MP EDUCATION GYAN DEEP
कक्षा 12वीं — हिन्दी (Hindi)
अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 80
प्रश्न: 23 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (80 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (आरोह, वितान, अभिव्यक्ति एवं माध्यम तथा व्याकरण) पर आधारित कक्षा 12 हिन्दी का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें। एक समय में केवल एक ही उत्तर खुलेगा जिससे अभ्यास करने में आसानी हो। (प्रश्न 6 से 23 में दिए गए “अथवा” विकल्पों के उत्तर अलग-अलग बटन से खुलेंगे)।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)
कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 32 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) 'आत्म परिचय' कविता के रचयिता कौन हैं?
मॉडल उत्तर:
(ख) हरिवंश राय बच्चन
(2) 'भक्तिन' महादेवी वर्मा की किस विधा की रचना है?
मॉडल उत्तर:
(ख) संस्मरणात्मक रेखाचित्र
(3) 'सिल्वर वैडिंग' कहानी के मुख्य पात्र (नायक) कौन हैं?
मॉडल उत्तर:
(ग) यशोधर बाबू
(4) रस के कितने प्रमुख अंग होते हैं?
मॉडल उत्तर:
(ग) चार (स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव)
(5) रेडियो नाटकों में सबसे महत्वपूर्ण तत्व क्या होता है?
मॉडल उत्तर:
(ग) ध्वनि (Sound/Dialogue)
(6) "श्रम विभाजन और जाति प्रथा" पाठ के लेखक कौन हैं?
मॉडल उत्तर:
(ख) डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) 'उषा' कविता में प्रातःकालीन आकाश को _______ के समान बताया गया है।
मॉडल उत्तर:
नीले शंख
(2) मराठी भाषा में 'जूझ' का अर्थ _______ होता है।
मॉडल उत्तर:
संघर्ष
(3) 'वीर' रस का स्थायी भाव _______ है।
मॉडल उत्तर:
उत्साह
(4) समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय और प्रमाणिक शैली _______ शैली है।
मॉडल उत्तर:
उल्टा पिरामिड (Inverted Pyramid)
(5) वाक्य में किसी बात पर जोर देने के लिए जिन अव्यय शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें _______ कहते हैं।
मॉडल उत्तर:
निपात
(6) 'बाजार दर्शन' पाठ के रचयिता _______ हैं।
मॉडल उत्तर:
जैनेन्द्र कुमार
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता में दूरदर्शन वालों की संवेदनहीनता पर व्यंग्य किया गया है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
(2) 'शिरीष के फूल' हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का एक प्रसिद्ध संस्मरण है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (यह एक ललित निबंध है)
(3) भ्रांतिमान और संदेह अलंकार दोनों एक ही होते हैं।
मॉडल उत्तर:
असत्य (संदेह में अंत तक शंका बनी रहती है, भ्रांतिमान में एक वस्तु को दूसरी मान लिया जाता है)
(4) 'अतीत में दबे पाँव' पाठ में सिंधु घाटी सभ्यता (मोहनजोदड़ो) का वर्णन किया गया है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
(5) शब्द शक्ति मुख्य रूप से तीन प्रकार की (अभिधा, लक्षणा, व्यंजना) होती है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
(6) 'पहलवान की ढोलक' कहानी महामारी और अकाल की त्रासदी को भी दर्शाती है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 7 × 1 = 7
(1) रुबाइयाँ (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
फिराक गोरखपुरी
(2) काले मेघा पानी दे (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
धर्मवीर भारती
(3) कविता के बहाने (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
कुँवर नारायण
(4) व्यतिरेक अलंकार (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
उपमेय को उपमान से श्रेष्ठ बताना
(5) तकनीकी शब्द (पारिभाषिक शब्द) (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
भौतिकी, विज्ञान या प्रशासन के विशेष शब्द
(6) आनंद यादव (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
जूझ
(7) सवैया छंद (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
एक वाणिक छंद (22 से 26 वर्ण)
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 7 × 1 = 7
(1) 'एक गीत' (दिन जल्दी-जल्दी ढलता है) हरिवंश राय बच्चन के किस काव्य संग्रह से लिया गया है?
मॉडल उत्तर:
निशा निमंत्रण।
(2) यशोधर बाबू के आदर्श और मार्गदर्शक कौन थे?
मॉडल उत्तर:
किशनदा।
(3) स्थायी भाव को जाग्रत करने वाले कारण क्या कहलाते हैं?
मॉडल उत्तर:
विभाव।
(4) 'विशेष लेखन' से क्या तात्पर्य है?
मॉडल उत्तर:
किसी खास विषय (जैसे खेल, व्यापार, विज्ञान) पर सामान्य लेखन से हटकर किया गया विशिष्ट लेखन।
(5) 'विरोध न होने पर भी जहाँ विरोध का आभास हो', वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
मॉडल उत्तर:
विरोधाभास अलंकार।
(6) 'लक्ष्मण मूर्च्छा और राम का विलाप' प्रसंग रामचरितमानस के किस कांड से लिया गया है?
मॉडल उत्तर:
लंका कांड।
(7) दो ऐसे निपात शब्द लिखिए जिनका प्रयोग अक्सर किया जाता है。
मॉडल उत्तर:
ही, भी (या तक, मात्र)।
अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 15) (MPBSE विज्ञप्ति दिनांक 15-10-2026 अनुसार 2 अंक – अतिलघुउत्तरीय प्रश्नों में आतंरिक विकल्प / अथवा प्रश्न नहीं रहेंगे)
प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 20 अंक।
नोट : 2 अंकों के प्रश्नों में अथवा प्रश्न नहीं आयेंगे, अभ्यास के लिए दो-दो प्रश्न रखे हैं.
प्रश्न 6. 'शीतल वाणी में आग' होने का क्या अभिप्राय है? (आत्म परिचय) 2 अंक
मॉडल उत्तर:
कवि की वाणी यद्यपि कोमल और शीतल है, परंतु उसके भीतर समाज की विसंगतियों के प्रति तीव्र आक्रोश, विद्रोह और अपनी प्रेयसी के विरह की तीव्र तड़प (आग) छिपी हुई है।
'बच्चे किस बात की आशा में नीड़ों से झाँक रहे होंगे?' (एक गीत)
मॉडल उत्तर:
पक्षी के बच्चे इस आशा में घोंसलों (नीड़ों) से झाँक रहे होंगे कि उनके माता-पिता उनके लिए भोजन (दाना) लेकर लौट रहे होंगे और उन्हें ढेर सारा वात्सल्य (प्यार) मिलेगा।
प्रश्न 7. भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
भक्तिन ने लेखिका (महादेवी वर्मा) को अपने गाँव के सादे रहन-सहन और खान-पान में ढाल लिया। वह लेखिका को मक्के का दलिया, ज्वार के भुने हुए भुट्टे और बाजरे के तिल वाले पुए खिलाती थी। इस प्रकार अपनी आदतों को लेखिका पर थोपकर उसने उन्हें अधिक देहाती बना दिया।
'बाजार का जादू' चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या असर पड़ता है?
मॉडल उत्तर:
बाजार का जादू (आकर्षण) चढ़ने पर मनुष्य गैर-ज़रूरी और विलासिता की वस्तुएँ भी खरीद लेता है, क्योंकि उसे लगता है कि ये सब उसके लिए ज़रूरी हैं। लेकिन जब यह जादू उतरता है, तो उसे एहसास होता है कि उसने बेकार की चीज़ें खरीद ली हैं जो आराम देने के बजाय خلल (बाधा) डाल रही हैं।
प्रश्न 8. यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं, क्यों? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
यशोधर बाबू किशनदा के पुराने और पारंपरिक आदर्शों से पूरी तरह बंधे हुए थे और बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाए। जबकि उनकी पत्नी ने अपने बच्चों की आधुनिक जीवनशैली और विचारों को अपना लिया था ताकि घर में शांति बनी रहे। इसलिए वह समय के साथ ढल गई।
'जूझ' कहानी के आधार पर बताइए कि लेखक की माँ ने उसकी पढ़ाई में क्या मदद की?
मॉडल उत्तर:
लेखक का पिता उसे स्कूल नहीं भेजता था। लेखक की माँ उसकी तड़प को समझती थी। उसने दत्ता जी राव (गाँव के मुखिया) के पास जाकर उनसे मदद माँगी। दत्ता जी राव के दबाव और माँ के इसी साहसी कदम के कारण ही लेखक दोबारा स्कूल जा सका।
प्रश्न 9. कविता के प्रमुख घटक (तत्व) कौन-कौन से हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
कविता के प्रमुख घटक हैं: शब्द, लय, छंद, अलंकार, बिम्ब (Image) और रस। इन्हीं के माध्यम से कवि अपने भावों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है।
कहानी के प्रमुख तत्वों के नाम लिखिए।
मॉडल उत्तर:
कहानी के 6 प्रमुख तत्व होते हैं: 1. कथावस्तु (कथानक), 2. पात्र और चरित्र-चित्रण, 3. संवाद (कथोपकथन), 4. देशकाल और वातावरण, 5. भाषा-शैली, 6. उद्देश्य।
प्रश्न 10. भ्रांतिमान अलंकार की परिभाषा लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
जब किसी वस्तु को देखकर अज्ञानवश या अत्यधिक समानता के कारण उसे दूसरी वस्तु मान लिया जाए और उसी के अनुसार कार्य भी कर दिया जाए, तो वहाँ भ्रांतिमान अलंकार होता है। (जैसे- ओस की बूँदों को मोती समझकर चुगना)।
सोरठा छंद के लक्षण लिखिए।
मॉडल उत्तर:
सोरठा एक अर्धसम मात्रिक छंद है। यह दोहे का ठीक उल्टा होता है। इसके प्रथम और तृतीय (विषम) चरणों में 11-11 मात्राएँ तथा द्वितीय और चतुर्थ (सम) चरणों में 13-13 मात्राएँ होती हैं।
प्रश्न 11. शब्द शक्ति किसे कहते हैं? इसके प्रकार लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
जिस शक्ति या व्यापार के द्वारा किसी शब्द के अंतर्निहित अर्थ (छुपे हुए अर्थ) का बोध होता है, उसे शब्द शक्ति कहते हैं। इसके तीन प्रकार हैं: 1. अभिधा (सीधा अर्थ), 2. लक्षणा (लक्षणों के आधार पर अर्थ), 3. व्यंजना (व्यंग्य या गहरा अर्थ)।
मुहावरे और लोकोक्ति में दो अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. मुहावरा एक 'वाक्यांश' (वाक्य का अंश) होता है, जबकि लोकोक्ति अपने आप में एक 'पूर्ण वाक्य' होती है।
2. मुहावरे का प्रयोग वाक्य के बीच में चमत्कार लाने के लिए होता है, जबकि लोकोक्ति का प्रयोग किसी बात का समर्थन करने के लिए कथन के अंत में होता है।
प्रश्न 12. तकनीकी शब्द (पारिभाषिक शब्द) किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
ज्ञान-विज्ञान, कला, प्रशासन या किसी विशेष शास्त्र के क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाले वे शब्द जिनका एक निश्चित और पारिभाषिक अर्थ होता है, तकनीकी शब्द कहलाते हैं। (उदाहरण: भौतिकी में 'गुरुत्वाकर्षण', प्रशासन में 'परिपत्र' या 'अनुदान')।
निपात शब्द किसे कहते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
मॉडल उत्तर:
वाक्य में किसी शब्द के बाद लगकर उसके अर्थ पर विशेष बल (ज़ोर) देने वाले अव्यय शब्दों को निपात कहते हैं। (उदाहरण: ही, भी, तो, तक, मात्र)। जैसे- "राम ही दिल्ली जाएगा।"
प्रश्न 13. लुट्टन पहलवान ने ऐसा क्यों कहा होगा कि "मेरा गुरु कोई पहलवान नहीं, यही ढोल है"? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
लुट्टन ने पहलवानी के दाँव-पेंच किसी गुरु से नहीं, बल्कि ढोलक की आवाज़ से सीखे थे। दंगल के समय ढोलक की थाप उसे दाँव खेलने, उठने, पटकने और लड़ने की प्रेरणा व ऊर्जा देती थी। इसलिए उसने ढोल को ही अपना गुरु माना।
इंदर सेना सबसे पहले 'गंगा मैया की जय' क्यों बोलती है? (काले मेघा पानी दे)
मॉडल उत्तर:
भारतीय संस्कृति में गंगा नदी को अत्यंत पवित्र और माँ के समान माना जाता है। गंगा जल का सबसे बड़ा और पवित्र स्रोत है। चूँकि इंदर सेना बादलों (इंद्र) से पानी माँगने निकली है, इसलिए जल की देवी गंगा मैया की जय बोलकर वे अपना अनुष्ठान शुरू करते हैं।
प्रश्न 14. लक्ष्मण मूर्च्छा पर राम के विलाप का वर्णन संक्षेप में कीजिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
लक्ष्मण के मूर्च्छित होने पर राम एक साधारण मनुष्य की तरह अत्यंत व्याकुल होकर रोने लगते हैं। वे कहते हैं कि "यदि मुझे पता होता कि वन में भाई का बिछोह होगा, तो मैं पिता का वचन भी नहीं मानता। पत्नी (नारी) की हानि तो सह ली जाती है, परंतु सगे भाई का नुकसान नहीं सहा जा सकता।"
'बादल राग' कविता में विप्लव के वीर (बादल) किसे कहा गया है और क्यों?
मॉडल उत्तर:
'बादल राग' में बादलों को विप्लव (क्रांति) का वीर कहा गया है। जिस प्रकार बादल भयंकर गर्जना और वर्षा करके भीषण गर्मी से झुलसती धरती को शांत करते हैं, उसी प्रकार शोषित वर्ग के दुखों को दूर करने के लिए क्रांति का होना आवश्यक है।
प्रश्न 15. रेडियो नाटक की दो विशेषताएँ लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. रेडियो नाटक पूरी तरह से ध्वनि (आवाज़), संवाद और संगीत पर निर्भर होता है। इसमें दृश्यों (विजुअल्स) का कोई काम नहीं होता।
2. इसकी अवधि सामान्यतः छोटी (15 से 30 मिनट) होती है, क्योंकि केवल आवाज़ के सहारे श्रोताओं को लंबे समय तक बाँधकर रखना कठिन होता है।
'उल्टा पिरामिड' शैली क्या है?
मॉडल उत्तर:
यह समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय शैली है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण खबर (क्लाइमैक्स) सबसे पहले (इंट्रो या मुखड़ा में) लिखी जाती है। उसके बाद घटते हुए महत्व के क्रम में घटना का ब्यौरा (बॉडी और समापन) दिया जाता है।
लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 16 से 19)
प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक।
प्रश्न 16. कुँवर नारायण अथवा हरिवंश राय बच्चन का काव्यगत परिचय निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर दीजिए:
(अ) दो रचनाएँ (ब) भावपक्ष-कलापक्ष (स) साहित्य में स्थान 3 अंक
मॉडल उत्तर (हरिवंश राय बच्चन):
(अ) दो रचनाएँ: मधुशाला, मधुकलश (या निशा निमंत्रण)।
(ब) भावपक्ष-कलापक्ष: बच्चन जी 'हालावाद' के प्रवर्तक हैं। उनके काव्य में प्रेम, मस्ती, और व्यक्तिगत अनुभूतियों का सहज चित्रण है। उन्होंने आम आदमी की पीड़ा को भी स्वर दिया है। कलापक्ष की दृष्टि से उनकी भाषा अत्यंत सरल, प्रवाहपूर्ण और संगीतमय खड़ी बोली है। उन्होंने रुबाइयों और गीतों का सुंदर प्रयोग किया है।
(स) साहित्य में स्थान: हिन्दी साहित्य में हालावादी कविता के जनक के रूप में उनका स्थान अद्वितीय और अमर है।
अथवा: (कुँवर नारायण का परिचय)
मॉडल उत्तर (कुँवर नारायण):
(अ) दो रचनाएँ: चक्रव्यूह, इन दिनों।
(ब) भावपक्ष-कलापक्ष: ये नई कविता के प्रमुख कवि हैं। इनके काव्य में गहरी संवेदना, बौद्धिकता और आधुनिक शहरी जीवन की विसंगतियों का चित्रण है। भाषा परिष्कृत खड़ी बोली है, जिसमें तत्सम, तद्भव और उर्दू शब्दों का सटीक प्रयोग हुआ है। बिम्बों का प्रयोग शानदार है।
(स) साहित्य में स्थान: नई कविता को नई दिशा देने वाले विचारशील कवि के रूप में उनका उच्च स्थान है।
प्रश्न 17. महादेवी वर्मा अथवा फणीश्वर नाथ रेणु का साहित्यिक परिचय निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर दीजिए:
(अ) दो रचनाएँ (ब) भाषा-शैली (स) साहित्य में स्थान 3 अंक
मॉडल उत्तर (महादेवी वर्मा):
(अ) दो रचनाएँ: अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ (या यामा)।
(ब) भाषा-शैली: महादेवी जी की भाषा अत्यंत शुद्ध, संस्कृतनिष्ठ (तत्सम प्रधान) खड़ी बोली है। उनकी भाषा में काव्य जैसी मिठास और मार्मिकता है। उन्होंने मुख्य रूप से चित्रात्मक, भावात्मक और वर्णनात्मक शैलियों का प्रयोग किया है।
(स) साहित्य में स्थान: छायावाद की प्रमुख स्तंभ और श्रेष्ठ रेखाचित्रकार के रूप में उनका हिंदी साहित्य में सर्वोच्च स्थान है। उन्हें 'आधुनिक मीरा' भी कहा जाता है।
अथवा: (फणीश्वर नाथ रेणु का परिचय)
मॉडल उत्तर (फणीश्वर नाथ रेणु):
(अ) दो रचनाएँ: मैला आँचल (उपन्यास), परती परिकथा (या ठुमरी)।
(ब) भाषा-शैली: रेणु जी एक आंचलिक कथाकार हैं। उनकी भाषा में ठेठ ग्रामीण और लोक-भाषा के शब्दों (देशज शब्दों) की भरमार है। उन्होंने चित्रात्मक, वर्णनात्मक और संवादात्मक शैली का प्रयोग करके ग्रामीण जनजीवन का जीवंत चित्र उकेरा है।
(स) साहित्य में स्थान: हिन्दी साहित्य में 'आंचलिक उपन्यासकार' के रूप में रेणु जी का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
प्रश्न 18. निम्नलिखित पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए:
"जहाँ सुमति तहँ संपति नाना" 3 अंक
मॉडल उत्तर:
भाव पल्लवन: इस पंक्ति का अर्थ है कि जहाँ सुमति (सद्बुद्धि, अच्छी सोच, और आपसी प्रेम-सद्भाव) होती है, वहाँ सभी प्रकार की संपत्तियाँ (सुख, शांति और समृद्धि) अपने आप चली आती हैं। जिस घर, परिवार या समाज में लोगों के विचार अच्छे होते हैं, वे मिल-जुलकर कार्य करते हैं। एकता और शांति के वातावरण में ही विकास संभव है। इसके विपरीत जहाँ 'कुमति' (लड़ाई-झगड़े और बुरी सोच) होती है, वहाँ हमेशा विनाश और दरिद्रता का वास होता है। अतः सुख-समृद्धि के लिए अच्छे विचारों का होना अत्यंत आवश्यक है।
अथवा: अपने मोहल्ले में खुल रहे नए कोचिंग सेंटर 'लक्ष्य ट्यूटोरियल्स' के लिए एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।
मॉडल उत्तर (विज्ञापन):
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प्रश्न 19. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
साहित्य और समाज का घनिष्ठ संबंध है। साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्यकार उसी समाज का प्राणी होता है जिसमें वह जन्म लेता है। समाज की अच्छी-बुरी प्रवृत्तियाँ, रीति-रिवाज़, सुख-दुख और समस्याएँ साहित्यकार के हृदय पर प्रभाव डालती हैं, जिन्हें वह अपनी रचनाओं के माध्यम से व्यक्त करता है। एक उत्कृष्ट साहित्य केवल समाज का यथार्थ चित्रण ही नहीं करता, बल्कि वह समाज को एक नई दिशा और आदर्श भी प्रदान करता है।
1. उपयुक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
2. गद्यांश के अनुसार 'साहित्य' क्या है?
3. उत्कृष्ट साहित्य समाज के लिए क्या कार्य करता है? 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. शीर्षक: साहित्य और समाज।
2. उत्तर: गद्यांश के अनुसार साहित्य समाज का दर्पण है, जिसमें समाज की प्रवृत्तियाँ, सुख-दुख और रीति-रिवाज़ दिखाई देते हैं।
3. उत्तर: एक उत्कृष्ट साहित्य समाज का यथार्थ चित्रण करने के साथ-साथ समाज को एक नई दिशा और आदर्श भी प्रदान करता है।
अथवा: (अपठित पद्यांश - यदि आए तो इसी प्रकार 3 प्रश्न हल करने होंगे।)
निर्देश: पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए 3 प्रश्नों (शीर्षक, भावार्थ, और एक विशिष्ट प्रश्न) का उत्तर दें।
दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 20 से 23)
प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 20. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए—
मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ,
फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ;
कर दिया किसी ने झंकृत जिनकों छूकर
मैं साँसों के दो तार लिए फिरता हूँ! 4 अंक
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-2' की कविता 'आत्म परिचय' से ली गई हैं। इसके रचयिता हालावादी कवि हरिवंश राय बच्चन जी हैं।
प्रसंग: इसमें कवि ने अपने जीवन और दुनिया के साथ अपने संबंध को स्पष्ट किया है कि संसार की ज़िम्मेदारियों के बावजूद उनके हृदय में प्रेम भरा है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि मेरे ऊपर इस सांसारिक जीवन का और उसकी ज़िम्मेदारियों का भारी बोझ है, जिसे मैं उठाता फिर रहा हूँ। इसके बावजूद मेरे जीवन में प्रेम की कोई कमी नहीं है, मैं सबके लिए प्यार लिए घूमता हूँ। मेरे जीवन रूपी सितार के तारों को किसी (प्रिय/प्रेयसी) ने छूकर झंकृत (सुरीला) कर दिया है। अब मैं उसी प्रेम की मधुर यादों और अपनी साँसों के उन दो तारों को लेकर जी रहा हूँ।
विशेष: 1. भाषा सरल और लयात्मक है। 2. 'जग-जीवन' और 'साँसों के दो तार' में रूपक और अनुप्रास अलंकार है। 3. आत्मकथात्मक शैली का प्रयोग है।
अथवा: पद्यांश—
जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास
पृथ्वी घूमती हुई आती है उनके बेचैन पैरों के पास...
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ 'आरोह भाग-2' में संकलित कविता 'पतंग' से ली गई हैं। इसके रचयिता आलोक धन्वा जी हैं।
प्रसंग: कवि ने बच्चों की कोमलता, निडरता और उनकी चंचलता का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि बच्चे जन्म से ही कपास की तरह अत्यंत कोमल, हलके और निर्मल होते हैं। उनके शरीर में चोट सहने की अद्भुत क्षमता होती है। जब वे पतंग उड़ाने के लिए छतों पर बेतहाशा दौड़ते हैं, तो ऐसा लगता है मानो उनके बेचैन और चंचल पैरों के पास पृथ्वी स्वयं घूमती हुई आ रही हो। अर्थात् उनकी गति और उत्साह के सामने पूरी दुनिया छोटी लगने लगती है।
विशेष: 1. 'कपास' बच्चों की कोमलता का प्रतीक है। 2. मानवीकरण (पृथ्वी घूमती हुई आती है) अलंकार का सुंदर प्रयोग है।
प्रश्न 21. निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए—
बाजार में एक जादू है। वह जादू आँख की राह काम करता है। वह रूप का जादू है। पर जैसे चुंबक का जादू लोहे पर ही चलता है, वैसे ही इस जादू की भी मर्यादा है। जेब भरी हो, और मन खाली हो, ऐसी हालत में जादू का असर खूब होता है। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-2' के पाठ 'बाजार दर्शन' से लिया गया है। इसके लेखक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेन्द्र कुमार जी हैं।
प्रसंग: इस गद्यांश में लेखक ने बाजार के आकर्षण (जादू) और उपभोक्ता की मानसिकता पर उसके प्रभाव का सटीक विश्लेषण किया है।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि बाज़ार की चकाचौंध में एक अजीब सा सम्मोहन या जादू होता है। यह जादू हमारी आँखों के माध्यम से हम पर असर करता है। बाज़ार की सुंदरता देखकर हम उसकी ओर खिंचे चले जाते हैं। लेकिन जिस प्रकार चुंबक केवल लोहे को ही अपनी ओर खींचता है, उसी प्रकार इस बाज़ार के जादू की भी एक सीमा है। यह जादू उस व्यक्ति पर सबसे ज्यादा हावी होता है जिसकी जेब में खूब पैसा (जेब भरी) हो, लेकिन उसे यह पता न हो कि उसे क्या खरीदना है (मन खाली हो)। ऐसी स्थिति में व्यक्ति बाज़ार की चमक-दमक में फँसकर बिना ज़रूरत का सामान भी खरीद लेता है।
विशेष: 1. भाषा सरल, मुहावरेदार और विचारोत्तेजक है। 2. 'चुंबक के जादू' का सुंदर दृष्टांत दिया गया है।
अथवा: गद्यांश—
सेवक-धर्म में हनुमान जी से स्पर्धा करने वाली भक्तिन किसी अंजना की पुत्री न होकर एक अनामधन्या गोपालिका की कन्या है—नाम है लछमिन अर्थात् लक्ष्मी।
मॉडल उत्तर:
संदर्भ: यह गद्यांश 'आरोह भाग-2' के रेखाचित्र 'भक्तिन' से लिया गया है। इसकी लेखिका महादेवी वर्मा हैं।
प्रसंग: लेखिका अपनी सेविका 'भक्तिन' का परिचय देते हुए उसके वास्तविक नाम और उसके सेवाभाव का वर्णन कर रही हैं।
व्याख्या: लेखिका कहती हैं कि मेरी सेविका भक्तिन सेवा करने के मामले में साक्षात् हनुमान जी (अंजनी पुत्र) से भी होड़ ले सकती है। वह किसी प्रसिद्ध माता की पुत्री नहीं है, बल्कि एक गुमनाम और साधारण ग्वालिन की बेटी है। उसका असली नाम 'लछमिन' यानी लक्ष्मी है, जो धन और समृद्धि की देवी का नाम है। परंतु उसका यह नाम उसके दुर्भाग्यपूर्ण और संघर्षशील जीवन के बिल्कुल विपरीत है।
विशेष: 1. हनुमान जी से तुलना करके भक्तिन की निस्वार्थ सेवा को दर्शाया गया है। 2. भाषा तत्सम प्रधान होते हुए भी प्रवाहमयी है।
प्रश्न 22. अपने नगर निगम अधिकारी को मोहल्ले में व्याप्त गंदगी और नालियों की सफाई न होने की शिकायत करते हुए एक पत्र लिखिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
सेवा में,
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी,
नगर निगम, भोपाल (म.प्र.)
विषय: मोहल्ले की सफाई और नालियों की व्यवस्था सुधारने हेतु शिकायती पत्र।
महोदय,
मैं आपका ध्यान भोपाल के अरेरा कॉलोनी क्षेत्र (वार्ड क्र. 15) में व्याप्त भयंकर गंदगी और अव्यवस्था की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। पिछले कई दिनों से हमारे क्षेत्र में सफाई कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नालियाँ जाम हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियाँ फैलने का खतरा पैदा हो गया है। यहाँ से गुज़रना भी मुश्किल हो गया है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द हमारे क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की टीम भेजकर सफाई करवाने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
एक ज़िम्मेदार नागरिक
अरेरा कॉलोनी, भोपाल
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
अथवा: अपने मित्र को बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने पर एक बधाई पत्र लिखिए।
मॉडल उत्तर:
परीक्षा भवन,
जबलपुर
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
प्रिय मित्र रमेश,
सप्रेम नमस्ते।
कल ही समाचार पत्र में बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम देखा। यह जानकर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा कि तुमने न केवल प्रथम श्रेणी प्राप्त की है, बल्कि पूरे ज़िले की मेरिट सूची में भी अपना स्थान बनाया है। तुम्हारी इस शानदार और ऐतिहासिक सफलता पर मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई।
मुझे हमेशा से पता था कि तुम्हारी दिन-रात की कड़ी मेहनत और लगन एक दिन ऐसा ही शानदार परिणाम लाएगी। तुमने अपने माता-पिता और विद्यालय का नाम रोशन कर दिया है। मुझे उम्मीद है कि तुम भविष्य में भी ऐसे ही सफलता की ऊँचाइयों को छूते रहोगे।
अंकल और आंटी जी को मेरा सादर प्रणाम कहना।
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
सुरेश
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर रूपरेखा सहित लगभग 120-150 शब्दों में निबंध लिखिए—
(1) विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्त्व
(2) विज्ञान: वरदान या अभिशाप
(3) पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता
(4) साहित्य और समाज 4 अंक
मॉडल उत्तर (विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्त्व):
रूपरेखा:
1. प्रस्तावना
2. अनुशासन का अर्थ
3. विद्यार्थी जीवन में अनुशासन की आवश्यकता
4. अनुशासनहीनता के कारण व हानियाँ
5. उपसंहार
प्रस्तावना: मानव जीवन को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण गुण है। जिस प्रकार प्रकृति नियमों में बँधी है, उसी प्रकार मानव जीवन में भी नियमों का पालन करना ज़रूरी है। विद्यार्थी जीवन मनुष्य के भविष्य की नींव होता है, इसलिए इस काल में अनुशासन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
अनुशासन का अर्थ: अनुशासन (अनु + शासन) का अर्थ है- नियमों, आदर्शों और बड़ों की आज्ञाओं का पालन करते हुए अपने जीवन को नियंत्रित करना।
महत्त्व: जो विद्यार्थी समय पर उठता है, समय पर पढ़ाई और खेलता है, और अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह सफलता के शिखर पर अवश्य पहुँचता है। अनुशासन छात्र को संयमी, धैर्यवान और एकाग्र बनाता है। स्वामी विवेकानंद से लेकर अब्दुल कलाम तक, सभी महान व्यक्तियों की सफलता का रहस्य अनुशासन ही रहा है।
हानियाँ: आज टीवी, मोबाइल और बुरी संगत के कारण छात्रों में अनुशासनहीनता बढ़ रही है। अनुशासनहीन छात्र न तो पढ़ाई में सफल हो पाता है और न ही समाज में सम्मान पाता है।
उपसंहार: अनुशासन कोई बंधन नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी है। अतः हर विद्यार्थी को अपने जीवन में अनुशासन को अपनाना चाहिए, ताकि वह एक श्रेष्ठ नागरिक बन सके और देश के विकास में योगदान दे सके।
अथवा: (विज्ञान: वरदान या अभिशाप - निबंध)
मॉडल उत्तर (संक्षेप में):
विज्ञान ने आज हमारे जीवन के हर क्षेत्र (चिकित्सा, संचार, यातायात, मनोरंजन) में क्रांति ला दी है और जीवन को अत्यंत सुगम बना दिया है। इस दृष्टि से यह एक महान वरदान है। इंटरनेट, कंप्यूटर और नई दवाइयों ने असंभव को संभव कर दिया है।
किंतु दूसरी ओर, विज्ञान ने विनाशकारी परमाणु हथियारों का निर्माण किया है। कारखानों से होने वाले प्रदूषण ने पर्यावरण को संकट में डाल दिया है। मोबाइल और मशीनों पर अधिक निर्भरता ने मनुष्य को आलसी और रोगी बना दिया है। इस दृष्टि से यह एक अभिशाप है।
अंततः विज्ञान एक साधन है। इसका उपयोग मनुष्य की भलाई के लिए हो, तो यह वरदान है और विनाश के लिए हो तो अभिशाप।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।

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