GIS Scheme 2003: मध्यप्रदेश शासकीय कर्मचारी बीमा सह बचत योजना — पात्रता, अंशदान और बीमा राशि की पूरी जानकारी
नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए ताज़ा निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्त एवं भर्ती नियम, 2018 के तहत 1 जुलाई 2018 अथवा उसके पश्चात् नियुक्त हुए उच्च माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक तथा प्राथमिक शिक्षकों के वेतन से यदि GIS की राशि पहले से काटी जा रही है, तो ऐसे सभी शिक्षकों को सामूहिक बीमा योजना का लाभ नियमानुसार शीघ्र-अतिशीघ्र प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
योजना की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
मध्यप्रदेश शासन ने पूर्व से चली आ रही "परिवार कल्याण निधि" तथा "शासकीय कर्मचारी समूह बीमा योजना, 1985" का पुनरीक्षण करते हुए 1 अप्रैल 2003 से "मध्यप्रदेश शासकीय सेवक कर्मचारी बीमा सह बचत योजना, 2003" लागू की। इसका मूल उद्देश्य बेहद कम प्रीमियम पर शासकीय सेवक के परिवार को दो सुरक्षा-कवच देना है:
- बीमा सुरक्षा: सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को तत्काल बीमा राशि।
- बचत सुविधा: सेवा समाप्ति, सेवानिवृत्ति या स्वैच्छिक सेवात्याग की स्थिति में संचित बचत राशि ब्याज सहित एकमुश्त वापस।
योजना किन कर्मचारियों पर लागू होती है?
वित्त विभाग के आदेश दिनांक 5 फरवरी 2003 के अनुसार यह योजना निम्नलिखित श्रेणियों पर लागू होती है:
विकल्प (Option) देने पर अखिल भारतीय सेवा (IAS/IPS/IFS) के अधिकारी भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
1 अप्रैल 2003 को कार्यरत सभी शासकीय सेवक तथा इस तिथि के बाद सेवा में आने वाले नए कर्मचारी।
नियमित वेतनमान में कार्यभारित (Work-charged) तथा आकस्मिकता निधि (Contingency Fund) से वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारी।
31 दिसंबर 1988 से पहले नियमित पद के विरुद्ध दैनिक वेतन (Daily Wage) पर नियुक्त किए गए कर्मचारी।
श्रेणीवार मासिक अंशदान एवं बीमा मूल्य
योजना के अंतर्गत अंशदान एवं बीमा मूल्य म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम, 1966 में वर्णित सेवा श्रेणी के अनुसार तय किया गया है:
यूनिट, बीमा धन और बचत निधि में जमा राशि का विभाजन
प्रत्येक श्रेणी के कुल मासिक अंशदान को दो भागों में बांटा जाता है — एक हिस्सा शुद्ध बीमा प्रीमियम (बीमा धन) के रूप में और शेष लगभग 65% राशि बचत निधि खाते में जमा होती है, जिस पर ब्याज मिलता है:
बचत राशि पर ब्याज दर
योजना प्रारंभ होने पर शासन ने बचत राशि पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर निर्धारित की थी। यह दर आगामी 10 वर्षों तक स्थिर रखी गई। नियमानुसार हर 10 वर्ष के बाद योजना की अंशदान राशि तथा ब्याज दर, दोनों का पुनर्निर्धारण किया जाता है — इसलिए वर्तमान अवधि की सटीक ब्याज दर जानने के लिए वित्त विभाग के नवीनतम परिपत्र अवश्य देखें।
GIS नामांकन (Nomination) और घोषणा पत्र क्यों जरूरी है?
बीमा एवं बचत की राशि सही व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए हर कर्मचारी को सेवा में आने के तुरंत बाद GIS Nomination Form तथा Declaration Form भरकर संबंधित कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। यदि नामांकन नहीं भरा गया है, तो मृत्यु की स्थिति में राशि प्राप्त करने में परिवार को कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
यदि आपने अब तक GIS नामांकन फॉर्म नहीं भरा है, तो अपने DDO/कार्यालय प्रमुख से तुरंत संपर्क कर फॉर्म प्राप्त करें और भरकर जमा करें।
महत्वपूर्ण बिंदु — एक नज़र में
- योजना लागू तिथि: 1 अप्रैल 2003
- मूल आदेश: वित्त विभाग क्रमांक 15/27/2002/ई/चार, दिनांक 5 फरवरी 2003
- श्रेणी निर्धारण का आधार: म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम, 1966
- अंशदान की लगभग 65% राशि बचत निधि में और शेष बीमा धन में जमा होती है
- प्रारंभिक ब्याज दर: 8% वार्षिक, हर 10 वर्ष में पुनर्निर्धारण
- नवीन शिक्षक संवर्ग (1 जुलाई 2018 से नियुक्त) को भी लाभ देने के निर्देश जारी
- नामांकन फॉर्म भरना हर कर्मचारी के लिए अनिवार्य
आदेश एवं फॉर्म डाउनलोड
वित्त विभाग द्वारा जारी मूल आदेश एवं GIS नामांकन/घोषणा पत्र प्रपत्र प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए बटन का उपयोग करें:
📄 वित्त विभाग आदेश देखें 📝 नामांकन एवं घोषणा पत्र डाउनलोड
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