण प्रावधान ₹1,000; कुल ₹4,000।
जमा: भवन में वृद्धि ₹10,000।
पुनर्मूल्यांकन लाभ = ₹10,000−₹4,000 = ₹6,000। इसे पुराने अनुपात 3:2 में बाँटेंगे: X ₹3,600 और Y ₹2,400। पुनर्मूल्यांकन खाते में नामे पक्ष पर X पूँजी ₹3,600 तथा Y पूँजी ₹2,400 लिखकर खाता संतुलित होगा।
प्रश्न 22. अंशों के हरण की प्रक्रिया / OR: प्रतिभूति प्रीमियम के उपयोग
अंशों के हरण की प्रक्रिया लिखिए।
1. अंशधारक द्वारा माँगी गई राशि का भुगतान न करने पर कंपनी के अंतर्नियमों के अनुसार नोटिस दिया जाता है। 2. नोटिस में बकाया राशि और भुगतान की अंतिम तिथि बताई जाती है। 3. भुगतान न होने पर संचालक मंडल प्रस्ताव पारित कर अंशों का हरण कर सकता है। 4. अंशधारक का नाम रजिस्टर से हटाया जाता है और प्राप्त राशि अंश हरण खाते में जमा की जाती है।
OR. कंपनी अधिनियम के अनुसार प्रतिभूति प्रीमियम की राशि के उपयोग बताइए।
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 52 के अनुसार प्रतिभूति प्रीमियम का उपयोग मुख्यतः: (1) पूर्णतः चुकता बोनस अंश जारी करने, (2) प्रारंभिक व्यय लिखने-अप करने, (3) अंश/ऋणपत्र निर्गमन पर देय कमीशन या छूट लिखने, (4) ऋणपत्रों के निर्गमन पर छूट/व्यय लिखने, तथा (5) अधिमान अंशों या ऋणपत्रों के मोचन पर प्रीमियम चुकाने में किया जा सकता है।
प्रश्न 23. ऋणपत्र निर्गमन की जर्नल प्रविष्टियाँ / OR: ऋणपत्रों के प्रकार
सुविधा लिमिटेड ने ₹100 वाले 2,000 ऋणपत्र 10% प्रीमियम पर जारी किए। ₹20 आवेदन पर, ₹40 आवंटन पर (प्रीमियम सहित) और शेष प्रथम एवं अंतिम याचना पर देय था। सभी राशियाँ समय पर प्राप्त हुईं। जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए।
कुल अंकित मूल्य = 2,000×₹100 = ₹2,00,000; प्रीमियम = ₹20,000; कुल निर्गम मूल्य ₹2,20,000। प्रति ऋणपत्र आवंटन ₹40 में ₹10 प्रीमियम शामिल है; शेष कॉल ₹40।
1. बैंक खाता Dr. ₹40,000; To ऋणपत्र आवेदन खाता ₹40,000।
2. ऋणपत्र आवेदन खाता Dr. ₹40,000; To ऋणपत्र खाता ₹40,000।
3. ऋणपत्र आवंटन खाता Dr. ₹80,000; To ऋणपत्र खाता ₹60,000; To प्रतिभूति प्रीमियम खाता ₹20,000।
4. बैंक खाता Dr. ₹80,000; To ऋणपत्र आवंटन खाता ₹80,000।
5. ऋणपत्र प्रथम एवं अंतिम याचना खाता Dr. ₹80,000; To ऋणपत्र खाता ₹80,000।
6. बैंक खाता Dr. ₹80,000; To ऋणपत्र प्रथम एवं अंतिम याचना खाता ₹80,000।
OR. (i) शोधन के आधार पर (ii) सुरक्षा के आधार पर ऋणपत्रों के प्रकार बताइए।
शोधन के आधार पर: (1) शोधन योग्य ऋणपत्र—निश्चित अवधि के बाद चुकाए जाते हैं। (2) अशोधनीय/स्थायी ऋणपत्र—सामान्यतः कंपनी के परिसमापन पर चुकाए जाते हैं।
सुरक्षा के आधार पर: (1) सुरक्षित/बंधक ऋणपत्र—कंपनी की संपत्तियों पर प्रभार/बंधक द्वारा सुरक्षित। (2) असुरक्षित/नग्न ऋणपत्र—किसी विशिष्ट संपत्ति पर प्रभार से सुरक्षित नहीं।
महत्वपूर्ण: प्रश्न 4 की मिलान-सारणी में कुछ पद/विकल्प परस्पर पूरी तरह मेल नहीं खाते; उत्तर में विषयानुसार उपयुक्त मिलान दिया गया है। प्रश्न 19 के वैकल्पिक Cash Flow प्रश्न में ‘लाभ-हानि का आधिक्य’ को चालू वर्ष का शुद्ध लाभ मानने की धारणा स्पष्ट की गई है। वास्तविक परीक्षा में अपने शिक्षक द्वारा बताई गई पाठ्यपुस्तक/लेखांकन नीति के अनुसार प्रस्तुति करें।
महत्वपूर्ण Disclaimer
यह पोस्ट विद्यार्थियों की शैक्षणिक सहायता एवं अभ्यास के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रश्नपत्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा जारी Sample Question Paper पर आधारित है। प्रस्तुत उत्तर MP EDUCATION GYAN DEEP द्वारा तैयार किए गए अभ्यास हेतु मॉडल उत्तर हैं; ये MPBSE द्वारा जारी आधिकारिक उत्तरमाला नहीं हैं। मण्डल की सूचना के अनुसार Sample Paper केवल परीक्षा पैटर्न के अभ्यास के लिए है तथा इसका मुख्य परीक्षा के वास्तविक प्रश्नों से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा संबंधी अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए MPBSE की आधिकारिक वेबसाइट देखें। विद्यार्थी उत्तरों को अपनी पाठ्यपुस्तक एवं शिक्षक के मार्गदर्शन से भी सत्यापित करें।

0 Comments