MP TET Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Syllabus 2026 — पूरी जानकारी हिंदी में
लेख में क्या-क्या है (Table of Contents)
- परीक्षा का स्वरूप — एक नज़र में
- अंग्रेजी (English) — 120 अंक
- हिंदी (Hindi) — 120 अंक
- संस्कृत (Sanskrit) — 120 अंक
- उर्दू (Urdu) — 120 अंक
- गणित (Mathematics) — 120 अंक
- विज्ञान (Science) — 120 अंक
- सामाजिक विज्ञान (Social Studies) — 120 अंक
- सामान्य खंड — भाषा, GK, रीजनिंग, बाल विकास
- प्रमुख मनोवैज्ञानिक व शिक्षाशास्त्र के मुख्य बिंदु
- तैयारी के लिए सुझाव
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- डिस्क्लेमर
1. परीक्षा का स्वरूप — एक नज़र में
MP TET Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha में अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू, गणित, विज्ञान अथवा सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र का चयन करते हैं। प्रत्येक विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र 120 अंकों का होता है और इसके साथ भाषा, सामान्य ज्ञान, तार्किक योग्यता तथा बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से जुड़ा एक सामान्य खंड भी शामिल रहता है।
2. अंग्रेजी (English) — 120 अंक
| Topic | विवरण (Syllabus Description) |
|---|---|
| Reading Comprehension | ~200 शब्दों के दो अनुच्छेद (तथ्यात्मक + साहित्यिक/विचारात्मक) पर लघु उत्तरीय प्रश्न; ~15 पंक्तियों की कविता — figures of speech, forms of poetry; सारणी/चित्रात्मक जानकारी की व्याख्या |
| Vocabulary | One word substitution; Opposites; Synonyms; Phrases; Idioms/proverbs; Word formation |
| Functional Grammar | Tenses; Modals; Determiners; Articles; Voices; Narration; Prepositions; Clauses; Transformation of sentences |
| Writing | 40-50 शब्दों में घटना/incident का factual description — report/process/poster/notice; Essay; Letters (business/official, editor, personal, job application) |
| Pedagogy of Language Development | Learning & acquisition — need, objectives, अच्छे शिक्षक के गुण; Methods — grammar translation, direct, bilingual, communicative, structural, integrated; LSRW skills; व्याकरण की भूमिका; शिक्षण की चुनौतियाँ — planning व implementation (prose, grammar, composition, poetry); Evaluation — CCE, remedial teaching; Teaching materials — charts, flash cards, models, newspaper cuttings, CD, radio, tape recorder |
3. हिंदी (Hindi) — 120 अंक
| विषय / टॉपिक | पाठ्यक्रम विवरण |
|---|---|
| वाक्य बोध / भाषा बोध | विराम चिह्न; वाक्य रचना — शुद्ध वाक्य, वाक्य परिवर्तन, वाक्य के प्रकार; मुहावरे, लोकोक्तियाँ; बोली, उपभाषा, मातृभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा |
| काव्य | काव्य परिभाषा, भेद, काव्य गुण; शब्द शक्ति; छंद — मात्रिक, वर्णिक, कुंडलिया, घनाक्षरी, मंदाक्रांता, छप्पय, कवित्त, सवैया; अलंकार — यमक, श्लेष, व्याजस्तुति, व्याजनिंदा, विभावना, विशेषोक्ति, भ्रांतिमान, संदेह, विरोधाभास, अपह्नुति; रस — परिचय, अंग, रसभेद |
| अपठित बोध | गद्यांश/पद्यांश — शीर्षक, व्याख्या, सारांश |
| निबंध लेखन | सामाजिक, सांस्कृतिक, समसामयिक, विचारात्मक, भावात्मक, ललित विषय |
| पत्र लेखन | औपचारिक, अनौपचारिक, सामयिक समस्याओं के समाधान हेतु, संपादक के नाम पत्र |
| हिन्दी साहित्य (पद्य) | आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल — कवियों का साहित्यिक परिचय; आधुनिक काल — छायावाद, रहस्यवाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता — कवियों का परिचय |
| हिन्दी गद्य | निबंध, नाटक, कहानी — सामान्य परिचय, लेखक परिचय (रचनाएँ, भाषाशैली) |
| भाषा शिक्षाशास्त्र | भाषा सीखना और ग्रहणशीलता; शिक्षण सिद्धांत; सुनने, बोलने की भूमिका; मौखिक और लिखित अभिव्यक्ति — व्याकरण की भूमिका; शिक्षण की चुनौतियाँ, त्रुटियाँ; चारों कौशलों का मूल्यांकन; शिक्षण सामग्री — पाठ्यपुस्तक, दृश्य-श्रव्य सामग्री, बहुकक्षा स्रोत, पुनः शिक्षण |
4. संस्कृत (Sanskrit) — 120 अंक
| विषय / टॉपिक | पाठ्यक्रम विवरण |
|---|---|
| व्याकरण — शब्दरूप | राम, कवि, भानू, लता, पितृ, नदी, वधू, मातृ, फल, वारि, आत्मन्; सर्वनाम — सर्व, तद्, एतद्, यत्, इदम्, अस्मद्, युष्मद् |
| व्याकरण — धातुरूप | लट्, लृट्, लोट्, लङ्, विधिलिङ् — परस्मैपद एवं आत्मनेपद |
| व्याकरण — सन्धि | स्वर, व्यञ्जन, विसर्ग सन्धि — भेद, सन्धि विच्छेद, सन्धि युक्त पद |
| व्याकरण — समास | परिभाषा, भेद, समास विग्रह, सामासिक पद |
| व्याकरण — प्रत्यय | कृत् — क्त्वा, ल्यप्, तुमुन्, क्त, क्तवतु, शतृ, शानच्, तव्यत्, अनीयर्; तद्धित — अण्, ढक्, मतुप्, इतच्, तल्, ठक्; स्त्री — टाप्, डीप् |
| अव्यय | पुनः, अपि, पुरा, अधुना, ह्यः, श्वः, अद्य, कुत्र, यत्र, तत्र, सर्वत्र, यदा, कदा, सर्वदा, उपरि, यथा, तथा |
| निबन्ध / पत्र | संस्कृत निबन्ध; अनौपचारिक पत्र एवं प्रार्थना पत्र |
| साहित्यिक परिचय | वेद, वेदांग, पुराण, उपनिषद्; रामायण, महाभारत; भास, कालिदास, शूद्रक, भवभूति की कृतियाँ |
| कारक / विभक्तियाँ | सामान्य परिचय |
| अनुवाद | हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद |
| अपठित बोध | संस्कृत अपठित गद्य एवं पद्य — हिन्दी अनुवाद, प्रश्न (एक वाक्य/पूर्ण वाक्य में उत्तर, पर्याय, विलोम) |
| शिक्षाशास्त्र | भाषा सीखना और ग्रहणशीलता; शिक्षण सिद्धान्त; सुनने, बोलने की भूमिका; व्याकरण की भूमिका; चुनौतियाँ, त्रुटियाँ; चारों कौशलों का मूल्यांकन; शिक्षण सामग्री — पाठ्यपुस्तक, दृश्य-श्रव्य सामग्री; निदानात्मक परीक्षण, उपचारात्मक शिक्षण |
5. उर्दू (Urdu) — 120 अंक
| विषय / टॉपिक | पाठ्यक्रम विवरण |
|---|---|
| गद्य (नसर) की विधाएँ | मकतूब निगारी, दास्तान, अदबी तारीख, मुख्तसर अफसाने, रिपोरताज, इन्शाइया, तंज़ो मज़ाह, सफरनामा, खाका; मुआविन मृताला — यादें, आपबीती, मजमून, कहावतें |
| पद्य (नज़्में) | ग़ज़ल, मसनवी, क़सीदा, मर्सिया, रुबाई, तवील नज़्म — अली सरदार जाफ़री की रचना “वक़्त का तराना” |
| व्याकरण (कवायद) | हुरूफ़ शम्सी/क़मरी, हरकात व सकनात, रमूज़ औक़ाफ़, साबिक़-लाहिक़, सिफ़त, तज़ाद, तजाहिले आरिफ़ाना, हर्फ़े अत्फ़, मजाज़ मुरसल, कहावतें, मुहावरे (वाक्य में प्रयोग), तजनीस (ताम, जायद, नाक़िस), कनाया, लफ़्व व नश्र |
| निबंध लेखन | मज़मून निगारी |
| पत्र / प्रार्थना पत्र | ख़त व दरख़्वास्त |
| अपठित | ग़ैर दरसी इकतिबास — तशरीह व प्रश्न |
| उर्दू साहित्य का इतिहास | गद्य व पद्य का विकास |
| शिक्षाशास्त्र | उर्दू शिक्षण की आवश्यकता, उद्देश्य, अच्छे शिक्षक के गुण; शिक्षण सिद्धान्त; नस्र व नज़्म की विधाओं का शिक्षण; चारों महारतें; मौखिक व तहरीरी में कवायद; कक्षा में तालीमी इस्तेदाद, मुश्किलात, गलतियाँ; किताब, अमदादी अशिया, मल्टीमीडिया; ख़ुसूसी तदरीस; कवायद — इस्म, जमीर, फेअल, जिस, जम, जमला, सिफ़त, तज़ाद, वाहिद जमा, मुज़क्कर मोअन्नस, मुहावरे, मारूफ़ मजहूल, ग़ज़ल, क़त्आ, रुबाई, मसनवी, नज़्म, तशबीह, तलमीह, इस्तिआरा, सनअते तज़ाद, मतला, मक़ता, रदीफ़, क़ाफ़िया; ग़ैर दरसी इकतिबास; दरख़्वास्त, ख़ुतूत नवीसी, मज़मून नवीसी |
6. गणित (Mathematics) — 120 अंक
| विषय / टॉपिक | पाठ्यक्रम विवरण |
|---|---|
| संख्या पद्धति | प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक — युक्ति विभाजन प्रमेयिका; परिमेय संख्याएँ — संक्रियाएँ, अपरिमेय संख्याएँ; घातांक — परिमेय घातांक के नियम; बहुपद एवं परिमेय व्यंजक |
| बीजगणित | बीजीय व्यंजक एवं संक्रियाएँ; अनुपात, समानुपात, किस्त, लघुगणक; एक चर का एक घातीय समीकरण; दो चरों का रैखिक समीकरण — बीजगणितीय विधि |
| ज्यामिति | मूल ज्यामितीय अवधारणाएँ, क्षेत्रफल; त्रिभुज के गुण, पाइथागोरस प्रमेय; कोण, सममिति; वृत्त, समरूप त्रिभुज |
| क्षेत्रोमिति / त्रिकोणमिति | त्रिकोणमिति — परिचय एवं अनुप्रयोग |
| रचनाएँ | त्रिभुज की रचना, रेखाखंड का विभाजन, चतुर्भुज की रचना |
| क्षेत्रमिति | आयताकार पथ का क्षेत्रफल; पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन; वृत्त का क्षेत्रफल; द्विघात समीकरण, समांतर श्रेणियाँ |
| सांख्यिकी | दण्ड आलेख, आयत चित्र; माध्य, माध्यिका, बहुलक; आवृत्ति संचयी आवृत्ति, वृत्त चित्र, आवृत्ति बहुभुज |
| ब्रह्माण्ड / मापन | ब्रह्माण्ड; मापन — समय, ताप, लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, द्रव्यमान |
| पदार्थ विज्ञान | पदार्थ की अवस्थाएँ, गुण, पृथक्करण; धातु-अधातु, अणु, परमाणु, तत्व, यौगिक, मिश्रण; रासायनिक संकेत, सूत्र, समीकरण; अम्ल, क्षार, लवण |
| बल, गति, दाब | मूल अवधारणाएँ |
| कार्य, ऊर्जा, मशीन | मूल अवधारणाएँ |
| ताप एवं ऊष्मा | मूल अवधारणाएँ |
| गणित शिक्षाशास्त्र | गणित शिक्षण द्वारा चिंतन एवं तर्कशक्ति का विकास; पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा; परिवेश आधारित शैक्षणिक सामग्री; मूल्यांकन की नवीन विधियाँ, निदानात्मक परीक्षण एवं पुनः शिक्षण |
7. विज्ञान (Science) — 120 अंक
| विषय / टॉपिक | पाठ्यक्रम विवरण |
|---|---|
| ब्रह्माण्ड | सामान्य परिचय |
| मापन | समय, ताप, लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, द्रव्यमान का मापन |
| पदार्थ | अवस्थाएँ, गुण, पृथक्करण; धातु-अधातु, अणु, परमाणु, तत्व, यौगिक, मिश्रण; रासायनिक संकेत, सूत्र, समीकरण; अम्ल, क्षार, लवण |
| भोजन एवं स्वास्थ्य | भोजन के स्रोत, घटक, संरक्षण; पादप एवं प्राणियों में संरचनात्मक संगठन |
| सजीव जगत | वर्गीकरण, संरचना, जैविक प्रक्रियाएँ, अनुकूलन, जैव उत्पत्ति; मानव शरीर विज्ञान, कोशिका, आनुवंशिकी, विकास |
| बल, गति, दाब | मूल अवधारणाएँ |
| कार्य, ऊर्जा, मशीन | मूल अवधारणाएँ |
| ताप एवं ऊष्मा | मूल अवधारणाएँ |
| हमारे आसपास का वातावरण | भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन; कार्बन — अपररूप; हाइड्रोकार्बन |
| प्राकृतिक घटनाएँ | प्रकाश, ध्वनि |
| वस्तुएँ कैसे काम करती हैं | चुम्बक, विद्युत एवं विद्युत धारा |
| प्राकृतिक संसाधन | संसाधन प्रबंधन |
| खाद्य उत्पादन एवं प्रबंधन | कृषि एवं खाद्य प्रबंधन |
| पर्यावरण | पर्यावरणीय अवधारणाएँ |
| विज्ञान शिक्षाशास्त्र | विज्ञान के उद्देश्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण; तथ्य एवं सिद्धान्त; कौशल — अवलोकन, प्रयोग, खोज; परिवेश आधारित सामग्री; मूल्यांकन की नवीन विधियाँ, निदानात्मक परीक्षण, पुनः शिक्षण |
8. सामाजिक विज्ञान (Social Studies) — 120 अंक
| विषय / टॉपिक | पाठ्यक्रम विवरण |
|---|---|
| इतिहास | स्रोत, आदिमानव, पाषाणकाल, हड़प्पा, वैदिक सभ्यता; जैन-बौद्ध, मौर्य, गुप्त, हर्ष; मध्यकाल — गौरी, ग़ज़नवी, दिल्ली सल्तनत, मुगल, विजयनगर, बहमनी, मराठा, सिक्ख; यूरोपीय कम्पनियाँ, ब्रिटिश विस्तार, 1857; पुनर्जागरण, कांग्रेस, राष्ट्रीय आन्दोलन; स्वतंत्रता, विभाजन, म.प्र. का योगदान; स्वतंत्रोत्तर — कश्मीर, युद्ध, आपातकाल, भारत का उदय |
| नागरिक शास्त्र | परिवार, समाज, राष्ट्रीय प्रतीक, स्थानीय स्वशासन; संविधान — विशेषताएँ, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, मानव अधिकार; संघीय व्यवस्थापिका (लोकसभा, राज्यसभा); कार्यपालिका (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मन्त्रिपरिषद्); न्यायपालिका; राज्य सरकार; निर्वाचन आयोग; प्रजातन्त्र — कार्यप्रणाली, दल, चुनौतियाँ; अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग — संरक्षण; विदेश नीति, संयुक्त राष्ट्र |
| भूगोल | सौरमण्डल, अक्षांश-देशान्तर, ग्लोब; स्थलमण्डल — पृथ्वी की गतियाँ, ऋतुएँ, बाह्य/आन्तरिक शक्तियाँ, मृदा; वायुमण्डल, जलमण्डल; भारत — स्थिति, भौतिक संरचना, जलवायु, मृदा, वनस्पति, खनिज, उद्योग, फसलें, परिवहन, जनसंख्या; महाद्वीप — संरचना, जलवायु, वनस्पति, जीव, खनिज, उद्योग, फसलें; प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन, आपदा प्रबंधन |
| अर्थशास्त्र | आर्थिक विकास, चुनौतियाँ, आर्थिक प्रणाली, वैश्वीकरण; मुद्रा एवं वित्तीय प्रणाली; पंचवर्षीय योजनाएँ, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खाद्यान्न सुरक्षा, सेवा क्षेत्र, उपभोक्ता संरक्षण |
| शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे | सामाजिक विज्ञान की प्रकृति एवं अवधारणा; कक्षागत गतिविधियाँ एवं परिचर्चा; विवेचनात्मक चिन्तन प्रक्रिया का विकास |
9. सामान्य खंड — भाषा, सामान्य ज्ञान, तार्किक योग्यता, बाल विकास
विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र के अतिरिक्त, सभी अभ्यर्थियों के लिए निम्न सामान्य खंड परीक्षा में शामिल रहते हैं:
9.1 हिंदी भाषा — 8 अंक
| टॉपिक | विवरण |
|---|---|
| अपठित गद्यांश | नाटक, एकांकी, घटना, निबंध, कहानी आदि से — साहित्यिक/वैज्ञानिक/सामाजिक समरसता/तात्कालिक घटनाओं पर आधारित; प्रश्न — समझ, व्याख्या, व्याकरण, मौखिक योग्यता |
| अपठित पद्यांश | पद्य पर आधारित प्रश्न — समझ, व्याख्या, व्याकरण, मौखिक योग्यता |
9.2 अंग्रेजी भाषा (Level-X) — 5 अंक
| Topic | विवरण |
|---|---|
| Reading Comprehension | Two short passages followed by short answer type questions |
| Vocabulary (Level-X) | One word substitution; Opposites; Synonyms; Phrases; Idioms/proverbs |
| Functional Grammar (Level-X) | Articles; Modals; Determiners; Noun/Pronoun; Adjective/Adverb; Narration; Prepositions; Tenses; Transformation of sentences; Voices |
9.3 सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाक्रम — 7 अंक
समसामयिक मामले; राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाएँ; भारत का इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन; भारत एवं विश्व का भूगोल (भौतिक, सामाजिक, आर्थिक); भारतीय राजनीति व शासन तंत्र — संविधान, राजनीतिक तंत्र, पंचायती राज, सार्वजनिक मुद्दे, धाराएँ व अधिकार; आर्थिक व सामाजिक विकास — सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्रों में पहल; पर्यावरण, पारिस्थितिकी, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन; सामान्य विज्ञान आधारित मुद्दे; भारतीय संस्कृति; राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेलकूद; मध्यप्रदेश का इतिहास, भूगोल, राजनीति, आर्थिक एवं सामाजिक विकास।
9.4 तार्किक एवं आंकिक योग्यता (Reasoning & Numerical)
| टॉपिक | विवरण |
|---|---|
| तार्किक योग्यता (Reasoning) | सामान्य मानसिक एवं विश्लेषणात्मक योग्यता; शाब्दिक/तार्किक रीजनिंग; संबंध व पदानुक्रम; एनालॉजी; दावा, सत्य कथन; कोडिंग व डिकोडिंग; स्थितिजन्य तर्क; श्रृंखला एवं पैटर्न (शब्दों एवं वर्णों सहित) |
| आंकिक योग्यता (Numerical) | दो एवं तीन आयामी वेन आरेख; संख्या पैटर्न, श्रृंखला, अनुक्रम; संख्याओं का मूलभूत ज्ञान (संख्या एवं उनके संबंध, परिमाण का क्रम); अंकगणितीय अभिवृत्ति; आँकड़ों की व्याख्या (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता); दिशा ज्ञान; विश्लेषण एवं व्याख्या |
9.5 बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र — 10 अंक
| टॉपिक | विवरण |
|---|---|
| बाल विकास की अवधारणा | अधिगम से संबंध; विकास को प्रभावित करने वाले कारक; बाल विकास के सिद्धांत |
| बालक का मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार | व्यवहार संबंधी समस्याएँ |
| वंशानुक्रम एवं वातावरण | प्रभाव |
| समाजीकरण प्रक्रियाएँ | सामाजिक जगत एवं बच्चे — शिक्षक, अभिभावक, साथी |
| प्रमुख मनोवैज्ञानिक | पियाजे, पावलव, कोहलर और थानडाइक — रचना एवं आलोचनात्मक स्वरूप |
| शिक्षा की अवधारणा | बाल केन्द्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा |
| बुद्धि | बुद्धि की संरचना का आलोचनात्मक स्वरूप एवं मापन; बहुआयामी बुद्धि |
| व्यक्तित्व | व्यक्तित्व एवं उसका मापन |
| भाषा एवं विचार | भाषा और विचार का संबंध |
| जेंडर | सामाजिक निर्माण के रूप में जेंडर, जेंडर की भूमिका, लिंगभेद और शैक्षिक प्रथाएँ |
| वैयक्तिक विभिन्नताएँ | अधिगमकर्ताओं में भिन्नताएँ — भाषा, जाति, लिंग, संप्रदाय, धर्म आदि की विषमताओं पर आधारित |
| आकलन | अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन में अंतर; शाला आधारित आकलन; सतत एवं समग्र मूल्यांकन — स्वरूप एवं प्रथाएँ (मान्यताएँ) |
| अधिगम एवं शिक्षाशास्त्र | बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; सफलता एवं असफलता के कारण; शिक्षण एवं अधिगम की मूलभूत प्रक्रियाएँ; अधिगम की रणनीतियाँ; अधिगम एक सामाजिक प्रक्रिया के रूप में; समस्या समाधानकर्ता एवं वैज्ञानिक-अन्वेषक के रूप में बच्चा; अधिगम की वैकल्पिक धारणाएँ; त्रुटियाँ — अधिगम प्रक्रिया में सार्थक कड़ी; अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक — अवधान एवं रुचि; संज्ञान और संवेग; अभिप्रेरणा और अधिगम; व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय कारक; निर्देशन एवं परामर्श; अभिक्षमता एवं मापन; स्मृति और विस्मृति; समावेशित शिक्षा — अवधारणा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चे; अलभ्यन्वित एवं वंचित वर्गों सहित विविध पृष्ठभूमियों के अधिगमकर्ता; अधिगम कठिनाइयों, क्षति आदि से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताएँ; प्रतिभावान, सृजनात्मक, विशेष क्षमता वाले अधिगमकर्ता; समस्याग्रस्त बालक — पहचान एवं निदानात्मक पक्ष; बाल अपराध — कारण एवं प्रकार |
10. प्रमुख मनोवैज्ञानिक व शिक्षाशास्त्र के मुख्य बिंदु
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड में पियाजे (Piaget), पावलव (Pavlov), कोहलर (Kohler) और थानडाइक (Thorndike) के सिद्धांतों की रचना एवं आलोचनात्मक स्वरूप से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा बुद्धि की संरचना, बहुआयामी बुद्धि (Multiple Intelligence), व्यक्तित्व मापन, तथा समावेशित शिक्षा (Inclusive Education) जैसे विषय भी महत्वपूर्ण हैं। इन सिद्धांतकारों के मूल सिद्धांतों और कक्षा-शिक्षण में उनके व्यावहारिक प्रयोग को समझना अभ्यर्थियों के लिए लाभदायक रहेगा।
11. तैयारी के लिए सुझाव
- पहले अपने चयनित विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र (120 अंक) के सिलेबस को टॉपिक-वार सूचीबद्ध कर, प्रत्येक टॉपिक के लिए NCERT/राज्य पाठ्यपुस्तकों से नोट्स तैयार करें।
- बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र तथा भाषा शिक्षाशास्त्र खंड को हल्के में न लें — यह हर विषय में समान रूप से महत्वपूर्ण है।
- मध्यप्रदेश से संबंधित सामान्य ज्ञान (इतिहास, भूगोल, राजनीति) पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह राज्य-स्तरीय परीक्षा है।
- तार्किक एवं आंकिक योग्यता के लिए नियमित अभ्यास व पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें।
- अपठित गद्यांश/पद्यांश (हिंदी एवं अंग्रेजी) की नियमित प्रैक्टिस करें, इससे भाषा खंड में समय की बचत होती है।
12. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
MP TET Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha में कुल कितने अंकों की परीक्षा होती है?
विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र (जैसे अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू, गणित, विज्ञान अथवा सामाजिक विज्ञान) 120 अंकों का होता है। इसके साथ ही सामान्य अध्ययन खंड — भाषा (हिंदी/अंग्रेजी), सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाक्रम, तार्किक एवं आंकिक योग्यता तथा बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र — मिलाकर परीक्षा का दूसरा भाग बनाते हैं।
MP TET Madhyamik के लिए विषय विकल्प क्या-क्या हैं?
अभ्यर्थी अपनी विषय पात्रता के अनुसार अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, उर्दू, गणित, विज्ञान अथवा सामाजिक विज्ञान में से कोई एक विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र चुन सकते हैं, प्रत्येक 120 अंकों का होता है।
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र खंड में कितने अंक होते हैं?
उपलब्ध सिलेबस अनुसार यह खंड 10 अंकों का है, जिसमें बाल विकास, अधिगम सिद्धांत, बुद्धि, व्यक्तित्व, जेंडर, वैयक्तिक विभिन्नताएँ एवं आकलन जैसे विषय शामिल हैं।
क्या सिलेबस में मध्यप्रदेश से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाते हैं?
हाँ, सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाक्रम खंड में मध्यप्रदेश के इतिहास, भूगोल, राजनीति तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास से संबंधित प्रश्न भी शामिल किए गए हैं।
यह सिलेबस किस विभाग द्वारा जारी किया गया है?
यह सिलेबस लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्यप्रदेश द्वारा विमर्श पोर्टल पर अपलोड किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ पर आधारित है।
स्रोत दस्तावेज़: MADHYAMIK SHIKSHAK ELIGIBILITY TEST SYLLABUS, MP Education Gyan Deep (mpeducationgyandeep.in), विमर्श पोर्टल — लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश।
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