कक्षा 11वीं भौतिक शास्त्र (Physics) मॉडल पेपर 2025-26 (Set-A) | MP Board महत्वपूर्ण प्रश्न
11th Physics Model Question Paper A 2025–26 | MP EDUCATION GYAN DEEP
नमस्ते विद्यार्थियों!
वार्षिक परीक्षाएँ नज़दीक आ रही हैं और अच्छी तैयारी के लिए सही रणनीति का होना बहुत ज़रूरी है। यदि आप कक्षा 11वीं (विज्ञान संकाय) के छात्र हैं, तो भौतिक विज्ञान (Physics) का पेपर अक्सर थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगता है।
आपकी तैयारी को और भी मजबूत बनाने के लिए, MP Education Gyan Deep के नवीनतम ब्लूप्रिंट (2025-26) के आधार पर हमने आपके लिए एक मॉडल प्रश्न पत्र (Set-A) तैयार किया है। यह पेपर न केवल आपको परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करेगा, बल्कि महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास का भी बेहतरीन जरिया है।
Class 11 Physics Model Paper Set-A
MP EDUCATION GYAN DEEP
मॉडल प्रश्न पत्र (Set-A) : 2025-26
कक्षा: 11वीं | विषय: भौतिक शास्त्र (Physics)
समय: 3:00 घंटेपूर्णांक: 70
प्रश्न 1: सही विकल्प चुनकर लिखिए (1×6 = 6)
1. निम्नलिखित में से कौन-सा मात्रक मूल मात्रक नहीं है?
(A) मीटर
(B) केल्विन
(C) लीटर
(D) एम्पियर
उत्तर: (C) लीटर विवरण: लीटर आयतन का मात्रक है जो व्युत्पन्न है, जबकि मीटर, केल्विन और एम्पियर मूल मात्रक हैं।
2. किसी गतिशील पिंड के लिए शून्य हो सकता है:
(A) वेग
(B) विस्थापन
(C) त्वरण
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर: (D) उपरोक्त सभी विवरण: वृत्तीय गति में विस्थापन शून्य हो सकता है, नियत वेग में त्वरण शून्य हो सकता है, आदि।
3. उड़ान के समय उच्चतम बिंदु पर प्रक्षेप्य का त्वरण होता है:
(A) शून्य
(B) न्यूनतम
(C) g (नीचे की ओर)
(D) g (ऊपर की ओर)
उत्तर: (C) g (नीचे की ओर) विवरण: प्रक्षेप्य गति के दौरान त्वरण हमेशा गुरुत्वीय त्वरण 'g' ही रहता है।
4. कोणीय संवेग (Angular Momentum) का विमीय सूत्र है:
(A) [MLT⁻¹]
(B) [ML²T⁻¹]
(C) [ML²T⁻²]
(D) [ML⁻¹T⁻²]
उत्तर: (B) [ML²T⁻¹]
5. गुरुत्वाकर्षण नियतांक 'G' का SI मात्रक है:
(A) N.m/kg
(B) N.m²/kg²
(C) N.m²/kg
(D) N.kg/m²
उत्तर: (B) N.m²/kg²
6. आदर्श गैस समीकरण है:
(A) PV = RT
(B) PV = nRT
(C) P/V = RT
(D) PT = VR
उत्तर: (B) PV = nRT
प्रश्न 2: रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1×6 = 6)
1. वेग प्रवणता का SI मात्रक ............ है।
प्रति सेकंड (s⁻¹)
2. किसी वस्तु का ............ उसके जड़त्व की माप है।
द्रव्यमान
3. बल × विस्थापन = ............ होता है।
कार्य
4. कोणीय वेग में परिवर्तन की दर को ............ कहते हैं।
कोणीय त्वरण
5. यंग प्रत्यास्थता गुणांक केवल ............ पदार्थों में संभव है।
ठोस
6. आवर्तकाल के व्युत्क्रम को ............ कहते हैं।
आवृत्ति
प्रश्न 3: सत्य/असत्य लिखिए (1×5 = 5)
1. एक एंगस्ट्रॉम (Å) = 10⁻¹⁰ मीटर होता है।
सत्य
2. घर्षण बल गति की दिशा के लंबवत कार्य करता है।
असत्य (यह विपरीत दिशा में कार्य करता है)
3. शक्ति एक अदिश राशि है।
सत्य
4. पृथ्वी के केंद्र पर 'g' का मान अनंत होता है।
असत्य (शून्य होता है)
5. प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं।
सत्य
प्रश्न 4: सही जोड़ी बनाइए (1×6 = 6)
स्तम्भ 'अ'
स्तम्भ 'ब' (उत्तर)
1. बल का आवेग
(a) संवेग में परिवर्तन
2. जड़त्व आघूर्ण
(b) kg.m²
3. पलायन वेग (पृथ्वी)
(c) 11.2 km/s
4. Cp/Cv
(d) γ (गामा)
5. प्रतिबल
(e) N/m²
6. सेकंड लोलक की लंबाई
(f) लगभग 1 मीटर
प्रश्न 5: एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए (1×5 = 5)
1. शून्य सदिश का परिमाण क्या होता है?
शून्य
2. संवेग का SI मात्रक लिखिए।
kg.m/s
3. 1 कैलोरी ऊष्मा में कितने जूल होते हैं?
लगभग 4.18 जूल (या 4.2 J)
4. बर्नूली का प्रमेय किस संरक्षण पर आधारित है?
ऊर्जा संरक्षण
5. क्या ध्वनि तरंगें निर्वात में गमन कर सकती हैं?
नहीं
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) [शब्द सीमा: ~30 शब्द]
प्रश्न 6: विमीय समीकरण किसे कहते हैं?
वह समीकरण जो किसी भौतिक राशि के व्युत्पन्न मात्रक और मूल मात्रकों के बीच संबंध को उनकी विमाओं के साथ व्यक्त करता है।
अथवा
सार्थक अंक किसे कहते हैं?
किसी माप में, वे सभी अंक जिनके बारे में हम पूर्णतः आश्वस्त होते हैं तथा अंतिम अनिश्चित अंक, सार्थक अंक कहलाते हैं।
प्रश्न 7: शून्य सदिश (Zero Vector) की परिभाषा दीजिए।
वह सदिश जिसका परिमाण शून्य होता है और जिसकी दिशा अनिश्चित (स्वेच्छ) होती है, शून्य सदिश कहलाता है।
अथवा
आपेक्षिक वेग (Relative Velocity) से क्या तात्पर्य है?
किसी एक वस्तु के सापेक्ष दूसरी वस्तु के वेग को आपेक्षिक वेग कहते हैं। यह दोनों वेगों के सदिश अंतर के बराबर होता है।
प्रश्न 8: घर्षण कोण को परिभाषित कीजिए।
सीमांत घर्षण बल और अभिलंब प्रतिक्रिया का परिणामी, अभिलंब प्रतिक्रिया के साथ जो कोण बनाता है, उसे घर्षण कोण कहते हैं।
अथवा
संवेग संरक्षण का नियम लिखिए।
यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल कार्य न करे, तो उस निकाय का कुल रेखीय संवेग नियत (संरक्षित) रहता है।
प्रश्न 9: द्रव्यमान और भार में दो अंतर लिखिए।
1. द्रव्यमान एक अदिश राशि है, जबकि भार एक सदिश राशि है।
2. द्रव्यमान सर्वत्र समान रहता है, जबकि भार स्थान बदलने पर ('g' बदलने पर) बदल जाता है।
अथवा
उपग्रह की कक्षीय चाल (Orbital Speed) क्या है?
वह न्यूनतम चाल जिससे कोई उपग्रह पृथ्वी (या किसी ग्रह) के चारों ओर अपनी कक्षा में परिक्रमा करता है।
प्रश्न 10: पास्कल का नियम लिखिए।
संतुलन की अवस्था में किसी बद्ध द्रव के किसी भाग पर आरोपित दाब, द्रव द्वारा सभी दिशाओं में बिना क्षय हुए समान परिमाण में संचरित होता है।
अथवा
श्यानता (Viscosity) किसे कहते हैं?
तरल (द्रव/गैस) का वह गुण जिसके कारण वह अपनी परतों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करता है।
प्रश्न 11: ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम लिखिए।
(केल्विन-प्लांक कथन): किसी ऐसे ऊष्मा इंजन का निर्माण असंभव है जो पूरे चक्र में स्रोत से ऊष्मा लेकर उसे पूरी तरह कार्य में बदल दे।
अथवा
रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) क्या है?
वह प्रक्रम जिसमें निकाय और वातावरण के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता है (dQ = 0)।
प्रश्न 12: आवर्तकाल और आवृत्ति में संबंध लिखिए।
आवर्तकाल (T) और आवृत्ति (f) एक-दूसरे के व्युत्क्रम होते हैं।
सूत्र: f = 1/T या T = 1/f.
अथवा
अनुप्रस्थ तरंगों के दो उदाहरण दीजिए।
1. प्रकाश तरंगें।
2. तनी हुई डोरी में उत्पन्न तरंगें।
लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक) [शब्द सीमा: ~75 शब्द]
प्रश्न 13: गति के तृतीय समीकरण v² = u² + 2as की व्युत्पत्ति कीजिए।
त्वरण a = dv/dt। इसे लिख सकते हैं: a = (dv/ds) × (ds/dt) = v (dv/ds)।
अतः a.ds = v.dv।
समाकलन करने पर (सीमा u से v और 0 से s):
∫ a.ds = ∫ v.dv
a[s] = [v²/2] - [u²/2]
2as = v² - u² या v² = u² + 2as।
अथवा
एकसमान वृत्तीय गति के लिए अभिकेन्द्र त्वरण a = v²/r का निगमन कीजिए।
वेग आरेख और स्थिति आरेख के समरूप त्रिभुजों का उपयोग करके:
(वेग में परिवर्तन / वेग का परिमाण) = (विस्थापन / त्रिज्या)
Δv / v = Δr / r
Δv = (v/r) × Δr
दोनों तरफ समय (Δt) से भाग देने पर:
Δv/Δt = (v/r) × (Δr/Δt)
a = (v/r) × v = v²/r।
प्रश्न 14: शक्ति के लिए सूत्र P = F.v (बल × वेग) स्थापित कीजिए।
शक्ति (P) कार्य करने की दर होती है: P = dW/dt
किया गया कार्य W = बल (F) × विस्थापन (s)
यदि बल नियत है, तो:
P = d/dt (F.s) = F . (ds/dt)
चूँकि वेग v = ds/dt होता है,
अतः P = F.v (शक्ति = बल × वेग)।
अथवा
स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक U = 1/2 kx² प्राप्त कीजिए।
स्प्रिंग को x दूरी तक खींचने में लगा बल F = kx (हुक का नियम)।
किया गया छोटा कार्य dW = F.dx = kx.dx
कुल कार्य W = ∫ kx.dx (सीमा 0 से x)
W = k [x²/2]
W = 1/2 kx²
यही कार्य स्थितिज ऊर्जा (U) के रूप में संचित होता है।
प्रश्न 15: बल आघूर्ण (τ) और जड़त्व आघूर्ण (I) में संबंध τ = Iα स्थापित कीजिए।
माना पिंड कई कणों से बना है जिनके द्रव्यमान m1, m2... और घूर्णन अक्ष से दूरियां r1, r2... हैं।
बल आघूर्ण τ = बल × दूरी = (mass × acceleration) × r
τ = Σ (m . a . r)
चूंकि रेखीय त्वरण a = rα (कोणीय त्वरण),
τ = Σ m (rα) r = Σ (mr²) α
चूंकि I = Σ mr², अतः τ = Iα।
अथवा
कोणीय संवेग संरक्षण का नियम लिखिए और उदाहरण दीजिए।
नियम: यदि किसी घूर्णन करते पिंड पर बाह्य बल आघूर्ण शून्य हो, तो उसका कोणीय संवेग (L) नियत रहता है। (L = Iω = नियतांक)। उदाहरण: एक नर्तकी (Dancer) अपने हाथ सिकोड़कर जड़त्व आघूर्ण (I) कम करती है तो उसका कोणीय वेग (ω) बढ़ जाता है।
प्रश्न 16: न्यूटन का शीतलन नियम लिखिए और इसका सूत्र बताइए।
नियम: किसी वस्तु के ठंडा होने की दर, वस्तु के ताप और परिवेश के ताप के अंतर के अनुक्रमानुपाती होती है, बशर्ते तापांतर कम हो। सूत्र: -dQ/dt = K (T - Ts), जहाँ T वस्तु का ताप और Ts परिवेश का ताप है।
अथवा
मेयर का संबंध Cp - Cv = R व्युत्पन्न कीजिए।
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम dQ = dU + dW से:
स्थिर आयतन पर: dQ = Cv.dT = dU (क्योंकि dW=0)
स्थिर दाब पर: dQ = Cp.dT = dU + P.dV
मान रखने पर: Cp.dT = Cv.dT + P.dV
आदर्श गैस समीकरण (PV = RT) से, P.dV = R.dT
अतः (Cp - Cv)dT = R.dT => Cp - Cv = R.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक) [शब्द सीमा: ~120 शब्द]
प्रश्न 17: प्रक्षेप्य गति क्या है? सिद्ध कीजिए कि प्रक्षेप्य का पथ परवलयाकार होता है।
परिभाषा: जब किसी पिंड को क्षैतिज से कोण बनाते हुए फेंका जाता है, तो वह गुरुत्वाकर्षण के अंतर्गत एक वक्रीय पथ पर गति करता है। पथ: क्षैतिज दूरी x = (u cosθ)t => t = x / (u cosθ)
ऊर्ध्वाधर दूरी y = (u sinθ)t - 1/2 gt²
t का मान रखने पर:
y = x tanθ - (g x²) / (2 u² cos²θ)
यह समीकरण y = ax - bx² (परवलय) के समान है। अतः पथ परवलयाकार होता है।
अथवा
वृत्तीय गति में बंकिंग (सड़क के झुकाव) का क्या महत्व है? सुरक्षित चाल v = √(rg tanθ) का सूत्र निकालिए।
महत्व: बंकिंग अभिकेन्द्र बल प्रदान करता है ताकि वाहन बिना फिसले मुड़ सकें। सूत्र: कार पर अभिलंब प्रतिक्रिया N के घटक करने पर:
ऊर्ध्वाधर: N cosθ = mg
क्षैतिज: N sinθ = mv²/r (अभिकेन्द्र बल)
दोनों समीकरणों को भाग देने पर:
tanθ = v²/rg
v = √(rg tanθ).
प्रश्न 18: कार्य-ऊर्जा प्रमेय लिखिए और सिद्ध कीजिए।
प्रमेय: किसी वस्तु पर लगाए गए बल द्वारा किया गया कार्य, उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है (W = ΔK)। सिद्ध: W = बल × विस्थापन = (ma) × s
गति के तृतीय समीकरण v² - u² = 2as से, as = (v² - u²)/2
अतः W = m [(v² - u²)/2]
W = 1/2 mv² - 1/2 mu²
W = अंतिम K.E. - प्रारंभिक K.E. = ΔK.
अथवा
एकविमीय प्रत्यास्थ संघट्ट में सिद्ध कीजिए कि पास आने का आपेक्षिक वेग = दूर जाने का आपेक्षिक वेग।
संवेग संरक्षण: m1 u1 + m2 u2 = m1 v1 + m2 v2 => m1(u1 - v1) = m2(v2 - u2) ... (1)
गतिज ऊर्जा संरक्षण: 1/2 m1 u1² + 1/2 m2 u2² = 1/2 m1 v1² + 1/2 m2 v2²
m1(u1² - v1²) = m2(v2² - u2²) ... (2)
समीकरण (2) को (1) से भाग देने पर:
u1 + v1 = v2 + u2 => u1 - u2 = v2 - v1
(पास आने का वेग = दूर जाने का वेग)।
प्रश्न 19: बर्नूली का प्रमेय लिखिए तथा सिद्ध कीजिए।
प्रमेय: असंपीड्य और अश्यान द्रव के धारा रेखीय प्रवाह में, कुल ऊर्जा (दाब + गतिज + स्थितिज) नियत रहती है।
P + 1/2 ρv² + ρgh = Constant. सिद्ध: नली के सिरों पर दाब द्वारा किया गया कार्य = ऊर्जा में परिवर्तन (कार्य-ऊर्जा सिद्धांत)।
(P1 - P2)V = (K2 - K1) + (U2 - U1)
आयतन V = द्रव्यमान/घनत्व रखने और पुनर्व्यवस्थित करने पर सूत्र प्राप्त होता है।
अथवा
केशिकत्व के कारण द्रव के उन्नयन (h) का व्यंजक निकालिए।
संतुलन की स्थिति में:
ऊपर की ओर लगने वाला बल (पृष्ठ तनाव का घटक) = ऊपर चढ़े द्रव स्तंभ का भार
(T cosθ) × (2πr) = mg
द्रव का भार mg = आयतन × घनत्व × g = (πr²h) × ρ × g
अतः (T cosθ) × 2πr = πr²hρg
h = (2T cosθ) / (rρg).
प्रश्न 20: सरल लोलक के आवर्तकाल का सूत्र T = 2π√(l/g) निगमित कीजिए।
लोलक को θ कोण से विस्थापित करने पर प्रत्यानयन बल F = -mg sinθ।
छोटे कोण के लिए sinθ ≈ θ = x/l (चाप/त्रिज्या)।
F = -mg(x/l)
न्यूटन के नियम से F = ma, अतः ma = -mg(x/l) => a = -(g/l)x
यह SHM की शर्त a = -ω²x है, जहाँ ω² = g/l
आवर्तकाल T = 2π/ω = 2π / √(g/l) = 2π√(l/g).
अथवा
प्रगामी और अप्रगामी तरंगों में चार अंतर लिखिए।
1. ऊर्जा: प्रगामी में ऊर्जा का प्रवाह होता है, अप्रगामी में नहीं।
2. आयाम: प्रगामी में सभी कणों का आयाम समान, अप्रगामी में भिन्न (निस्पंद पर शून्य)।
3. कला: प्रगामी में कला निरंतर बदलती है, अप्रगामी में एक लूप के सभी कण समान कला में होते हैं।
4. गति: प्रगामी तरंगें आगे बढ़ती हैं, अप्रगामी तरंगें बद्ध माध्यम में स्थिर प्रतीत होती हैं।
अस्वीकरण:
यह कक्षा 11वीं भौतिक शास्त्र (Physics) का मॉडल प्रश्न पत्र (Set-A) एवं मॉडल उत्तर केवल विद्यार्थियों के अभ्यास एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किए गए हैं।
ये किसी भी बोर्ड अथवा संस्था द्वारा जारी आधिकारिक प्रश्न पत्र नहीं हैं।
वास्तविक परीक्षा में प्रश्नों का स्तर, कठिनाई, क्रम एवं विषयवस्तु भिन्न हो सकती है।
प्रश्नों अथवा उत्तरों में संभावित त्रुटियों के लिए विद्यार्थी अपने विषय शिक्षक से मार्गदर्शन अवश्य लें।
MP EDUCATION GYAN DEEP किसी भी आधिकारिक बोर्ड अथॉरिटी का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
सभी सूत्रों की अलग से सूची बनाएं
संख्यात्मक प्रश्नों में यूनिट एवं स्टेप स्पष्ट लिखें
आरेख वाले प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें
कठिन टॉपिक पर शिक्षक से मार्गदर्शन लें
Set-A के बाद Set-B का अभ्यास अवश्य करें
कक्षा 11वीं भौतिक शास्त्र (Physics) – Set-A मॉडल प्रश्न पत्र नियमित अभ्यास, कॉन्सेप्टक्लियरिटी एवं परीक्षा-पूर्व तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।
आगामी पोस्ट में Set-B, Set-C एवं अन्य विषयों के मॉडल प्रश्न पत्र भी प्रकाशित किए जाएंगे।
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