MP EDUCATION GYAN DEEP
कक्षा 12वीं — लेखाशास्त्र (Accountancy)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 80
प्रश्न: 23 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (80 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (साझेदारी, कंपनी लेखे, वित्तीय विवरण एवं अनुपात विश्लेषण) पर आधारित लेखाशास्त्र का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें। एक समय में केवल एक ही उत्तर खुलेगा जिससे अभ्यास करने में आसानी हो। (प्रश्न 6 से 23 में दिए गए “अथवा” विकल्पों के उत्तर अलग-अलग बटन से खुलेंगे)।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)
कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 32 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) साझेदारी संल्लेख के अभाव में साझेदारों द्वारा फर्म को दिए गए अग्रिम (ऋण) पर ब्याज की दर होती है:
मॉडल उत्तर:
(ख) 6% वार्षिक
(2) ख्याति (Goodwill) एक संपत्ति है:
मॉडल उत्तर:
(ख) अमूर्त संपत्ति (Intangible)
(3) अंशों (Shares) का निर्गमन किया जा सकता है:
मॉडल उत्तर:
(घ) सममूल्य तथा प्रीमियम दोनों पर (कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार अंशों का निर्गमन बट्टे पर नहीं किया जा सकता)।
(4) ऋणपत्रधारी (Debenture holders) कंपनी के होते हैं:
मॉडल उत्तर:
(ख) लेनदार (Creditors)
(5) वित्तीय विवरणों के विश्लेषण (Financial Analysis) में शामिल है:
मॉडल उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी
(6) तरल संपत्तियों (Liquid Assets) में किसे शामिल नहीं किया जाता?
मॉडल उत्तर:
(ग) स्टॉक (Inventory)
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) साझेदारी व्यवसाय में साझेदारों का दायित्व _______ होता है।
मॉडल उत्तर:
असीमित (Unlimited)
(2) नया लाभ-हानि अनुपात – पुराना लाभ-हानि अनुपात = _______ अनुपात।
मॉडल उत्तर:
प्राप्ति अनुपात (Gaining Ratio)
(3) साझेदारी फर्म के विघटन पर संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि _______ खाते में क्रेडिट की जाती है।
मॉडल उत्तर:
वसूली (Realisation)
(4) ऋणपत्रों पर देय ब्याज की दर _______ होती है।
मॉडल उत्तर:
निश्चित (पूर्व-निर्धारित)
(5) अंशपूंजी का वह भाग जो कंपनी के समापन (Winding up) के समय ही मांगा जा सकता है, _______ पूंजी कहलाता है।
मॉडल उत्तर:
संचित पूंजी (Reserve Capital)
(6) आदर्श चालू अनुपात (Current Ratio) _______ माना जाता है।
मॉडल उत्तर:
2:1
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) साझेदारी स्थापित करने के लिए लिखित समझौता (Deed) होना अनिवार्य है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (यह ऐच्छिक/वैकल्पिक है)।
(2) ख्याति (Goodwill) पर ह्रास (Depreciation) लगाया जाता है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (ख्याति का अपलेखन/Amortization किया जाता है)।
(3) ऋणपत्रधारी को कंपनी की वार्षिक सभाओं में वोट देने का अधिकार होता है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (यह अधिकार केवल समता अंशधारियों को होता है)।
(4) समता अंशधारियों (Equity Shareholders) को निश्चित दर से लाभांश मिलता है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (पूर्वाधिकार अंशधारियों को निश्चित दर से लाभांश मिलता है)।
(5) त्वरित अनुपात (Quick Ratio) को अम्ल-परख अनुपात (Acid Test Ratio) भी कहते हैं।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
(6) वसूली खाता (Realisation Account) फर्म के जीवन काल में केवल एक बार (विघटन के समय) बनाया जाता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य।
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 7 × 1 = 7
(1) साझेदारी अधिनियम (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
1932
(2) कंपनी अधिनियम (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
2013
(3) त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
पुराना अनुपात – नया अनुपात
(4) मृत साझेदार का देय हिस्सा (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
उसके वैधानिक उत्तराधिकारी (Executor) को देय
(5) जप्त किए गए अंशों की राशि (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
अंश हरण खाता (Share Forfeiture Account)
(6) ऋणपत्रों का शोधन (Redemption) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
ऋणपत्रों का भुगतान करना
(7) लाभदायकता अनुपात (Profitability Ratio) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
सकल लाभ अनुपात (Gross Profit Ratio)
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 7 × 1 = 7
(1) ऐसे ऋणपत्र जिन्हें एक निश्चित अवधि के बाद समता अंशों में बदला जा सकता है, क्या कहलाते हैं?
मॉडल उत्तर:
परिवर्तनीय ऋणपत्र (Convertible Debentures)।
(2) साझेदारों के आहरण (Drawings) पर ब्याज फर्म के लिए क्या है?
मॉडल उत्तर:
आय (Income)।
(3) फर्म के विघटन पर संपत्तियों और दायित्वों के निपटारे के लिए कौन सा खाता बनाया जाता है?
मॉडल उत्तर:
वसूली खाता (Realisation Account)।
(4) अंशों के आवंटन से पूर्व प्राप्त होने वाले न्यूनतम अभिदान (Minimum Subscription) की सीमा कितने प्रतिशत होती है?
मॉडल उत्तर:
निर्गमित पूंजी का 90%।
(5) चालू संपत्तियों (Current Assets) और चालू दायित्वों (Current Liabilities) के अंतर को क्या कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
कार्यशील पूंजी (Working Capital)।
(6) कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार आर्थिक चिट्ठे (Balance Sheet) का प्रारूप किस अनुसूची में दिया गया है?
मॉडल उत्तर:
अनुसूची III, भाग I (Schedule III, Part I)।
(7) ख्याति के मूल्यांकन की सबसे सरल और प्रचलित विधि कौन सी है?
मॉडल उत्तर:
औसत लाभ विधि (Average Profit Method)।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15) (MPBSE विज्ञप्ति दिनांक 15-10-2026 अनुसार 2 अंक – अतिलघुउत्तरीय प्रश्नों में आतंरिक विकल्प / अथवा प्रश्न नहीं रहेंगे)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 20 अंक।
नोट : 2 अंकों के प्रश्नों में अथवा प्रश्न नहीं आयेंगे, अभ्यास के लिए दो-दो प्रश्न रखे हैं.
प्रश्न 6. साझेदारी की कोई दो विशेषताएँ लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. दो या दो से अधिक व्यक्ति: साझेदारी के लिए कम से कम 2 और अधिकतम 50 व्यक्तियों का होना आवश्यक है।
2. समझौता (Agreement): साझेदारी का जन्म साझेदारों के बीच हुए किसी वैध समझौते (लिखित या मौखिक) से होता है।
स्थिर पूंजी और परिवर्तनशील पूंजी खातों में दो अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. खातों की संख्या: स्थिर पूंजी पद्धति में दो खाते (पूंजी खाता और चालू खाता) बनाए जाते हैं। परिवर्तनशील पद्धति में केवल एक खाता (पूंजी खाता) बनाया जाता है।
2. शेष: स्थिर पूंजी खाते का शेष हमेशा क्रेडिट होता है और बदलता नहीं है, जबकि परिवर्तनशील पूंजी खाते का शेष हर साल बदलता रहता है और डेबिट भी हो सकता है।
प्रश्न 7. ख्याति (Goodwill) क्या है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
ख्याति किसी व्यापार की अच्छी साख, प्रतिष्ठा और अच्छे नाम का वह मौद्रिक मूल्य है, जिसके कारण वह व्यापार सामान्य लाभ की अपेक्षा अधिक लाभ (अधिलाभ) कमाने में सक्षम होता है। यह एक अमूर्त (Intangible) संपत्ति है।
ख्याति की उत्पत्ति के दो कारण लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. व्यापार का अनुकूल स्थान: यदि दुकान मुख्य बाज़ार में हो, तो ग्राहक आसानी से आते हैं, जिससे ख्याति बढ़ती है।
2. उत्तम माल और मधुर व्यवहार: ग्राहकों को अच्छी गुणवत्ता का माल और व्यापारी का अच्छा व्यवहार व्यापार की साख बढ़ाता है।
प्रश्न 8. त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
नए साझेदार के प्रवेश पर पुराने साझेदार अपने लाभ का जो हिस्सा नए साझेदार के पक्ष में छोड़ते (त्यागते) हैं, उसे त्याग अनुपात कहते हैं।
सूत्र: त्याग अनुपात = पुराना अनुपात - नया अनुपात।
प्राप्ति अनुपात (Gaining Ratio) किसे कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
किसी साझेदार की सेवानिवृत्ति (Retirement) या मृत्यु पर उसके हिस्से का लाभ शेष (बचे हुए) साझेदारों को जिस अनुपात में मिलता है, उसे प्राप्ति या नफे का अनुपात कहते हैं।
सूत्र: प्राप्ति अनुपात = नया अनुपात - पुराना अनुपात।
प्रश्न 9. साझेदारी फर्म के विघटन और साझेदारी के विघटन में क्या अंतर है? (कोई दो) 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. व्यापार का अंत: फर्म के विघटन में व्यवसाय पूरी तरह बंद हो जाता है, जबकि साझेदारी के विघटन में व्यापार चलता रहता है (केवल समझौता बदलता है)।
2. खाते: फर्म के विघटन पर वसूली खाता (Realisation A/c) बनाया जाता है, जबकि साझेदारी के विघटन पर पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation A/c) बनाया जाता है।
वसूली खाता (Realisation Account) क्या है?
मॉडल उत्तर:
साझेदारी फर्म के समापन (विघटन) के समय संपत्तियों को बेचने और दायित्वों का भुगतान करने के बाद फर्म को होने वाले लाभ या हानि को ज्ञात करने के लिए जो नाममात्र (Nominal) खाता बनाया जाता है, उसे वसूली खाता कहते हैं।
प्रश्न 10. अंश (Share) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
कंपनी की कुल पूंजी को छोटे-छोटे निश्चित मूल्य के टुकड़ों (इकाइयों) में विभाजित किया जाता है। पूंजी की इसी प्रत्येक छोटी इकाई को 'अंश' (Share) कहा जाता है।
समता अंश (Equity Shares) और पूर्वाधिकार अंश (Preference Shares) में दो अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. लाभांश की दर: समता अंशों पर लाभांश की दर निश्चित नहीं होती (लाभ पर निर्भर करती है), जबकि पूर्वाधिकार अंशों पर दर पहले से निश्चित होती है।
2. वोट देने का अधिकार: समता अंशधारियों को कंपनी की बैठकों में वोट देने का अधिकार होता है, पूर्वाधिकार अंशधारियों को यह अधिकार सामान्यतः नहीं होता।
प्रश्न 11. अति-अभिदान (Over-subscription) क्या है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
जब किसी कंपनी को उसके द्वारा निर्गमित (Issue) किए गए अंशों की संख्या से अधिक अंशों को खरीदने के लिए जनता से आवेदन-पत्र (Applications) प्राप्त होते हैं, तो इस स्थिति को अति-अभिदान कहते हैं।
अंशों के हरण (Forfeiture of Shares) से क्या आशय है?
मॉडल उत्तर:
जब कोई अंशधारी कंपनी द्वारा मांगी गई आबंटन या याचना की राशि का भुगतान निर्धारित समय पर नहीं कर पाता है, तो कंपनी उसके अंशों को रद्द कर देती है और उसके द्वारा पहले से चुकाई गई राशि को जप्त कर लेती है। इसे अंशों का हरण कहते हैं।
प्रश्न 12. ऋणपत्र (Debenture) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
ऋणपत्र कंपनी द्वारा लिया गया एक प्रकार का उधार है। यह एक लिखित प्रमाण-पत्र होता है जिस पर कंपनी की सार्वमुद्रा (Seal) होती है और जिसमें ऋण की राशि, ब्याज की दर और भुगतान की शर्तें लिखी होती हैं।
ऋणपत्रों और अंशों में दो अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. प्रतिफल: अंशधारियों को उनके निवेश के बदले 'लाभांश' (Dividend) मिलता है, जबकि ऋणपत्रधारियों को निवेश पर 'ब्याज' (Interest) मिलता है।
2. स्थिति: अंशधारी कंपनी के 'स्वामी' (Owners) होते हैं, जबकि ऋणपत्रधारी कंपनी के 'लेनदार' (Creditors) होते हैं।
प्रश्न 13. वित्तीय विवरण (Financial Statements) से क्या आशय है? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
वित्तीय विवरण वे अंतिम खाते हैं जो किसी व्यापारिक संस्था द्वारा लेखा अवधि के अंत में उसकी वित्तीय स्थिति (Balance Sheet) और लाभ-हानि (Statement of P&L) को प्रदर्शित करने के लिए बनाए जाते हैं।
वित्तीय विवरणों की दो सीमाएं (Limitations) लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. गुणात्मक तथ्यों की उपेक्षा: इनमें केवल मौद्रिक लेन-देन दर्ज होते हैं, कर्मचारियों की कुशलता जैसे गुणात्मक तथ्यों को अनदेखा किया जाता है।
2. ऐतिहासिक प्रकृति: ये पिछली घटनाओं पर आधारित होते हैं, अतः भविष्य का सटीक अनुमान लगाना कठिन होता है।
प्रश्न 14. तुलनात्मक विवरण (Comparative Statements) क्या हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
तुलनात्मक विवरण वे वित्तीय विवरण हैं जिनमें दो या दो से अधिक वर्षों के वित्तीय समंकों (आंकड़ों) को पास-पास रखकर उनमें हुए निरपेक्ष (Absolute) और प्रतिशत परिवर्तनों को दर्शाया जाता है, ताकि वर्षों की तुलना आसानी से की जा सके।
समरूप (Common size) विवरण क्या हैं?
मॉडल उत्तर:
समरूप विवरण वे हैं जिनमें किसी एक आधार (जैसे बैलेंस शीट में कुल संपत्ति या आय विवरण में शुद्ध बिक्री) को 100 मानकर अन्य सभी मदों को उसके प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
प्रश्न 15. लेखांकन अनुपात (Accounting Ratios) किसे कहते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
वित्तीय विवरणों की किन्हीं दो मदों या समूहों के बीच के गणितीय (अंकगणितीय) संबंध को लेखांकन अनुपात कहा जाता है। यह संस्था की तरलता, लाभदायकता और कार्यक्षमता मापने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
आदर्श चालू अनुपात और तरल अनुपात क्या हैं?
मॉडल उत्तर:
एक संस्था के लिए आदर्श चालू अनुपात (Current Ratio) 2:1 माना जाता है, तथा आदर्श तरल अनुपात (Quick Ratio/Liquid Ratio) 1:1 माना जाता है।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक।
प्रश्न 16. साझेदारी संल्लेख (Partnership Deed) क्या है? इसके अभाव में लागू होने वाले कोई तीन नियम लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
साझेदारी संल्लेख: साझेदारों के बीच हुए उस लिखित समझौते (प्रलेख) को साझेदारी संल्लेख कहते हैं, जिसमें व्यापार के संचालन और साझेदारों के अधिकार व कर्तव्यों की शर्तें लिखी होती हैं।
संल्लेख के अभाव में लागू नियम:
1. लाभ-हानि का विभाजन सभी साझेदारों में बराबर-बराबर (समान अनुपात) किया जाएगा।
2. किसी भी साझेदार को पूंजी पर ब्याज नहीं दिया जाएगा और न ही आहरण पर ब्याज लिया जाएगा।
3. किसी भी साझेदार को कार्य करने के लिए कोई वेतन या कमीशन नहीं दिया जाएगा।
अथवा: लाभ-हानि नियोजन खाता (P&L Appropriation Account) क्यों बनाया जाता है?
मॉडल उत्तर:
साझेदारी फर्म में शुद्ध लाभ या शुद्ध हानि को साझेदारों के बीच बांटने के लिए 'लाभ-हानि नियोजन खाता' बनाया जाता है। यह लाभ-हानि खाते का ही विस्तार है। इसमें पूंजी पर ब्याज, साझेदारों का वेतन/कमीशन, और आहरण पर ब्याज का लेखा करने के बाद बचे हुए शेष (वितरण योग्य लाभ) को साझेदारों के पूंजी/चालू खातों में उनके लाभ-विभाजन अनुपात में हस्तांतरित कर दिया जाता है।
प्रश्न 17. नए साझेदार के प्रवेश के समय संपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन क्यों किया जाता है? 3 अंक
मॉडल उत्तर:
नए साझेदार के प्रवेश के समय पुरानी संपत्तियों के मूल्य और दायित्वों में परिवर्तन (वृद्धि या कमी) हो चुका होता है। पुनर्मूल्यांकन इसलिए किया जाता है ताकि:
1. नया साझेदार पुरानी संपत्तियों के बढ़े हुए मूल्य का अनुचित लाभ न उठा सके।
2. पुराने साझेदारों को उनकी मेहनत से बनाई गई संपत्तियों की वृद्धि का सही लाभ मिल सके।
3. फर्म का आर्थिक चिट्ठा संपत्तियों और दायित्वों के सही एवं वर्तमान मूल्य को प्रदर्शित कर सके। इसके लिए 'पुनर्मूल्यांकन खाता' बनाया जाता है जिसका लाभ-हानि पुराने साझेदारों में बंटता है।
अथवा: ख्याति के मूल्यांकन की 'औसत लाभ विधि' और 'अधिलाभ विधि' में क्या अंतर है?
मॉडल उत्तर:
1. आधार: औसत लाभ विधि में ख्याति की गणना पिछले कुछ वर्षों के लाभों के 'औसत' के आधार पर की जाती है। अधिलाभ विधि में ख्याति की गणना सामान्य लाभ से अधिक कमाए गए 'अधिलाभ (Super Profit)' पर आधारित होती है।
2. सामान्य लाभ की आवश्यकता: औसत लाभ विधि में पूंजी पर सामान्य लाभ निकालने की आवश्यकता नहीं होती। अधिलाभ विधि में सामान्य लाभ (विनियोजित पूंजी × सामान्य दर / 100) निकालना अनिवार्य है।
3. सूत्र:
औसत लाभ विधि: ख्याति = औसत लाभ × क्रय के वर्ष।
अधिलाभ विधि: ख्याति = अधिलाभ × क्रय के वर्ष।
प्रश्न 18. कंपनी के आर्थिक चिट्ठे (Balance Sheet) में दायित्व पक्ष में 'Shareholders' Funds' के अंतर्गत कौन-कौन से मुख्य शीर्षक आते हैं? 3 अंक
मॉडल उत्तर:
कंपनी अधिनियम 2013 की अनुसूची III के अनुसार, बैलेंस शीट के 'Shareholders' Funds' (अंशधारियों का कोष) मुख्य शीर्षक के अंतर्गत तीन उपशीर्षक आते हैं:
1. अंश पूंजी (Share Capital): इसमें समता और पूर्वाधिकार अंश पूंजी (अधिकृत, निर्गमित, चुकता पूंजी) को दिखाया जाता है।
2. संचय एवं आधिक्य (Reserves and Surplus): इसमें सभी प्रकार के संचय (सामान्य संचय, पूंजी संचय, प्रतिभूति प्रीमियम) और लाभ-हानि विवरण का शेष दिखाया जाता है।
3. अंश वारंट के विरुद्ध प्राप्त धन (Money received against share warrants): इसके अंतर्गत वह राशि आती है जो अंश वारंट जारी करने पर प्राप्त होती है।
अथवा: ऋणपत्रों के निर्गमन की प्रमुख शर्तें (सममूल्य, प्रीमियम, बट्टा) समझाइए।
मॉडल उत्तर:
कंपनी अपने ऋणपत्रों का निर्गमन तीन प्रकार की शर्तों पर कर सकती है:
1. सममूल्य पर (At Par): जब ऋणपत्र को उसके अंकित मूल्य (Face Value) पर ही जारी किया जाए (जैसे 100 रुपये का ऋणपत्र 100 रुपये में)।
2. प्रीमियम पर (At Premium): जब ऋणपत्र को उसके अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर जारी किया जाए (जैसे 100 का ऋणपत्र 110 रुपये में)। यह 10 रुपये कंपनी का पूंजीगत लाभ है।
3. बट्टे पर (At Discount): जब ऋणपत्र को उसके अंकित मूल्य से कम मूल्य पर जारी किया जाए (जैसे 100 का ऋणपत्र 95 रुपये में)। अंशों के विपरीत, ऋणपत्रों को बट्टे पर जारी किया जा सकता है।
प्रश्न 19. अनुपात विश्लेषण (Ratio Analysis) के तीन उद्देश्य लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
अनुपात विश्लेषण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. तरलता का मापन: यह जानना कि संस्था अपने अल्पकालीन दायित्वों (Current Liabilities) का समय पर भुगतान करने में सक्षम है या नहीं।
2. लाभदायकता का आकलन: बिक्री या विनियोजित पूंजी के आधार पर संस्था की लाभ कमाने की क्षमता (Gross Profit, Net Profit ratio) का पता लगाना।
3. तुलनात्मक अध्ययन: अपनी संस्था के पिछले वर्षों के आंकड़ों से या उसी उद्योग की अन्य संस्थाओं के आंकड़ों से तुलना करके कमियों का पता लगाना और भविष्य की योजना बनाना।
अथवा: लाभदायकता अनुपातों (Profitability Ratios) के अंतर्गत किन्हीं तीन अनुपातों के नाम और सूत्र लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. सकल लाभ अनुपात (Gross Profit Ratio):
सूत्र = (Gross Profit / Net Revenue from Operations) × 100
2. शुद्ध लाभ अनुपात (Net Profit Ratio):
सूत्र = (Net Profit after tax / Net Revenue from Operations) × 100
3. संचालन अनुपात (Operating Ratio):
सूत्र = [(Cost of Revenue from Operations + Operating Expenses) / Net Revenue from Operations] × 100
दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 23)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 20. A और B एक फर्म में 3:2 के अनुपात में साझेदार हैं। वे C को 1/5 भाग के लिए नया साझेदार बनाते हैं। फर्म का नया लाभ-हानि अनुपात और त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) की गणना कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
माना फर्म का कुल लाभ = 1
C का हिस्सा = 1/5
शेष लाभ = 1 - 1/5 = 4/5
इस शेष लाभ को A और B अपने पुराने अनुपात (3:2) में बांटेंगे:
A का नया हिस्सा = 4/5 का 3/5 = 12/25
B का नया हिस्सा = 4/5 का 2/5 = 8/25
C का हिस्सा = 1/5 = 5/25
नया लाभ-हानि अनुपात = 12 : 8 : 5
त्याग अनुपात: चूँकि प्रश्न में यह नहीं बताया गया है कि C अपना हिस्सा किससे कैसे लेगा, अतः पुराने साझेदारों का पुराना अनुपात ही उनका त्याग अनुपात होगा।
त्याग अनुपात (A : B) = 3 : 2
अथवा: फर्म के विघटन पर वसूली खाता (Realisation Account) बनाने की प्रक्रिया और इसकी प्रमुख प्रविष्टियां समझाइए।
मॉडल उत्तर:
वसूली खाता फर्म के समापन पर बनाया जाता है। इसके बनाने की प्रक्रिया निम्न है:
1. संपत्तियों का हस्तांतरण: नकद और बैंक शेष को छोड़कर सभी संपत्तियों को उनके पुस्तक मूल्य (Book Value) पर वसूली खाते के डेबिट पक्ष में लिखा जाता है (Realisation A/c Dr. To Assets)।
2. दायित्वों का हस्तांतरण: बाह्य दायित्वों (External liabilities) को उनके पुस्तक मूल्य पर वसूली खाते के क्रेडिट पक्ष में लिखा जाता है (Liabilities Dr. To Realisation A/c)।
3. संपत्तियों से वसूली: संपत्तियों को बेचने से जो राशि प्राप्त होती है, उसे क्रेडिट पक्ष में 'By Bank A/c' लिखा जाता है।
4. दायित्वों का भुगतान और वसूली व्यय: दायित्वों का भुगतान और विघटन के खर्चों को डेबिट पक्ष में 'To Bank A/c' लिखा जाता है।
5. लाभ-हानि का बंटवारा: अंत में दोनों पक्षों का अंतर निकाला जाता है। लाभ या हानि को सभी साझेदारों के पूंजी खाते में उनके लाभ-विभाजन अनुपात में बांट दिया जाता है।
प्रश्न 21. अंशों के निर्गमन की प्रक्रिया संक्षेप में समझाइए। अंशों के हरण (Forfeiture) पर की जाने वाली रोज़नामचा (Journal) प्रविष्टि क्या होती है? 4 अंक
मॉडल उत्तर:
अंश निर्गमन की प्रक्रिया:
1. प्रविवरण जारी करना: कंपनी जनता को अंश खरीदने के लिए आमंत्रित करने हेतु प्रविवरण (Prospectus) जारी करती है।
2. आवेदन (Application): जनता अंश खरीदने के लिए आवेदन पत्र और आवेदन राशि बैंक में जमा करती है।
3. आबंटन (Allotment): न्यूनतम अभिदान प्राप्त होने पर कंपनी आवेदकों को अंश आबंटित करती है और आबंटन राशि मांगती है।
4. याचना (Calls): शेष राशि किश्तों में (प्रथम, द्वितीय या अंतिम याचना) मांगी जाती है।
अंश हरण की प्रविष्टि (सममूल्य पर निर्गमित):
Share Capital A/c ... Dr. (मांगी गई कुल पूंजी राशि से)
To Share Allotment/Call A/c (जो राशि प्राप्त नहीं हुई)
To Share Forfeiture A/c (जो राशि प्राप्त हो चुकी है जिसे जप्त किया गया)
(Being shares forfeited for non-payment of dues)
अथवा: समता अंशों (Equity Shares) और पूर्वाधिकार अंशों (Preference Shares) में चार प्रमुख अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. लाभांश का अधिकार: पूर्वाधिकार अंशों पर लाभांश समता अंशों से पहले दिया जाता है। समता अंशों पर लाभांश पूर्वाधिकार अंशों को देने के बाद बचे हुए लाभ में से दिया जाता है।
2. लाभांश की दर: पूर्वाधिकार अंशों पर लाभांश की दर निश्चित होती है, जबकि समता अंशों पर यह दर अनिश्चित होती है (लाभ अधिक होने पर अधिक मिलता है)।
3. पूंजी की वापसी: कंपनी के समापन पर पूंजी वापस पाने का पहला अधिकार पूर्वाधिकार अंशधारियों को होता है, उसके बाद समता अंशधारियों का नंबर आता है।
4. मताधिकार (Voting Rights): समता अंशधारियों को कंपनी के हर मामले में वोट देने का अधिकार होता है। पूर्वाधिकार अंशधारियों को केवल उनके हितों को प्रभावित करने वाले मामलों में ही वोट देने का अधिकार होता है।
प्रश्न 22. ऋणपत्रों के प्रकारों का सविस्तार वर्णन कीजिए (कोई चार)। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
ऋणपत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:
1. सुरक्षित (Secured) ऋणपत्र: ये वे ऋणपत्र होते हैं जिनकी अदायगी के लिए कंपनी की संपत्तियों पर प्रभार (Charge/Mortgage) होता है। यदि कंपनी ऋण नहीं चुका पाती, तो वे संपत्तियां बेचकर अपना पैसा वसूल सकते हैं।
2. असुरक्षित (Unsecured/Naked) ऋणपत्र: इन ऋणपत्रों के पीछे कंपनी की कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखी जाती है। भारत में अब इनका निर्गमन लगभग बंद है।
3. परिवर्तनीय (Convertible) ऋणपत्र: इन ऋणपत्रधारियों को एक निश्चित समय के बाद अपने ऋणपत्रों को कंपनी के समता अंशों (Equity shares) में बदलने का विकल्प दिया जाता है।
4. शोधनीय (Redeemable) ऋणपत्र: वे ऋणपत्र जिनका भुगतान कंपनी द्वारा एक निश्चित अवधि के बाद कर दिया जाता है। अधिकांश ऋणपत्र इसी श्रेणी के होते हैं।
अथवा: ऋणपत्रों के निर्गमन (Issue) और शोधन (Redemption) की शर्तों के आधार पर किन्हीं चार स्थितियों को समझाइए।
मॉडल उत्तर:
निर्गमन और शोधन की शर्तों के आधार पर 6 स्थितियां होती हैं, जिनमें से 4 प्रमुख हैं:
1. सममूल्य पर निर्गमन, सममूल्य पर शोधन: कंपनी ₹100 लेता है और भविष्य में ₹100 ही वापस करती है। (कोई हानि नहीं)।
2. बट्टे पर निर्गमन, सममूल्य पर शोधन: कंपनी ₹95 लेती है लेकिन वापस ₹100 करती है। (निर्गमन पर ₹5 की हानि)।
3. प्रीमियम पर निर्गमन, सममूल्य पर शोधन: कंपनी ₹105 लेती है और वापस ₹100 करती है। (निर्गमन पर ₹5 का पूंजीगत लाभ - Securities Premium)।
4. सममूल्य पर निर्गमन, प्रीमियम पर शोधन: कंपनी ₹100 लेती है लेकिन भविष्य में ₹110 वापस करने का वादा करती है। (इसमें शोधन पर होने वाले ₹10 के नुकसान को आज ही 'Loss on issue of debentures' मानकर डेबिट किया जाता है और 'Premium on redemption' के नाम से दायित्व बनाया जाता है)।
प्रश्न 23. तुलनात्मक आय विवरण (Comparative Income Statement) तैयार करने के चरण लिखिए और इसका प्रारूप बनाइए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
तुलनात्मक आय विवरण बनाने के लिए 5 कॉलम बनाए जाते हैं:
चरण:
1. पहले कॉलम में विवरण (Particulars) लिखते हैं जैसे Revenue from operations, Expenses, Net Profit.
2. दूसरे कॉलम में पिछले वर्ष (Previous Year) के आंकड़े लिखते हैं।
3. तीसरे कॉलम में चालू वर्ष (Current Year) के आंकड़े लिखते हैं।
4. चौथे कॉलम में दोनों वर्षों का निरपेक्ष अंतर (Absolute Change = Current Year - Previous Year) निकाला जाता है (वृद्धि या कमी)।
5. पांचवें कॉलम में प्रतिशत परिवर्तन (Percentage Change) निकाला जाता है। सूत्र: (Absolute Change / Previous Year Figure) × 100.
प्रारूप (संक्षिप्त):
Particulars | Prev. Year (A) | Current Year (B) | Absolute Change (C = B-A) | % Change (C/A × 100)
अथवा: निम्न विवरण से चालू अनुपात (Current Ratio) और त्वरित अनुपात (Quick Ratio) की गणना कीजिए:
चालू संपत्तियां (Current Assets) = 1,00,000 रु.
स्टॉक (Inventory) = 40,000 रु.
चालू दायित्व (Current Liabilities) = 40,000 रु.
मॉडल उत्तर:
1. चालू अनुपात (Current Ratio):
सूत्र = चालू संपत्तियां / चालू दायित्व (Current Assets / Current Liabilities)
= 1,00,000 / 40,000
= 2.5 : 1
2. त्वरित अनुपात (Quick Ratio):
त्वरित संपत्तियां (Quick Assets) = चालू संपत्तियां - स्टॉक
= 1,00,000 - 40,000 = 60,000 रु.
सूत्र = त्वरित संपत्तियां / चालू दायित्व (Quick Assets / Current Liabilities)
= 60,000 / 40,000
= 1.5 : 1
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।

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