मुख्यमंत्री स्टूडेंट प्रोत्साहन योजना में बड़ा बदलाव: अब प्रथम स्थान के साथ 70% अंक भी होंगे अनिवार्य
मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल ने मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब इस योजना का लाभ पाने के लिए विद्यार्थी को केवल प्रथम स्थान ही नहीं, बल्कि साथ में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक भी प्राप्त करना अनिवार्य होगा। योजना के लिए सरकार ने आगामी पांच वर्षों हेतु भारी-भरकम बजट को निरंतर रखने की स्वीकृति भी दे दी है।- आदेश क्रमांक
- I/1182499/2026
- जारी दिनांक
- 22-07-2026
- आधार निर्णय
- मंत्रि-परिषद आदेश आयटम क्रमांक-15, दिनांक 8 जुलाई 2026
- योजना क्रमांक
- 1139 - मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना
- स्वीकृत राशि
- ₹495.00 करोड़
- अवधि
- वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक
- हस्ताक्षरकर्ता
- प्रमोद सिंह, उप सचिव
आदेश में क्या कहा गया है?
मंत्रि-परिषद के आदेश आयटम क्रमांक-15, दिनांक 8 जुलाई 2026 में पारित निर्णय के परिपालन में राज्य शासन ने प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बालिका एवं बालक के लिए योजना क्रमांक 1139 - मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना हेतु वित्तीय आकार राशि रुपये 495.00 करोड़ को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की है।
पात्रता की मुख्य शर्तें
- विद्यार्थी स्कूल शिक्षा विभाग या जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल का होना चाहिए।
- परीक्षा प्रथम प्रयास में, नियमित परीक्षार्थी के रूप में उत्तीर्ण करनी होगी (प्राइवेट परीक्षार्थी पात्र नहीं)।
- न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य।
- अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करना अनिवार्य।
- यह लाभ बालक एवं बालिका दोनों के लिए समान रूप से उपलब्ध है।
योजना का वित्तीय ढांचा
सरकार ने इस योजना के लिए एक बार में पांच वर्षों का बजट सुनिश्चित कर दिया है, जिससे भविष्य में योजना के क्रियान्वयन में रुकावट न आए।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना |
| योजना क्रमांक | 1139 |
| कुल वित्तीय आकार | ₹495.00 करोड़ |
| अवधि | 2026-27 से 2030-31 (5 वर्ष) |
| संचालक विभाग | स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग |
छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए इसका क्या मतलब है?
नई शर्तों के लागू होने से अब स्कूटी पाने की प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक योग्यता-आधारित हो जाएगी। जो विद्यार्थी सिर्फ स्कूल-स्तर पर प्रथम आते थे लेकिन 70% से कम अंक लाते थे, वे अब इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इससे विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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निष्कर्ष
मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना में हुए इस बदलाव से मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व योग्यता-आधारित हो गई है। सरकार द्वारा 5 वर्ष के लिए 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति यह दर्शाती है कि यह योजना दीर्घकालिक रूप से जारी रहेगी। MP EDUCATION GYAN DEEP आपके लिए मध्यप्रदेश शिक्षा से जुड़ी हर आधिकारिक अपडेट सबसे पहले और सरल भाषा में लेकर आता रहेगा।

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