MP स्थानांतरण नीति 2026 | मध्यप्रदेश ट्रांसफर पॉलिसी संपूर्ण जानकारी | MP Transfer Policy 2026

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मध्यप्रदेश स्थानांतरण नीति 2026 – संपूर्ण जानकारी
MP Transfer Policy 2026 | GAD/4/0001/2026-GAD-9-01

📢 महत्वपूर्ण: मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग ने दिनांक 22 मई 2026 को आदेश क्र. GAD/4/0001/2026-GAD-9-01 के तहत राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति 2026 जारी की है।

🗂️ स्थानांतरण नीति 2026 – एक नज़र में

तबादला अवधि
01 जून – 15 जून 2026
यही एकमात्र निर्धारित अवधि
जारी दिनांक
22 मई 2026
GAD भोपाल द्वारा
कार्यमुक्ति सीमा
14 दिन
आदेश के 2 सप्ताह के भीतर
e-Office अनिवार्य
15 जून 2026 तक
बाद के आदेश स्वतः शून्य
A+ संदर्भ समय-सीमा
31 मई 2026
01 मई से पहले प्राप्त संदर्भ
लागू नहीं (IAS/IPS आदि)
अखिल भारतीय सेवाएं
RAS, IFS, न्यायिक सेवा भी अलग

✅ नीति किन पर लागू होगी / नहीं होगी

लागू होगी –
राज्य एवं जिला संवर्ग के सभी सामान्य शासकीय अधिकारी/कर्मचारी जो नीचे दी गई श्रेणियों में नहीं आते।
लागू नहीं होगी –
अखिल भारतीय सेवाएं (IAS/IPS/IFS), म.प्र. न्यायिक सेवा, RAS, RPS, RFS एवं म.प्र. मंत्रालय सेवा।

📅 स्थानांतरण की अवधि एवं प्रक्रिया

प्रदेश में राज्य एवं जिला स्तर पर स्थानांतरण की प्रक्रिया दिनांक 01.06.2026 से 15.06.2026 के बीच सम्पन्न की जाएगी। शेष समय सामान्य स्थानांतरण प्रतिबंधित रहेंगे।

▸ अनुमोदन प्राधिकारी (किसकी अनुमति से होगा तबादला)

श्रेणी अनुमोदन आदेश जारी करेगा
प्रथम श्रेणी मुख्य कार्यपालक अधिकारी / विभागाध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री जी प्रशासकीय विभाग
शेष समस्त प्रथम श्रेणी + द्वितीय, तृतीय (राज्य संवर्ग, जिले के बाहर) भारसाधक मंत्री प्रशासकीय विभाग
राज्य संवर्ग – चतुर्थ श्रेणी (जिले के बाहर) विभागीय मंत्री विभागाध्यक्ष
जिला संवर्ग + राज्य संवर्ग तृ./च. – जिले के भीतर प्रभारी मंत्री विभागीय जिला अधिकारी
पुलिस – उप पुलिस अधीक्षक से वरिष्ठ CM + विभागीय मंत्री पुलिस स्थापना बोर्ड दिशा-निर्देश अनुसार

🚫 प्रतिबंध अवधि में स्थानांतरण – अपवादित परिस्थितियाँ

प्रतिबंध काल में केवल निम्नलिखित विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण हो सकेंगे:

  • 1
    गंभीर बीमारी – कैंसर, लकवा, हृदयाघात, पक्षाघात आदि से उत्पन्न तात्कालिक आवश्यकता।
  • 2
    न्यायालयीन आदेश – जिसका अनुपालन बिना स्थानांतरण के संभव न हो (बशर्ते विभागीय जांच लंबित न हो)।
  • 3
    गंभीर अनियमितता / अनुशासनिक कार्रवाई – म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम 14 अथवा 16 के अंतर्गत कार्रवाई।
  • 4
    लोकायुक्त / EOW / पुलिस प्रकरण – आपराधिक प्रकरण दर्ज होने या अभियोजन कार्रवाई पर, जांच प्रभावित न हो इस दृष्टि से।
  • 5
    निलंबन, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति वापसी या निधन के कारण रिक्त हुए पद की अत्यंत आवश्यक पूर्ति।
  • 6
    परियोजना पूर्णता – किसी परियोजना का कार्य पूर्ण होने पर या पद अन्यत्र स्थानांतरित होने पर।
  • 7
    मुख्यमंत्री कार्यालय से A+ उच्च प्राथमिकता प्रकरण – भारसाधक सचिव प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी कर सकेंगे।
⚠️ ध्यान दें: एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादले से रिक्त हुए पद के आधार पर तीसरे अधिकारी का स्थानांतरण अनुमत नहीं होगा (श्रृंखला बनाना प्रतिबंधित)।

📊 अधिकतम स्थानांतरण संख्या (पद/संवर्ग में कार्यरत संख्या के आधार पर)

क्र. पद/संवर्ग में कार्यरत संख्या अधिकतम स्थानांतरण (प्रशासनिक + स्वैच्छिक)
1 200 तक 20%
2 201 से 1000 तक 40 + [(कुल पद – 200) × 15 / 100]
3 1001 से 2000 तक 160 + [(कुल पद – 1000) × 10 / 100]
4 2001 से अधिक 260 + [(कुल पद – 2000) × 5 / 100]

* इस सीमा के अतिरिक्त A+ संदर्भ अनुपालन एवं पति-पत्नी/गंभीर बीमारी स्थानांतरण होंगे।


🛡️ विशेष प्रावधान एवं संरक्षण

👩‍❤️‍👨 पति-पत्नी एक स्थान नीति

पति-पत्नी के स्वयं के व्यय पर एक ही स्थान पर पदस्थापना के लिए आवेदन करने पर स्थानांतरण किया जा सकेगा, किंतु पदस्थापना का स्थान प्रशासकीय आवश्यकता के अनुसार निर्धारित होगा। यह नीति निर्धारित स्थानांतरण प्रतिशत/संख्या के अतिरिक्त होगी।

♿ दिव्यांग कर्मचारी (40% या अधिक विकलांगता)

ऐसे कर्मचारियों का सामान्यतः स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। स्वयं आवेदन करने पर विचार किया जा सकेगा।

🏥 गंभीर बीमारी (स्वयं की)

कैंसर, किडनी डायलिसिस, ओपन हार्ट सर्जरी आदि के कारण नियमित जांच आवश्यक हो एवं वर्तमान पदस्थापना पर सुविधा उपलब्ध न हो, तो जिला मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर स्थानांतरण किया जाएगा। (निर्धारित सीमा के अतिरिक्त)

👶 मानसिक निःशक्तता / Autism से पीड़ित बच्चा या पति/पत्नी

ऐसे अधिकारी/कर्मचारी जिनके पति/पत्नी या पुत्र/पुत्री मानसिक निःशक्तता, स्वलीन (Autism) या बहुआयामी निःशक्तता से पीड़ित हों, उन्हें ऐसे स्थान पर पदस्थ करने पर विचार होगा जहाँ उपचार/शिक्षा सुलभ हो – मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाण आवश्यक।

👵 सेवानिवृत्ति में 1 वर्ष से कम समय शेष

ऐसे कर्मचारियों/अधिकारियों का सामान्यतः स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग में अतिशेष श्रेणी में भी यह छूट प्राप्त है।

🏡 गृह जिला नियम

कार्यपालिक कर्मचारियों/अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में पदस्थ नहीं किया जाएगा। अपवाद: अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं के प्रकरणों में गृह जिले में स्थानांतरण किया जा सकेगा।

🎖️ NCC कमीशन प्राप्त अधिकारी

स्थानांतरण करते समय ध्यान रखा जाए कि जिस स्थान पर पदस्थ किया जाए वहाँ NCC की संबंधित इकाई संचालित हो।

🏢 कर्मचारी संगठन पदाधिकारी

राज्य शासन से पत्राचार की मान्यता प्राप्त संगठनों के प्रदेश/संभाग/जिला/तहसील/विकासखंड शाखा के अध्यक्ष/सचिव/कोषाध्यक्ष को पद पर नियुक्ति के बाद दो पदावधि (4 वर्ष) तक स्थानांतरण से छूट प्राप्त होगी। यह सुविधा पूरे सेवाकाल में अधिकतम दो पदावधि के लिए मिलेगी।


🌿 अनुसूचित क्षेत्रों के लिए विशेष नियम

  • 1
    रिक्त पदों की पूर्ति सबसे पहले अनुसूचित क्षेत्रों में की जाएगी।
  • 2
    अनुसूचित क्षेत्रों में 100% रिक्त पदों की पूर्ति होने के बाद ही गैर-अनुसूचित क्षेत्रों में रिक्त पद भरे जाएंगे।
  • 3
    अनुसूचित क्षेत्र में 3 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही स्थानांतरण होगा – वरिष्ठता के क्रम से।
  • 4
    अनुसूचित क्षेत्र से गैर-अनुसूचित में स्थानांतरित कर्मचारी को रिलीवर आने तक भारमुक्त न किया जाए।

⏱️ कार्यमुक्ति एवं वेतन संबंधी नियम

बिंदुनियम/प्रावधान
कार्यमुक्ति की समय-सीमाआदेश जारी होने के 14 दिन (2 सप्ताह) के भीतर अनिवार्य
अतिरिक्त समयलंबित कार्य की स्थिति में अधिकतम 14 दिन की अतिरिक्त छूट
एकतरफा कार्यमुक्तिसमय-सीमा बाद भी न हटने पर एकतरफा कार्यमुक्त किया जाएगा
वेतन आहरणकार्यमुक्ति के बाद पुराने स्थान से वेतन स्वतः बंद, नई पदस्थापना से आहरण
Employee Codeसभी आदेशों में Treasury Employee Code अनिवार्य
अंतिम वेतन प्रमाण पत्रकार्यमुक्ति के तत्काल बाद नई पदस्थापना कार्यालय को भेजना अनिवार्य
आदेश माध्यमसमस्त आदेश e-Office के माध्यम से
15 जून के बाद e-Office आदेशस्वतः (Suo moto) शून्य माने जाएंगे

📌 कम लिंगानुपात वाले जिले – महिला अधिकारियों की पदस्थापना

2011 जनगणना के अनुसार 900 से कम लिंगानुपात वाले जिलों में उच्च प्रशासनिक पदों पर यथासंभव महिला अधिकारियों की पदस्थापना की जाए:

मुरैना (839) भिण्ड (838) ग्वालियर (862) शिवपुरी (877) दतिया (875) छतरपुर (884) सागर (896) विदिशा (897) रायसेन (899)

📝 अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान

  • जहाँ अधिकारी पूर्व में पदस्थ रह चुके हों, वहाँ उसी पद पर पुनः पदस्थापना सामान्यतः नहीं की जाएगी।
  • क्रय/स्टोर/स्थापना शाखा में 3 वर्ष पूर्ण होने पर अन्य शाखा/स्थान पर स्थानांतरण। वित्तीय अनियमितता में दोषी पाए गए को तत्काल हटाया जाए।
  • अनुशासनिक जांच लंबित हो तो कार्यपालिक पद पर पदस्थापना नहीं।
  • नैतिक पतन संबंधी आपराधिक प्रकरण लंबित होने पर कार्यपालिक पद पर तैनाती नहीं
  • स्वीकृत पद से अधिक स्टाफ हो तो अन्यत्र स्थानांतरण (युक्तियुक्तकरण) अनिवार्य।
  • स्थानांतरण प्रतिशत/संख्या में A+ संदर्भ एवं पति-पत्नी/गंभीर बीमारी स्थानांतरण अतिरिक्त रहेंगे।
  • स्थानांतरण के विरुद्ध अभ्यावेदन GAD परिपत्र क्र. एफ 6-1/2005/1/9 दि. 10.5.2005 एवं 14.03.2016 के अनुसार निपटाए जाएंगे।
  • उच्च प्राथमिकता वाली राज्य शासन की योजनाओं में न्यूनतम स्थानांतरण किए जाएंगे।

🔄 स्थानांतरण आदेश जारी करने की प्रक्रिया (संक्षेप)

चरणविवरण
1. पद रिक्तता सत्यापनभारसाधक सचिव/विभागाध्यक्ष द्वारा आदेश से पहले पद रिक्तता सुनिश्चित
2. नीति के मुख्य सिद्धांतस्थानांतरण नीति के महत्वपूर्ण मार्गदर्शी सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित
3. e-Office से आदेशACS/PS/Secretary/विभागाध्यक्ष के e-Office से जारी किए जाएंगे
4. GAD को प्रतिआदेश जारी होने के दिन ही psgad@mp.gov.in पर भेजना अनिवार्य
5. कार्यमुक्ति14 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से
6. नई पदस्थापना पर वेतनकार्यमुक्ति के बाद नई जगह से ही वेतन आहरण

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

MP में स्थानांतरण कब होंगे 2026?
स्थानांतरण की निर्धारित अवधि 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच है। इसके बाहर सामान्य स्थानांतरण प्रतिबंधित रहेंगे।
क्या प्रतिबंध काल में भी कोई तबादला हो सकता है?
हाँ, केवल अपवादित परिस्थितियों में – जैसे गंभीर बीमारी, न्यायालय आदेश, अनुशासनिक कार्रवाई, लोकायुक्त/EOW प्रकरण, रिक्त पद की अत्यंत आवश्यक पूर्ति, परियोजना पूर्णता या CM कार्यालय के A+ उच्च प्राथमिकता प्रकरण।
क्या दिव्यांग कर्मचारी का तबादला होगा?
40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों का सामान्यतः स्थानांतरण नहीं होगा। वे स्वयं आवेदन कर सकते हैं।
1 वर्ष से कम सेवा शेष होने पर तबादला होगा?
नहीं, ऐसे कर्मचारियों का सामान्यतः स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।
स्थानांतरण आदेश के बाद कितने दिन में रिलीव होना होगा?
आदेश जारी होने के 14 दिन (2 सप्ताह) के भीतर कार्यमुक्त होना अनिवार्य है। विशेष परिस्थिति में अधिकतम 14 दिन और बढ़ सकते हैं।
IAS/IPS अधिकारियों पर यह नीति लागू होगी?
नहीं। यह नीति अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS, IFS), म.प्र. न्यायिक सेवा, RAS, RPS, RFS एवं म.प्र. मंत्रालय सेवा के अधिकारियों पर लागू नहीं होगी।
पति-पत्नी को एक जगह पोस्टिंग कब मिलेगी?
दोनों के स्वयं के व्यय पर एक साथ आवेदन करने पर विचार किया जाएगा। पदस्थापना का स्थान प्रशासकीय आवश्यकता अनुसार होगा। यह स्थानांतरण निर्धारित संख्या/प्रतिशत के अतिरिक्त होगा।
15 जून 2026 के बाद जारी स्थानांतरण आदेश मान्य होंगे?
नहीं। 15 जून 2026 के बाद e-Office में उल्लेखित स्थानांतरण निर्धारित अवधि के बाद जारी माने जाकर स्वतः (Suo moto) शून्य होंगे।


मध्यप्रदेश राज्य एवं जिला स्तर स्थानांतरण नीति-2026 आदेश: यहाँ क्लिक करके आधिकारिक PDF डाउनलोड करें

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📌 सारांश: मध्यप्रदेश स्थानांतरण नीति 2026 के अनुसार तबादला सीजन 1 जून से 15 जून 2026 के बीच है। IAS/IPS/न्यायिक सेवाओं को छोड़कर राज्य/जिला संवर्ग के सभी कर्मचारी इस नीति के अंतर्गत आते हैं। प्रतिबंध काल में केवल 7 अपवादित परिस्थितियों में तबादला होगा। सभी आदेश e-Office के माध्यम से जारी होंगे और 15 जून के बाद के आदेश स्वतः शून्य होंगे।