MP EDUCATION GYAN DEEPEducation • Examination • Learning Resources
एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र नमूना प्रश्नपत्र 2026-27 – हिन्दी मॉडल उत्तर
महत्वपूर्ण: प्रत्येक उपप्रश्न और प्रश्न 16 से 23 के प्रत्येक OR विकल्प का उत्तर अलग बटन से खोलें। एक समय में केवल एक उत्तर खुलेगा। प्रश्न 4 में MPS का मानक सूत्र विकल्पों में नहीं दिया गया है; प्रश्न 5(v) और प्रश्न 16 के अंग्रेजी निर्देश में संभावित मुद्रण/अनुवाद त्रुटि है। उत्तरों में इन सीमाओं को स्पष्ट किया गया है। ये अभ्यास हेतु मॉडल उत्तर हैं, MPBSE की आधिकारिक उत्तर-कुंजी नहीं।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनिए (1×6=6)
प्रत्येक वस्तुनिष्ठ उपप्रश्न का उत्तर अलग बटन से देखें।
[i] अर्थव्यवस्था की उस केंद्रीय समस्या की पहचान कीजिए, जो उत्पादित की जाने वाली वस्तुओं की मात्रा निर्धारित करने से संबंधित है— (a) क्या उत्पादन किया जाए (b) कैसे उत्पादन किया जाए (c) किसके लिए उत्पादन किया जाए (d) क्यों उत्पादन किया जाए
मॉडल उत्तर: (a) What to produce (क्या उत्पादन किया जाए)। इस समस्या में वस्तुओं के प्रकार और उनकी कितनी मात्रा का उत्पादन किया जाए, यह तय किया जाता है।
[ii] माँग के नियम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? (a) कीमत और माँग में सीधा संबंध होता है (b) कीमत और माँग में विपरीत संबंध होता है (c) माँग कीमत का निर्धारण करती है (d) पूर्ति कीमत का निर्धारण करती है
मॉडल उत्तर: (b) Indirect relation between price and demand। अन्य बातें समान रहने पर कीमत बढ़ने से माँग की मात्रा घटती है और कीमत घटने से माँग की मात्रा बढ़ती है।
[iii] किसी वस्तु की 7 इकाइयों का उत्पादन करने पर औसत लागत ₹140 है। 7 इकाइयों के उत्पादन की कुल लागत होगी— (a) ₹890 (b) ₹908 (c) ₹980 (d) ₹809
मॉडल उत्तर: कुल लागत = औसत लागत × उत्पादन मात्रा = ₹140 × 7 = ₹980। सही विकल्प (c) ₹980।
[iv] पूर्ण प्रतियोगिता में विक्रय लागत कितनी होती है? (a) बहुत अधिक (b) बहुत कम (c) आधी (d) शून्य
मॉडल उत्तर: (d) Zero। पूर्ण प्रतियोगिता में वस्तु समरूप होती है और विक्रय लागत/विज्ञापन पर सामान्यतः व्यय नहीं किया जाता।
[v] जब बाजार माँग, बाजार पूर्ति से अधिक होती है, तब कौन-सी स्थिति होती है? (a) पूर्ति का आधिक्य (b) संतुलन स्तर (c) माँग का आधिक्य (d) संतुलन बिंदु
मॉडल उत्तर: (c) Excess demand (माँग का आधिक्य)।
[vi] किसी देश का वह आर्थिक क्षेत्र, जिसमें उसकी आर्थिक गतिविधियाँ घरेलू आय उत्पन्न करती हैं, कहलाता है— (a) राष्ट्रीय क्षेत्र (b) घरेलू क्षेत्र (c) राजनीतिक क्षेत्र (d) भौगोलिक क्षेत्र
मॉडल उत्तर: (b) Domestic territory (घरेलू क्षेत्र)।
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1×6=6)
हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में दिए गए रिक्त स्थानों के उत्तर।
[i] उपयोगिता मानवीय ________ को संतुष्ट करने की क्षमता है।
मॉडल उत्तर: Wants (इच्छाओं/आवश्यकताओं)।
[ii] कुल उपयोगिता ________ उपयोगिताओं का योग होती है।
मॉडल उत्तर: Marginal (सीमांत) utilities। कुल उपयोगिता सभी इकाइयों से प्राप्त सीमांत उपयोगिताओं का योग है।
[iii] परिवर्तनशील अनुपातों का नियम ________ काल में लागू होता है।
मॉडल उत्तर: Short (अल्पकालीन) run।
[iv] गुणक और सीमांत उपभोग प्रवृत्ति के बीच ________ संबंध पाया जाता है।
मॉडल उत्तर: Direct (सीधा/धनात्मक) संबंध।
[v] जब माँग तालिका को रेखाचित्र द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, तो उसे ________ वक्र कहते हैं।
मॉडल उत्तर: Demand curve (माँग वक्र)।
[vi] एक दुकानदार एक दिन में ₹2,000 का कच्चा माल और ₹500 मजदूरी पर खर्च करता है। उसकी कुल लागत ₹________ होगी।
मॉडल उत्तर: ₹2,500। कुल लागत = कच्चे माल की लागत + मजदूरी = 2,000 + 500 = ₹2,500।
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए (1×6=6)
प्रत्येक कथन का सही निर्णय और संक्षिप्त कारण।
[i] सरकारी बजट, सरकार द्वारा गत वर्ष के दौरान वास्तविक प्राप्तियों एवं वास्तविक व्ययों का विवरण है।
मॉडल उत्तर: असत्य। सरकारी बजट आगामी वित्तीय वर्ष के अनुमानित प्राप्तियों और व्ययों का विवरण होता है, पिछले वर्ष के वास्तविक आँकड़ों का नहीं।
[ii] मुद्रा के माध्यम के बिना वस्तुओं के विनिमय को वस्तु-विनिमय कहते हैं।
मॉडल उत्तर: सत्य। मुद्रा के माध्यम के बिना वस्तुओं/सेवाओं का प्रत्यक्ष विनिमय वस्तु-विनिमय कहलाता है।
[iii] बचत तथा विनियोग सदैव समान रहते हैं।
मॉडल उत्तर: असत्य। नियोजित बचत और नियोजित निवेश हमेशा समान नहीं होते; आय लेखांकन में वास्तविक बचत और निवेश की समानता लेखांकन पहचान के रूप में होती है।
[iv] सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है।
मॉडल उत्तर: सत्य। सामान्य कीन्सीय उपभोग फलन में MPC का मान 0 और 1 के बीच होता है।
[v] यदि किसी सरकार की राजस्व प्राप्तियाँ ₹80 करोड़ और राजस्व व्यय ₹100 करोड़ है, तो राजस्व घाटा ₹180 करोड़ होगा।
मॉडल उत्तर: असत्य। राजस्व घाटा = राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ = 100 − 80 = ₹20 करोड़।
[vi] भारत के केंद्रीय बैंक का नाम भारतीय स्टेट बैंक (SBI) है।
मॉडल उत्तर: असत्य। भारत का केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) है।
प्रश्न 4. सही जोड़ियाँ मिलाइए (1×7=7)
स्तम्भ A और B के दिए गए विकल्पों का मिलान। प्रश्नपत्र में एक-दो सूत्रों/विकल्पों का मुद्रण अस्पष्ट है; जहाँ आवश्यक है वहाँ नोट दिया गया है।
[i] सीमांत उपभोग प्रवृत्ति (MPC) — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: (g) ΔC/ΔY — MPC = उपभोग में परिवर्तन / आय में परिवर्तन।
[ii] औसत उपभोग प्रवृत्ति (APC) — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: (f) C/Y — APC = कुल उपभोग / कुल आय।
[iii] औसत बचत प्रवृत्ति (APS) — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: (e) S/Y — APS = कुल बचत / कुल आय।
[iv] सीमांत बचत प्रवृत्ति (MPS) — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: दिए गए विकल्पों में MPS का मानक सूत्र ΔS/ΔY अनुपस्थित है। प्रश्नपत्र में विकल्प (c) S+C=I दिया है, जो बचत-निवेश की समष्टिगत समानता है, MPS का सूत्र नहीं।
[v] मुद्रा गुणक — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: (d) 1/CRR — सरल पाठ्यपुस्तकीय मॉडल में मुद्रा गुणक = 1 / नकद आरक्षित अनुपात।
[vi] वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: (b) SLR — यह जोड़ी समान संक्षिप्त रूप के आधार पर है; स्तम्भ B में SLR स्वयं दिया गया है।
[vii] सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) — स्तम्भ ‘ब’ से सही विकल्प का मिलान कीजिए।
मॉडल उत्तर: (a) GNP — सकल राष्ट्रीय उत्पाद का संक्षिप्त रूप GNP है।
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए (1×7=7)
मूल प्रश्नपत्र के सात उपप्रश्न।
[i] किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के उपभोग से कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि को क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर: सीमांत उपयोगिता (Marginal Utility)।
[ii] परिवर्तनशील अनुपातों के नियम की कितनी अवस्थाएँ होती हैं?
मॉडल उत्तर: तीन अवस्थाएँ—(1) बढ़ते प्रतिफल, (2) घटते प्रतिफल और (3) ऋणात्मक प्रतिफल।
[iii] यदि TR = TC = ₹10 है, तो यह कौन-सी स्थिति कहलाती है?
मॉडल उत्तर: सामान्य लाभ (Normal Profit) की स्थिति; आर्थिक लाभ शून्य होता है।
[iv] यदि किसी वस्तु की कीमत ₹30 प्रति इकाई है और उसकी 15 इकाइयाँ बेची जाती हैं, तो कुल संप्राप्ति कितनी होगी?
मॉडल उत्तर: कुल आय = कीमत × मात्रा = ₹30 × 15 = ₹450।
[v] पूर्ण प्रतियोगी बाजार में प्रवेश तथा बहिर्गमन की स्वतंत्रता का क्या अर्थ है?
मॉडल उत्तर: उद्योग में फर्मों का प्रवेश और बहिर्गमन स्वतंत्र होता है; दीर्घकाल में असामान्य लाभ या हानि समाप्त होकर सामान्य लाभ की स्थिति बनती है।
[vi] पूर्ण प्रतियोगी बाजार में संतुलन किस बिंदु पर प्राप्त होता है?
मॉडल उत्तर: जहाँ बाजार माँग और बाजार पूर्ति बराबर हों, अर्थात माँग वक्र और पूर्ति वक्र के प्रतिच्छेदन बिंदु पर। फर्म के स्तर पर MR = MC की शर्त भी लागू होती है।
[vii] राष्ट्रीय आय की गणना की उस विधि का नाम लिखिए, जिसमें विभिन्न उत्पादन साधनों को प्राप्त होने वाली आय को शामिल किया जाता है।
मॉडल उत्तर: आय विधि (Income Method)।
प्रश्न 6 से 15. अति लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक 2 अंक)
निर्देशानुसार लगभग 30 शब्दों में उत्तर लिखें।
प्रश्न 6. “दो अनाधिमान वक्र कभी एक-दूसरे को नहीं काटते।” रेखाचित्र की सहायता से समझाइए।
मॉडल उत्तर: दो उदासीनता वक्र एक-दूसरे को नहीं काट सकते, क्योंकि प्रत्येक वक्र समान संतुष्टि के अलग स्तर को दर्शाता है। यदि वे काटें, तो प्रतिच्छेदन बिंदु पर एक ही वस्तु-संयोजन दो अलग संतुष्टि स्तर देगा, जो असंगत है। चित्र में IC₁ और IC₂ को एक-दूसरे से अलग दिखाएँ; उन्हें काटते हुए न बनाएँ।
प्रश्न 7. “चाय तथा कॉफी स्थानापन्न वस्तुएँ हैं।” इस आधार पर स्थानापन्न वस्तुओं की दो विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: (1) चाय और कॉफी एक-दूसरे के स्थान पर उपयोग की जा सकती हैं। (2) अन्य बातें समान रहने पर चाय की कीमत बढ़ने से कॉफी की माँग बढ़ सकती है और कॉफी की कीमत बढ़ने से चाय की माँग बढ़ सकती है।
प्रश्न 8. गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण को उदाहरण द्वारा समझाइए।
मॉडल उत्तर: गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण में उपयोगिता को संख्यात्मक इकाइयों (यूटिल्स) में मापा जा सकता है, ऐसा माना जाता है। उदाहरण: किसी व्यक्ति को पहली आइसक्रीम से 20 यूटिल, दूसरी से 15 यूटिल संतुष्टि मिलती है।
प्रश्न 9. पैमाने के प्रतिफल का अर्थ तथा इसकी विभिन्न अवस्थाओं के नाम लिखिए।
मॉडल उत्तर: उत्पादन के सभी साधनों को समान अनुपात में बढ़ाने पर उत्पादन में होने वाले परिवर्तन को पैमाने के प्रतिफल कहते हैं। इसकी तीन अवस्थाएँ हैं—(1) बढ़ते प्रतिफल, (2) स्थिर प्रतिफल और (3) घटते प्रतिफल।
प्रश्न 10. लाभ अधिकतमीकरण की कोई दो शर्तें लिखिए।
मॉडल उत्तर: लाभ अधिकतमकरण की दो शर्तें—(1) सीमांत आय (MR) = सीमांत लागत (MC)। (2) MC वक्र, MR वक्र को नीचे से काटे अर्थात संतुलन के बाद MC बढ़ती हुई हो।
प्रश्न 11. पूँजीवादी अर्थव्यवस्था की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: (1) उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होता है। (2) आर्थिक निर्णय मुख्यतः बाजार की माँग-पूर्ति और लाभ के उद्देश्य से लिए जाते हैं।
प्रश्न 12. स्टॉक तथा प्रवाह में कोई दो अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर: स्टॉक का मापन किसी निश्चित समय-बिंदु पर होता है, जबकि प्रवाह का मापन समय-अवधि के दौरान होता है। उदाहरण: संपत्ति स्टॉक है, जबकि मासिक आय प्रवाह है।
प्रश्न 13. उपभोग फलन किसे कहते हैं? इसका सूत्र लिखिए।
मॉडल उत्तर: उपभोग फलन आय और उपभोग के बीच संबंध को दर्शाता है। इसका सरल सूत्र C = a + bY है, जहाँ C उपभोग, a स्वायत्त उपभोग, b MPC और Y आय है।
प्रश्न 14. सरकारी बजट के दो उद्देश्य लिखिए।
मॉडल उत्तर: सरकारी बजट के दो उद्देश्य—(1) संसाधनों का उचित आवंटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना। (2) आय एवं संपत्ति की असमानता कम करना तथा आर्थिक स्थिरता बनाए रखना।
प्रश्न 15. खुली अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
मॉडल उत्तर: खुली अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है जो अन्य देशों के साथ वस्तुओं, सेवाओं और पूँजी का आयात-निर्यात तथा आर्थिक लेन-देन करती है।
प्रश्न 16 से 19. लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक 3 अंक)
मुख्य प्रश्न और OR विकल्प के उत्तर अलग-अलग हैं।
प्रश्न 16. केंद्रीकृत नियोजित अर्थव्यवस्था तथा बाजार अर्थव्यवस्था में कोई तीन अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर: (1) निर्णय: केंद्रीय नियोजित अर्थव्यवस्था में उत्पादन एवं वितरण के निर्णय सरकार/केंद्रीय नियोजन प्राधिकरण लेता है; बाजार अर्थव्यवस्था में निर्णय उपभोक्ता और उत्पादक बाजार संकेतों से लेते हैं। (2) स्वामित्व: नियोजित व्यवस्था में उत्पादन साधनों पर प्रायः राज्य का स्वामित्व अधिक होता है; बाजार व्यवस्था में निजी स्वामित्व प्रमुख होता है। (3) उद्देश्य: नियोजित व्यवस्था में सामाजिक/योजनागत लक्ष्य प्रमुख होते हैं; बाजार व्यवस्था में लाभ और उपभोक्ता माँग का प्रभाव अधिक होता है।
प्रश्न 16 (अथवा). सूक्ष्म अर्थशास्त्र तथा समष्टि अर्थशास्त्र में कोई तीन अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर: (1) सूक्ष्म अर्थशास्त्र व्यक्तिगत उपभोक्ता, फर्म और किसी एक बाजार का अध्ययन करता है; समष्टि अर्थशास्त्र पूरी अर्थव्यवस्था का अध्ययन करता है। (2) सूक्ष्म में व्यक्तिगत कीमत, माँग और उत्पादन का विश्लेषण होता है; समष्टि में राष्ट्रीय आय, सामान्य कीमत स्तर, रोजगार और मुद्रास्फीति का। (3) सूक्ष्म का उदाहरण किसी वस्तु की कीमत; समष्टि का उदाहरण देश की राष्ट्रीय आय है।
प्रश्न 17. अधिकतम निर्धारित कीमत (सीलिंग प्राइस) किसे कहते हैं? रेखाचित्र द्वारा समझाइए।
मॉडल उत्तर: अधिकतम निर्धारित कीमत (Ceiling Price) वह अधिकतम कानूनी कीमत है, जिससे अधिक कीमत पर वस्तु नहीं बेची जा सकती। इसे सामान्यतः संतुलन कीमत से नीचे तय किया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को वस्तु सस्ती मिले। इस कीमत पर माँग, पूर्ति से अधिक हो सकती है और कमी (shortage) उत्पन्न होती है। चित्र: Y-अक्ष पर कीमत, X-अक्ष पर मात्रा; माँग वक्र नीचे की ओर और पूर्ति वक्र ऊपर की ओर बनाइए। उनके प्रतिच्छेदन पर संतुलन कीमत Pe दिखाएँ तथा Pe से नीचे Pc रेखा खींचें; Pc पर Qd, Qs से अधिक होगा।
प्रश्न 17 (अथवा). न्यूनतम निर्धारित कीमत (प्राइस फ्लोर) किसे कहते हैं? रेखाचित्र द्वारा समझाइए।
मॉडल उत्तर: न्यूनतम निर्धारित कीमत (Price Floor) वह न्यूनतम कानूनी कीमत है, जिससे कम कीमत पर वस्तु नहीं बेची जा सकती। इसे सामान्यतः संतुलन कीमत से ऊपर तय किया जाता है, जैसे कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य। इससे पूर्ति, माँग से अधिक हो सकती है और अधिशेष (surplus) उत्पन्न होता है। चित्र: Y-अक्ष पर कीमत और X-अक्ष पर मात्रा; माँग तथा पूर्ति वक्र के प्रतिच्छेदन पर Pe दिखाएँ। Pe से ऊपर Pf रेखा खींचें; Pf पर Qs, Qd से अधिक होगा।
प्रश्न 18. राष्ट्रीय आय मापने की आय विधि का तीन बिंदुओं में वर्णन कीजिए।
मॉडल उत्तर: आय विधि में उत्पादन के साधनों को प्राप्त कारक आय जोड़कर राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया जाता है। (1) कर्मचारियों का पारिश्रमिक—वेतन एवं मजदूरी। (2) परिचालन अधिशेष—किराया, ब्याज और लाभ। (3) मिश्रित आय—स्वरोजगार करने वालों की आय। दोहरी गणना से बचते हुए विदेशों से शुद्ध कारक आय जोड़कर राष्ट्रीय आय प्राप्त की जाती है।
प्रश्न 18 (अथवा). राष्ट्रीय आय मापने की व्यय विधि का तीन बिंदुओं में वर्णन कीजिए।
मॉडल उत्तर: व्यय विधि में अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए कुल अंतिम व्यय को जोड़ा जाता है। (1) निजी अंतिम उपभोग व्यय (C)। (2) सकल घरेलू पूँजी निर्माण/निवेश व्यय (I) और सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (G)। (3) शुद्ध निर्यात (X−M)। अतः GDP at market price = C + I + G + (X−M); राष्ट्रीय आय निकालने के लिए मूल्यह्रास, शुद्ध अप्रत्यक्ष कर और विदेशों से शुद्ध कारक आय के समायोजन किए जाते हैं।
प्रश्न 19. यदि किसी अर्थव्यवस्था में MPC = 0.6 है और स्वायत्त निवेश में ₹500 करोड़ की वृद्धि होती है, तो गुणक की सहायता से आय में कुल वृद्धि ज्ञात कीजिए। परिणाम का मूल्यांकन करते हुए बताइए कि MPC में वृद्धि होने पर गुणक की कार्यविधि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
मॉडल उत्तर: दिया है MPC = 0.6 और निवेश में वृद्धि ΔI = ₹500 करोड़। गुणक k = 1/(1−MPC) = 1/(1−0.6) = 1/0.4 = 2.5। आय में कुल वृद्धि ΔY = k × ΔI = 2.5 × 500 = ₹1,250 करोड़। MPC बढ़ने पर (1−MPC) घटता है, इसलिए गुणक का मान बढ़ता है और निवेश में समान वृद्धि से आय में अधिक वृद्धि होती है।
प्रश्न 19 (अथवा). एक अर्थव्यवस्था में निवेश में ₹1,000 करोड़ की वृद्धि होती है तथा MPC = 0.75 है। गुणक की सहायता से कुल आय में होने वाली वृद्धि की गणना कीजिए तथा परिणाम के आधार पर निवेश वृद्धि के आय पर प्रभाव का मूल्यांकन कीजिए।
मॉडल उत्तर: दिया है MPC = 0.75 और ΔI = ₹1,000 करोड़। गुणक k = 1/(1−0.75) = 1/0.25 = 4। अतः आय में वृद्धि ΔY = 4 × 1,000 = ₹4,000 करोड़। इससे स्पष्ट है कि निवेश में वृद्धि का आय पर गुणक प्रभाव पड़ता है; प्रारंभिक निवेश व्यय से उत्पन्न आय का कुछ भाग उपभोग में खर्च होता है और यह प्रक्रिया कई चरणों तक चलती है।
प्रश्न 20 से 23. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक 4 अंक)
उत्तर लगभग 120 शब्दों में लिखें। प्रत्येक OR विकल्प के लिए अलग उत्तर बटन।
प्रश्न 20. त्योहार के समय एक दुकान पर कपड़ों की बिक्री कम हो रही है। दुकानदार बिक्री बढ़ाने के लिए कीमत में कमी करने की योजना बनाता है। माँग के नियम का उपयोग करते हुए एक आकर्षक ऑफर तैयार कीजिए और बताइए कि इससे माँग क्यों बढ़ सकती है।
मॉडल उत्तर: **आकर्षक ऑफर:** “त्योहारी धमाका—चुनिंदा कपड़ों पर 20% छूट; दो कपड़े खरीदने पर तीसरे पर 50% छूट।” साथ में सीमित अवधि की सेल रखी जा सकती है। माँग के नियम के अनुसार अन्य बातें समान रहने पर वस्तु की कीमत घटने से उसकी माँगी गई मात्रा बढ़ती है। कम कीमत पर अधिक ग्राहक कपड़े खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। छूट से ग्राहकों की क्रय-क्षमता बढ़ेगी और वे पहले की तुलना में अधिक इकाइयाँ खरीद सकते हैं। इस प्रकार कीमत में कमी के कारण माँग की मात्रा में विस्तार होगा।
प्रश्न 20 (अथवा). आपको एक आइसक्रीम कंपनी के लिए ऐसा विज्ञापन तैयार करना है, जिससे ग्राहक कम कीमत पर अधिक आइसक्रीम खरीदने के लिए आकर्षित हों। माँग के नियम पर आधारित एक विज्ञापन का विचार प्रस्तुत कीजिए।
मॉडल उत्तर: **विज्ञापन विचार—“ठंडी खुशी, कम कीमत में!”** “एक आइसक्रीम ₹30, दो आइसक्रीम सिर्फ ₹50। परिवार पैक पर विशेष छूट—आज ही खरीदें!” विज्ञापन में आकर्षक चित्र और सीमित अवधि का ऑफर दिखाएँ। माँग के नियम के अनुसार अन्य बातें समान रहने पर कीमत घटने से माँगी गई मात्रा बढ़ती है। कम कीमत पर ग्राहक अधिक आइसक्रीम खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे। दो या अधिक इकाइयों पर छूट से प्रति इकाई प्रभावी कीमत घटेगी और बिक्री बढ़ सकती है।
प्रश्न 21. कुल लागत तथा सीमांत लागत को उदाहरण सहित समझाइए।
मॉडल उत्तर: कुल लागत (TC) किसी निश्चित उत्पादन मात्रा को तैयार करने में फर्म द्वारा किया गया कुल व्यय है। इसमें स्थिर लागत और परिवर्तनशील लागत दोनों शामिल हैं: TC = TFC + TVC। सीमांत लागत (MC) एक अतिरिक्त इकाई उत्पादन करने से कुल लागत में होने वाली वृद्धि है: MC = ΔTC/ΔQ। उदाहरण: 10 इकाइयों की कुल लागत ₹1,000 और 11 इकाइयों की कुल लागत ₹1,080 है, तो 11वीं इकाई की सीमांत लागत ₹80 होगी।
प्रश्न 21 (अथवा). स्थिर लागत तथा परिवर्तनशील लागत को उदाहरण सहित समझाइए।
मॉडल उत्तर: स्थिर लागत (TFC) वह लागत है जो अल्पकाल में उत्पादन की मात्रा बदलने पर भी नहीं बदलती, जैसे दुकान/कारखाने का किराया, बीमा और स्थायी वेतन। परिवर्तनशील लागत (TVC) उत्पादन के साथ बदलती है, जैसे कच्चा माल, बिजली का उत्पादन-संबंधी खर्च और दैनिक मजदूरी। उदाहरण: किसी बेकरी का मासिक किराया ₹10,000 स्थिर लागत है; अधिक ब्रेड बनाने पर आटा और पैकिंग सामग्री पर खर्च बढ़ना परिवर्तनशील लागत है।
प्रश्न 22. भारतीय रिजर्व बैंक की किस भूमिका को “अंतिम ऋणदाता” कहा जाता है? चार बिंदुओं में समझाइए।
मॉडल उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक को अंतिम ऋणदाता (Lender of Last Resort) इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब वाणिज्यिक बैंकों को अन्य स्रोतों से ऋण नहीं मिलता, तब RBI उन्हें आपातकालीन वित्तीय सहायता देता है। (1) संकटग्रस्त बैंक को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराता है। (2) पात्र प्रतिभूतियों/संपत्तियों के बदले सहायता देता है। (3) बैंकिंग प्रणाली में विश्वास और तरलता बनाए रखने में मदद करता है। (4) बैंक के अस्थायी नकदी संकट को दूर कर जमाकर्ताओं और वित्तीय प्रणाली की स्थिरता की रक्षा करता है।
प्रश्न 22 (अथवा). मुद्रा किस प्रकार वस्तु-विनिमय प्रणाली की कमियों को दूर करती है? चार बिंदुओं में समझाइए।
मॉडल उत्तर: मुद्रा वस्तु-विनिमय प्रणाली की कमियों को दूर करती है—(1) विनिमय का माध्यम: दो पक्षों की आवश्यकताओं के दोहरे संयोग की जरूरत समाप्त होती है। (2) मूल्य का मापक: सभी वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य मुद्रा में व्यक्त किया जा सकता है। (3) मूल्य का संचय: मुद्रा को भविष्य के उपयोग के लिए बचाकर रखा जा सकता है। (4) स्थगित भुगतान का मानक: उधार और भविष्य में किए जाने वाले भुगतान मुद्रा में तय किए जा सकते हैं।
प्रश्न 23. चालू खाते के प्रमुख घटकों का एक प्रवाह-चित्र बनाइए।
मॉडल उत्तर: चालू खाते के प्रमुख घटकों का फ्लोचार्ट: **चालू खाता (Current Account)** → (1) वस्तुओं का निर्यात एवं आयात (दृश्य व्यापार) → (2) सेवाओं का निर्यात एवं आयात (अदृश्य व्यापार) → (3) आय: कर्मचारियों का पारिश्रमिक तथा निवेश आय → (4) चालू अंतरण: उपहार, प्रेषण/रेमिटेंस और अनुदान। इन सभी मदों का शुद्ध योग चालू खाते का शेष निर्धारित करता है।
प्रश्न 23 (अथवा). पूँजी खाते के प्रमुख घटकों का एक प्रवाह-चित्र बनाइए।
मॉडल उत्तर: पूँजी खाते के प्रमुख घटकों का फ्लोचार्ट: **पूँजी खाता (Capital Account)** → (1) पूँजी अंतरण (Capital Transfers) → (2) गैर-उत्पादित, गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों का अधिग्रहण/निपटान। नोट: आधुनिक भुगतान संतुलन वर्गीकरण में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, पोर्टफोलियो निवेश, ऋण और बैंकिंग पूँजी प्रवाह मुख्यतः वित्तीय खाते (Financial Account) में दर्ज होते हैं; कई विद्यालयी पाठ्यपुस्तकों में इन्हें व्यापक अर्थ में पूँजी खाते के घटकों के रूप में भी पढ़ाया जाता है।
महत्वपूर्ण Disclaimer
यह पोस्ट विद्यार्थियों की शैक्षणिक सहायता एवं अभ्यास के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रश्नपत्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा जारी Sample Question Paper पर आधारित है। प्रस्तुत उत्तर MP EDUCATION GYAN DEEP द्वारा तैयार किए गए अभ्यास हेतु मॉडल उत्तर हैं; ये MPBSE द्वारा जारी आधिकारिक उत्तरमाला नहीं हैं। मण्डल की सूचना के अनुसार Sample Paper केवल परीक्षा पैटर्न के अभ्यास के लिए है तथा इसका मुख्य परीक्षा के वास्तविक प्रश्नों से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा संबंधी अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए MPBSE की आधिकारिक वेबसाइट देखें। विद्यार्थी उत्तरों को अपनी पाठ्यपुस्तक एवं शिक्षक के मार्गदर्शन से भी सत्यापित करें।

0 Comments