प्री-बोर्ड परीक्षा 2026 | कक्षा 10वीं सामाजिक विज्ञान | हल
Class 10 Social Science Pre-Board Solution 2026
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इस पोस्ट में कक्षा 10वीं सामाजिक विज्ञान (Social Science) की प्री-बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए प्रश्न-वार हल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह सामग्री विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा से पहले सटीक रिवीजन, उत्तर लेखन शैली और अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है।
यह सामग्री विद्यार्थियों को न केवल पाठ्यवस्तु समझने, बल्कि उत्तर लेखन की सही विधि, मुख्य बिंदुओं की पहचान और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में भी सहायता करेगी।
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प्री-बोर्ड परीक्षा 2026 | कक्षा 10वीं सामाजिक विज्ञान | NCERT आधारित हल
प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए (1x6=6)
(स) महाराष्ट्र
(ब) फ्रांस
(द) नदी के किनारे
(स) 25 (NCERT के अनुसार)
(अ) महात्मा गांधी
(ब) केरल
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6)
नर्मदा
1904 (चेन्नई में)
डायमंड सूत्र (Diamond Sutra)
सिंहली
साक्षरता दर
अडानी विल्मर (Adani Wilmar) (फॉर्च्यून ब्रांड के साथ) और रुचि सोया (Patanjali Foods), 'कारगिल फूड्स' (कारगिल इण्डिया) भी प्रमुख बड़ी कंपनियों में से एक है.
प्रश्न 3. सत्य/असत्य लिखिए (1x6=6)
सत्य
सत्य
सत्य
सत्य
सत्य (राजनीतिक समानता के आधार पर)
सत्य
प्रश्न 4. सही जोड़ी बनाइए (1x6=6)
कॉलम 'अ'
कॉलम 'ब' (सही उत्तर)
(i) हौज़ ख़ास
(द) दिल्ली
(ii) ग्रिम बन्धु
(ब) बेल्जियम* (नोट: ग्रिम बंधु जर्मनी के थे, पर विकल्प में केवल बेल्जियम शेष बचता है)
(iii) जेम्स वॉट
(र) भाप का इंजन
(iv) नारी शक्ति वंदन अधिनियम
(य) 2023
(v) मुद्रा
(स) विनिमय का माध्यम
(vi) आमार जीवन
(अ) रशसुन्दरी देबी
प्रश्न 5. एक वाक्य में उत्तर दीजिए (1x6=6)
दीपा (Deepa)
1960 में
78 (अठहत्तर)
गढ़ा-मंडला (जबलपुर) (1857 के विद्रोह में मध्य प्रदेश के कई केंद्र थे, जिनमें नीमच छावनी (विद्रोह की शुरुआत), मंडला (रामगढ़) (रानी अवंतीबाई के नेतृत्व में), जबलपुर (शंकर शाह), इंदौर (सआदत खान), और अमझेरा (धार) (बख्तावर सिंह) प्रमुख थे, जहाँ स्थानीय लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ साहसपूर्वक संघर्ष किया, विशेषकर रामगढ़ (मंडला) को एक महत्वपूर्ण गढ़ माना जाता है। )
एक-तिहाई (33%)
100 दिनों की
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) - शब्द सीमा: 30 शब्द
चाँद, सूरज की गति, ज्वार-भाटा के समय और लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ी अहम जानकारियों को देने वाला वार्षिक कैलेंडर 'पंचांग' कहलाता है।
लोकगीतों का एक ऐतिहासिक आख्यान जिसे गाया या सुनाया जाता है। यह आमतौर पर किसी शूरवीर या घटना की कहानी बयां करता है।
वे एक पत्रकार और खोजकर्ता थे। उन्हें 'न्यूयॉर्क हेराल्ड' ने कई वर्षों से अफ्रीका में लापता मिशनरी डेविड लिविंगस्टोन को खोजने के लिए भेजा था।
ब्रिटिश शासन में पंजाब में नई नहरों (Canals) के सिंचाई वाले क्षेत्रों में बसाई गई बस्तियों को 'केनाल कॉलोनी' या 'नहर बस्ती' कहा जाता था।
विकास की ऐसी प्रक्रिया जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो और वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं के साथ-साथ भावी पीढ़ियों की जरूरतों की भी अवहेलना न करे।
1. देश के विभिन्न प्रदेशों में संसाधनों की पहचान कर उनकी तालिका बनाना。 2. संसाधन विकास योजनाएं लागू करने के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी और संस्थागत ढांचा तैयार करना।
किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों, वनस्पतियों और सूक्ष्म जीवों की विभिन्न प्रजातियों की प्रचुरता को जैव विविधता कहते हैं।
वे वन और बंजर भूमि जो सरकार, व्यक्तियों और समुदायों के स्वामित्व में होते हैं और जिनका वर्गीकरण आरक्षित या रक्षित वनों में नहीं किया गया है।
1. संकटग्रस्त प्रजातियों के शिकार पर प्रतिबंध लगाना। 2. वन्यजीवों के आवासों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना और जंगली जीवों के व्यापार पर रोक लगाना।
क्षरित वनों के प्रबंधन और पुनर्निर्माण में स्थानीय समुदायों और वन विभाग की साझेदारी। इसके बदले समुदायों को वन उत्पादों में हिस्सा मिलता है।
पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय) में 'कर्तन एवं दहन' कृषि प्रणाली को 'झूम खेती' कहा जाता है। इसमें वन के एक टुकड़े को जलाकर साफ करके खेती की जाती है।
क्योंकि भारत की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है और यह देश के खाद्यान्न और उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराती है।
वे उद्योग जो अपने कच्चे माल के लिए खनिजों पर निर्भर होते हैं, खनिज आधारित उद्योग कहलाते हैं। उदाहरण: लोहा-इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम उद्योग।
क्योंकि अन्य सभी भारी, हल्के और मध्यम उद्योग अपनी मशीनों और कल-पुर्जों के लिए लोहा-इस्पात उद्योग पर ही निर्भर होते हैं। यह उद्योगों की रीढ़ है।
जब केंद्र और राज्य सरकार से शक्तियां लेकर स्थानीय सरकारों (पंचायत, नगरपालिका) को दी जाती हैं, तो इसे सत्ता का विकेन्द्रीकरण कहते हैं।
1. इसमें सरकार के दो या अधिक स्तर होते हैं (केंद्र और राज्य)। 2. प्रत्येक स्तर के अधिकार क्षेत्र संविधान में स्पष्ट रूप से वर्णित होते हैं।
इसका अर्थ है कि सरकार के निर्णय लेने की प्रक्रिया में खुलापन होना। नागरिक यह जान सकते हैं कि निर्णय नियमों के अनुसार लिए गए हैं या नहीं (RTI)।
1. जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि ही शासन करते हैं। 2. यह कानून के शासन और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करता है।
बैंक खातों में जमा वह धन जिसे जमाकर्ता अपनी आवश्यकतानुसार कभी भी चेक या अन्य माध्यम से निकाल सकता है, मांग जमा कहलाता है।
ऐसी संपत्ति (जैसे- जमीन, घर, गाड़ी, पशु, बैंक जमा) जिसका मालिक कर्जदार है और जिसे वह ऋण लेने के लिए बैंक के पास गारंटी के रूप में रखता है।
विभिन्न देशों के बीच परस्पर संबंध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया ही वैश्वीकरण है। इसमें वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी का मुक्त प्रवाह होता है।
सरकारें विदेशी व्यापार को नियंत्रित (नियमित) करने और घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के लिए व्यापार अवरोधकों (जैसे आयात कर) का उपयोग करती हैं।
बाजार में उपभोक्ताओं का शोषण कम तोलने, मिलावट करने, अधिक कीमत वसूलने और भ्रामक विज्ञापन दिखाने के माध्यम से होता है।
उपभोक्ता को अनुचित व्यापार व्यवहार या शोषण से हुई हानि की भरपाई मांगने का अधिकार है। हानि की मात्रा के आधार पर उसे मुआवजा पाने का अधिकार है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक) - शब्द सीमा: 75 शब्द
प्राथमिक क्षेत्रक: यह सीधे प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से संबंधित है। उदाहरण: कृषि, खनन, मत्स्य पालन। इसमें प्राकृतिक वस्तुओं का उत्पादन होता है। तृतीयक क्षेत्रक: यह सेवाओं का सृजन करता है, वस्तुओं का नहीं। यह प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्रकों के विकास में मदद करता है। उदाहरण: परिवहन, बैंकिंग, शिक्षा। इसे 'सेवा क्षेत्रक' भी कहते हैं।
1. स्वामित्व: सार्वजनिक क्षेत्र में परिसंपत्तियों पर सरकार का स्वामित्व होता है, जबकि निजी क्षेत्र में निजी व्यक्तियों या कंपनियों का।
2. उद्देश्य: सार्वजनिक क्षेत्र का उद्देश्य जन कल्याण होता है, जबकि निजी क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है।
3. उदाहरण: रेलवे, BHEL (सार्वजनिक); TISCO, Reliance (निजी)।
1. आयात में कमी: ब्रिटिश कारखाने युद्ध सामग्री बनाने में व्यस्त थे, जिससे भारत में मैनचेस्टर (इंग्लैंड) के माल का आयात कम हो गया।
2. घरेलू बाजार: भारतीय कारखानों को विशाल घरेलू बाजार मिल गया और वे रातों-रात फलने-फूलने लगे।
3. युद्ध सामग्री की मांग: भारतीय कारखानों से भी फौज के लिए जूट की बोरियां, वर्दी, फौजियों के जूते और टेंट आदि बनाने की मांग की गई, जिससे उत्पादन बढ़ा।
1. सस्ता श्रम: विक्टोरियाई ब्रिटेन में मानव श्रम की कोई कमी नहीं थी, इसलिए मजदूरी कम थी। मशीनों पर भारी निवेश की जरूरत नहीं थी।
2. मौसमी मांग: गैस घर और शराब खानों जैसे उद्योगों में काम मौसमी था, जहाँ हाथ के श्रम को प्राथमिकता दी जाती थी।
3. बारीक काम: मशीनों से एक जैसा उत्पाद बनता था, जबकि हाथ से बनी चीजों में डिजाइन की विविधता और बारीकी होती थी जो उच्च वर्ग को पसंद थी।
स्थानीय व्यापार: यह देश के भीतर, शहरों, कस्बों या गांवों के बीच होता है। इसमें एक ही मुद्रा का प्रयोग होता है और कोई सीमा शुल्क नहीं लगता। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार: यह दो या दो से अधिक देशों के बीच होता है। इसमें विदेशी मुद्रा का विनिमय होता है और आयात-निर्यात शुल्क लगते हैं। यह देश की आर्थिक समृद्धि का सूचक (बैरोमीटर) है।
1. तीव्रतम साधन: यह परिवहन का सबसे तेज और आरामदायक साधन है।
2. दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच: ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों, मरुस्थलों और सागरों को आसानी से पार कर सकता है, जहां सड़क या रेल नहीं जा सकती।
3. आपदा प्रबंधन: बाढ़, भूकंप या युद्ध जैसी आपात स्थितियों में राहत सामग्री पहुँचाने और बचाव कार्य में यह सबसे प्रभावी है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक) - शब्द सीमा: 120 शब्द
असहयोग आंदोलन का आर्थिक प्रभाव बहुत नाटकीय था:
1. विदेशी माल का बहिष्कार: विदेशी सामानों का बहिष्कार किया गया, शराब की दुकानों की पिकेटिंग की गई और विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई।
2. आयात में गिरावट: 1921 से 1922 के बीच विदेशी कपड़ों का आयात आधा रह गया। इसकी कीमत 102 करोड़ से घटकर 57 करोड़ रह गई।
3. भारतीय उद्योगों को लाभ: लोगों ने खादी पहनना शुरू किया, जिससे भारतीय कपड़ा मिलों और हथकरघों का उत्पादन बढ़ गया।
4. व्यापारियों का समर्थन: बहुत से व्यापारियों ने विदेशी चीजों का व्यापार करने या विदेशी व्यापार में पैसा लगाने से इनकार कर दिया।
सविनय अवज्ञा आंदोलन में महिलाओं ने बड़े पैमाने पर भाग लिया:
1. नमक सत्याग्रह: गांधीजी के नमक सत्याग्रह के दौरान हजारों महिलाएं उनकी बात सुनने के लिए घर से बाहर आईं और नमक कानून तोड़ा।
2. धरना-प्रदर्शन: उन्होंने विदेशी कपड़ों और शराब की दुकानों के सामने धरने दिए और जुलूसों में हिस्सा लिया।
3. जेल यात्रा: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, विशेषकर उच्च जाति और संपन्न किसान परिवारों की महिलाओं ने गिरफ्तारियां दीं और जेल गईं।
4. दृष्टिकोण में बदलाव: महिलाओं ने राष्ट्र सेवा को अपना पवित्र दायित्व माना, जिससे सार्वजनिक जीवन में उनका स्थान बढ़ा।
लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की आवश्यकता निम्न कारणों से है:
1. चुनाव लड़ना: दल अपने उम्मीदवारों को चुनाव में उतारते हैं ताकि वे जीतकर सरकार बना सकें।
2. नीतियां बनाना: दल जनता के सामने अपनी नीतियां और कार्यक्रम रखते हैं और जीतने पर उन्हें लागू करते हैं। वे जनमत निर्माण में मदद करते हैं।
3. सरकार बनाना व चलाना: बहुमत प्राप्त दल सरकार बनाता है और प्रशासन चलाता है।
4. विपक्ष की भूमिका: चुनाव हारने वाले दल विपक्ष की भूमिका निभाते हैं और सरकार की गलत नीतियों की आलोचना करके उसे निरंकुश होने से रोकते हैं।
1. दल-बदल कानून को सख्त बनाना: विधायकों और सांसदों को दल बदलने से रोकने के लिए संविधान संशोधन किया गया है, इसे और प्रभावी बनाना चाहिए।
2. आंतरिक लोकतंत्र: दलों के भीतर संगठनात्मक चुनाव नियमित रूप से होने चाहिए और सदस्यों का रजिस्टर रखना अनिवार्य होना चाहिए।
3. धन का प्रभाव कम करना: चुनाव का खर्च सरकार को उठाना चाहिए (राज्य वित्तपोषण) ताकि अमीर उम्मीदवारों का प्रभाव कम हो सके।
4. अपराधियों पर रोक: गंभीर आपराधिक मामलों वाले लोगों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
मानचित्र कार्य (Map Locations):
(i) रावतभाटा: राजस्थान (परमाणु ऊर्जा संयंत्र)।
(ii) मयूरभंज: ओडिशा (लौह अयस्क खदान)।
(iii) अजमेर: राजस्थान (ऐतिहासिक शहर)।
(iv) कोरबा: छत्तीसगढ़ (तापीय ऊर्जा/कोयला)।
अथवा:
(i) नरोरा: उत्तर प्रदेश (परमाणु ऊर्जा संयंत्र)।
(ii) रत्नागिरी: महाराष्ट्र (लौह अयस्क निर्यात बंदरगाह)।
(iii) गया: बिहार (धार्मिक स्थल)।
(iv) तलचर: ओडिशा (कोयला खदान)।
(विद्यार्थी भारत के राजनीतिक मानचित्र में इन राज्यों में संबंधित स्थानों को चिन्हित करें।)
डिस्क्लेमर: यह हल केवल अभ्यास हेतु है। किसी भी संदेह की स्थिति में शिक्षक/NCERT से मिलान करें।
महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर
यह Class 10 Social Science Pre-Board Solution 2026 केवल शैक्षणिक अभ्यास एवं मार्गदर्शन हेतु तैयार किया गया है।
किसी भी उत्तर में यदि त्रुटि, संदेह या विसंगति प्रतीत हो, तो अपने विषय शिक्षक अथवा NCERT सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक से अवश्य मिलान करें।
MP EDUCATION GYAN DEEP किसी उत्तर की पूर्ण शुद्धता का आधिकारिक दावा नहीं करता।
यह पोस्ट कक्षा 10वीं सामाजिक विज्ञान प्री-बोर्ड 2026 की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक सम्पूर्ण, विश्वसनीय और NCERT-आधारित अध्ययन सामग्री है।
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