MP Board कक्षा 12वीं जीव विज्ञान त्रैमासिक परीक्षा 2026-27: मॉडल पेपर (हल सहित)

MP Board कक्षा 12वीं जीव विज्ञान त्रैमासिक परीक्षा 2026-27: मॉडल पेपर (हल सहित)
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश के नवीनतम ब्लूप्रिंट एवं पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 12वीं जीव विज्ञान (Biology) का त्रैमासिक परीक्षा मॉडल प्रश्नपत्र उत्तर सहित तैयार किया गया है:

  • पूर्णांक: 70 अंक | समय: 3:00 घंटे
  • वस्तुनिष्ठ प्रश्न (28 अंक): प्रश्न 1 से 5 (सही विकल्प - 6, रिक्त स्थान - 6, सत्य/असत्य - 6, सही जोड़ी - 5, एक वाक्य में उत्तर - 5 — प्रत्येक 1 अंक)
  • अति लघु उत्तरीय (14 अंक): प्रश्न 6 से 12 (कुल 7 प्रश्न, प्रत्येक 2 अंक, शब्द सीमा ~30-40 शब्द)
  • लघु उत्तरीय (12 अंक): प्रश्न 13 से 16 (कुल 4 प्रश्न, प्रत्येक 3 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)
  • दीर्घ उत्तरीय / विश्लेषणात्मक (16 अंक): प्रश्न 17 से 20 (कुल 4 प्रश्न, प्रत्येक 4 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)

शामिल पाठ्यक्रम व इकाइयाँ:

  • इकाई 1 (जनन): पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन, मानव जनन, जनन स्वास्थ्य
  • इकाई 2 (आनुवंशिकी तथा विकास): वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत, वंशागति के आणविक आधार
  • पारिस्थितिकी: अध्याय 12 — पारितंत्र (Ecosystem)
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कक्षा 12वीं जीव विज्ञान त्रैमासिक परीक्षा मॉडल पेपर 2026
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2026–27
कक्षा: 12वीं   |   विषय: जीव विज्ञान
समय: 3:00 घंटे   |   पूर्णांक: 70
त्रैमासिक परीक्षा हेतु उपलब्ध पाठ्यक्रम

इकाई–1 : जनन

अध्याय 1 — पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन: पुष्प, पुंकेसर एवं परागकण, स्त्रीकेसर, बीजांड, परागण, निषेचन, द्विनिषेचन, भ्रूण एवं भ्रूणपोष, बीज एवं फल निर्माण।

अध्याय 2 — मानव जनन: नर एवं मादा जनन तंत्र, युग्मकजनन, शुक्राणुजनन, अंडजनन, मासिक चक्र, निषेचन, भ्रूण विकास, गर्भावस्था एवं प्रसव।

अध्याय 3 — जनन स्वास्थ्य: जनन स्वास्थ्य का महत्व, जननांग संक्रमण, गर्भनिरोधक विधियाँ, चिकित्सकीय गर्भसमापन तथा सहायक जनन प्रौद्योगिकियाँ।

इकाई–2 : आनुवंशिकी तथा विकास

अध्याय 4 — वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत: मेंडल के नियम, संकरण, प्रभुत्व, पृथक्करण, स्वतंत्र अपव्यूहन, वंशागति के विचलन एवं लिंग निर्धारण।

अध्याय 5 — वंशागति के आणविक आधार: DNA एवं RNA की संरचना, DNA प्रतिकृति, अनुलेखन, अनुवादन, आनुवंशिक कूट तथा जीन अभिव्यक्ति का नियमन।

अध्याय 12 — पारितंत्र: पारितंत्र की संरचना एवं कार्य, उत्पादक, उपभोक्ता एवं अपघटक, खाद्य श्रृंखला, खाद्य जाल, पारिस्थितिक पिरामिड, ऊर्जा प्रवाह एवं पोषक चक्र।

परीक्षार्थियों के लिए निर्देश
  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
  2. प्रश्न 1 से 5 तक कुल 28 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।
  3. प्रश्न 6 से 12 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
  4. प्रश्न 13 से 16 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है तथा प्रत्येक में अथवा प्रश्न दिया गया है।
  5. प्रश्न 17 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है तथा प्रत्येक में अथवा प्रश्न दिया गया है।
  6. जहाँ आवश्यक हो, स्वच्छ एवं नामांकित जैविक आरेख बनाइए।
  7. उत्तर लिखते समय वैज्ञानिक शब्दावली एवं आवश्यक उदाहरणों का प्रयोग कीजिए।

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। (6 × 1 = 6)

(i) पुष्प में नर युग्मक का निर्माण किसमें होता है?
(अ) बीजांड   (ब) परागकण   (स) वर्तिकाग्र   (द) अंडाशय

मॉडल उत्तर: (ब) परागकण

(ii) मनुष्य में निषेचन सामान्यतः कहाँ होता है?
(अ) गर्भाशय   (ब) योनि   (स) अंडवाहिनी की ऐम्पुलरी-इस्थमिक संधि   (द) अंडाशय

मॉडल उत्तर: (स) अंडवाहिनी की ऐम्पुलरी-इस्थमिक संधि

(iii) मेंडल ने अपने प्रयोग मुख्यतः किस पौधे पर किए थे?
(अ) मक्का   (ब) गेहूँ   (स) मटर   (द) चावल

मॉडल उत्तर: (स) मटर

(iv) DNA की द्विकुंडली संरचना का प्रतिपादन किसने किया?
(अ) डार्विन एवं लैमार्क   (ब) वॉटसन एवं क्रिक   (स) मेंडल एवं मॉर्गन   (द) मेसेलसन एवं स्टाल

मॉडल उत्तर: (ब) वॉटसन एवं क्रिक

(v) DNA में एडेनिन किस नाइट्रोजनी क्षारक के साथ युग्म बनाता है?
(अ) ग्वानिन   (ब) साइटोसिन   (स) थाइमिन   (द) यूरेसिल

मॉडल उत्तर: (स) थाइमिन

(vi) पारितंत्र में ऊर्जा का मुख्य स्रोत है—
(अ) मृदा   (ब) जल   (स) सूर्य   (द) वायु

मॉडल उत्तर: (स) सूर्य

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। (6 × 1 = 6)

(i) परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण ________ कहलाता है।

मॉडल उत्तर: परागण

(ii) मनुष्य में शुक्राणुओं का निर्माण ________ में होता है।

मॉडल उत्तर: वृषण की शुक्रजनन नलिकाओं

(iii) एक जीन के वैकल्पिक रूपों को ________ कहते हैं।

मॉडल उत्तर: युग्मविकल्पी (Alleles)

(iv) DNA की प्रतिकृति का स्वरूप ________ संरक्षी होता है।

मॉडल उत्तर: अर्ध-संरक्षी

(v) DNA से RNA बनने की प्रक्रिया ________ कहलाती है।

मॉडल उत्तर: अनुलेखन

(vi) पारितंत्र में मृत कार्बनिक पदार्थों को विघटित करने वाले जीव ________ कहलाते हैं।

मॉडल उत्तर: अपघटक

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प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए। (6 × 1 = 6)

(i) द्विनिषेचन केवल आवृतबीजी पौधों में पाया जाता है।

मॉडल उत्तर: सत्य

(ii) मानव नर में अंडाणु बनते हैं।

मॉडल उत्तर: असत्य

(iii) मेंडल का पृथक्करण का नियम युग्मविकल्पियों के पृथक्करण से संबंधित है।

मॉडल उत्तर: सत्य

(iv) RNA में थाइमिन पाया जाता है।

मॉडल उत्तर: असत्य

(v) DNA प्रतिकृति के दौरान दोनों DNA शृंखलाएँ टेम्पलेट का कार्य कर सकती हैं।

मॉडल उत्तर: सत्य

(vi) खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह द्विदिशीय होता है।

मॉडल उत्तर: असत्य

प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। (5 × 1 = 5)

स्तम्भ 'अ' स्तम्भ 'ब'
(i) परागण (अ) DNA से RNA
(ii) शुक्रजनन (ब) परागकण का स्थानांतरण
(iii) अनुलेखन (स) शुक्राणु निर्माण
(iv) मेंडल (द) आनुवंशिकी
(v) अपघटक (इ) जीवाणु एवं कवक

मॉडल उत्तर: (i)-ब, (ii)-स, (iii)-अ, (iv)-द, (v)-इ

प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए। (5 × 1 = 5)

(i) द्विनिषेचन क्या है?
मॉडल उत्तर: आवृतबीजी पौधों में एक नर युग्मक का अंड कोशिका से तथा दूसरे का द्वितीयक केंद्रक से संलयन द्विनिषेचन कहलाता है।

(ii) जनन स्वास्थ्य से क्या आशय है?
मॉडल उत्तर: जनन से संबंधित शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से स्वस्थ अवस्था को जनन स्वास्थ्य कहते हैं।

(iii) जीन क्या है?
मॉडल उत्तर: DNA का वह कार्यात्मक खंड जो किसी विशेष लक्षण या प्रोटीन के लिए आनुवंशिक सूचना रखता है, जीन कहलाता है।

(iv) आनुवंशिक कूट क्या है?
मॉडल उत्तर: mRNA पर तीन-तीन न्यूक्लियोटाइडों के क्रम को आनुवंशिक कूट या कोडॉन कहते हैं, जो किसी अमीनो अम्ल का निर्धारण करता है।

(v) खाद्य श्रृंखला क्या है?
मॉडल उत्तर: पारितंत्र में भोजन तथा ऊर्जा के स्थानांतरण का क्रमिक मार्ग खाद्य श्रृंखला कहलाता है।

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प्रश्न 6 से 12 — प्रत्येक 2 अंक

प्रश्न 6. स्वपरागण एवं परपरागण में अंतर लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30–40 शब्द): स्वपरागण में एक ही पुष्प या उसी पौधे के पुष्पों के बीच परागकणों का स्थानांतरण होता है। परपरागण में एक पौधे के पुष्प से दूसरे पौधे के पुष्प तक परागकण पहुँचते हैं।

प्रश्न 7. शुक्रजनन क्या है? यह कहाँ होता है?

मॉडल उत्तर (लगभग 30–40 शब्द): नर जनन कोशिकाओं अर्थात् शुक्राणुओं के निर्माण की प्रक्रिया शुक्रजनन कहलाती है। मनुष्य में यह वृषण की शुक्रजनन नलिकाओं में होती है और यौवनारंभ के बाद सक्रिय होती है।

प्रश्न 8. किसी भी दो गर्भनिरोधक विधियों के नाम लिखिए।

मॉडल उत्तर: दो गर्भनिरोधक विधियाँ हैं— (1) कंडोम तथा (2) अंतर्गर्भाशयी युक्ति (IUD)। इनके अतिरिक्त मौखिक गर्भनिरोधक गोलियाँ एवं शल्य विधियाँ भी अपनाई जाती हैं।

प्रश्न 9. मेंडल के पृथक्करण के नियम को समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 30–40 शब्द): किसी लक्षण के दोनों युग्मविकल्पी युग्मक निर्माण के समय एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं और प्रत्येक युग्मक में केवल एक युग्मविकल्पी पहुँचता है। इसे पृथक्करण का नियम कहते हैं।

प्रश्न 10. DNA एवं RNA में दो अंतर लिखिए।

मॉडल उत्तर: DNA में शर्करा डीऑक्सीराइबोज तथा RNA में राइबोज होती है। DNA में थाइमिन पाया जाता है, जबकि RNA में थाइमिन के स्थान पर यूरेसिल पाया जाता है।

प्रश्न 11. अनुलेखन एवं अनुवादन में अंतर बताइए।

मॉडल उत्तर: DNA की सूचना से RNA बनने की प्रक्रिया अनुलेखन है, जबकि mRNA की सूचना के आधार पर राइबोसोम पर प्रोटीन बनने की प्रक्रिया अनुवादन कहलाती है।

प्रश्न 12. पारितंत्र के जैविक घटक कौन-कौन से हैं?

मॉडल उत्तर: पारितंत्र के जैविक घटक मुख्यतः उत्पादक, उपभोक्ता तथा अपघटक हैं। उत्पादक अपना भोजन बनाते हैं, उपभोक्ता अन्य जीवों पर निर्भर होते हैं तथा अपघटक मृत कार्बनिक पदार्थों को विघटित करते हैं।

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प्रश्न 13. द्विनिषेचन की प्रक्रिया को समझाइए। (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): आवृतबीजी पौधों में परागनलिका दो नर युग्मकों को भ्रूणकोष तक पहुँचाती है। एक नर युग्मक अंड कोशिका से संलयित होकर युग्मनज बनाता है, जिसे युग्मक-संलयन कहते हैं। दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयित होकर प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक बनाता है। इन दोनों संलयनों के कारण इसे द्विनिषेचन कहते हैं।

अथवा — परागण की परिभाषा देते हुए इसके प्रकार लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): परागकोष से परागकणों के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण को परागण कहते हैं। इसके दो प्रमुख प्रकार हैं— (1) स्वपरागण, जिसमें उसी पुष्प या उसी पौधे के पुष्पों के बीच परागण होता है तथा (2) परपरागण, जिसमें एक पौधे के पुष्प से दूसरे पौधे के पुष्प तक परागकण पहुँचते हैं।

प्रश्न 14. मानव मादा जनन तंत्र के प्रमुख अंगों के नाम एवं कार्य लिखिए। (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): मानव मादा जनन तंत्र में अंडाशय, अंडवाहिनी, गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा एवं योनि प्रमुख अंग हैं। अंडाशय अंडाणु तथा हार्मोन बनाते हैं। अंडवाहिनी अंडाणु को गर्भाशय की ओर ले जाती है और सामान्यतः निषेचन का स्थान है। गर्भाशय भ्रूण के आरोपण एवं विकास का स्थान है, जबकि योनि प्रसव मार्ग तथा मैथुन अंग के रूप में कार्य करती है।

अथवा — मासिक चक्र की प्रमुख अवस्थाएँ लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): मानव मादा में मासिक चक्र लगभग 28 दिनों का माना जाता है। इसकी प्रमुख अवस्थाएँ हैं— मासिक अवस्था, पुटकीय/प्रसार अवस्था, अंडोत्सर्ग तथा ल्यूटियल अवस्था। FSH एवं LH अंडाशयी घटनाओं को नियंत्रित करते हैं। लगभग मध्य चक्र में LH के तीव्र स्राव से अंडोत्सर्ग होता है। निषेचन न होने पर हार्मोन स्तर घटते हैं और पुनः मासिक धर्म आरंभ हो जाता है।

प्रश्न 15. मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम को समझाइए। (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम के अनुसार दो या अधिक लक्षणों के युग्मविकल्पी युग्मक निर्माण के समय एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से अलग होते हैं और विभिन्न युग्मकों में स्वतंत्र रूप से संयोजित हो सकते हैं। द्विसंकर संकरण में F2 पीढ़ी का सामान्य फीनोटाइपिक अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 प्राप्त होता है।

अथवा — अपूर्ण प्रभुत्व को उदाहरण सहित समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): जब विषमयुग्मजी अवस्था में कोई भी युग्मविकल्पी पूर्ण रूप से प्रभावी न होकर मध्यवर्ती लक्षण उत्पन्न करता है, तो इसे अपूर्ण प्रभुत्व कहते हैं। उदाहरण के लिए मिराबिलिस जलापा में लाल (RR) तथा सफेद (rr) पुष्पों के संकरण से F1 में गुलाबी (Rr) पुष्प प्राप्त होते हैं। F2 में अनुपात 1 : 2 : 1 मिलता है।

प्रश्न 16. DNA की संरचना की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। (3 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): DNA दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड शृंखलाओं से बना द्विकुंडलित अणु है। दोनों शृंखलाएँ प्रतिसमानांतर होती हैं। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड में डीऑक्सीराइबोज शर्करा, फॉस्फेट तथा नाइट्रोजनी क्षारक होता है। एडेनिन थाइमिन से दो तथा ग्वानिन साइटोसिन से तीन हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ता है। DNA की दोनों शृंखलाएँ पूरक होती हैं।

अथवा — DNA प्रतिकृति को अर्ध-संरक्षी क्यों कहते हैं?

मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): DNA प्रतिकृति में DNA की दोनों पुरानी शृंखलाएँ अलग होकर प्रत्येक नई पूरक शृंखला के निर्माण के लिए टेम्पलेट का कार्य करती हैं। परिणामस्वरूप बनने वाले प्रत्येक DNA अणु में एक पुरानी तथा एक नई शृंखला होती है। इसलिए DNA प्रतिकृति को अर्ध-संरक्षी प्रतिकृति कहा जाता है।

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प्रश्न 17. मानव नर जनन तंत्र का वर्णन कीजिए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): मानव नर जनन तंत्र में वृषण, सहायक नलिकाएँ, सहायक ग्रंथियाँ तथा बाह्य जननांग शामिल हैं। वृषण उदर गुहा के बाहर अंडकोश में स्थित होते हैं तथा इनमें शुक्रजनन नलिकाएँ पाई जाती हैं, जहाँ शुक्राणुओं का निर्माण होता है। वृषण टेस्टोस्टेरोन हार्मोन भी स्रावित करते हैं। शुक्राणु शुक्रजनन नलिकाओं से रेटे टेस्टिस, वासा एफेरेंशिया तथा अधिवृषण से होकर शुक्रवाहिनी में पहुँचते हैं। वीर्य पुटिकाएँ, प्रोस्टेट ग्रंथि एवं बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियाँ वीर्य के निर्माण में योगदान देती हैं। लिंग मैथुन तथा वीर्य के स्थानांतरण का बाह्य अंग है।

अथवा — मानव में शुक्रजनन की प्रक्रिया समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): शुक्रजनन वृषण की शुक्रजनन नलिकाओं में शुक्राणुओं के निर्माण की प्रक्रिया है। डिप्लॉयड शुक्रजनक कोशिकाएँ समसूत्री विभाजन द्वारा संख्या बढ़ाती हैं। प्राथमिक शुक्राणुकोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन-I द्वारा द्वितीयक शुक्राणुकोशिकाएँ बनाती हैं। ये अर्धसूत्री विभाजन-II द्वारा शुक्राणुप्रसू बनाती हैं। शुक्राणुप्रसू का रूपांतरण शुक्राणुओं में शुक्राणुजनन कहलाता है। Sertoli कोशिकाएँ विकासशील शुक्राणुओं को पोषण देती हैं। LH लेयडिग कोशिकाओं को टेस्टोस्टेरोन स्रावित करने के लिए प्रेरित करता है तथा FSH शुक्रजनन में सहायता करता है।

प्रश्न 18. मेंडल के एकसंकर संकरण को उदाहरण सहित समझाइए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): मेंडल ने मटर के पौधे में एक जोड़ी विपरीत लक्षणों को लेकर एकसंकर संकरण किया। उदाहरण के लिए लंबे (TT) तथा बौने (tt) पौधों के संकरण से F1 पीढ़ी में सभी पौधे लंबे (Tt) प्राप्त हुए। F1 पौधों के स्वपरागण से F2 में TT, Tt, Tt तथा tt प्राप्त हुए। अतः जीनोटाइपिक अनुपात 1 : 2 : 1 तथा फीनोटाइपिक अनुपात 3 : 1 प्राप्त हुआ। इससे प्रभुत्व तथा पृथक्करण के नियम की पुष्टि हुई।

अथवा — लिंग-सहलग्न वंशागति को उदाहरण सहित समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): ऐसे लक्षण जिनके जीन लिंग गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं, उनकी वंशागति को लिंग-सहलग्न वंशागति कहते हैं। मनुष्य में हीमोफीलिया तथा वर्णांधता इसके उदाहरण हैं। X-गुणसूत्र पर स्थित अप्रभावी जीन के कारण ये लक्षण सामान्यतः पुरुषों में अधिक दिखाई देते हैं क्योंकि पुरुषों में केवल एक X गुणसूत्र होता है। वाहक महिला सामान्यतः स्वस्थ रहती है, लेकिन उसका पुत्र रोगग्रस्त हो सकता है। इस प्रकार लक्षण का संचरण माता से पुत्र में दिखाई दे सकता है।

प्रश्न 19. अनुलेखन की प्रक्रिया को समझाइए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): DNA की एक शृंखला को टेम्पलेट बनाकर RNA के निर्माण की प्रक्रिया अनुलेखन कहलाती है। RNA पॉलिमरेज एंजाइम DNA के प्रमोटर क्षेत्र से जुड़ता है। DNA का एक भाग खुलता है और टेम्पलेट शृंखला के पूरक न्यूक्लियोटाइड जुड़कर RNA शृंखला बनाते हैं। RNA का निर्माण 5′ से 3′ दिशा में होता है। यूकैरियोटिक कोशिकाओं में प्राथमिक RNA में कैपिंग, टेलिंग तथा स्प्लाइसिंग के बाद परिपक्व mRNA बनता है। यह mRNA केंद्रक से बाहर आकर राइबोसोम तक पहुँचता है और आगे प्रोटीन संश्लेषण के लिए आनुवंशिक सूचना प्रदान करता है।

अथवा — आनुवंशिक कूट की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): आनुवंशिक कूट mRNA के न्यूक्लियोटाइडों का वह क्रम है जो प्रोटीन में अमीनो अम्लों का क्रम निर्धारित करता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं— (1) यह त्रिक होता है अर्थात् तीन न्यूक्लियोटाइड एक कोडॉन बनाते हैं, (2) यह लगभग सार्वत्रिक है, (3) यह अपह्रासित है अर्थात् एक अमीनो अम्ल के लिए एक से अधिक कोडॉन हो सकते हैं, (4) AUG प्रारंभ कोडॉन है तथा मेथियोनीन के लिए कूट करता है, और (5) UAA, UAG तथा UGA स्टॉप कोडॉन हैं।

प्रश्न 20. पारितंत्र की संरचना एवं कार्यों को समझाइए। (4 अंक)

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): पारितंत्र एक क्रियात्मक इकाई है जिसमें जैविक तथा अजैविक घटक परस्पर क्रिया करते हैं। अजैविक घटकों में प्रकाश, तापमान, जल, वायु, मृदा तथा खनिज आदि शामिल हैं। जैविक घटकों में उत्पादक, उपभोक्ता तथा अपघटक होते हैं। हरे पौधे उत्पादक हैं, शाकाहारी एवं मांसाहारी उपभोक्ता हैं तथा जीवाणु एवं कवक प्रमुख अपघटक हैं। पारितंत्र के प्रमुख कार्यों में ऊर्जा का प्रवाह, उत्पादकता, अपघटन तथा पोषक तत्वों का चक्रीकरण शामिल हैं। सूर्य से प्राप्त ऊर्जा उत्पादकों से उपभोक्ताओं तक खाद्य श्रृंखला के माध्यम से प्रवाहित होती है।

अथवा — खाद्य श्रृंखला एवं खाद्य जाल में अंतर समझाइए।

मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): जीवों के बीच भोजन एवं ऊर्जा के स्थानांतरण का क्रमिक मार्ग खाद्य श्रृंखला कहलाता है। इसमें ऊर्जा एक निश्चित क्रम में उत्पादक से उपभोक्ताओं तक पहुँचती है, जैसे— घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज। इसके विपरीत एक पारितंत्र में अनेक खाद्य श्रृंखलाएँ आपस में जुड़कर खाद्य जाल बनाती हैं। खाद्य जाल अधिक जटिल तथा स्थायी होता है क्योंकि किसी एक जीव के लिए अनेक भोजन विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।

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प्रश्नपत्र का अंक-विभाजन

प्रश्न प्रश्न का प्रकार कुल अंक
1 सही विकल्प — 6 6
2 रिक्त स्थान — 6 6
3 सत्य/असत्य — 6 6
4 सही जोड़ी — 5 5
5 एक वाक्य में उत्तर — 5 5
6–12 2 अंक वाले प्रश्न 14
13–16 3 अंक वाले प्रश्न 12
17–20 4 अंक वाले प्रश्न 16
कुल 70
⚠️ प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर संबंधी Disclaimer

यह प्रश्नपत्र अभ्यास एवं मॉडल पेपर के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे उपलब्ध कराए गए कक्षा 12वीं जीव विज्ञान के पाठ्यक्रम तथा MP Board द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रश्न-पत्र संरचना/अंक योजना के आधार पर शैक्षणिक अभ्यास के लिए तैयार किया गया है।

यह आवश्यक नहीं है कि वास्तविक त्रैमासिक परीक्षा में यही प्रश्न, यही आरेख अथवा इसी क्रम में प्रश्न पूछे जाएँ। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की भाषा, क्रम, कठिनाई स्तर, आरेख एवं प्रश्नों का चयन संबंधित विभाग/विद्यालय के निर्देशों के अनुसार अलग हो सकता है।

दिए गए मॉडल उत्तर प्रश्न के निर्धारित अंक एवं सामान्य अपेक्षित उत्तर-सीमा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। जीव विज्ञान में जहाँ आवश्यक हो वहाँ परिभाषा, वैज्ञानिक नाम/शब्दावली, प्रक्रिया के चरण, उदाहरण तथा स्वच्छ एवं नामांकित आरेख बनाना उत्तर को पूर्ण बनाने में सहायक होता है।

मॉडल उत्तर को किसी भी स्थिति में एकमात्र स्वीकार्य उत्तर न माना जाए। विषयवस्तु की दृष्टि से सही अन्य उत्तर, वैकल्पिक वैज्ञानिक व्याख्या अथवा उपयुक्त उदाहरण भी मूल्यांकन में स्वीकार्य हो सकते हैं। अंतिम मूल्यांकन संबंधित परीक्षा की आधिकारिक अंक योजना एवं मूल्यांकन निर्देशों के अनुसार होगा।

परीक्षा से संबंधित नवीनतम पाठ्यक्रम, अंक योजना एवं विभागीय निर्देशों के लिए संबंधित विभाग/माध्यमिक शिक्षा मण्डल के आधिकारिक निर्देशों को ही अंतिम एवं मान्य माना जाए।

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