MP TET प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा सिलेबस 2026 (पूरा विस्तृत पाठ्यक्रम PDF) | MP Education Gyan Deep
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MP TET प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा सिलेबस 2026 — संपूर्ण एवं विस्तृत पाठ्यक्रम

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लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा विमर्श पोर्टल पर जारी आधिकारिक पाठ्यक्रम के आधार पर — विषयवार पूर्ण विवरण, अंक विभाजन एवं तैयारी मार्गदर्शन

प्रकाशित: 07 जुलाई 2026 श्रेणी: MP TET / शिक्षक भर्ती परीक्षा पढ़ने का समय: लगभग 14 मिनट

मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET Primary) की तैयारी करने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए यह लेख बेहद महत्वपूर्ण है। इस लेख में हमने लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (DPI MP) द्वारा विमर्श पोर्टल पर अपलोड किए गए आधिकारिक पाठ्यक्रम को विषयवार, टॉपिकवार और अंकवार पूरी तरह विस्तार से समझाया है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम समझने में कोई कठिनाई न हो और वे एक सुव्यवस्थित रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी कर सकें।

1. MP TET प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा — एक नज़र में

MP TET Primary परीक्षा कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार (Multiple Choice) की होती है और इसमें पाँच मुख्य खंड होते हैं — बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित तथा पर्यावरण अध्ययन। प्रत्येक खंड से 30 प्रश्न पूछे जाते हैं (बाल विकास खंड से कुल 30 अंक अलग-अलग उप-भागों में विभाजित होते हैं), जिससे परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होते हैं और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।

ध्यान दें: भाषा-1 और भाषा-2 के लिए अभ्यर्थी हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू में से किन्हीं दो भाषाओं का चयन कर सकते हैं। नीचे दिए गए विवरण में सभी चारों भाषाओं का पाठ्यक्रम दिया गया है।

2. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development and Pedagogy) — कुल 30 अंक

यह खंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है क्योंकि यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की मूलभूत समझ का परीक्षण करता है। इसे तीन उप-भागों में बांटा गया है:

2.1 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र — 15 अंक

  • बाल विकास की अवधारणा एवं इसका अधिगम से संबंध
  • विकास और विकास को प्रभावित करने वाले कारक
  • बाल विकास के सिद्धांत
  • बालकों का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार संबंधी समस्याएं
  • वंशानुक्रम एवं वातावरण का प्रभाव
  • समाजीकरण प्रक्रियाएं: सामाजिक जगत एवं बच्चे (शिक्षक, अभिभावक, साथी)
  • पियाजे, पावलव, कोहलर और थार्नडाइक के सिद्धांत — रचना एवं आलोचनात्मक स्वरूप
  • बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा
  • बुद्धि की रचना का आलोचनात्मक स्वरूप और उसका मापन, बहुआयामी बुद्धि (Multiple Intelligence)
  • व्यक्तित्व और उसका मापन
  • भाषा और विचार
  • सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंगभेद और शैक्षिक प्रथाएं
  • अधिगमकर्ताओं में व्यक्तिगत भिन्नताएं (भाषा, जाति, लिंग, संप्रदाय, धर्म आदि आधारित)
  • अधिगम के लिए आंकलन और अधिगम का आंकलन — दोनों में अंतर, शाला आधारित आंकलन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE)
  • अधिगमकर्ताओं की तैयारी के स्तर के आंकलन हेतु उपयुक्त प्रश्नों का निर्माण, कक्षा में आलोचनात्मक चिंतन एवं उपलब्धि का आंकलन

2.2 समावेशित शिक्षा की अवधारणा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समझ — 5 अंक

  • अलाभान्वित एवं वंचित वर्ग सहित विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकर्ताओं की पहचान
  • अधिगम कठिनाइयों, 'क्षति' आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं की पहचान
  • प्रतिभावान, सृजनात्मक एवं विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ताओं की पहचान
  • समस्याग्रस्त बालक: पहचान एवं निदानात्मक पक्ष
  • बाल अपराध: कारण एवं प्रकार

2.3 अधिगम और शिक्षाशास्त्र — 10 अंक

  • बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, सफलता या असफलता के कारण
  • शिक्षण और अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएं, रणनीतियाँ, अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में
  • समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक-अन्वेषक के रूप में बच्चा
  • बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक धारणाएं, त्रुटियों को सार्थक कड़ी के रूप में समझना
  • अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक: अवधान और रुचि
  • संज्ञान और संवेग (Cognition and Emotion)
  • अभिप्रेरणा और अधिगम
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक — व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
  • निदेशन एवं परामर्श (Guidance and Counselling)
  • अभिक्षमता और उसका मापन
  • स्मृति और विस्मृति

3. हिंदी भाषा (30 प्रश्न)

भाषायी समझ/अवबोध — 15 अंक

भाषायी समझ/अवबोध के लिए दो अपठित गद्यांश/पद्यांश दिए जाते हैं। एक गद्यांश (नाटक/एकांक/घटना/निबंध/कहानी आदि से) तथा दूसरा अपठित पद्य के रूप में होता है। इनमें से समझ/अवबोध, व्याख्या, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। गद्यांश साहित्यिक, वैज्ञानिक, सामाजिक समरसता अथवा तात्कालिक घटनाओं पर आधारित हो सकते हैं।

भाषाई विकास हेतु निर्धारित शिक्षाशास्त्र — 15 अंक
  • भाषा सीखना और ग्रहणशीलता
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं
  • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति में व्याकरण की भूमिका
  • विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं क्रमबद्धता
  • भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन
  • कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत
  • पुनः शिक्षण (Remedial Teaching)

4. English Language (30 Questions)

Comprehension — 15 Marks

इस भाग में दो अपठित गद्यांश (discursive, literary, narrative अथवा scientific) दिए जाते हैं, जिन पर comprehension, grammar तथा verbal ability से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Pedagogy of Language Development — 15 Marks
  • Learning and acquisition of language
  • Principles of second language teaching
  • Language skills — listening, speaking, reading, writing
  • Role of listening and speaking, function of language and how children use it as a tool
  • Role of grammar in learning a language for communicating ideas verbally and in written form
  • Challenges of teaching language in a diverse classroom, language difficulties
  • Evaluating language comprehension and proficiency: listening, speaking, reading, writing
  • Remedial teaching (Re-teaching)
  • Teaching learning materials, textbook, multi-media materials, multi-lingual resource of the classroom

5. संस्कृत भाषा (30 प्रश्न)

भाषायी समझ/अवबोध — 15 अंक

दो अपठित (एक गद्यांश, एक पद्यांश) साहित्यिक/वैज्ञानिक/सामाजिक/तात्कालिक घटनाओं पर आधारित दिए जाते हैं, जिन पर समझ, व्याकरण एवं मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

भाषाई विकास हेतु निर्धारित शिक्षाशास्त्र — 15 अंक
  • भाषा सीखना और ग्रहणशीलता
  • भाषा शिक्षण के सिद्धांत
  • भाषा शिक्षण में सुनने, बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, बच्चे भाषा का प्रयोग कैसे करते हैं
  • मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति में व्याकरण की भूमिका
  • विभिन्न स्तरों के बच्चों की चुनौतियाँ, कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं क्रमबद्धता
  • भाषा के चारों कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना) का मूल्यांकन
  • कक्षा में शिक्षण अधिगम सामग्री, पाठ्यपुस्तक, दूरसंचार (दृश्य एवं श्रव्य) सामग्री, बहुकक्षा स्रोत
  • पुनः शिक्षण

6. उर्दू भाषा (30 प्रश्न)

ज़बान की सलाहियत पर मबनी सवालात — 15 अंक

दो गैर-दर्सी इबारात (मालूमाती/अदबी/बयानिया/साइंसी) सलाहियत पर मबनी सवालात, क़वायद (व्याकरण) और ज़बानी सलाहियत पर मबनी सवालात पूछे जाते हैं।

ज़बान के नशवोनुमा और तदरीसी तरीके — 15 अंक
  • ज़बान की तदरीस के उसूल
  • ज़बान में सुनने और बोलने की अहमियत, ज़बान का काम और बच्चे के ज़रिये ज़बान की महारत का इस्तेमाल
  • ज़बान सीखने और ख़यालात का ज़बानी और तहरीरी इज़हार करने में क़वायद (व्याकरण) के रोल का तनक़ीदी जायज़ा
  • कक्षा में मुख़्तलिफ़ तालीमी इत्तेदा (स्तर) वाले बच्चों की ज़बान की मुश्किलात, ग़लतियों और बे-तरतीबी के चैलेंज को क़ुबूल करते हुए ज़बान पढ़ाना
  • ज़बान की महारत, सलाहियत और ज़बान पर उबूर के तज़ज़िये के लिए बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
  • तालीमी इदादी अशिया (TLM), दर्सी किताबें और मल्टीमीडिया मटीरियल, कक्षा में मुहैया मुख़्तलिफ़ ज़बान का मवाद
  • तदारक तदरीस (Remedial Teaching)

निसाबी मौज़ूआत के अंतर्गत असनाफ़-ए-नस्र (कहानी, मालूमाती मज़ामीन, ड्रामा, मुक़ालमा), असनाफ़-ए-नज़्म (नज़्म, गीत), क़वायद (इस्म, ज़मीर, फ़े'ल, सिफ़त, मयार-ए-जुमला, ज़माना, जुमले व मुहावरे, वाहिद-जमा, मुज़क्कर-मोअनस, तज़ाद), ख़ुतूत व दरख़्वास्त-नवीसी, ग़ैर-दर्सी इक़्तिबास तथा मज़मून-नवीसी शामिल हैं।


7. गणित (Maths) — 30 प्रश्न

विषयवस्तु — 15 अंक
  • संख्या पद्धति — 1000 से बड़ी संख्याओं को पढ़ना व लिखना, स्थानीय मान की समझ व चार मूलभूत संक्रियाएँ
  • जोड़ना व घटाना — पाँच अंकों तक की संख्या का जोड़ना व घटाना
  • गुणा — 2 या 3 अंकों की संख्या का गुणा करना
  • भाग — दो अंकों वाली संख्या से चार अंकों वाली संख्या में भाग देना
  • भिन्न — अवधारणा, सरलतम रूप, समभिन्न, विषम भिन्न; जोड़ना, घटाना, गुणा व भाग; समतुल्य भिन्न; दशमलव में तथा दशमलव संख्या को भिन्न में लिखना
  • सामान्यतः प्रयुक्त लंबाई, भार, आयतन की बड़ी व छोटी इकाइयों में संबंध एवं परिवर्तन
  • ज्ञात इकाइयों में किसी ठोस वस्तु का आयतन ज्ञात करना
  • पैसा, लंबाई, भार, आयतन तथा समय-अंतराल से संबंधित प्रश्नों में चार मूल गणितीय संक्रियाओं का उपयोग
  • मीटर को सेंटीमीटर एवं सेंटीमीटर को मीटर में बदलना
  • पैटर्न — संख्या से संबंधित पैटर्न को समझकर आगे बढ़ाना, त्रिभुजीय संख्या तथा वर्ग संख्या के पैटर्न पहचानना
  • ज्यामिति — बिंदु, रेखाखंड, कोण (वर्गीकरण), त्रिभुज (भुजा व कोण आधारित वर्गीकरण), त्रिभुज के तीन कोणों का योग 180°
  • वृत्त के केंद्र, त्रिज्या तथा व्यास की पहचान व समझ, आपसी संबंध; सममित आकृति; समानांतर व लंबवत रेखा
  • सरल ज्यामितीय आकृतियों (त्रिभुज, आयत, वर्ग) का क्षेत्रफल तथा परिमाप ज्ञात करना
  • परिवेश की 2D आकृतियों की पहचान
  • दैनिक जीवन से संबंधित विभिन्न आँकड़ों को एकत्र करना, दंड आलेख (Bar Graph) के माध्यम से दर्शाना व निष्कर्ष निकालना
  • घड़ी के समय को घंटे तथा मिनट में पढ़ना, AM/PM, 24 घंटे व 12 घंटे की घड़ी का संबंध, समय-अंतराल की गणना
  • गुणा तथा भाग में पैटर्न की पहचान; सममिति पर आधारित ज्यामितीय पैटर्न
Pedagogical Issues — 15 अंक
  • गणित शिक्षण द्वारा चिंतन एवं तर्कशक्ति का विकास करना
  • पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा
  • भावी शिक्षण हेतु परिवेश-आधारित उपयुक्त शैक्षणिक सहायक सामग्री का निर्माण एवं उपयोग
  • मूल्यांकन की नवीन विधियाँ, निदानात्मक परीक्षण व पुनः शिक्षण की क्षमता का विकास
  • गणित शिक्षण की नवीन विधियों का शिक्षण में उपयोग करने की क्षमता

8. पर्यावरण अध्ययन — EVS (30 प्रश्न)

हमारा परिवार, हमारे मित्र

  • परिवार और समाज से सहसंबंध — बड़े-बूढ़े, बीमार, किशोर, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल व संवेदनशीलता
  • हमारे पशु-पक्षी — पालतू, माल वाहक, आस-पास के जीव-जन्तु, प्रदूषण का प्रभाव
  • हमारे पेड़-पौधे — स्थानीय, मनुष्यों से अन्तः निर्भरता, वनों की सुरक्षा, प्रदूषण का प्रभाव
  • हमारे प्राकृतिक संसाधन — प्रमुख संसाधन, संरक्षण, ऊर्जा के पारंपरिक, नवीनीकृत एवं अनवीनीकृत स्रोत

खेल एवं कार्य

  • खेल, व्यायाम और योगासन
  • पारिवारिक उत्सव, मनोरंजन के साधन (किताबें, कहानियाँ, कठपुतली, मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम)
  • विभिन्न काम-धंधे, उद्योग और व्यवसाय

आवास

  • पशु, पक्षी और मनुष्य के विभिन्न आवास, आवास की आवश्यकता और स्वस्थ जीवन के लिए विशेषताएँ
  • स्थानीय इमारतों की सुरक्षा, सार्वजनिक संपत्ति, राष्ट्रीय धरोहर और उनकी देखभाल
  • उत्तम आवास और निर्माण सामग्री, निर्माण सामग्री की गणना
  • शौचालय की स्वच्छता, परिवेश की साफ-सफाई और अच्छी आदतें

हमारा भोजन और आदतें

  • भोजन की आवश्यकता, भोजन के घटक
  • फल एवं सब्जियों का महत्व, पौधों के अंगों के अनुसार वर्गीकरण
  • भोज्य पदार्थों का स्वास्थ्यवर्धक संयोजन, विभिन्न आयु के लिए भोजन ग्रहण करने का सही समय
  • उत्तम स्वास्थ्य हेतु भोजन की स्वच्छता व सुरक्षा के उपाय, खाद्य संसाधनों की सुरक्षा

20 Marks (उपरोक्त चारों टॉपिक + पानी और हवा वाला भाग मिलाकर)

पानी और हवा, प्रदूषण एवं संक्रमण

  • जीवन के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छ हवा की आवश्यकता
  • स्थानीय मौसम, जल चक्र, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और हमारी भूमिका
  • पानी के स्रोत, सुरक्षित रखरखाव, संरक्षण एवं पोषण के तरीके
  • संक्रमित वायु एवं पानी से होने वाले रोग, उपचार, बचाव, अन्य संक्रामक रोग
  • हवा, पानी, भूमि का प्रदूषण और सुरक्षा, अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन एवं निस्तारण
  • भूकंप, बाढ़, सूखा आदि आपदाओं से सुरक्षा और बचाव, आपदा प्रबंधन
  • प्राकृतिक संसाधनों का संपोषित प्रबंधन — उचित दोहन, डीजल, पेट्रोलियम खपत एवं संपोषण

प्राकृतिक वस्तुएँ और उपज

  • मिट्टी, पानी, बीज और फसल का संबंध, जैविक-रासायनिक खाद
  • विभिन्न फसलें, उनके उत्पादक क्षेत्र
  • फसल उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि कार्य और उपकरण

मानव-निर्मित साधन एवं उसके क्रियाकलाप का प्रभाव

  • वनों की कटाई और शहरीकरण, पारिस्थितिक संतुलन पर प्रभाव
  • ओज़ोन क्षय, अम्लीय वर्षा, ग्लोबल वार्मिंग, ग्रीन हाउस प्रभाव — वैज्ञानिक कारण एवं निदान
  • पॉलिथिन, प्लास्टिक का उपयोग और अपघटक अपमार्जक
  • जीवाश्म ईंधन के प्रयोग के प्रभाव, आपदा प्रबंधन

अंतरिक्ष विज्ञान

  • अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का परिचय, अंतरिक्ष में जीवन के अनुभव
  • अंतरिक्ष जीवन के वैज्ञानिक तथ्य, जीवन की संभावनाएं
  • अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष खोजें एवं भविष्यवाणियां

Pedagogical Issues — 10 Marks

  • पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा और उसकी आवश्यकता, महत्व, समेकित पर्यावरणीय शिक्षा
  • पर्यावरणीय शिक्षा के सूत्र एवं दायित्व, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान से सहसंबंध
  • अवधारणाओं के स्पष्टीकरण हेतु प्रविधियाँ और गतिविधियाँ
  • परिवेशीय भ्रमण, प्रयोगात्मक कार्य, प्रोजेक्ट कार्य और उनका महत्व
  • चर्चा, परिचर्चा, प्रस्तुतीकरण और समूह शिक्षण व्यवस्था से सीखना
  • सतत-व्यापक मूल्यांकन — प्रश्न पूछना, मौखिक/लिखित अभिव्यक्ति, वर्कशीट, एनेकडॉटल रिकॉर्ड, पोर्टफोलियो, केस स्टडी
  • पर्यावरणीय शिक्षा में शिक्षण सामग्री/सहायक सामग्री और उसका अनुप्रयोग
  • स्थानीय परिवेश की पर्यावरणीय समस्याएँ और समाधान खोजने की क्षमता का विकास

9. संपूर्ण अंक विभाजन तालिका (Marks Distribution)

विषय / खंडअंक
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र15
समावेशित शिक्षा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चे5
अधिगम और शिक्षाशास्त्र10
भाषा-1 (हिंदी/अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू में से कोई एक)30
भाषा-2 (हिंदी/अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू में से कोई एक)30
गणित (विषयवस्तु + Pedagogical Issues)30
पर्यावरण अध्ययन — EVS (विषयवस्तु + Pedagogical Issues)30
कुल योग150

नोट: बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड के तीनों उप-भाग (15+5+10) मिलाकर कुल 30 अंक बनते हैं, जो अन्य विषयों (भाषा, गणित, EVS) के 30-30 अंकों के बराबर है।


10. MP TET Primary तैयारी हेतु सुझाव

  • बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड में पियाजे, कोहलर, थार्नडाइक व पावलव के सिद्धांतों को गहराई से समझें, क्योंकि इनसे प्रति वर्ष कई प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • भाषा खंड में व्याकरण के साथ-साथ शिक्षाशास्त्र (Pedagogy) वाले भाग पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह 15 अंक का होता है।
  • गणित में NCERT कक्षा 1 से 5 की पाठ्यपुस्तकों का गहन अध्ययन करें, विशेषकर संख्या पद्धति, भिन्न और ज्यामिति।
  • EVS में दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों तथा पर्यावरणीय मुद्दों पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • पुराने प्रश्न पत्रों (Previous Year Papers) तथा मॉक टेस्ट का नियमित अभ्यास करें।
  • समय प्रबंधन का अभ्यास करने के लिए नियमित रूप से टाइमर लगाकर प्रैक्टिस टेस्ट दें।

11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

MP TET प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुल कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?

MP TET Primary (कक्षा 1 से 5) परीक्षा में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र, भाषा-1, भाषा-2, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) से कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं, प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।

MP TET सिलेबस में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से कितने अंक के प्रश्न आते हैं?

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड से कुल 30 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें बाल विकास (15 अंक), समावेशित शिक्षा (5 अंक) तथा अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र (10 अंक) शामिल हैं।

MP TET में भाषा के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं?

MP TET में भाषा-1 और भाषा-2 के अंतर्गत अभ्यर्थी हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू भाषाओं में से चयन कर सकते हैं। प्रत्येक भाषा से 30 प्रश्न (30 अंक) पूछे जाते हैं।

MP TET गणित सिलेबस में कौन-कौन से टॉपिक शामिल हैं?

गणित सिलेबस में संख्या पद्धति, जोड़ना-घटाना, गुणा-भाग, भिन्न, माप-तौल, ज्यामिति, पैटर्न, आंकड़े प्रबंधन तथा गणित शिक्षण से जुड़े शैक्षणिक मुद्दे (Pedagogical Issues) शामिल हैं। कुल 30 प्रश्न (30 अंक) पूछे जाते हैं।

MP TET EVS (पर्यावरण अध्ययन) सिलेबस में कितने अंक के प्रश्न होते हैं?

EVS खंड से कुल 30 प्रश्न (30 अंक) पूछे जाते हैं, जिसमें हमारा परिवार-मित्र, खेल एवं कार्य, आवास, भोजन एवं आदतें, पानी-हवा-प्रदूषण, प्राकृतिक वस्तुएं, अंतरिक्ष विज्ञान तथा पर्यावरणीय शिक्षा से जुड़े शैक्षणिक मुद्दे शामिल हैं।

MP TET सिलेबस PDF कहां से डाउनलोड करें?

MP TET का आधिकारिक सिलेबस लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (DPI MP) की विमर्श पोर्टल वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। MP Education Gyan Deep पर भी विस्तृत सिलेबस उपरोक्त लेख में उपलब्ध कराया गया है।

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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी एवं शैक्षणिक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा विमर्श पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज़ पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक निर्णय, आवेदन अथवा परीक्षा तैयारी से पूर्व कृपया संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम अधिसूचना और मूल पाठ्यक्रम दस्तावेज़ अवश्य देखें। सिलेबस, परीक्षा पैटर्न अथवा अंक विभाजन में समय-समय पर विभाग द्वारा परिवर्तन किया जा सकता है, जिसके लिए MP Education Gyan Deep उत्तरदायी नहीं है। किसी भी त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, अतः पाठकों से अनुरोध है कि आधिकारिक स्रोत से जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें।

© 2026 MP Education Gyan Deep — यह लेख शैक्षणिक जानकारी साझा करने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। स्रोत: लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (विमर्श पोर्टल)।

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