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MP Board Class 12th Hindi Half Yearly Syllabus 2026-27: कक्षा 12 हिन्दी अर्द्धवार्षिक परीक्षा सम्पूर्ण पाठ्यक्रम

MP Board Class 12th Hindi Half Yearly Syllabus 2026-27: कक्षा 12 हिन्दी अर्द्धवार्षिक परीक्षा सम्पूर्ण पाठ्यक्रम
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) मध्यप्रदेश द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 (माह नवंबर तक) पर आधारित प्रामाणिक पाठ्यक्रम

महत्वपूर्ण सूचना: माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) एवं लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के दिशा-निर्देशानुसार सत्र 2026-27 की अर्द्धवार्षिक परीक्षा में शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार नवंबर 2026 तक निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाएंगे। MP Education Gyan Deep पर यहाँ पुस्तकवार व विषयवार सम्पूर्ण विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है।

मध्यप्रदेश बोर्ड (MP Board) के अंतर्गत अध्ययनरत कक्षा 12वीं के सभी विद्यार्थियों एवं सम्मानीय शिक्षक साथियों का MP Education Gyan Deep पर स्वागत है। बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अर्द्धवार्षिक परीक्षा एक अत्यंत महत्वपूर्ण सोपान होती है। उत्कृष्ट अंक अर्जित करने के लिए पाठ्यक्रम (Syllabus) और अंक विभाजन की सटीक जानकारी होना अनिवार्य है। इस लेख में कक्षा 12वीं हिन्दी विषय की पाठ्यपुस्तकों — आरोह भाग-2, वितान भाग-2, अभिव्यक्ति और माध्यम, व्याकरण एवं प्रायोजना कार्य के संपूर्ण अध्यायों का व्यवस्थित वर्गीकरण दिया गया है।

पाठ्यक्रम का संक्षिप्त स्वरूप (At a Glance)

क्र. पाठ्यपुस्तक / खंड सम्मिलित विषयवस्तु (नवंबर 2026 तक)
1 आरोह भाग-2 (काव्य खण्ड) पद्य साहित्य का इतिहास, कवि परिचय, निर्धारित 8 प्रमुख काव्य पाठ
2 आरोह भाग-2 (गद्य खण्ड) गद्य साहित्य का इतिहास, विकास क्रम, विधाएँ, लेखक परिचय एवं निर्धारित 5 गद्य पाठ
3 वितान भाग-2 (पूरक पाठ्यपुस्तक) सिल्वर वैडिंग, जूझ, अतीत में दबे पाँव
4 अभिव्यक्ति और माध्यम विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन, पत्रकारीय लेखन, कविता/नाटक/कहानी निर्माण, रेडियो नाटक, विशेष लेखन
5 व्याकरण एवं रचना रस, अलंकार, छंद, शब्दशक्ति, शब्दगुण, शब्द युग्म, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, वाक्य एवं शुद्धिकरण, पत्र/निबंध/संवाद/अनुच्छेद/भाव पल्लवन
6 प्रायोजना कार्य त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक स्तर तक के निर्धारित प्रोजेक्ट कार्य

1. आरोह भाग-2 : काव्य खण्ड (विस्तृत विवरण)

  • सैद्धांतिक अध्ययन: पद्य साहित्य का इतिहास एवं विभिन्न कालों की प्रवृत्तियाँ (छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता आदि), निर्धारित कवियों का जीवन व साहित्यिक परिचय।
  • आत्म परिचय एवं एक गीत — हरिवंशराय बच्चन
  • पतंग — आलोक धन्वा
  • कविता के बहाने एवं बात सीधी थी पर — कुँवर नारायण
  • कैमरे में बंद अपाहिज — रघुवीर सहाय
  • उषा — शमशेर बहादुर सिंह
  • बादल राग — सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
  • कवितावली (उत्तरकांड से) एवं लक्ष्मण मूर्च्छा और राम का विलाप — गोस्वामी तुलसीदास
  • रूबाइयाँ — फिराक गोरखपुरी

2. आरोह भाग-2 : गद्य खण्ड (विस्तृत विवरण)

  • सैद्धांतिक अध्ययन: गद्य साहित्य का इतिहास, विकास क्रम, प्रमुख एवं गौण विधाएँ (कहानी, उपन्यास, निबंध, संस्मरण, रेखाचित्र आदि), निर्धारित लेखकों का जीवन व साहित्यिक परिचय।
  • भक्तिन (संस्मरणात्मक रेखाचित्र) — महादेवी वर्मा
  • बाजार दर्शन (निबंध) — जैनेन्द्र कुमार
  • काले मेघा पानी दे (संस्मरण) — धर्मवीर भारती
  • पहलवान की ढोलक (कहानी) — फणीश्वर नाथ रेणु
  • शिरीष के फूल (ललित निबंध) — आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
  • श्रम विभाजन और जाति प्रथा — डॉ. भीमराव अम्बेडकर

3. वितान भाग-2 (पूरक पाठ्यपुस्तक)

  • पाठ 1: सिल्वर वैडिंग — मनोहर श्याम जोशी
  • पाठ 2: जूझ — डॉ. आनंद यादव
  • पाठ 3: अतीत में दबे पाँव — ओम थानवी

4. अभिव्यक्ति और माध्यम (जनसंचार एवं रचनात्मक लेखन)

  • विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन (प्रिंट, टीवी, रेडियो, इंटरनेट)
  • पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया (समाचार, फीचर, विशेष रिपोर्ट)
  • कविता का सृजन: 'कैसे बनती है कविता'
  • नाट्य विधा: 'नाटक लिखने का व्याकरण'
  • कथा साहित्य: 'कैसे लिखें कहानी'
  • कहानी का नाट्य रूपांतरण: तकनीक एवं व्यावहारिक प्रक्रिया
  • रेडियो नाटक: रेडियो नाटक का ढाँचा, ध्वनि प्रभाव एवं 'कैसे बनता है रेडियो नाटक'
  • विशेष लेखन: स्वरूप एवं प्रकार

5. व्यावहारिक व्याकरण एवं भाषा बोध

  • रस: रस का स्वरूप, परिभाषा, रस के चार अंग (स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव, संचारी भाव), प्रमुख 10 रस एवं उनके उदाहरण।
  • अलंकार: संदेह, सांगरूपक, भ्रांतिमान, विरोधाभास एवं व्यतिरेक अलंकार की परिभाषा, लक्षण तथा पाठ्यपुस्तक आधारित उदाहरण।
  • छंद: मात्रिक एवं वर्णिक छंद — सोरठा, कवित्त, सवैया एवं रूबाइयाँ की पहचान, लक्षण व उदाहरण।
  • शब्द सामर्थ्य एवं गुण: शब्दशक्ति (अभिधा, लक्षणा, व्यंजना) एवं शब्दगुण (माधुर्य, ओज, प्रसाद गुण)।
  • शब्द भंडार: शब्द युग्म व उनके भेद, मुहावरे, लोकोक्तियाँ, शब्दों के प्रकार (क्षेत्रीय शब्द, तकनीकी शब्द एवं निपात शब्द)।
  • वाक्य विचार: वाक्य की परिभाषा, अर्थ के आधार पर वाक्य भेद (8 प्रकार), रचना के आधार पर वाक्य भेद (सरल, संयुक्त, मिश्र), वाक्य रूपांतरण एवं शुद्धिकरण।
  • बिम्ब विधान: काव्य में बिम्ब का स्वरूप, प्रमुख बिम्ब भेद (ऐंद्रिय बिम्ब - दृश्य, श्रव्य, घ्राण, स्पर्श, स्वाद)।

6. रचना एवं प्रायोजना कार्य (रचनात्मक कौशल)

  • अपठित बोध: अपठित गद्यांश एवं पद्यांश पर आधारित प्रश्नोत्तर, शीर्षक चयन एवं भावार्थ।
  • पत्र लेखन: औपचारिक पत्र (कार्यालयीन, शिकायती, आवेदन पत्र) एवं अनौपचारिक पत्र (व्यक्तिगत पत्र)।
  • रचनात्मक लेखन: सार संक्षेपण, विज्ञापन लेखन, संवाद लेखन, समसामयिक विषयों पर अनुच्छेद लेखन एवं भाव पल्लवन।
  • निबंध लेखन: समसामयिक, राष्ट्रीय, वैज्ञानिक, पर्यावरण एवं सामाजिक विषयों पर सारगर्भित निबंध।
  • प्रायोजना कार्य (Project Work): मासिक कैलेण्डर अनुसार निर्धारित आंतरिक मूल्यांकन कार्य एवं फाइल प्रस्तुतीकरण।

अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण टिप्स (MP Education Gyan Deep विशेष):

  1. वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQs) पर ध्यान: पाठ के बीच की पंक्तियों, लेखक/कवि परिचय एवं विधाओं पर गहन अध्ययन करें।
  2. काव्य एवं गद्य की संदर्भ-प्रसंग व्याख्या: तुलसीदास, निराला, हरिवंशराय बच्चन, महादेवी वर्मा एवं जैनेन्द्र कुमार के पाठों के पद्यांश/गद्यांश का भावार्थ विशेष रूप से तैयार करें।
  3. व्याकरण में उदाहरणों का अभ्यास: अलंकारों (भ्रांतिमान, संदेह, व्यतिरेक) और छंदों (सोरठा, कवित्त, सवैया) के पाठ्यपुस्तक से संबंधित उदाहरण ही कंठस्थ करें।
  4. समय प्रबंधन: प्रश्नपत्र हल करते समय समय सीमा का ध्यान रखें तथा निबंध व पत्र के प्रारूप (Format) का विशेष ध्यान रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र. 1. एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिन्दी अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कहाँ तक का सिलेबस आएगा?

उत्तर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) मध्यप्रदेश के शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 के अनुसार नवंबर माह तक निर्धारित सम्पूर्ण पाठ्यक्रम अर्द्धवार्षिक परीक्षा में पूछा जाएगा।

प्र. 2. क्या अर्द्धवार्षिक परीक्षा में वितान भाग-2 से प्रश्न पूछे जाएंगे?

उत्तर: हाँ, वितान भाग-2 से तीन पाठ — 'सिल्वर वैडिंग', 'जूझ' तथा 'अतीत में दबे पाँव' से लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

प्र. 3. व्याकरण खंड में कौन-से अलंकार विशेष रूप से तैयार करने चाहिए?

उत्तर: निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार संदेह, सांगरूपक, भ्रांतिमान, विरोधाभास एवं व्यतिरेक अलंकार प्रमुख रूप से पाठ्यक्रम में सम्मिलित हैं।

प्र. 4. क्या अर्द्धवार्षिक परीक्षा के अंक मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं?

उत्तर: जी हाँ, आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) एवं बोर्ड परीक्षा के अभ्यास की दृष्टि से अर्द्धवार्षिक परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह पाठ्यक्रम लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्यप्रदेश द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेण्डर 2026-27 के आधार पर केवल विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की शैक्षणिक सहायता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। विद्यार्थी नवीनतम सूचनाओं, समय-सारणी एवं आधिकारिक दिशा-निर्देशों हेतु अपने विद्यालयीन शिक्षकों अथवा आधिकारिक शिक्षा पोर्टल की पुष्टि अवश्य करें।

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