MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र त्रैमासिक परीक्षा 2026-27: मॉडल पेपर (हल सहित)

MP Board कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र त्रैमासिक परीक्षा 2026-27: मॉडल पेपर (हल सहित)
कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र (कला एवं वाणिज्य) की त्रैमासिक परीक्षा तैयारी हेतु नवीनतम ब्लूप्रिंट पर आधारित मॉडल प्रश्नपत्र का संक्षिप्त विवरण:

  • पूर्णांक: 80 अंक | समय: 3 घंटे
  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक): प्रश्न 1 से 5 (सही विकल्प, रिक्त स्थान, सत्य/असत्य, सही जोड़ी, एक वाक्य में उत्तर - प्रत्येक 1 अंक)
  • अति लघु उत्तरीय (20 अंक): प्रश्न 6 से 15 (प्रत्येक 2 अंक, लगभग 30 शब्द)
  • लघु उत्तरीय (12 अंक): प्रश्न 16 से 19 (प्रत्येक 3 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)
  • दीर्घ उत्तरीय (16 अंक): प्रश्न 20 से 23 (प्रत्येक 4 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)

प्रमुख विषय-वस्तु: व्यष्टि अर्थशास्त्र (माँग का नियम, बजट रेखा, उत्पादन फलन, पूर्ण प्रतियोगिता) एवं समष्टि अर्थशास्त्र (GDP, राष्ट्रीय आय गणना की विधियाँ, आय का वर्तुल प्रवाह)। 

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कक्षा 12वीं अर्थशास्त्र त्रैमासिक परीक्षा मॉडल पेपर 2026
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश | सत्र 2026–27
विषय: अर्थशास्त्र (कला एवं वाणिज्य)
कक्षा: 12वीं   |   समय: 3:00 घंटे   |   पूर्णांक: 80
परीक्षार्थियों के लिए निर्देश
  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. प्रश्न 1 से 5 तक कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।
  3. प्रश्न 6 से 15 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
  4. प्रश्न 16 से 19 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है तथा प्रत्येक में अथवा प्रश्न है।
  5. प्रश्न 20 से 23 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है तथा प्रत्येक में अथवा प्रश्न है।
  6. जहाँ आवश्यक हो, स्वच्छ एवं नामांकित आरेख बनाइए।

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। (6 × 1 = 6)

(i) अर्थशास्त्र की वह शाखा जिसमें व्यक्तिगत उपभोक्ता एवं फर्म का अध्ययन किया जाता है—
(अ) समष्टि अर्थशास्त्र   (ब) व्यष्टि अर्थशास्त्र   (स) सार्वजनिक वित्त   (द) अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र

मॉडल उत्तर: (ब) व्यष्टि अर्थशास्त्र

(ii) किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर सामान्यतः उसकी माँग—
(अ) बढ़ती है   (ब) घटती है   (स) स्थिर रहती है   (द) शून्य हो जाती है

मॉडल उत्तर: (ब) घटती है

(iii) सीमांत उत्पाद का अर्थ है—
(अ) कुल उत्पादन   (ब) प्रति इकाई उत्पादन   (स) एक अतिरिक्त इकाई आगत से उत्पादन में परिवर्तन   (द) अधिकतम उत्पादन

मॉडल उत्तर: (स) एक अतिरिक्त इकाई आगत से उत्पादन में परिवर्तन

(iv) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म की माँग वक्र होती है—
(अ) पूर्णतः लोचदार   (ब) पूर्णतः बेलोचदार   (स) ऋणात्मक ढाल वाली   (द) ऊर्ध्वाधर

मॉडल उत्तर: (अ) पूर्णतः लोचदार

(v) बाजार संतुलन उस स्थिति में होता है जब—
(अ) माँग > पूर्ति   (ब) पूर्ति > माँग   (स) माँग = पूर्ति   (द) कीमत = शून्य

मॉडल उत्तर: (स) माँग = पूर्ति

(vi) राष्ट्रीय आय की गणना में उत्पादन विधि को अन्य नाम से कहा जाता है—
(अ) व्यय विधि   (ब) मूल्यवर्धित विधि   (स) आय विधि   (द) बचत विधि

मॉडल उत्तर: (ब) मूल्यवर्धित विधि

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। (6 × 1 = 6)

(i) सीमित साधनों और असीमित आवश्यकताओं के कारण ________ की समस्या उत्पन्न होती है।

मॉडल उत्तर: चयन

(ii) उपभोक्ता की आय तथा वस्तुओं की कीमतों को दर्शाने वाली रेखा को ________ कहते हैं।

मॉडल उत्तर: बजट रेखा

(iii) कुल उत्पाद और श्रम की इकाइयों के अनुपात को ________ कहते हैं।

मॉडल उत्तर: औसत उत्पाद

(iv) जब बाजार में पूर्ति माँग से अधिक हो जाती है, तो उसे ________ कहते हैं।

मॉडल उत्तर: अधिपूर्ति

(v) सकल घरेलू उत्पाद का संक्षिप्त रूप ________ है।

मॉडल उत्तर: GDP

(vi) मजदूरी, किराया, ब्याज और लाभ ________ के उदाहरण हैं।

मॉडल उत्तर: कारक आय

प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए। (6 × 1 = 6)

(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र में संपूर्ण अर्थव्यवस्था का अध्ययन किया जाता है।

मॉडल उत्तर: असत्य

(ii) माँग का नियम कीमत और माँग की मात्रा के बीच विपरीत संबंध बताता है।

मॉडल उत्तर: सत्य

(iii) औसत उत्पाद = कुल उत्पाद ÷ आगत की मात्रा।

मॉडल उत्तर: सत्य

(iv) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म वस्तु की कीमत स्वयं निर्धारित करती है।

मॉडल उत्तर: असत्य

(v) संतुलन कीमत पर माँग और पूर्ति बराबर होती है।

मॉडल उत्तर: सत्य

(vi) GDP घरेलू सीमा के भीतर उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य को मापता है।

मॉडल उत्तर: सत्य

प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। (7 × 1 = 7)

स्तम्भ 'अ' स्तम्भ 'ब'
(i) व्यष्टि अर्थशास्त्र(अ) राष्ट्रीय उत्पादन
(ii) बजट रेखा(ब) व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों का अध्ययन
(iii) सीमांत उत्पाद(स) अतिरिक्त इकाई आगत से उत्पादन में परिवर्तन
(iv) पूर्ण प्रतियोगिता(द) कीमत स्वीकार करने वाली फर्म
(v) संतुलन कीमत(इ) माँग और पूर्ति की समानता
(vi) GDP(फ) आय एवं व्यय का अध्ययन
(vii) आय विधि(ग) उपभोक्ता की क्रय-सीमा

मॉडल उत्तर: (i)-ब, (ii)-ग, (iii)-स, (iv)-द, (v)-इ, (vi)-अ, (vii)-फ

प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए। (7 × 1 = 7)

(i) अर्थव्यवस्था की कोई एक केंद्रीय समस्या लिखिए।

मॉडल उत्तर: क्या उत्पादन किया जाए और कितनी मात्रा में किया जाए, यह अर्थव्यवस्था की केंद्रीय समस्या है।

(ii) उपयोगिता से क्या आशय है?

मॉडल उत्तर: किसी वस्तु या सेवा से उपभोक्ता को प्राप्त होने वाली संतुष्टि को उपयोगिता कहते हैं।

(iii) माँग की कीमत लोच क्या मापती है?

मॉडल उत्तर: माँग की कीमत लोच कीमत में परिवर्तन के कारण माँग की मात्रा में होने वाले परिवर्तन को मापती है।

(iv) स्थिर लागत क्या है?
मॉडल उत्तर: उत्पादन की मात्रा बदलने पर भी जो लागत नहीं बदलती, उसे स्थिर लागत कहते हैं।

(v) पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म को क्या कहा जाता है?
मॉडल उत्तर: पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म को कीमत स्वीकारक कहा जाता है।

(vi) बाजार संतुलन क्या है?
मॉडल उत्तर: जिस कीमत पर बाजार में माँग और पूर्ति बराबर होती है, उसे संतुलन कीमत कहते हैं।

(vii) राष्ट्रीय आय से क्या आशय है?
मॉडल उत्तर: एक लेखा वर्ष में देश के सामान्य निवासियों द्वारा अर्जित शुद्ध कारक आय को राष्ट्रीय आय कहते हैं।

प्रश्न 6 से 15 — प्रत्येक 2 अंक

प्रश्न 6. व्यष्टि एवं समष्टि अर्थशास्त्र में दो अंतर लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): व्यष्टि अर्थशास्त्र व्यक्तिगत उपभोक्ता, फर्म और बाजार का अध्ययन करता है, जबकि समष्टि अर्थशास्त्र राष्ट्रीय आय, रोजगार, सामान्य कीमत स्तर जैसी संपूर्ण अर्थव्यवस्था की समस्याओं का अध्ययन करता है।

प्रश्न 7. बजट सेट से क्या आशय है?

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): उपभोक्ता की आय तथा वस्तुओं की दी हुई कीमतों पर वह जितने विभिन्न वस्तु-संयोजन खरीद सकता है, उन सभी संभावित संयोजनों के समूह को बजट सेट कहते हैं।

प्रश्न 8. माँग के नियम की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): माँग का नियम बताता है कि अन्य बातें समान रहने पर कीमत और माँग की मात्रा में विपरीत संबंध होता है। कीमत बढ़ने पर माँग घटती तथा कीमत घटने पर बढ़ती है।

प्रश्न 9. कुल उत्पाद एवं सीमांत उत्पाद में अंतर बताइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): कुल उत्पाद किसी आगत की निश्चित मात्रा से प्राप्त कुल उत्पादन है, जबकि सीमांत उत्पाद आगत की एक अतिरिक्त इकाई लगाने से कुल उत्पादन में होने वाली अतिरिक्त वृद्धि है।

प्रश्न 10. अल्पकाल एवं दीर्घकाल में अंतर बताइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): अल्पकाल में उत्पादन के कुछ साधन स्थिर रहते हैं और कुछ परिवर्तनीय होते हैं, जबकि दीर्घकाल में सभी उत्पादन साधनों की मात्रा को बदला जा सकता है।

प्रश्न 11. पूर्ण प्रतियोगिता की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): पूर्ण प्रतियोगिता में क्रेताओं और विक्रेताओं की संख्या बहुत अधिक होती है तथा वस्तु समरूप होती है। कोई एक फर्म बाजार कीमत को प्रभावित नहीं कर सकती है।

प्रश्न 12. अधिमाँग और अधिपूर्ति में अंतर बताइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): जब किसी कीमत पर माँग पूर्ति से अधिक होती है, तो अधिमाँग कहलाती है। इसके विपरीत पूर्ति माँग से अधिक होने पर अधिपूर्ति की स्थिति उत्पन्न होती है।

प्रश्न 13. GDP और राष्ट्रीय आय में कोई एक अंतर लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): GDP देश की घरेलू सीमा में उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य को दर्शाता है, जबकि राष्ट्रीय आय देश के सामान्य निवासियों की शुद्ध कारक आय को दर्शाती है।

प्रश्न 14. आय के वर्तुल प्रवाह से क्या आशय है?

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): परिवारों और फर्मों के बीच वस्तुओं, सेवाओं तथा धन का निरंतर आवागमन आय का वर्तुल प्रवाह कहलाता है। इसमें वास्तविक तथा मौद्रिक दोनों प्रकार के प्रवाह शामिल होते हैं।

प्रश्न 15. माँग की कीमत लोच को प्रभावित करने वाले कोई दो कारक लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30 शब्द): माँग की कीमत लोच को स्थानापन्न वस्तुओं की उपलब्धता तथा वस्तु पर आय के खर्च का अनुपात प्रभावित करता है। अधिक स्थानापन्न होने पर माँग सामान्यतः अधिक लोचदार होती है।

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प्रश्न 16. सकारात्मक एवं आदर्शक अर्थशास्त्र में अंतर स्पष्ट कीजिए। (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): सकारात्मक अर्थशास्त्र वास्तविक आर्थिक तथ्यों, घटनाओं तथा उनके कारण-परिणाम का अध्ययन करता है। इसमें बताया जाता है कि अर्थव्यवस्था में वास्तव में क्या हो रहा है। इसके विपरीत आदर्शक अर्थशास्त्र इस बात का अध्ययन करता है कि अर्थव्यवस्था में क्या होना चाहिए। इसमें मूल्य-निर्णय, आदर्श परिस्थितियाँ तथा नीतिगत सुझाव शामिल होते हैं।

अथवा — व्यष्टि अर्थशास्त्र की कोई तीन प्रमुख अध्ययन इकाइयाँ लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): व्यष्टि अर्थशास्त्र व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों का अध्ययन करता है। इसकी प्रमुख अध्ययन इकाइयाँ हैं— (1) उपभोक्ता, जो वस्तुओं एवं सेवाओं की माँग करता है; (2) उत्पादक या फर्म, जो वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन करता है; तथा (3) व्यक्तिगत बाजार, जहाँ माँग, पूर्ति और कीमत का निर्धारण होता है।

प्रश्न 17. उपभोक्ता के इष्टतम चयन से क्या आशय है? (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): उपभोक्ता अपनी सीमित आय और वस्तुओं की दी हुई कीमतों को ध्यान में रखकर ऐसा वस्तु-संयोजन चुनता है जिससे उसे अधिकतम संतुष्टि प्राप्त हो। इस स्थिति को उपभोक्ता का इष्टतम चयन कहते हैं। उदासीनता वक्र विश्लेषण में यह सामान्यतः उस बिंदु पर प्राप्त होता है जहाँ बजट रेखा उच्चतम संभव उदासीनता वक्र को स्पर्श करती है।

अथवा — बजट रेखा में परिवर्तन किन कारणों से हो सकता है?

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): बजट रेखा में परिवर्तन मुख्यतः उपभोक्ता की आय अथवा वस्तुओं की कीमतों में परिवर्तन के कारण होता है। आय बढ़ने पर, कीमतें समान रहने पर, बजट रेखा समानांतर रूप से बाहर की ओर खिसकती है। आय घटने पर यह अंदर की ओर खिसकती है। किसी एक वस्तु की कीमत बदलने पर बजट रेखा का ढाल और एक अंतःखंड बदल जाता है।

प्रश्न 18. कुल उत्पाद, औसत उत्पाद एवं सीमांत उत्पाद को समझाइए। (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): कुल उत्पाद (TP) किसी आगत की निश्चित मात्रा से उत्पादित कुल उत्पादन है। औसत उत्पाद (AP) कुल उत्पाद और आगत की मात्रा का अनुपात है। सीमांत उत्पाद (MP) आगत की एक अतिरिक्त इकाई लगाने से कुल उत्पादन में होने वाला परिवर्तन है। सूत्र के रूप में AP = TP/आगत की मात्रा तथा MP = TP में परिवर्तन/आगत में परिवर्तन।

अथवा — परिवर्ती अनुपात के नियम की कोई तीन अवस्थाएँ लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): परिवर्ती अनुपात नियम की तीन अवस्थाएँ हैं— (1) बढ़ते प्रतिफल की अवस्था, जिसमें सीमांत उत्पाद बढ़ता है; (2) घटते प्रतिफल की अवस्था, जिसमें सीमांत उत्पाद घटता है, लेकिन धनात्मक रहता है; तथा (3) ऋणात्मक प्रतिफल की अवस्था, जिसमें सीमांत उत्पाद ऋणात्मक हो जाता है और कुल उत्पाद घटने लगता है।

प्रश्न 19. बाजार संतुलन से क्या आशय है? संतुलन कीमत कैसे निर्धारित होती है? (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): बाजार में जिस कीमत पर किसी वस्तु की माँग और पूर्ति बराबर हो जाती है, उसे संतुलन कीमत कहते हैं। इस कीमत पर बाजार में न अधिमाँग होती है और न अधिपूर्ति। माँग और पूर्ति वक्र के प्रतिच्छेदन बिंदु पर संतुलन कीमत तथा संतुलन मात्रा निर्धारित होती है। यदि कीमत संतुलन से ऊपर या नीचे हो, तो अधिपूर्ति या अधिमाँग उत्पन्न हो सकती है।

अथवा — उच्चतम निर्धारित कीमत एवं निम्नतम निर्धारित कीमत में अंतर स्पष्ट कीजिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 50–75 शब्द): उच्चतम निर्धारित कीमत सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम कीमत है, जिससे वस्तु की कीमत एक निश्चित सीमा से अधिक न बढ़े। इसके विपरीत निम्नतम निर्धारित कीमत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कीमत है, जिससे कीमत एक निश्चित स्तर से नीचे न जाए। पहली का उद्देश्य उपभोक्ताओं की रक्षा करना तथा दूसरी का उद्देश्य उत्पादकों या विक्रेताओं के हितों की रक्षा करना हो सकता है।

प्रश्न 20. माँग की कीमत लोच को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों को समझाइए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): माँग की कीमत लोच को कई कारक प्रभावित करते हैं। (1) स्थानापन्न वस्तुओं की उपलब्धता—अधिक स्थानापन्न उपलब्ध होने पर माँग अधिक लोचदार होती है। (2) वस्तु की प्रकृति—आवश्यक वस्तुओं की माँग सामान्यतः कम लोचदार तथा विलासिता की वस्तुओं की माँग अधिक लोचदार होती है। (3) आय में व्यय का अनुपात—जिस वस्तु पर आय का बड़ा भाग खर्च होता है, उसकी माँग अधिक लोचदार होती है। (4) समय अवधि—लंबी अवधि में उपभोक्ता विकल्प खोज सकता है, इसलिए माँग अधिक लोचदार हो सकती है।

अथवा — सामान्य एवं निम्नस्तरीय वस्तुओं में अंतर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): सामान्य वस्तु वह वस्तु है जिसकी माँग उपभोक्ता की आय बढ़ने पर बढ़ती है और आय घटने पर घटती है। उदाहरण के लिए अच्छे कपड़े, फल आदि। इसके विपरीत निम्नस्तरीय वस्तु वह वस्तु है जिसकी माँग उपभोक्ता की आय बढ़ने पर घट सकती है, क्योंकि वह बेहतर विकल्प खरीदने लगता है। उदाहरण के लिए कम गुणवत्ता वाला सस्ता अनाज। इस प्रकार सामान्य वस्तु में आय और माँग का संबंध धनात्मक होता है, जबकि निम्नस्तरीय वस्तु में आय और माँग का संबंध सामान्यतः ऋणात्मक होता है।

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प्रश्न 21. पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म के लाभ-अधिकतमीकरण की स्थिति समझाइए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म कीमत स्वीकारक होती है। लाभ-अधिकतमीकरण के लिए मुख्य शर्त MR = MC है। इसके साथ MC वक्र का बढ़ता हुआ होना आवश्यक है। यदि MR > MC, तो उत्पादन बढ़ाने पर लाभ बढ़ता है। यदि MR < MC, तो उत्पादन घटाना लाभकारी होता है। जिस उत्पादन स्तर पर MR और MC बराबर होते हैं तथा MC बढ़ रहा होता है, वहीं फर्म का लाभ अधिकतम होता है। पूर्ण प्रतियोगिता में AR = MR = Price होता है। इसलिए बाजार कीमत के आधार पर फर्म अपना लाभ-अधिकतम उत्पादन स्तर निर्धारित करती है।

अथवा — पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म की पूर्ति वक्र को समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): अल्पकाल में पूर्ण प्रतियोगिता की फर्म की पूर्ति वक्र उसके औसत परिवर्ती लागत (AVC) के न्यूनतम बिंदु के ऊपर स्थित MC वक्र का भाग होती है। फर्म उस स्थिति में उत्पादन करती है जब बाजार कीमत AVC से कम न हो। यदि कीमत AVC के न्यूनतम स्तर से ऊपर है, तो फर्म उत्पादन कर सकती है। यदि कीमत AVC से कम हो जाती है, तो उत्पादन जारी रखने से परिवर्ती लागत भी पूरी नहीं होती, इसलिए फर्म उत्पादन बंद कर देती है। इस न्यूनतम AVC बिंदु को उत्पादन बंदी बिंदु कहा जाता है।

प्रश्न 22. राष्ट्रीय आय की आय विधि को समझाइए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): आय विधि में उत्पादन के साधनों को प्राप्त होने वाली विभिन्न कारक आयों को जोड़कर राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया जाता है। इसमें कर्मचारियों का पारिश्रमिक या मजदूरी, किराया, ब्याज, लाभ तथा मिश्रित आय प्रमुख घटक हैं। इन कारक आयों का योग उत्पादन प्रक्रिया में भाग लेने वाले साधनों द्वारा अर्जित आय को दर्शाता है। राष्ट्रीय आय की गणना करते समय केवल वर्तमान उत्पादन के बदले प्राप्त कारक आय को शामिल किया जाता है। हस्तांतरण भुगतान को इसमें शामिल नहीं किया जाता, क्योंकि वे वर्तमान उत्पादन के बदले प्राप्त नहीं होते। इस प्रकार कारक आयों का योग राष्ट्रीय आय के अनुमान का आधार बनता है।

अथवा — राष्ट्रीय आय की व्यय विधि को समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): व्यय विधि में एक लेखा वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं पर किए गए अंतिम व्यय को जोड़ा जाता है। इसके प्रमुख घटक हैं—निजी अंतिम उपभोग व्यय (C), निवेश व्यय (I), सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (G) तथा शुद्ध निर्यात (X−M)। इसका सूत्र है— GDP = C + I + G + (X−M)। इसमें केवल अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं पर किए गए व्यय को शामिल किया जाता है ताकि मध्यवर्ती वस्तुओं की दोहरी गणना न हो। इस प्रकार अंतिम व्यय के आधार पर राष्ट्रीय उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है।

प्रश्न 23. GDP और आर्थिक कल्याण के बीच संबंध स्पष्ट कीजिए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): GDP में वृद्धि सामान्यतः अर्थव्यवस्था में वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन में वृद्धि को दर्शाती है। इससे आय, रोजगार और उपभोग के अवसर बढ़ सकते हैं तथा लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सकता है। इसलिए GDP आर्थिक गतिविधियों और कल्याण का महत्वपूर्ण संकेतक है। लेकिन GDP आर्थिक कल्याण का पूर्ण माप नहीं है। इसमें आय का वितरण, पर्यावरणीय प्रदूषण, अवकाश, घरेलू सेवाएँ तथा उत्पादन की गुणवत्ता जैसी बातों को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया जाता। इसलिए केवल GDP में वृद्धि को आर्थिक कल्याण में वृद्धि का पूर्ण प्रमाण नहीं माना जा सकता।

अथवा — उत्पाद/मूल्यवर्धित विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना को समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): मूल्यवर्धित विधि में उत्पादन के प्रत्येक चरण पर जोड़े गए मूल्य की गणना की जाती है। किसी उत्पादक के उत्पादन के मूल्य में से मध्यवर्ती उपभोग का मूल्य घटाने पर मूल्यवर्धित प्राप्त होता है। इसका सूत्र है— मूल्यवर्धित = उत्पादन का मूल्य − मध्यवर्ती उपभोग। अर्थव्यवस्था के विभिन्न उत्पादन क्षेत्रों द्वारा किए गए मूल्यवर्धन को जोड़कर सकल घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है। इस विधि में केवल अंतिम उत्पादन या प्रत्येक चरण का मूल्यवर्धन शामिल किया जाता है, जिससे दोहरी गणना की समस्या से बचा जा सके। इस प्रकार उत्पादन के आधार पर राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया जाता है।

अंक-विभाजन

प्रश्न प्रकार कुल अंक
1सही विकल्प6
2रिक्त स्थान6
3सत्य/असत्य6
4सही जोड़ी7
5एक वाक्य में उत्तर7
6–152 अंक वाले प्रश्न20
16–193 अंक वाले प्रश्न12
20–234 अंक वाले प्रश्न16
कुल80
⚠️ प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर संबंधी Disclaimer

यह प्रश्नपत्र अभ्यास एवं मॉडल पेपर के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे उपलब्ध कराई गई पाठ्यक्रम एवं MP Board द्वारा दी गई अंक योजना/प्रश्न-पत्र संरचना के आधार पर शैक्षणिक अभ्यास के लिए तैयार किया गया है।

यह आवश्यक नहीं है कि वास्तविक त्रैमासिक परीक्षा में यही प्रश्न अथवा इसी क्रम में प्रश्न पूछे जाएँ। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की भाषा, क्रम, कठिनाई स्तर एवं प्रश्नों का चयन संबंधित विभाग/विद्यालय द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।

दिए गए मॉडल उत्तर निर्धारित अंक एवं सामान्य अपेक्षित शब्द-सीमा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। विद्यार्थियों को उत्तर में प्रश्न से संबंधित मुख्य अवधारणाएँ, परिभाषाएँ, कारण, अंतर, सूत्र एवं आवश्यक उदाहरण स्पष्ट रूप से लिखने चाहिए।

मॉडल उत्तर को किसी भी स्थिति में एकमात्र स्वीकार्य उत्तर न माना जाए। विषयवस्तु की दृष्टि से सही एवं उपयुक्त शब्दों में लिखे गए अन्य उत्तर भी मूल्यांकन में मान्य हो सकते हैं। अंतिम मूल्यांकन संबंधित परीक्षा की आधिकारिक अंक योजना एवं मूल्यांकन निर्देशों के अनुसार होगा।

परीक्षा से संबंधित नवीनतम पाठ्यक्रम, अंक योजना एवं विभागीय निर्देशों के लिए संबंधित विभाग/माध्यमिक शिक्षा मण्डल के आधिकारिक निर्देशों को ही अंतिम एवं मान्य माना जाए।

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