MP Board कक्षा 12वीं इतिहास त्रैमासिक परीक्षा 2026-27: मॉडल पेपर (हल सहित)
MP Board Class 12th History Quarterly Exam 2026 Model Paper Solution PDFकक्षा 12वीं इतिहास त्रैमासिक परीक्षा 2026 मॉडल पेपर (संपूर्ण हल एवं मानचित्र सहित)
MP Board 12th History Trimasik Pariksha Model Paper 2026-27
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश के नवीनतम ब्लूप्रिंट एवं पाठ्यक्रम पर आधारित कक्षा 12वीं इतिहास (History) का त्रैमासिक परीक्षा मॉडल प्रश्नपत्र उत्तर सहित तैयार किया गया है:
- पूर्णांक: 80 अंक | समय: 3:00 घंटे
- वस्तुनिष्ठ प्रश्न (32 अंक): प्रश्न 1 से 5 (सही विकल्प - 6, रिक्त स्थान - 6, सत्य/असत्य - 6, सही जोड़ी - 7, एक वाक्य में उत्तर - 7 — प्रत्येक 1 अंक)
- अति लघु उत्तरीय (20 अंक): प्रश्न 6 से 15 (कुल 10 प्रश्न, प्रत्येक 2 अंक, शब्द सीमा ~30-40 शब्द)
- लघु उत्तरीय (15 अंक): प्रश्न 16 से 20 (कुल 5 प्रश्न, प्रत्येक 3 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)
- दीर्घ उत्तरीय (8 अंक): प्रश्न 21 एवं 22 (कुल 2 प्रश्न, प्रत्येक 4 अंक, आंतरिक विकल्प सहित)
- मानचित्र कार्य (5 अंक): प्रश्न 23 (भारत के मानचित्र पर ऐतिहासिक स्थल अंकन / दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों हेतु वैकल्पिक प्रश्न)
शामिल पाठ्यक्रम व इकाइयाँ:
- इकाई 1: ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ — हड़प्पा सभ्यता
- इकाई 2: राजा, किसान और नगर — आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ
- इकाई 3: बंधुत्व, जाति तथा वर्ग — आरंभिक समाज
- इकाई 4: विचारक, विश्वास और इमारतें — सांस्कृतिक विकास
- इकाई 5: यात्रियों के नजरिए — समाज के बारे में उनकी समझ (अल-बिरूनी, इब्न बतूता, बर्नियर)
- इकाई 6: भक्ति-सूफी परंपराएँ — धार्मिक विश्वासों में बदलाव और श्रद्धा ग्रंथ
समय: 3:00 घंटे | पूर्णांक: 80
इकाई–1 : ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ — हड़प्पा सभ्यता
हड़प्पा सभ्यता का उद्भव, नगर योजना, भवन निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, कृषि एवं पशुपालन, शिल्प उत्पादन, व्यापार, सामाजिक संगठन, धार्मिक विश्वास, मुहरें एवं लिपि तथा सभ्यता के पतन से संबंधित प्रमुख तथ्य।
इकाई–2 : राजा, किसान और नगर — आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ (लगभग 600 ई.पू. से 600 ई.)
महाजनपद, मौर्य साम्राज्य, राज्य निर्माण, कृषि, कर व्यवस्था, नगरों का विकास, व्यापार एवं शिल्प तथा अभिलेखीय स्रोत।
इकाई–3 : बंधुत्व, जाति तथा वर्ग — आरंभिक समाज (लगभग 600 ई.पू. से 600 ई.)
परिवार एवं बंधुत्व, पितृवंशीय व्यवस्था, विवाह, जाति एवं वर्ण व्यवस्था, सामाजिक वर्ग तथा महाभारत से प्राप्त सामाजिक जानकारी।
इकाई–4 : विचारक, विश्वास और इमारतें — सांस्कृतिक विकास (लगभग 600 ई.पू. से 600 ई.)
बौद्ध एवं जैन परंपराएँ, धार्मिक विचार, स्तूप, विहार, मंदिर तथा धार्मिक स्थापत्य का विकास।
इकाई–5 : यात्रियों के नजरिए — समाज के बारे में उनकी समझ (लगभग 10वीं से 17वीं सदी)
विदेशी यात्रियों के विवरण, अल-बिरूनी, इब्न बतूता तथा फ्रांस्वा बर्नियर के भारत संबंधी वर्णन।
इकाई–6 : भक्ति-सूफी परंपराएँ — धार्मिक विश्वासों में बदलाव और श्रद्धा ग्रंथ (लगभग 8वीं से 18वीं सदी)
भक्ति आंदोलन, संत परंपरा, सूफी सिलसिले, खानकाह, कबीर, गुरु नानक तथा धार्मिक विचारों में परिवर्तन।
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रश्न 1 से 5 तक कुल 32 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।
- प्रश्न 6 से 15 तक प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
- प्रश्न 16 से 20 तक प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है।
- प्रश्न 21 एवं 22 प्रत्येक 4 अंक के हैं।
- प्रश्न 23 भारत के मानचित्र पर आधारित 5 अंकों का प्रश्न है।
- दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न 23 के स्थान पर दिए गए वैकल्पिक सैद्धांतिक प्रश्न हल करना होगा।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए। (6 × 1 = 6)
(i) हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख नगर कौन-सा था?
(अ) पाटलिपुत्र (ब) मोहनजोदड़ो (स) तक्षशिला (द) उज्जैन
मॉडल उत्तर: (ब) मोहनजोदड़ो
(ii) मौर्य साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था?
(अ) कनिष्क (ब) अशोक (स) समुद्रगुप्त (द) हर्ष
मॉडल उत्तर: (ब) अशोक
(iii) महाभारत का संबंध मुख्यतः किस वंश से माना जाता है?
(अ) मौर्य (ब) सातवाहन (स) कुरु (द) गुप्त
मॉडल उत्तर: (स) कुरु
(iv) बौद्ध धर्म के संस्थापक कौन थे?
(अ) महावीर (ब) गौतम बुद्ध (स) कबीर (द) गुरु नानक
मॉडल उत्तर: (ब) गौतम बुद्ध
(v) किताब-उल-हिंद के लेखक कौन थे?
(अ) इब्न बतूता (ब) अल-बिरूनी (स) बर्नियर (द) अमीर खुसरो
मॉडल उत्तर: (ब) अल-बिरूनी
(vi) कबीर की शिक्षाओं का प्रमुख आधार क्या था?
(अ) कर्मकांड (ब) एकेश्वरवाद एवं आंतरिक भक्ति (स) मूर्ति पूजा (द) राजसत्ता
मॉडल उत्तर: (ब) एकेश्वरवाद एवं आंतरिक भक्ति
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। (6 × 1 = 6)
(i) हड़प्पा सभ्यता की लिपि अभी तक ________ नहीं हो सकी है।
मॉडल उत्तर: पढ़ी/डिकोड
(ii) मौर्य साम्राज्य की राजधानी ________ थी।
मॉडल उत्तर: पाटलिपुत्र
(iii) महाभारत का वर्तमान रूप मुख्यतः ________ भाषा में है।
मॉडल उत्तर: संस्कृत
(iv) बौद्ध धर्म के पवित्र ग्रंथों के संग्रह को ________ कहा जाता है।
मॉडल उत्तर: त्रिपिटक
(v) अल-बिरूनी ने भारत के संबंध में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ________ लिखी।
मॉडल उत्तर: किताब-उल-हिंद
(vi) सूफी संतों के निवास एवं आध्यात्मिक केंद्र को ________ कहा जाता था।
मॉडल उत्तर: खानकाह
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए। (6 × 1 = 6)
(i) हड़प्पा सभ्यता में विकसित जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिले हैं।
मॉडल उत्तर: सत्य
(ii) अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद धम्म की नीति पर बल दिया।
मॉडल उत्तर: सत्य
(iii) प्राचीन भारतीय समाज में पितृवंशीय व्यवस्था का कोई महत्व नहीं था।
मॉडल उत्तर: असत्य
(iv) साँची का स्तूप बौद्ध स्थापत्य का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
मॉडल उत्तर: सत्य
(v) इब्न बतूता भारत कभी नहीं आया था।
मॉडल उत्तर: असत्य
(vi) भक्ति एवं सूफी परंपराओं ने व्यक्तिगत भक्ति और आध्यात्मिक अनुभव पर बल दिया।
मॉडल उत्तर: सत्य
प्रश्न 4. सही जोड़ी मिलाइए। (7 × 1 = 7)
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) मोहनजोदड़ो | (अ) किताब-उल-हिंद |
| (ii) अशोक | (ब) महान स्नानागार |
| (iii) अल-बिरूनी | (स) धम्म |
| (iv) साँची | (द) स्तूप |
| (v) इब्न बतूता | (इ) रिहला |
| (vi) कबीर | (फ) निर्गुण भक्ति |
| (vii) गुरु नानक | (ग) नाम-स्मरण |
मॉडल उत्तर: (i)-ब, (ii)-स, (iii)-अ, (iv)-द, (v)-इ, (vi)-फ, (vii)-ग
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए। (7 × 1 = 7)
(i) हड़प्पा सभ्यता की कोई एक प्रमुख विशेषता लिखिए।
मॉडल उत्तर: हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख विशेषता उसकी सुनियोजित नगर व्यवस्था एवं विकसित जल निकासी प्रणाली थी।
(ii) अशोक के अभिलेख किस बात के महत्वपूर्ण स्रोत हैं?
मॉडल उत्तर: अशोक के अभिलेख उसके शासन, धम्म नीति एवं प्रशासन की जानकारी के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
(iii) पितृवंशीय व्यवस्था से क्या आशय है?
मॉडल उत्तर: ऐसी वंश व्यवस्था जिसमें वंश की पहचान पिता के वंश से निर्धारित होती है, पितृवंशीय व्यवस्था कहलाती है।
(iv) स्तूप क्या है?
मॉडल उत्तर: स्तूप बौद्ध धर्म से संबंधित एक स्मारक है जिसमें सामान्यतः बुद्ध या बौद्ध संतों से जुड़े अवशेष रखे जाते थे।
(v) अल-बिरूनी कौन था?
मॉडल उत्तर: अल-बिरूनी 11वीं शताब्दी का प्रसिद्ध विद्वान था जिसने भारत के समाज एवं संस्कृति का अध्ययन किया।
(vi) खानकाह किसे कहते हैं?
मॉडल उत्तर: सूफी संतों के निवास, आध्यात्मिक साधना एवं शिष्यों के मार्गदर्शन के केंद्र को खानकाह कहते हैं।
(vii) निर्गुण भक्ति से क्या आशय है?
मॉडल उत्तर: ऐसी भक्ति जिसमें ईश्वर को निराकार एवं निर्गुण माना जाता है, निर्गुण भक्ति कहलाती है।
प्रश्न 6 से 15 — प्रत्येक 2 अंक
प्रश्न 6. हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना की दो विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर (लगभग 30–40 शब्द): हड़प्पा नगरों में सड़कों की सुनियोजित व्यवस्था तथा विकसित जल निकासी प्रणाली थी। नगरों में सामान्यतः दुर्ग क्षेत्र और निचला नगर जैसे विभाजन तथा पकी ईंटों का व्यापक प्रयोग मिलता है।
प्रश्न 7. हड़प्पावासियों के प्रमुख आर्थिक कार्य कौन-कौन से थे?
मॉडल उत्तर: हड़प्पावासियों के प्रमुख आर्थिक कार्य कृषि, पशुपालन, शिल्प उत्पादन तथा आंतरिक एवं दूरस्थ क्षेत्रों के साथ व्यापार थे। मनके, धातु की वस्तुएँ, मिट्टी के बर्तन और आभूषण प्रमुख शिल्प उत्पाद थे।
प्रश्न 8. महाजनपद क्या थे?
मॉडल उत्तर: लगभग छठी शताब्दी ई.पू. में उत्तर भारत में विकसित बड़े एवं शक्तिशाली राज्यों को महाजनपद कहा गया। बौद्ध एवं जैन ग्रंथों में 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है।
प्रश्न 9. अशोक के धम्म की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: अशोक के धम्म में माता-पिता एवं बड़ों का सम्मान, सभी संप्रदायों के प्रति सहिष्णुता, दया, अहिंसा तथा नैतिक आचरण पर बल दिया गया था।
प्रश्न 10. पितृवंशीयता से क्या आशय है? इसका एक प्रभाव लिखिए।
मॉडल उत्तर: पिता से पुत्र को वंश एवं संपत्ति की निरंतरता प्राप्त होने वाली व्यवस्था पितृवंशीयता कहलाती है। इससे परिवार एवं उत्तराधिकार में पुरुषों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।
प्रश्न 11. बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्यों को लिखिए।
मॉडल उत्तर: चार आर्य सत्य हैं— दुःख, दुःख समुदय, दुःख निरोध तथा दुःख निरोधगामिनी प्रतिपदा।
प्रश्न 12. अल-बिरूनी के भारत संबंधी अध्ययन की दो विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: अल-बिरूनी ने भारतीय समाज, धर्म, दर्शन एवं विज्ञान का अध्ययन किया। उसने संस्कृत ग्रंथों का अध्ययन कर भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का प्रयास किया और अपने निष्कर्षों को किताब-उल-हिंद में प्रस्तुत किया।
प्रश्न 13. इब्न बतूता के विवरण का ऐतिहासिक महत्व बताइए।
मॉडल उत्तर: इब्न बतूता ने दिल्ली सल्तनत के समय भारत की सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों का वर्णन किया। उसके विवरण से नगरों, डाक व्यवस्था, बाजारों, यात्राओं तथा तत्कालीन समाज की जानकारी मिलती है।
प्रश्न 14. भक्ति परंपरा की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: भक्ति परंपरा में व्यक्तिगत ईश्वर-भक्ति तथा प्रेम एवं समर्पण पर बल दिया गया। अनेक संतों ने जातिगत भेदभाव, कर्मकांड तथा धार्मिक आडंबरों की आलोचना की।
प्रश्न 15. सूफी खानकाहों का सामाजिक महत्व क्या था?
मॉडल उत्तर: खानकाहें सूफी संतों की आध्यात्मिक साधना और शिष्यों के मार्गदर्शन के केंद्र थीं। यहाँ विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग आते थे। खानकाहों ने सामुदायिक जीवन, सेवा एवं आध्यात्मिक संवाद को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 16. हड़प्पा सभ्यता के पुरातात्विक स्रोतों से हमें कौन-कौन सी जानकारियाँ प्राप्त होती हैं? (3 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): हड़प्पा सभ्यता की जानकारी मुख्यतः पुरातात्विक अवशेषों से मिलती है। मुहरों, मृद्भांडों, आभूषणों, औजारों, भवनों, अनाजों तथा मानव एवं पशु अस्थियों से उनके शिल्प, व्यापार, कृषि, भोजन, सामाजिक जीवन एवं धार्मिक विश्वासों की जानकारी प्राप्त होती है। नगरों की खुदाई से उनकी विकसित नगर योजना और जल निकासी व्यवस्था का भी पता चलता है।
अथवा — हड़प्पा सभ्यता में मुहरों के महत्व को समझाइए।
मॉडल उत्तर: हड़प्पा सभ्यता में मुहरों का उपयोग संभवतः व्यापार, वस्तुओं की पहचान एवं प्रशासनिक गतिविधियों में होता था। इन पर पशुओं तथा चिह्नों के चित्र मिलते हैं। मुहरें हड़प्पावासियों की कला, व्यापारिक गतिविधियों एवं धार्मिक प्रतीकों की जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
प्रश्न 17. मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए। (3 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): मौर्य साम्राज्य में शक्तिशाली केंद्रीय शासन था। सम्राट प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी था और साम्राज्य को विभिन्न प्रांतों में बाँटा गया था। अधिकारियों की नियुक्ति, कर संग्रह, सेना तथा कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता था। अशोक के अभिलेख प्रशासन और धम्म संबंधी नीतियों की जानकारी देते हैं।
अथवा — अशोक की धम्म नीति की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: अशोक की धम्म नीति नैतिक जीवन, अहिंसा, दया, माता-पिता एवं बड़ों के सम्मान, सेवकों के प्रति उचित व्यवहार तथा विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के प्रति सहिष्णुता पर आधारित थी। इसका उद्देश्य सामाजिक सद्भाव एवं नैतिक आचरण को बढ़ावा देना था।
प्रश्न 18. आरंभिक भारतीय समाज में जाति एवं वर्ग व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ समझाइए। (3 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): आरंभिक भारतीय समाज में सामाजिक विभाजन के लिए वर्ण एवं जाति की अवधारणाएँ महत्वपूर्ण थीं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चार वर्णों का उल्लेख मिलता है। वास्तविक सामाजिक जीवन में अनेक जातियाँ एवं पेशागत समूह मौजूद थे। सामाजिक स्थिति, व्यवसाय, विवाह एवं संसाधनों तक पहुँच में असमानताएँ दिखाई देती थीं।
अथवा — महाभारत सामाजिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत क्यों है?
मॉडल उत्तर: महाभारत में परिवार, विवाह, उत्तराधिकार, पितृवंश, स्त्रियों की स्थिति, राजसत्ता तथा सामाजिक संबंधों से संबंधित अनेक प्रसंग मिलते हैं। इसलिए इतिहासकार इसके विभिन्न संस्करणों एवं कथाओं का विश्लेषण करके आरंभिक समाज की संरचना को समझने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न 19. बौद्ध धर्म की प्रमुख शिक्षाओं को समझाइए। (3 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): बुद्ध ने जीवन में दुःख की वास्तविकता, उसके कारण और उससे मुक्ति का मार्ग बताया। उन्होंने तृष्णा को दुःख का प्रमुख कारण माना और अष्टांगिक मार्ग को मुक्ति का साधन बताया। उन्होंने मध्यम मार्ग, नैतिक आचरण, करुणा एवं अहिंसा पर बल दिया।
अथवा — स्तूप की प्रमुख स्थापत्य विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: स्तूप सामान्यतः अर्धगोलाकार गुंबदनुमा संरचना होती थी, जिसके चारों ओर प्रदक्षिणा पथ बनाया जाता था। इसके ऊपर हर्मिका एवं छत्र होते थे तथा कई स्तूपों में अलंकृत तोरण बनाए गए। साँची इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।
प्रश्न 20. भक्ति एवं सूफी परंपराओं में समानताओं को समझाइए। (3 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 50–70 शब्द): दोनों परंपराओं में ईश्वर के प्रति व्यक्तिगत प्रेम, भक्ति एवं समर्पण पर बल दिया गया। अनेक संतों एवं सूफी संतों ने बाहरी आडंबरों की अपेक्षा आंतरिक आध्यात्मिक अनुभव को महत्व दिया। उन्होंने विभिन्न सामाजिक समूहों के लोगों को आकर्षित किया और धार्मिक सहिष्णुता तथा मानवीय संबंधों को महत्व दिया।
अथवा — कबीर की शिक्षाओं की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
मॉडल उत्तर: कबीर ने निराकार ईश्वर में विश्वास तथा व्यक्तिगत भक्ति पर बल दिया। उन्होंने जाति-भेद, धार्मिक कर्मकांड एवं बाहरी आडंबरों की आलोचना की। उनके पदों एवं दोहों में प्रेम, मानव समानता तथा आंतरिक आध्यात्मिक अनुभव को महत्व दिया गया है।
प्रश्न 21. अल-बिरूनी और इब्न बतूता के विवरणों की तुलना कीजिए। (4 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): अल-बिरूनी और इब्न बतूता दोनों विदेशी लेखक एवं यात्री थे, जिन्होंने भारत के समाज को समझने के लिए महत्वपूर्ण विवरण प्रस्तुत किए। अल-बिरूनी ने भारतीय धर्म, दर्शन, विज्ञान, समाज एवं संस्कृति का अध्ययन मुख्यतः विद्वतापूर्ण दृष्टिकोण से किया। उसने संस्कृत ग्रंथों का अध्ययन किया और अपनी पुस्तक किताब-उल-हिंद में भारत का वर्णन किया। दूसरी ओर इब्न बतूता ने भारत की यात्रा की और अपने अनुभवों में नगरों, बाजारों, डाक व्यवस्था, सामाजिक जीवन तथा प्रशासन का वर्णन किया। इसलिए दोनों के विवरण इतिहासकारों के लिए मध्यकालीन भारत के सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
अथवा — यात्रियों के विवरण इतिहास के पुनर्निर्माण में कैसे सहायक होते हैं?
मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): यात्रियों के विवरण तत्कालीन समाज को बाहरी दृष्टि से समझने का महत्वपूर्ण साधन हैं। इनमें नगरों, बाजारों, व्यापार, परिवहन, सामाजिक रीति-रिवाजों, धार्मिक प्रथाओं तथा प्रशासन से संबंधित जानकारियाँ मिलती हैं। अल-बिरूनी ने भारतीय धर्म एवं ज्ञान परंपरा का अध्ययन किया, जबकि इब्न बतूता ने नगरों, बाजारों एवं प्रशासनिक व्यवस्था का वर्णन किया। इन विवरणों को अन्य साहित्यिक एवं पुरातात्विक स्रोतों से मिलाकर देखने पर इतिहासकार अधिक विश्वसनीय निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
प्रश्न 22. हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था एवं व्यापार का वर्णन कीजिए। (4 अंक)
मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था में कृषि, पशुपालन, शिल्प उत्पादन तथा व्यापार का महत्वपूर्ण स्थान था। गेहूँ, जौ आदि फसलों की खेती के प्रमाण मिले हैं। बैल, भेड़, बकरी आदि पशुओं का पालन किया जाता था। मनके, धातु की वस्तुएँ, आभूषण एवं मिट्टी के बर्तन जैसे शिल्प उत्पाद बनाए जाते थे। हड़प्पावासियों के पश्चिम एशिया के क्षेत्रों से भी व्यापारिक संबंध थे। मुहरें, बाट एवं माप तथा विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त वस्तुएँ व्यापारिक गतिविधियों का संकेत देती हैं।
अथवा — हड़प्पा सभ्यता के पतन के संभावित कारणों को समझाइए।
मॉडल उत्तर (लगभग 100–120 शब्द): हड़प्पा सभ्यता के पतन का कोई एक निश्चित कारण नहीं माना जाता। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग कारण प्रभावी हो सकते थे। जलवायु परिवर्तन, नदियों के मार्ग में परिवर्तन, बाढ़, पर्यावरणीय दबाव तथा व्यापारिक नेटवर्क में परिवर्तन जैसे कारणों को संभावित माना गया है। कुछ नगरों में धीरे-धीरे शहरी जीवन कमजोर हुआ और लोग छोटे ग्रामीण या क्षेत्रीय केंद्रों की ओर चले गए। वर्तमान इतिहासलेखन किसी एक कारण को पूरे हड़प्पा क्षेत्र के पतन का एकमात्र कारण नहीं मानता।
प्रश्न 23. भारत के दिए गए मानचित्र में निम्नलिखित में से किसी पाँच स्थानों को पहचानकर उचित संकेत द्वारा दर्शाइए। (5 अंक)
भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित ऐतिहासिक स्थलों को अंकित कीजिए—
- हड़प्पा
- मोहनजोदड़ो
- लोथल
- धोलावीरा
- साँची
मॉडल उत्तर: मानचित्र पर उपर्युक्त पाँच स्थलों को उनके वास्तविक भौगोलिक स्थान पर सही संकेत के साथ अंकित करना अपेक्षित है। प्रत्येक सही स्थान के लिए 1 अंक।
मानचित्र संकेत: हड़प्पा — पंजाब क्षेत्र (वर्तमान पाकिस्तान), मोहनजोदड़ो — सिंध क्षेत्र (वर्तमान पाकिस्तान), लोथल — गुजरात, धोलावीरा — कच्छ (गुजरात), साँची — मध्यप्रदेश।
(i) हड़प्पा सभ्यता का प्रसिद्ध नगर कौन-सा था?
उत्तर: मोहनजोदड़ो
(ii) मौर्य साम्राज्य की राजधानी का नाम लिखिए।
उत्तर: पाटलिपुत्र
(iii) किताब-उल-हिंद के लेखक कौन थे?
उत्तर: अल-बिरूनी
(iv) साँची किस धर्म से संबंधित प्रमुख स्थल है?
उत्तर: बौद्ध धर्म
(v) सूफी संतों के आध्यात्मिक केंद्र को क्या कहा जाता था?
उत्तर: खानकाह
प्रश्नपत्र का अंक-विभाजन
| प्रश्न | प्रश्न का प्रकार | कुल अंक |
|---|---|---|
| 1 | सही विकल्प — 6 | 6 |
| 2 | रिक्त स्थान — 6 | 6 |
| 3 | सत्य/असत्य — 6 | 6 |
| 4 | सही जोड़ी — 7 | 7 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर — 7 | 7 |
| 6–15 | 2 अंक वाले प्रश्न | 20 |
| 16–20 | 3 अंक वाले प्रश्न | 15 |
| 21–22 | 4 अंक वाले प्रश्न | 8 |
| 23 | मानचित्र आधारित प्रश्न | 5 |
| कुल | 80 | |
यह प्रश्नपत्र अभ्यास एवं मॉडल पेपर के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे उपलब्ध कराई गई कक्षा 12वीं इतिहास की पाठ्यक्रम सामग्री तथा MP Board द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रश्न-पत्र संरचना/अंक योजना के आधार पर शैक्षणिक अभ्यास के लिए तैयार किया गया है।
यह आवश्यक नहीं है कि वास्तविक त्रैमासिक परीक्षा में यही प्रश्न, यही विकल्प, यही मानचित्र स्थल अथवा इसी क्रम में प्रश्न पूछे जाएँ। वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों की भाषा, क्रम, कठिनाई स्तर एवं प्रश्नों का चयन संबंधित विभाग/विद्यालय के निर्देशों के अनुसार अलग हो सकता है।
दिए गए मॉडल उत्तर प्रश्न के निर्धारित अंक एवं सामान्य अपेक्षित उत्तर-सीमा को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। इतिहास विषय में उत्तर लिखते समय महत्वपूर्ण तथ्य, तिथि/काल, स्थान, ऐतिहासिक व्यक्तित्व तथा कारण-परिणाम को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना उचित है।
मॉडल उत्तर को किसी भी स्थिति में एकमात्र स्वीकार्य उत्तर न माना जाए। विषयवस्तु की दृष्टि से सही अन्य उत्तर, वैकल्पिक ऐतिहासिक व्याख्या अथवा उपयुक्त उदाहरण भी मूल्यांकन में स्वीकार्य हो सकते हैं। अंतिम मूल्यांकन संबंधित परीक्षा की आधिकारिक अंक योजना एवं मूल्यांकन निर्देशों के अनुसार होगा।
मानचित्र प्रश्न के लिए दिए गए स्थान अभ्यास हेतु उदाहरण के रूप में चुने गए हैं। वास्तविक परीक्षा में मानचित्र पर पूछे जाने वाले स्थान अलग हो सकते हैं। दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए वैकल्पिक प्रश्न परीक्षा के आधिकारिक निर्देशों के अनुरूप माना जाए।
परीक्षा से संबंधित नवीनतम पाठ्यक्रम, अंक योजना एवं विभागीय निर्देशों के लिए संबंधित विभाग/माध्यमिक शिक्षा मण्डल के आधिकारिक निर्देशों को ही अंतिम एवं मान्य माना जाए।
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