सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) सत्र 2026-27: कार्यकारी निर्देश जारी, जानें मासिक मूल्यांकन से वार्षिक परीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया
1️⃣ मासिक मूल्यांकन (कक्षा 3 से 8)
कक्षा शिक्षण के दौरान सतत व्यापक मूल्यांकन के अंतर्गत हर माह के अंतिम सप्ताह में निर्धारित ब्लूप्रिंट अनुसार शाला स्तर पर मासिक मूल्यांकन किया जाएगा।
कक्षा 1 व 2 में पृथक से मासिक मूल्यांकन नहीं होगा - इन कक्षाओं में केवल FLN (आधारभूत साक्षरता व संख्यात्मकता) आधारित साप्ताहिक व आवधिक आकलन विषयवार योजना अनुसार किया जाएगा।
कक्षा 3 से 8 तक कक्षावार सभी विषयों का मासिक मूल्यांकन माह के अंतिम सप्ताह में निर्धारित ब्लूप्रिंट (परिशिष्ट-1) अनुसार शाला स्तर पर किया जाएगा।
वर्तमान सत्र में कुल 06 मासिक टेस्ट निर्धारित हैं - जुलाई, अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, दिसम्बर व जनवरी माह में।
प्रत्येक विषय हेतु निर्धारित मासिक पाठ्यक्रम अनुसार 10-10 अंकों का लर्निंग आउटकम्स आधारित गुणवत्तायुक्त प्रश्नपत्र बनाया जाएगा, जिसमें मौखिक प्रश्न भी शामिल होंगे।
उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के समय त्रुटियों पर लाल पेन से गोला लगाकर सुधार किया जाएगा तथा विद्यार्थियों को व्यक्तिगत फीडबैक/टीप देकर पुनः अभ्यास कराया जाएगा।
मासिक टेस्ट संबंधी समस्त अभिलेख शाला स्तर पर कक्षा/विषय शिक्षक द्वारा संधारित किए जाएंगे। प्रश्नवार व छात्रवार विश्लेषण कर लर्निंग गैप्स की पहचान कर विशेष शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
2️⃣ प्रतिभा पर्व का आयोजन (कक्षा 3 से 8)
प्रदेश की समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में "प्रतिभा पर्व" वर्ष 2026-27 कार्यक्रम के अंतर्गत शालेय व्यवस्थाओं की स्थिति व बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों का जायजा लिया जाएगा, ताकि लर्निंग गैप्स की पहचान कर पालक व समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
कक्षा 1 व 2 हेतु FLN आधारित आवधिक आकलन विषयवार योजनानुसार होगा; पृथक से मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
कक्षा 3 से 8 हेतु प्रतिभा पर्व (शैक्षिक मूल्यांकन) का आयोजन माह अक्टूबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रदाय प्रश्नपत्रों द्वारा निर्धारित समय-सारणी अनुसार कराया जाएगा।
प्रतिभा पर्व हेतु कक्षावार प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम अंक 60 निर्धारित हैं।
3️⃣ बालसभा का आयोजन
प्रतिभा पर्व अंतर्गत शैक्षिक मूल्यांकन के आयोजन के उपरांत अगले कार्य-दिवस में बालसभा का आयोजन किया जाएगा। यह बालसभा विद्यालय का वार्षिक उत्सव होगा, जिसमें साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां शामिल होंगी।
बालसभा का संचालन शाला में गठित बाल-केबिनेट द्वारा कराया जाएगा।
बालसभा कार्यक्रम की गतिविधियों की जानकारी शिक्षक द्वारा पूर्व से ही विद्यार्थियों को दी जाएगी एवं तैयारी/अभ्यास कराया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों व पालकों को आमंत्रित किया जाएगा, जो बच्चों की गतिविधियों का अवलोकन कर शिक्षक से बातचीत करेंगे तथा बच्चों के पोर्टफोलियो देखेंगे।
बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे जिसमें उपस्थिति, गतिविधियों में सहभागिता व शैक्षणिक स्थिति का उल्लेख होगा। सर्वाधिक उपस्थिति वाले बच्चे को जनप्रतिनिधियों द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
4️⃣ अशासकीय शालाओं में कक्षा 5 व 8 हेतु अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन
समस्त मान्यता प्राप्त अशासकीय, अनुदान प्राप्त शालाएं व डाइस कोड प्राप्त मदरसों में अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन का आयोजन माह अक्टूबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा निर्धारित समय सारणी व ब्लूप्रिंट अनुसार किया जाएगा।
5️⃣ शासकीय शालाओं में वार्षिक लिखित मूल्यांकन (कक्षा 1 से 4, 6 व 7)
कक्षा 1 व 2: FLN आधारित आवधिक आकलन विषयवार योजनानुसार होगा। पृथक से वार्षिक मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
कक्षा 3, 4, 6 व 7: वार्षिक लिखित मूल्यांकन हेतु मुख्य विषयों के प्रश्नपत्र निर्धारित ब्लूप्रिंट के आधार पर राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा निर्मित कराए जाएंगे।
प्रत्येक विषय हेतु अधिकतम अंक 60 तथा प्रोजेक्ट कार्य हेतु अधिकतम अंक 20 निर्धारित हैं। विषयवार प्रत्येक विद्यार्थी द्वारा दो प्रोजेक्ट कार्य (10-10 अंक) पूर्ण किए जाएंगे, मूल्यांकन शाला स्तर पर होगा।
वार्षिक लिखित मूल्यांकन एवं प्रोजेक्ट कार्य में विद्यार्थी को पृथक-पृथक न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
वार्षिक परीक्षा में 'E' ग्रेड प्राप्त करने वाले विषयों में विद्यार्थी को उपचारात्मक शिक्षण देकर अपेक्षित दक्षता की पुष्टि पर ही कक्षोन्नति प्रदान की जाएगी।
📊 अधिभार विभाजन (कक्षा 3, 4, 6, 7)
नोट: मान्यता प्राप्त अशासकीय, अनुदान प्राप्त शालाएं व डाइस कोड प्राप्त मदरसों में कक्षा 1 से 4 व 6, 7 के विद्यार्थियों हेतु वार्षिक मूल्यांकन शाला स्तर पर निर्मित प्रश्नपत्र से कराया जाएगा।
6️⃣ वार्षिक परीक्षा (कक्षा 5 व 8)
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा आयोजित कक्षा-5 व 8 की वार्षिक लिखित परीक्षा में समस्त शासकीय, अशासकीय (मान्यता प्राप्त एवं अनुदान प्राप्त) शालाओं व डाइस कोड प्राप्त मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थी सम्मिलित होंगे।
वार्षिक लिखित परीक्षा का आयोजन माह फरवरी/मार्च 2027 में संभावित है, समय सारणी व निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे।
वार्षिक लिखित परीक्षा में विषयवार अधिकतम 60 अंक एवं प्रोजेक्ट कार्य हेतु अधिकतम 20 अंक निर्धारित हैं। प्रत्येक विषय में दो प्रोजेक्ट कार्य (10-10 अंक) पूर्ण किए जाएंगे, मूल्यांकन शाला स्तर पर होगा तथा प्राप्तांकों की प्रविष्टि पोर्टल पर होगी।
वार्षिक लिखित परीक्षा (बाह्य मूल्यांकन) एवं प्रोजेक्ट कार्य (आंतरिक मूल्यांकन) में पृथक-पृथक न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
अनुत्तीर्ण विषयों में शाला स्तर पर अतिरिक्त शिक्षण देकर दो माह की कालावधि में पुनः परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। पुनः परीक्षा में भी अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उनकी अध्ययनरत कक्षा में ही रोका जाएगा।
📊 अधिभार विभाजन (कक्षा 5, 8)
7️⃣ प्रश्नपत्र ब्लूप्रिंट व अंक विभाजन
🔹 मासिक मूल्यांकन ब्लूप्रिंट (परिशिष्ट-1)
🔹 अर्द्धवार्षिक / वार्षिक परीक्षा ब्लूप्रिंट (परिशिष्ट-2) — पूर्णांक 60
📌 नोट: प्रश्नपत्र में माहवार पाठ्यक्रम के आधार पर प्रत्येक पाठ/अध्याय के प्रश्न शामिल किए जाएंगे तथा प्रश्न बनाते समय लर्निंग आउटकम्स को आधार बनाया जाएगा।
8️⃣ वार्षिक परीक्षा समेकित ग्रेडिंग प्रणाली
🔹 कक्षा 3, 4, 6, 7 हेतु ग्रेड (E - सुधार योग्य)
🔹 कक्षा 5, 8 हेतु ग्रेड (F - अनुत्तीर्ण)
9️⃣ समग्र प्रगति पत्रक (Holistic Progress Card)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं के अनुरूप विद्यार्थियों के 360 डिग्री मूल्यांकन, समग्र विकास पर जोर देने, रटने की प्रवृत्ति को कम कर कौशल आधारित सीखने को बढ़ावा देने, सतत एवं बहुआयामी आकलन एवं कॉम्पीटेंसी बेस्ड मूल्यांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समग्र प्रगति पत्रक का प्रारूप NCERT द्वारा विकसित किया गया है, जिसे राज्य में लागू किए जाने की योजना है। इस संबंध में विस्तृत निर्देश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।
🔟 पालक शिक्षक बैठक (PTM)
दो माह में कम से कम एक बार विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति एवं सह-शैक्षिक व व्यक्तिगत सामाजिक गुणों की स्थिति को पालकों के साथ बैठक करके साझा की जाएगी एवं पालकों को छात्र पोर्टफोलियो/समग्र प्रगति पत्रक का अवलोकन कराया जाएगा। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन संबंधी कार्यवाही की मॉनिटरिंग जिले, ब्लॉक, जनशिक्षा केन्द्र स्तर पर सतत रूप से की जाएगी।

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