चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 पदोन्नति आदेश निरस्त | MP GAD Order 2026 | MP Education Gyan Deep

चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 पदोन्नति आदेश निरस्त: सामान्य प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश का बड़ा आदेश

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📅 प्रकाशित: 24 जुलाई 2026  |  🏷️ MP सरकारी आदेश / GAD अपडेट  |  🏛️ सामान्य प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश शासन

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मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद हेतु जारी पदोन्नति आदेश को निरस्त करने और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को संबोधित किया गया है और इसमें CPCT (Computer Proficiency Certification Test) परीक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी को मुख्य कारण बताया गया है। इस लेख में हम इस आदेश के सभी बिंदुओं को विस्तार से समझेंगे।

संक्षेप में: विश्वविद्यालय ने पदोन्नति आदेश में यह शर्त रखी थी कि कर्मचारी 2 वर्ष के भीतर CPCT परीक्षा उत्तीर्ण कर लें, जबकि GAD के अनुसार CPCT परीक्षा से किसी प्रकार की छूट या समयावधि की सुविधा का कोई नियम मौजूद नहीं है। इसी विसंगति के कारण पूरा पदोन्नति आदेश निरस्त करने को कहा गया है।

📋 आदेश की मूल जानकारी (Order Details)

आदेश क्रमांक1/1/1/0042/2026-GAD-3-01 (GAD)
संदर्भ क्रमांकI/1184610/2026
जारीकर्तासामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल
प्राप्तकर्ताअपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, भोपाल, म.प्र.
विषयचतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 के पद हेतु जारी पदोन्नति आदेश निरस्त करने एवं संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही बाबत
संदर्भित आदेशसम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन का पदोन्नति आदेश क्रमांक /प्रशासन/संस्थापन/2026/591, दिनांक 10.07.2026
हस्ताक्षरकर्तारवि मालवीय, अवर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (डिजिटल हस्ताक्षर दिनांक 22.07.2026, समय 18:34:01)
प्रतिलिपिकुलसचिव, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)

🧾 पूरा मामला क्या है?

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन ने दिनांक 10.07.2026 को एक पदोन्नति आदेश जारी किया था, जिसमें विश्वविद्यालय के कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नत किया गया। इस पदोन्नति आदेश में विश्वविद्यालय ने GAD द्वारा CPCT के संबंध में जारी स्पष्टीकरण आदेश दिनांक 26.05.2026 का हवाला देते हुए यह शर्त जोड़ी कि संबंधित कर्मचारी 2 वर्ष के भीतर CPCT परीक्षा उत्तीर्ण कर लें। GAD ने इस व्याख्या को नियमों के विपरीत और त्रुटिपूर्ण बताते हुए पूरे आदेश को निरस्त करने का निर्देश जारी कर दिया।

🕰️ सहायक ग्रेड-3 पद हेतु अर्हता संबंधी परिपत्रों का इतिहास

इस आदेश को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि सहायक ग्रेड-3 पद की भर्ती/पदोन्नति अर्हता समय के साथ कैसे बदलती रही है। नीचे दी गई तालिका में सभी संबंधित परिपत्रों का कालक्रम दिया गया है:

दिनांकप्रावधान/परिपत्र
12.06.2009सहायक ग्रेड-3 पद हेतु हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा के साथ मान्यता प्राप्त संस्था से कम्प्यूटर डिप्लोमा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया।
31.08.2010पदोन्नत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने हेतु नियमानुसार छूट प्रदान की गई।
01.05.2013हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा के स्थान पर कम्प्यूटर टायपिंग दक्षता प्रमाण-पत्र अनिवार्य किया गया।
26.02.2015कम्प्यूटर टायपिंग दक्षता प्रमाण-पत्र के स्थान पर CPCT स्कोर कार्ड अनिवार्य किया गया।
26.05.2026GAD का स्पष्टीकरण आदेश: हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा और CPCT परीक्षा दोनों पृथक-पृथक अर्हताएं हैं; CPCT परीक्षा से छूट का कोई प्रावधान नहीं है।
10.07.2026सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन का पदोन्नति आदेश, जिसमें 2 वर्ष के भीतर CPCT उत्तीर्ण करने की शर्त पर पदोन्नति दी गई (जिसे बाद में निरस्त किया गया)।
22.07.2026GAD द्वारा उक्त पदोन्नति आदेश निरस्त करने का निर्देश जारी।

❗ GAD ने आदेश निरस्त करने के लिए क्या कारण बताए?

  1. नियमों की त्रुटिपूर्ण व्याख्या: विश्वविद्यालय ने GAD के परिपत्रों की गलत व्याख्या करते हुए CPCT परीक्षा से संबंधित छूट को स्वीकार किया, जबकि प्रचलित प्रावधानों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
  2. CPCT से छूट का कोई नियम नहीं: GAD के स्पष्टीकरण आदेश दिनांक 26.05.2026 में स्पष्ट कहा गया है कि हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा और CPCT परीक्षा पृथक-पृथक अर्हताएं हैं, इसलिए एक को पूरा करने से दूसरी की अनिवार्यता समाप्त नहीं होती।
  3. समयावधि की शर्त पर पदोन्नति अनुचित: "2 वर्ष के भीतर परीक्षा उत्तीर्ण करने" जैसी सशर्त पदोन्नति देना नियमों के विपरीत माना गया, क्योंकि CPCT उत्तीर्णता एक अनिवार्य पूर्व-शर्त है, न कि बाद में पूरी की जाने वाली औपचारिकता।

✅ आदेश में दिए गए निर्देश

  • दिनांक 10.07.2026 का पदोन्नति आदेश तत्काल निरस्त किया जाए।
  • संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार समुचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
  • इस निर्देश की सूचना और अनुपालन अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से हो।
  • आदेश की प्रतिलिपि कुलसचिव, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन को भेजी गई है ताकि विश्वविद्यालय स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

🎯 इस आदेश का असर किन पर पड़ेगा?

यह आदेश सीधे तौर पर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के उन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रभावित करेगा जिन्हें दिनांक 10.07.2026 के आदेश से सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नत किया गया था। साथ ही, यह मध्यप्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों और शासकीय कार्यालयों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि सहायक ग्रेड-3 पद हेतु CPCT परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य अर्हता है, न कि कोई शर्त जिसे बाद में पूरा किया जा सकता हो।

🎓 सहायक ग्रेड-3 पद हेतु वर्तमान अर्हता (सारांश)

वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सहायक ग्रेड-3 पद हेतु मान्यता प्राप्त संस्था से कम्प्यूटर डिप्लोमा के साथ-साथ CPCT स्कोर कार्ड अनिवार्य है। हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा/कम्प्यूटर टायपिंग दक्षता प्रमाण-पत्र की व्यवस्था अब CPCT परीक्षा द्वारा प्रतिस्थापित की जा चुकी है, और इसमें किसी प्रकार की छूट या स्थगन का प्रावधान नहीं है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. GAD ने कौन सा आदेश निरस्त करने को कहा है?

GAD ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा जारी पदोन्नति आदेश क्रमांक /प्रशासन/संस्थापन/2026/591, दिनांक 10.07.2026 को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं, जो चतुर्थ श्रेणी से सहायक ग्रेड-3 पद हेतु जारी किया गया था।

2. यह पदोन्नति आदेश निरस्त क्यों किया गया?

क्योंकि विश्वविद्यालय ने पदोन्नति में CPCT परीक्षा 2 वर्ष के भीतर उत्तीर्ण करने की शर्त पर छूट दी, जबकि GAD के प्रचलित प्रावधानों और स्पष्टीकरण आदेश दिनांक 26.05.2026 के अनुसार CPCT परीक्षा से किसी प्रकार की छूट का कोई प्रावधान नहीं है।

3. क्या हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा और CPCT परीक्षा एक ही हैं?

नहीं। GAD के स्पष्टीकरण आदेश दिनांक 26.05.2026 के अनुसार हिंदी मुद्रलेखन परीक्षा और CPCT परीक्षा दोनों पृथक-पृथक अर्हताएं हैं, और एक को उत्तीर्ण करने से दूसरी से छूट नहीं मिलती।

4. इस आदेश पर हस्ताक्षर किसने किए हैं?

यह आदेश रवि मालवीय, अवर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 22.07.2026 को डिजिटल हस्ताक्षरित किया गया है।

5. इस आदेश की प्रतिलिपि किसे भेजी गई है?

इस आदेश की प्रतिलिपि कुलसचिव, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.) को भेजी गई है।

6. सहायक ग्रेड-3 पद हेतु अब कौन-सी अर्हता अनिवार्य है?

मान्यता प्राप्त संस्था से कम्प्यूटर डिप्लोमा के साथ CPCT स्कोर कार्ड अनिवार्य है। CPCT परीक्षा से छूट का कोई प्रावधान नहीं है।

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🏁 निष्कर्ष

यह आदेश स्पष्ट करता है कि मध्यप्रदेश शासन के अधीनस्थ किसी भी विभाग या विश्वविद्यालय द्वारा जारी पदोन्नति आदेश में CPCT जैसी अनिवार्य अर्हता को छूट या शर्त के रूप में नहीं बदला जा सकता। GAD द्वारा उठाया गया यह कदम भविष्य में सभी शासकीय कार्यालयों के लिए एक मिसाल के रूप में काम करेगा कि नियमों की व्याख्या स्पष्टीकरण आदेशों के अनुरूप ही होनी चाहिए। MP Education Gyan Deep इस विषय से जुड़े हर अपडेट पर नजर बनाए रखेगा।

⚠️ Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है, जो सामान्य प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी सार्वजनिक दस्तावेज पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक कार्यवाही, आवेदन या निर्णय से पूर्व कृपया संबंधित विभाग/विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट या मूल आदेश की प्रति से जानकारी सत्यापित करें। MP Education Gyan Deep किसी भी त्रुटि, विसंगति या इस जानकारी के उपयोग से उत्पन्न परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।