कक्षा 12वीं — रसायन विज्ञान (Chemistry) अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
MP EDUCATION GYAN DEEP

कक्षा 12वीं — रसायन विज्ञान (Chemistry)

अर्द्धवार्षिक परीक्षा 2026–27 | आदर्श-प्रश्नपत्र एवं मॉडल उत्तर
समय: 3 घंटे
पूर्णांक: 70
प्रश्न: 20 मुख्य प्रश्न
संक्षिप्त विवरण: यह MP Board के नवीनतम ब्लूप्रिंट (70 अंक) और निर्धारित अर्द्धवार्षिक पाठ्यक्रम (अध्याय 1 से 10 तक) पर आधारित कक्षा 12 रसायन विज्ञान का अभ्यास मॉडल पेपर है।
विद्यार्थियों के लिए निर्देश: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। पहले स्वयं प्रश्न हल करें, फिर “उत्तर देखें” बटन दबाकर अपने उत्तर का मिलान करें। एक समय में केवल एक ही उत्तर खुलेगा जिससे अभ्यास करने में आसानी हो। (प्रश्न 6 से 20 में दिए गए “अथवा” विकल्पों के उत्तर अलग-अलग बटन से खुलेंगे)।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रश्न 1 से 5)

कुल 28 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं। प्रत्येक 1 अंक। (कुल 28 अंक)।
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) विलयन की मोलरता (Molarity) निर्भर करती है?
क) विलायक के भार पर
ख) तापमान पर
ग) दाब पर
घ) विलायक की प्रकृति पर
मॉडल उत्तर:
(ख) तापमान पर (क्योंकि आयतन तापमान से प्रभावित होता है)
(2) लोहे पर जंग लगना किसका उदाहरण है?
क) संक्षारण (Corrosion)
ख) अपचयन (Reduction)
ग) बहुलकीकरण
घ) उत्प्रेरण
मॉडल उत्तर:
(क) संक्षारण (Corrosion)
(3) प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक (k) की इकाई है?
क) mol L⁻¹ s⁻¹
ख) s⁻¹
ग) mol⁻¹ L s⁻¹
घ) mol L s⁻¹
मॉडल उत्तर:
(ख) s⁻¹ (सेकंड⁻¹)
(4) लैंथेनाइड संकुचन का मुख्य कारण है?
क) d-कक्षक का न होना
ख) f-इलेक्ट्रॉनों का दुर्बल परिरक्षण प्रभाव
ग) नाभिकीय आवेश में कमी
घ) परमाणु त्रिज्या में वृद्धि
मॉडल उत्तर:
(ख) f-इलेक्ट्रॉनों का दुर्बल परिरक्षण प्रभाव (Poor shielding effect)
(5) क्लोरोबेंजीन में C-Cl बंध में कार्बन (C) का संकरण क्या होता है?
क) sp
ख) sp²
ग) sp³
घ) sp³d
मॉडल उत्तर:
(ख) sp²
(6) विटामिन C का रासायनिक नाम है?
क) रेटिनॉल
ख) एस्कॉर्बिक अम्ल
ग) राइबोफ्लेविन
घ) थायमीन
मॉडल उत्तर:
(ख) एस्कॉर्बिक अम्ल
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— 6 × 1 = 6
(1) एक फैराडे विद्युत का मान _______ कूलॉम होता है।
मॉडल उत्तर:
96500
(2) EDTA एक _______ लिगेंड है।
मॉडल उत्तर:
षट्दंतुर (Hexadentate)
(3) SN1 अभिक्रिया मुख्य रूप से _______ पदों में पूर्ण होती है।
मॉडल उत्तर:
दो (Two)
(4) प्राथमिक ऐमीन को क्लोरोफॉर्म तथा एल्कोहॉलीय KOH के साथ गर्म करने पर _______ नामक अत्यंत दुर्गंधयुक्त पदार्थ बनता है।
मॉडल उत्तर:
आइसोसायनाइड (Carbylamine)
(5) ग्लूकोज में _______ क्रियात्मक समूह उपस्थित होता है।
मॉडल उत्तर:
ऐल्डिहाइड (-CHO)
(6) d-ब्लॉक के तत्वों को _______ तत्व भी कहा जाता है।
मॉडल उत्तर:
संक्रमण (Transition)
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए— 6 × 1 = 6
(1) राउल्ट का नियम तनु विलयनों पर लागू होता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
(2) विशिष्ट चालकता की इकाई ओम⁻¹ सेमी⁻¹ है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
(3) अभिक्रिया की आणविकता (Molecularity) शून्य हो सकती है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (आणविकता कभी शून्य नहीं हो सकती)
(4) Zn, Cd और Hg भी संक्रमण तत्व कहलाते हैं।
मॉडल उत्तर:
असत्य (इनके d-कक्षक पूर्ण भरे होते हैं, इसलिए इन्हें संक्रमण तत्व नहीं माना जाता)
(5) फीनॉल स्वभाव से अम्लीय (Acidic) होता है।
मॉडल उत्तर:
सत्य
(6) आरएनए (RNA) में थाइमिन (Thymine) क्षार पाया जाता है।
मॉडल उत्तर:
असत्य (RNA में थाइमिन के स्थान पर यूरेसिल पाया जाता है)
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए— 5 × 1 = 5
(1) विटामिन A (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
रतौंधी (Night blindness)
(2) लुकास अभिकर्मक (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
निर्जल ZnCl₂ + सांद्र HCl
(3) हीमोग्लोबिन (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
आयरन (Fe) का संकुल
(4) रोजेनमुंड अपचयन (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
ऐल्डिहाइड का निर्माण
(5) कारबिल ऐमीन अभिक्रिया (सही जोड़ी का मिलान नीचे उत्तर में देखें)
मॉडल उत्तर:
प्राथमिक ऐमीन (1° Amine) का परीक्षण
प्रश्न 5. एक वाक्य/शब्द में उत्तर दीजिए— 5 × 1 = 5
(1) मोललता (Molality) की परिभाषा लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1000 ग्राम (1 किग्रा) विलायक में उपस्थित विलेय के मोलों की संख्या मोललता कहलाती है।
(2) अर्हेनियस समीकरण (Arrhenius Equation) लिखिए।
मॉडल उत्तर:
k = A e^(-Ea/RT)
(3) उस विटामिन का नाम बताइए जिसकी कमी से स्कर्वी रोग होता है।
मॉडल उत्तर:
विटामिन C
(4) एथिल अल्कोहल का IUPAC नाम क्या है?
मॉडल उत्तर:
एथेनॉल (Ethanol)
(5) फॉर्मेलिन क्या है?
मॉडल उत्तर:
फॉर्मेल्डिहाइड (HCHO) का 40% जलीय विलयन फॉर्मेलिन कहलाता है।

अति लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 6 से 12) (MPBSE विज्ञप्ति दिनांक 15-10-2026 अनुसार 2 अंक – अतिलघुउत्तरीय प्रश्नों में आतंरिक विकल्प / अथवा प्रश्न नहीं रहेंगे)

प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है। कुल 14 अंक। 
नोट : 2 अंकों के प्रश्नों में अथवा प्रश्न नहीं आयेंगे, अभ्यास के लिए दो-दो प्रश्न रखे हैं.
प्रश्न 6. हेनरी का नियम लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
हेनरी के नियमानुसार: स्थिर ताप पर, किसी विलायक के निश्चित आयतन में विलेय गैस का द्रव्यमान, गैस के दाब के समानुपाती होता है। (m ∝ p या p = KH x, जहाँ KH हेनरी स्थिरांक है)।
मोल प्रभाज (Mole fraction) किसे कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
विलयन में उपस्थित किसी एक घटक (विलेय या विलायक) के मोलों की संख्या और विलयन में उपस्थित सभी घटकों के कुल मोलों की संख्या के अनुपात को उस घटक का मोल प्रभाज कहते हैं।
प्रश्न 7. कोलराउश का नियम लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
कोलराउश के नियमानुसार: अनंत तनुता पर, किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता उसके धनायनों और ऋणायनों की अनंत तनुता पर मोलर आयनिक चालकताओं के योग के बराबर होती है। (Λ°m = ν+λ°+ + ν-λ°-)
फैराडे का विद्युत अपघटन का प्रथम नियम लिखिए।
मॉडल उत्तर:
विद्युत अपघटन के दौरान किसी इलेक्ट्रोड पर मुक्त हुए पदार्थ का द्रव्यमान (W), विलयन में प्रवाहित की गई विद्युत धारा की मात्रा (Q) के समानुपाती होता है। (W = ZQ या W = ZIt)।
प्रश्न 8. अभिक्रिया की दर और दर स्थिरांक में दो अंतर लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. अभिक्रिया की दर: समय के साथ अभिकारकों या उत्पादों की सांद्रता में होने वाले परिवर्तन को अभिक्रिया की दर कहते हैं। यह समय के साथ घटती है।
2. दर स्थिरांक (k): यह वह दर है जब अभिकारकों की सांद्रता इकाई (1 M) होती है। यह समय के साथ नहीं बदलता, केवल ताप पर निर्भर करता है।
छद्म एकाणुक (Pseudo unimolecular) अभिक्रिया किसे कहते हैं?
मॉडल उत्तर:
ऐसी अभिक्रियाएँ जिनकी आणविकता दो या दो से अधिक होती है लेकिन जिनकी कोटि (Order) केवल एक होती है, छद्म एकाणुक अभिक्रियाएँ कहलाती हैं। (उदा: एथिल एसीटेट का जल अपघटन)।
प्रश्न 9. संक्रमण तत्व रंगीन आयन क्यों बनाते हैं? 2 अंक
मॉडल उत्तर:
संक्रमण तत्वों में अपूर्ण d-कक्षक (अयुग्मित इलेक्ट्रॉन) पाए जाते हैं। जब दृश्य प्रकाश इन पर पड़ता है, तो इलेक्ट्रॉन ऊर्जा अवशोषित कर उच्च d-कक्षक में चले जाते हैं (d-d संक्रमण)। इसके फलस्वरूप परावर्तित प्रकाश रंगीन दिखाई देता है।
लैंथेनाइड संकुचन क्या है?
मॉडल उत्तर:
लैंथेनाइड श्रेणी में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ-साथ नाभिकीय आवेश बढ़ता है, लेकिन 4f इलेक्ट्रॉनों का परिरक्षण प्रभाव दुर्बल होने के कारण परमाणु और आयनिक त्रिज्या में लगातार कमी आती है। इसे लैंथेनाइड संकुचन कहते हैं।
प्रश्न 10. द्विक लवण (Double salt) और संकुल लवण (Complex salt) में दो अंतर लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. द्विक लवण: ये जल में पूरी तरह अपने अवयवी आयनों में टूट जाते हैं और अपना अस्तित्व खो देते हैं। (उदा: मोहर लवण)।
2. संकुल लवण: ये जल में पूरी तरह नहीं टूटते और जलीय विलयन में भी अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। (उदा: पोटेशियम फेरोसायनाइड)।
लिगेंड किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
मॉडल उत्तर:
उपसहसंयोजी यौगिकों में वे अणु या आयन जो केंद्रीय धातु परमाणु या आयन को एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (Lone pair) दान करके उपसहसंयोजी बंध बनाते हैं, लिगेंड कहलाते हैं। (उदाहरण: अमोनिया NH₃, जल H₂O, सायनाइड CN⁻)।
प्रश्न 11. सैंडमेयर अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
जब बेंजीन डाइएज़ोनियम क्लोराइड को क्यूप्रस क्लोराइड (Cu₂Cl₂) और HCl के साथ गर्म किया जाता है, तो क्लोरोबेंजीन बनता है।
C₆H₅N₂Cl + (Cu₂Cl₂ / HCl) → C₆H₅Cl (क्लोरोबेंजीन) + N₂↑
वुर्ट्ज़ (Wurtz) अभिक्रिया को समीकरण सहित समझाइए।
मॉडल उत्तर:
जब एल्किल हैलाइड के दो अणुओं को शुष्क ईथर की उपस्थिति में सोडियम धातु के साथ गर्म किया जाता है, तो उच्च एल्केन प्राप्त होते हैं।
R-X + 2Na + X-R → R-R (एल्केन) + 2NaX
उदा: CH₃Cl + 2Na + ClCH₃ → CH₃-CH₃ (एथेन) + 2NaCl
प्रश्न 12. डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) में दो अंतर लिखिए। 2 अंक
मॉडल उत्तर:
1. DNA में डीऑक्सीराइबोज शर्करा होती है, जबकि RNA में राइबोज शर्करा होती है。
2. DNA में नाइट्रोजन क्षारक थाइमिन (T) होता है, जबकि RNA में थाइमिन के स्थान पर यूरेसिल (U) होता है।
पेप्टाइड बंध क्या है?
मॉडल उत्तर:
प्रोटीन में दो अमीनो अम्लों के बीच बनने वाले बंध को पेप्टाइड बंध (—CO—NH—) कहते हैं। यह एक अमीनो अम्ल के कार्बोक्सिल समूह (-COOH) और दूसरे अमीनो अम्ल के एमीनो समूह (-NH₂) के बीच जल का अणु निकलने से बनता है।

लघु-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 13 से 16)

प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। कुल 12 अंक।
प्रश्न 13. आदर्श और अनादर्श विलयन में तीन अंतर लिखिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. राउल्ट का नियम: आदर्श विलयन सभी ताप व सांद्रता पर राउल्ट के नियम का पालन करते हैं, जबकि अनादर्श विलयन इसका पालन नहीं करते।
2. एन्थैल्पी परिवर्तन (ΔH): आदर्श विलयन बनने पर ऊष्मा का न तो अवशोषण होता है न ही उत्सर्जन (ΔH_mix = 0)। अनादर्श में ΔH_mix ≠ 0.
3. आयतन परिवर्तन (ΔV): आदर्श विलयन के निर्माण में आयतन परिवर्तन शून्य होता है (ΔV_mix = 0)। अनादर्श में ΔV_mix ≠ 0.
अथवा: धनात्मक और ऋणात्मक विचलन वाले अनादर्श विलयनों में तीन अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. वाष्प दाब: धनात्मक विचलन में विलयन का वाष्प दाब राउल्ट के नियम से अपेक्षित दाब से अधिक होता है। ऋणात्मक में वाष्प दाब कम होता है。
2. एन्थैल्पी (ΔH_mix): धनात्मक विचलन ऊष्माशोषी होते हैं (ΔH_mix > 0)। ऋणात्मक विचलन ऊष्माक्षेपी होते हैं (ΔH_mix < 0)।
3. आयतन (ΔV_mix): धनात्मक विचलन में विलयन का आयतन बढ़ता है (ΔV > 0)। ऋणात्मक में आयतन घटता है (ΔV < 0)।
प्रश्न 14. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
माना प्रथम कोटि की अभिक्रिया R → P है।
अभिक्रिया की दर = -d[R]/dt = k[R]¹
d[R]/[R] = -k dt
दोनों ओर समाकलन करने पर: ln[R] = -kt + I (जहाँ I समाकलन स्थिरांक है)।
t = 0 पर [R] = [R]₀, इसलिए I = ln[R]₀
समीकरण में मान रखने पर: ln[R] = -kt + ln[R]₀
kt = ln[R]₀ - ln[R] = ln([R]₀/[R])
चूंकि ln x = 2.303 log x होता है, अतः:
k = (2.303 / t) log₁₀ ([R]₀ / [R])
अथवा: शून्य कोटि की अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? इसके लिए वेग स्थिरांक का व्यंजक निकालिए।
मॉडल उत्तर:
वह अभिक्रिया जिसकी दर अभिकारकों की सांद्रता पर निर्भर नहीं करती (अर्थात् सांद्रता की शून्य घात के समानुपाती होती है), शून्य कोटि की अभिक्रिया कहलाती है।
दर = -d[R]/dt = k[R]⁰ = k
d[R] = -k dt
समाकलन करने पर: [R] = -kt + I
t = 0 पर, [R] = [R]₀ ⇒ I = [R]₀
अतः [R] = -kt + [R]₀
k = ([R]₀ - [R]) / t
प्रश्न 15. प्राथमिक (1°), द्वितीयक (2°) और तृतीयक (3°) एल्कोहल में अंतर करने वाली विक्टर मेयर विधि को समझाइए। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
विक्टर मेयर परीक्षण में एल्कोहल को P/I₂ से, फिर AgNO₂ से और अंत में HNO₂ (नाइट्रस अम्ल) तथा NaOH के साथ मिलाया जाता है।
1. प्राथमिक (1°) एल्कोहल: यह अभिक्रिया करके अंत में NaOH मिलाने पर 'रक्त जैसा लाल रंग' (Blood Red Color) देता है。
2. द्वितीयक (2°) एल्कोहल: यह अंत में 'नीला रंग' (Blue Color) देता है।
3. तृतीयक (3°) एल्कोहल: यह नाइट्रस अम्ल से क्रिया नहीं करता और अंत में 'रंगहीन' (Colorless) रहता है।
(याद रखने की ट्रिक: RBC - Red, Blue, Colorless).
अथवा: फीनॉल और एल्कोहल में तीन अंतर लिखिए।
मॉडल उत्तर:
1. अम्लीयता: फीनॉल स्वभाव से अम्लीय होते हैं और नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। एल्कोहल उदासीन होते हैं।
2. FeCl₃ परीक्षण: फीनॉल FeCl₃ के साथ बैंगनी रंग का संकुल बनाते हैं। एल्कोहल यह परीक्षण नहीं देते।
3. ऑक्सीकरण: फीनॉल ऑक्सीकृत होकर बेंजोक्विनोन (रंगीन) बनाते हैं। एल्कोहल ऑक्सीकृत होकर ऐल्डिहाइड या कीटोन बनाते हैं।
प्रश्न 16. निम्नलिखित अभिक्रियाओं को समझाइए: (i) कैनीजारो अभिक्रिया (ii) एल्डोल संघनन। 3 अंक
मॉडल उत्तर:
1. कैनीजारो अभिक्रिया: वे ऐल्डिहाइड जिनमें α-हाइड्रोजन नहीं होता (जैसे फॉर्मेल्डिहाइड HCHO), सांद्र क्षार (NaOH) की उपस्थिति में गर्म करने पर स्व-ऑक्सीकरण व अपचयन दर्शाते हैं। एक अणु एल्कोहल में अपचयित होता है और दूसरा कार्बोक्सिलिक अम्ल के लवण में ऑक्सीकृत हो जाता है। (2HCHO + NaOH → CH₃OH + HCOONa).
2. एल्डोल संघनन: वे ऐल्डिहाइड या कीटोन जिनमें α-हाइड्रोजन होता है (जैसे एसीटैल्डिहाइड), तनु क्षार की उपस्थिति में संघनित होकर β-हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड (एल्डोल) बनाते हैं।
अथवा: क्या होता है जब (केवल रासायनिक समीकरण लिखिए):
(i) एसीटैल्डिहाइड पर HCN की क्रिया होती है।
(ii) फॉर्मेल्डिहाइड की अमोनिया से क्रिया होती है।
मॉडल उत्तर:
(i) एसीटैल्डिहाइड HCN से क्रिया करके एसीटैल्डिहाइड सायनोहाइड्रिन बनाता है。
CH₃CHO + HCN → CH₃CH(OH)CN
(ii) फॉर्मेल्डिहाइड अमोनिया से क्रिया करके यूरोट्रोपीन (हेक्सामिथिलीन टेट्रामीन) बनाता है जो मूत्र रोगों की दवा है。
6HCHO + 4NH₃ → (CH₂)₆N₄ + 6H₂O

दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न (प्रश्न 17 से 20)

प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। कुल 16 अंक।
प्रश्न 17. मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) का सचित्र वर्णन कीजिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (Standard Hydrogen Electrode) एक संदर्भ इलेक्ट्रोड है जिसका इलेक्ट्रोड विभव स्वेच्छा से शून्य (0.00 V) माना गया है।
संरचना: इसमें एक प्लैटिनम (Pt) का तार होता है जिसके सिरे पर प्लैटिनम ब्लैक का लेप चढ़ा प्लैटिनम का पत्तर जुड़ा होता है। इसे 1 M सांद्रता वाले HCl (या H⁺ आयन) विलयन में डुबाया जाता है। कांच की नली के माध्यम से इसमें 298 K ताप और 1 वायुमंडलीय (1 atm) दाब पर शुद्ध हाइड्रोजन (H₂) गैस प्रवाहित की जाती है।
अभिक्रिया: H⁺(aq) + e⁻ ⇌ ½ H₂(g)
यह एनोड और कैथोड दोनों की तरह कार्य कर सकता है।
(विद्यार्थी उत्तरपुस्तिका में SHE का स्पष्ट नामांकित चित्र बनाएँगे।)
अथवा: संक्षारण किसे कहते हैं? जंग लगने का विद्युत रासायनिक सिद्धांत समझाइए।
मॉडल उत्तर:
संक्षारण: वायुमंडल की नमी और गैसों (O₂, CO₂) के प्रभाव से धातुओं के धीरे-धीरे नष्ट होने की प्रक्रिया संक्षारण कहलाती है (जैसे लोहे पर जंग लगना)।
विद्युत रासायनिक सिद्धांत: जंग लगने की प्रक्रिया एक विद्युत रासायनिक सेल की तरह होती है।
1. एनोड पर: लोहे की सतह का वह हिस्सा जहाँ खुरदरापन होता है, एनोड बन जाता है। लोहा ऑक्सीकृत होकर Fe²⁺ आयन बनाता है। (Fe → Fe²⁺ + 2e⁻)
2. कैथोड पर: इलेक्ट्रॉन धातु में प्रवाहित होकर उस स्थान पर जाते हैं जहाँ H⁺ आयनों और घुली ऑक्सीजन की उपस्थिति होती है। वहाँ अपचयन होता है। (O₂ + 4H⁺ + 4e⁻ → 2H₂O)
बाद में Fe²⁺ आयन ऑक्सीजन द्वारा Fe³⁺ में बदल जाते हैं और हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃.xH₂O) बनाते हैं, जिसे जंग कहते हैं।
प्रश्न 18. SN1 और SN2 अभिक्रियाओं की क्रियाविधि में चार अंतर लिखिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
1. पदों की संख्या: SN1 अभिक्रिया दो पदों में पूर्ण होती है (कार्बोकैटायन का बनना और नाभिकस्नेही का आक्रमण), जबकि SN2 अभिक्रिया एक ही पद में पूर्ण होती है (संक्रमण अवस्था बनती है)।
2. अभिक्रिया की कोटि: SN1 प्रथम कोटि की अभिक्रिया है (दर केवल एल्किल हैलाइड पर निर्भर करती है)। SN2 द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है (दर एल्किल हैलाइड और नाभिकस्नेही दोनों पर निर्भर करती है)।
3. त्रिविम रसायन: SN1 में रेसेमीकरण (Racemization) होता है। SN2 में विन्यास का प्रतिलोमन (Walden Inversion) होता है。
4. एल्किल हैलाइड की क्रियाशीलता: SN1 के लिए क्रियाशीलता का क्रम: 3° > 2° > 1° > CH₃X है। SN2 के लिए यह क्रम उल्टा होता है: CH₃X > 1° > 2° > 3°।
अथवा: क्लोरोबेंजीन की निम्न अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए:
(i) नाइट्रीकरण (ii) हैलोजेनीकरण (iii) सल्फोनीकरण (iv) फ्रीडेल-क्राफ्ट अभिक्रिया।
मॉडल उत्तर:
क्लोरोबेंजीन ऑर्थो (o-) और पैरा (p-) निर्देशकारी होता है:
(i) नाइट्रीकरण: सांद्र HNO₃ + सांद्र H₂SO₄ के साथ क्रिया करने पर o-क्लोरो नाइट्रोबेंजीन और p-क्लोरो नाइट्रोबेंजीन (मुख्य उत्पाद) बनते हैं。
(ii) हैलोजेनीकरण: निर्जल FeCl₃ की उपस्थिति में Cl₂ गैस प्रवाहित करने पर o-डाइक्लोरोबेंजीन और p-डाइक्लोरोबेंजीन बनते हैं。
(iii) सल्फोनीकरण: सांद्र H₂SO₄ के साथ गर्म करने पर 2-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक अम्ल और 4-क्लोरोबेंजीन सल्फोनिक अम्ल बनते हैं。
(iv) फ्रीडेल-क्राफ्ट (एल्किलीकरण): निर्जल AlCl₃ की उपस्थिति में CH₃Cl से क्रिया कराने पर o-क्लोरोटॉलुईन और p-क्लोरोटॉलुईन बनते हैं।
प्रश्न 19. वर्नर के उपसहसंयोजकता सिद्धांत के मुख्य बिंदु लिखिए। 4 अंक
मॉडल उत्तर:
अल्फ्रेड वर्नर ने उपसहसंयोजी यौगिकों के लिए सिद्धांत दिया जिसके मुख्य बिंदु हैं:
1. उपसहसंयोजी यौगिकों में केंद्रीय धातु परमाणु दो प्रकार की संयोजकता प्रदर्शित करता है: (i) प्राथमिक संयोजकता (ii) द्वितीयक संयोजकता。
2. प्राथमिक संयोजकता: यह आयननीय (Ionizable) होती है और ऋणात्मक आयनों द्वारा संतुष्ट होती है। यह धातु की ऑक्सीकरण संख्या के बराबर होती है。
3. द्वितीयक संयोजकता: यह अनआयननीय होती है और ऋणात्मक आयनों या उदासीन अणुओं (लिगेंड) द्वारा संतुष्ट होती है। यह धातु की उपसहसंयोजन संख्या (Coordination number) के बराबर होती है。
4. द्वितीयक संयोजकताएँ अंतरिक्ष में एक निश्चित ज्यामितीय व्यवस्था (जैसे अष्टफलकीय, चतुष्फलकीय) में व्यवस्थित होती हैं, जो संकुल के आकार को निर्धारित करती हैं।
अथवा: IUPAC नाम लिखिए:
(i) K₄[Fe(CN)₆]
(ii) [Cu(NH₃)₄]SO₄
(iii) [Co(NH₃)₆]Cl₃
(iv) K₂[Zn(OH)₄]
मॉडल उत्तर:
(i) पोटेशियम हेक्सासाइनिडोफेरेट(II) (Potassium hexacyanidoferrate(II))
(ii) टेट्राऐमीनकॉपर(II) सल्फेट (Tetraamminecopper(II) sulfate)
(iii) हेक्साऐमीनकोबाल्ट(III) क्लोराइड (Hexaamminecobalt(III) chloride)
(iv) पोटेशियम टेट्राहाइड्रॉक्सिडोज़िंकेट(II) (Potassium tetrahydroxidozincate(II))
प्रश्न 20. कार्बोहाइड्रेट क्या हैं? इनका वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है? 4 अंक
मॉडल उत्तर:
परिभाषा: कार्बोहाइड्रेट पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या पॉलीहाइड्रॉक्सी कीटोन होते हैं, या वे पदार्थ होते हैं जो जल अपघटन पर ये इकाइयाँ देते हैं। इनका सामान्य सूत्र Cₓ(H₂O)ᵧ होता है।
वर्गीकरण (जल अपघटन के आधार पर):
1. मोनोसैकेराइड: ये सबसे सरल कार्बोहाइड्रेट हैं जिनका जल अपघटन नहीं किया जा सकता। (उदा: ग्लूकोज, फ्रक्टोज)।
2. ओलिगोसैकेराइड: ये जल अपघटन पर मोनोसैकेराइड की 2 से 10 इकाइयाँ देते हैं। जैसे डाइसैकेराइड (सुक्रोज, माल्टोज)।
3. पॉलिसैकेराइड: ये उच्च अणुभार वाले होते हैं और जल अपघटन पर बड़ी संख्या में मोनोसैकेराइड इकाइयाँ देते हैं। (उदा: स्टार्च, सेल्युलोज)। ये स्वाद में मीठे नहीं होते (अशर्करा)।
अथवा: प्रोटीन के विकृतिकरण (Denaturation) से आप क्या समझते हैं? प्रोटीन के मुख्य कार्य लिखिए।
मॉडल उत्तर:
प्रोटीन का विकृतिकरण: जब किसी प्राकृतिक प्रोटीन के भौतिक गुणों (तापमान) या रासायनिक गुणों (pH) में परिवर्तन किया जाता है, तो प्रोटीन के हाइड्रोजन बंध टूट जाते हैं। इससे प्रोटीन की द्वितीयक और तृतीयक संरचनाएँ नष्ट हो जाती हैं और वह अपनी जैविक सक्रियता खो देता है। इसे प्रोटीन का विकृतिकरण कहते हैं (उदा: अंडे को उबालने पर उसका सफेदी का जमना, दूध से दही बनना)। इसमें प्राथमिक संरचना अप्रभावित रहती है。
प्रोटीन के मुख्य कार्य:
1. शरीर की वृद्धि और टूटे-फूटे ऊतकों की मरम्मत करना।
2. एंजाइम और हार्मोन के रूप में शरीर की जैव-रासायनिक क्रियाओं का नियंत्रण करना।
3. एंटीबॉडी के रूप में संक्रमण (बीमारियों) से रक्षा करना।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह प्रश्नपत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षणिक मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया एक संभावित मॉडल पेपर है। यह कोई असली या लीक हुआ पेपर नहीं है। कृपया परीक्षा के सटीक पाठ्यक्रम के लिए MP Board के निर्देशों का ही पालन करें।