एक परिसर एक शाला (एकीकृत शाला) शासन निर्देश 2019 — पूरी जानकारी | MP Education Gyan Deep
शासन आदेश लोक शिक्षण संचालनालय एकीकृत शाला

एक परिसर एक शाला (एकीकृत शाला) शासन निर्देश 2019 — संपूर्ण जानकारी

📅 आदेश दिनांक: 03.07.2019 🏢 लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश

#एकपरिसरएकशाला #एकीकृतशाला #MPEducation #लोकशिक्षणसंचालनालय #स्कॉलरपंजी #EPES2019 #MPSchoolEducation एक परिसर एक शाला (एकीकृत शाला) शासन निर्देश 2019 — संपूर्ण जानकारी
'एक शाला एक परिसर' आदेश पीडीएफ में
मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक एवं हायर सेकेण्डरी स्तर की शालाओं को "एकीकृत शाला" के रूप में संचालित करने के निर्णय को क्रियान्वित कराने हेतु लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा क्रमांक/ईपीईएस/अ0संचा0/2019/20 दिनांक 03.07.2019 से विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। इस लेख में आदेश के सभी 8 बिंदुओं, उदाहरणों, अनुसूचियों एवं समय-सीमा की पूरी जानकारी दी गई है।

आदेश का विवरण

जारीकर्ता कार्यालयलोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश, गौतम नगर, भोपाल
क्रमांकईपीईएस / अ0संचा0 / 2019 / 20
दिनांक03.07.2019
विषयएक परिसर एक शाला के शासन निर्देशों को क्रियान्वित कराये जाने विषयक
संदर्भ आदेशपत्र क्रमांक एफ 44-19/2018/20-2 दिनांक 05-09-2018
हस्ताक्षरकर्ताजयश्री कियावत, आयुक्त, लोक शिक्षण म0प्र0
आदेश किसे प्रेषित किया गया:
  1. समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, मध्यप्रदेश
  2. समस्त जिला शिक्षा अधिकारी (झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, अनूपपुर, मण्डला, डिण्डौरी को छोड़कर मध्यप्रदेश)
  3. समस्त जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र (उपरोक्त 6 जिलों को छोड़कर)

एकीकृत शाला आदेश क्यों जारी हुआ

म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक एफ 44-19/2018/20-2, भोपाल दिनांक 05-09-2018 द्वारा एक परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं (PS/MS/HS/HSS) को एकीकृत करते हुए एक शाला (एकीकृत शाला) के रूप में संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया था। एकीकरण उपरांत शाला वरिष्ठ स्तर की शाला के नाम से एकीकृत शाला जानी जाएगी।

समान स्तर की एक से अधिक शाला होने पर अधिक नामांकन (सत्र 2018-19) वाली शाला को मुख्य शाला के रूप में नामांकित किया गया है। एकीकृत शालाओं में संचालन संबंधी अभिलेख संधारण हेतु निम्नलिखित 8 बिंदुओं पर निर्देश दिए गए हैं।

📋 एकीकृत शाला हेतु 8 प्रमुख निर्देश

1

विद्यालय के नाम का बोर्ड

एकीकरण उपरांत एकीकृत शाला के वरिष्ठ स्तर की शाला के नाम का ही एक बोर्ड होगा जिसमें 'एकीकृत शाला' शब्द के साथ शाला का नाम लिखा जाएगा। अन्य शाला के नाम के बोर्ड सफेद पेंट कर दिए जाएंगे। बोर्ड में शाला किस कक्षा से किस कक्षा तक संचालित है — इसका उल्लेख अनिवार्य रूप से करना होगा तथा बोर्ड में 'एक परिसर एक शाला' भी अंकित करना होगा।

2

शिक्षक बैठक व्यवस्था

एकीकरण उपरांत एकीकृत शाला में शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था एक ही कक्ष (स्टॉफ रूम) में होगी जो वरिष्ठ स्तर की शाला का होगा। सम्मिलित की गई शालाओं के प्रभारियों के अलग-अलग कक्ष नहीं होंगे — वरिष्ठतम स्तर की शाला प्रभारी (प्राचार्य/प्र.अ.) का एक ही कक्ष होगा।

3

शिक्षक उपस्थिति पंजी

एक परिसर एक शाला अंतर्गत सम्मिलित समस्त शालाओं के लिए एक ही स्टॉफ उपस्थिति पंजी संधारित की जाएगी जिसमें सभी शिक्षकों/अन्य स्टॉफ सदस्यों के नाम पदीय वरिष्ठता के क्रम में लिखे जाएंगे।

4

छात्र/कक्षा व्यवस्था

एकीकृत शाला अन्तर्गत विद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशासकीय व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए 30 अप्रैल 2019 तक एकीकृत शाला में सत्र 2019-20 में परिसर अंतर्गत संचालित कक्षाओं को आवश्यकता अनुसार स्थान देने का निर्णय लिया जाना था, जिसकी प्रक्रिया निम्नानुसार रहेगी।

5

पदनाम वर्गीकरण

एक परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं के एकीकरण उपरांत संविलियत/सेवाकाल में नियुक्ति/पदोन्नति से आने वाले लोक सेवकों के नाम उक्त संवर्गों में नियुक्ति/पदोन्नति की वरिष्ठता के क्रम में लिखे जाएंगे — जैसे व्याख्याता, उच्च माध्यमिक शिक्षक, वरिष्ठ अध्यापक (यदि हो तो), प्रधानाध्यापक मा.शाला समकक्ष पद आदि।

महत्वपूर्ण: किसी भी परिस्थिति में शिक्षक/स्टॉफ उपस्थिति पंजी में शिक्षकों के नाम पदनाम वर्गीकरण प्राथमिक विभाग, माध्यमिक विभाग, उच्च माध्यमिक विभाग, उच्चतर माध्यमिक विभाग के रूप में नहीं लिखे जाएंगे, चाहे वह शिक्षक किसी भी स्तर की कक्षा में अध्यापन कराते हों।
6

एकीकृत समय सारणी

एक परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं की एकीकृत समय सारणी तैयार की जाएगी जिसमें उच्चतम स्तर की कक्षा से प्रारम्भ करते हुए निम्नतम कक्षा तक की एक ही समय सारणी होगी। कक्षा 1 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 तक के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा सुझाई गई विषय अनुसार समय सारणी का अनुपालन किया जाएगा। कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शाला हेतु सुझावात्मक समय सारणी पत्र परिशिष्ट-2 के साथ संलग्न है — विद्यालय आवश्यकतानुसार समय सारणी में परिवर्तन कर सकते हैं।

7

टीचर शेयरिंग व्यवस्था

शिक्षकों की योग्यता एवं विषय अनुसार अध्यापन कार्य निम्नानुसार व्यवस्थित किया जाएगा:

  • प्राथमिक शिक्षक/सहायक शिक्षक यदि स्नातक है तो विषय अनुसार कक्षा 6 से 8 तक आवश्यकतानुसार अध्यापन कार्य करायेंगे।
  • माध्यमिक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षक आवश्यकतानुसार कक्षा 4 एवं 5 में अध्यापन कार्य करायेंगे।
  • माध्यमिक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षक विषय अनुसार कक्षा 6 से 10 तक अध्यापन कार्य करायेंगे।
  • उच्च श्रेणी शिक्षक/प्रा.अ.मा.शा. यदि स्नातकोत्तर है तो विषय अनुसार कक्षा 6 से 12 तक आवश्यकता होने पर अध्यापन कार्य करायेंगे।
  • उच्च माध्यमिक शिक्षक/व्याख्याता कक्षा 9 से 12 तक अध्यापन कार्य करायेंगे, आवश्यकतानुसार कक्षा 6 से 8 में भी अध्यापन करायेंगे।

यह व्यवस्था एकीकृत शाला के प्राचार्य/प्र.अ. द्वारा शिक्षकों की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए की जा सकेगी, किन्तु निर्णय लेने से पूर्व उस कक्षा को पढ़ाने हेतु निर्धारित शैक्षणिक योग्यता का ध्यान रखना अनिवार्य होगा।

8

स्कॉलर पंजी एकीकरण

एकीकृत शालाओं में पूर्व से संधारित स्कॉलर पंजियों को वरिष्ठ स्तर की शाला के प्रभारी/प्र.अ./प्राचार्य को सौंपते हुए एकीकृत शाला में सत्र 2019-20 से वरिष्ठ शाला की स्कॉलर पंजी को ही आगे के स्कॉलर नम्बरों में नवीन प्रवेश दिया जाना है। इसकी प्रक्रिया शाला संयोजन के अनुसार भिन्न-भिन्न है:

उदाहरण (प्राथमिक + हायर सेकेण्डरी, कक्षा 1 से 12):
कक्षा 2 के सत्र 2018-19 में उत्तीर्ण छात्र जिसका स्कॉलर क्रमांक प्राथमिक स्कॉलर पंजी में 100 है, उसे हायर सेकेण्डरी स्कॉलर पंजी में अग्रिम स्कॉलर क्रमांक 300 पर अंकित करते हुए रिमार्क में PS 100 लिखा जाएगा। प्राथमिक स्तर पंजी में उक्त छात्र के स्कॉलर पृष्ठ पर अंकित किया जाएगा कि छात्र को एकीकृत शाला अंतर्गत स्कॉलर क्रमांक EPES-300 पर कक्षा 3 में कक्षोन्नति की गई है।
माध्यमिक स्तर का उदाहरण:
कक्षा 6 के सत्र 2018-19 में उत्तीर्ण छात्र जिसका स्कॉलर क्रमांक माध्यमिक पंजी में 200 है, हायर सेकेण्डरी पंजी में अग्रिम क्रमांक 301 पर अंकित करते हुए रिमार्क में MS 200 लिखा जाएगा तथा माध्यमिक पंजी में उल्लेख होगा कि छात्र को EPES-301 पर कक्षा 7 में कक्षोन्नति दी गई है।

इसी प्रकार की प्रक्रिया निम्न संयोजन की एकीकृत शालाओं में भी लागू होगी:

  • एकीकृत शाला (प्राथमिक+माध्यमिक+हायर सेकेण्डरी) कक्षा 1 से 12
  • एकीकृत शाला (माध्यमिक+हायर सेकेण्डरी) कक्षा 6 से 12
  • एकीकृत शाला (प्राथमिक+माध्यमिक+हाईस्कूल) कक्षा 1 से 10
  • एकीकृत शाला (माध्यमिक+हाईस्कूल) कक्षा 6 से 10
  • एकीकृत शाला (प्राथमिक+माध्यमिक) कक्षा 1 से 8

समान स्तर की एकीकृत शाला की स्कॉलर पंजी: समान स्तर की एकीकृत शालाओं में पूर्व से संधारित स्कॉलर पंजीयों को अधिक नामांकन वाली शाला को मुख्य शाला मानते हुए उसके प्रभारी/प्र.अ./प्राचार्य को सौंपते हुए सत्र 2019-20 से मुख्य शाला की स्कॉलर पंजी को ही आगे के स्कॉलर नम्बरों में नवीन प्रवेश दिया जाएगा। कम नामांकन वाली शाला के स्कॉलर क्रमांक को अंकित करते हुए 'से लाया गया' लिखा जाएगा।

📚 पुस्तकालय एवं भण्डार एकीकरण

9

पुस्तकालय

एकीकृत शाला में सभी स्तर शालाओं की पुस्तकों को भी एक ही कक्ष में अलग-अलग अलमारियों में संकलित किया जाएगा एवं पुस्तक स्टॉक पंजी, पुस्तक वितरण पंजी सभी स्तर की एक ही होगी। उच्चतम स्तर के विद्यालय पर गठित समिति से प्राथमिक व माध्यमिक स्तर की स्टॉक पंजी का भौतिक सत्यापन कराया जाकर पुस्तकों की प्रविष्टि हायर सेकेण्डरी स्तर की स्टॉक पंजी में अगले क्रमांक पर करते हुए रिमार्क वाले कॉलम में पूर्व स्टॉक पंजी का क्रमांक ठीक उसी तरह PS या MS कोडिंग के साथ लिखा जाएगा।

10

भण्डार

एक परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं के एकीकरण उपरांत एकीकृत शाला के वरिष्ठ स्तर की शाला के भण्डार स्टॉक पंजी में नवीन अग्रिम क्रमांक देते हुए प्राथमिक+माध्यमिक के भण्डार स्टॉक पंजी से सामग्री का भौतिक सत्यापन उच्चतम स्तर के विद्यालय पर गठित समिति से कराते हुए प्रविष्टि की जाएगी तथा भण्डार स्टॉक पंजी के रिमार्क कॉलम में किस स्तर की भण्डार स्टॉक पंजी के पृष्ठ क्रमांक के सरल क्रमांक से सामग्री अंतरित की गई है का उल्लेख अनिवार्य रूप से करना होगा।

👥 निगरानी हेतु दल गठन

उपरोक्त निर्देशों के पालन के सत्यापन हेतु प्रत्येक जिले में प्रति 10 एकीकृत विद्यालयों हेतु एक दल का गठन किया जाना निर्धारित है। उक्त दल बिन्दु क्रमांक 1 से 8 तक दी गयी भौतिक एवं अकादमिक प्रक्रियाओं का सुदृढ़ीकरण कार्य स्कूल भ्रमण के दौरान ही सुनिश्चित करेगा ताकि भौतिक रूप से शालाओं के एकीकरण का कार्य जुलाई 2019 माह में एवं अकादमिक गतिविधियों पर अगस्त 2019 से पूर्णतः केन्द्रित किया जा सके।

दल संरचना (परिशिष्ट-1)

कक्षा 1 से 12 / कक्षा 6 से 12 / समान स्तर कक्षा 9 से 12
दल प्रभारी: संकुल प्राचार्य | सदस्य-1: प्राचार्य हाई स्कूल | सदस्य-2: व्याख्याता
कक्षा 1 से 10 / कक्षा 6 से 10 / समान स्तर कक्षा 9 से 10
दल प्रभारी: संकुल प्राचार्य | सदस्य-1: प्राचार्य हाई स्कूल | सदस्य-2: व्याख्याता
कक्षा 1 से 8 / समान स्तर कक्षा 6 से 8 / कक्षा 1 से 5
दल प्रभारी: प्राचार्य हाई स्कूल | सदस्य-1: व्याख्याता | सदस्य-2: उच्च माध्यमिक शिक्षक

📎 संलग्न परिशिष्ट सूची

परिशिष्ट-1: दल गठन का प्रारूप
परिशिष्ट-2: एकीकृत शाला हेतु सुझावात्मक समय सारणी सत्र 2019-20 (कक्षा 1 से 12 के लिए)
परिशिष्ट-3, 4, 5: प्रतिवेदन प्रारूप — क्रमशः कक्षा 1-12/6-12/समान स्तर 9-12, कक्षा 1-10/6-10/समान स्तर 9-10, तथा कक्षा 1-8/समान स्तर 6-8 एवं 1-5 की एकीकृत शालाओं हेतु
प्रतिवेदन प्रारूप में 9 बिंदुओं — विद्यालय बोर्ड, शिक्षक बैठक व्यवस्था, शिक्षक उपस्थिति पंजी, एकीकृत समय सारणी, टीचर शेयरिंग, स्कॉलर पंजी, पुस्तकालय एवं भण्डार — पर 'कार्य पूर्ण पाया गया', 'नहीं पाया गया' अथवा 'अपने समक्ष पूर्ण कराया गया' दर्शाते हुए रिमार्क सहित जानकारी दी जानी है। नियमित प्राचार्य/प्र.अ. न होने की स्थिति में नामांकित प्रभारी प्राचार्य/प्र.अ. का नाम व मूल पद रिमार्क कॉलम में लिखा जाना है।

एक परिसर एक शाला (एकीकृत शाला) व्यवस्था का उद्देश्य एक ही परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं के प्रशासनिक एवं अकादमिक संचालन को सुव्यवस्थित कर संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। शाला प्रबंधन को विद्यालय बोर्ड, उपस्थिति पंजी, समय सारणी, टीचर शेयरिंग, स्कॉलर पंजी, पुस्तकालय एवं भण्डार के एकीकरण संबंधी सभी निर्देशों का पालन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करना आवश्यक है।

'एक शाला एक परिसर' आदेश पीडीएफ में

#एकपरिसरएकशाला #एकीकृतशाला #MPEducation #लोकशिक्षणसंचालनालय #स्कॉलरपंजी #EPES2019 #MPSchoolEducation

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

एक परिसर एक शाला (एकीकृत शाला) क्या है?+

एक ही परिसर में संचालित विभिन्न स्तर की शालाओं (PS/MS/HS/HSS) को एकीकृत कर वरिष्ठ स्तर की शाला के नाम से एक शाला के रूप में संचालित करना 'एकीकृत शाला' या 'एक परिसर एक शाला' कहलाता है।

मुख्य शाला किसे माना जाएगा?+

समान स्तर की एक से अधिक शाला होने पर सत्र 2018-19 में अधिक नामांकन वाली शाला को मुख्य शाला के रूप में नामांकित किया गया है।

एकीकृत शाला में स्टॉफ की पदीय पहचान कैसे रहेगी?+

शिक्षकों व स्टॉफ के पद, संवर्ग के अनुसार ही नाम लिखे जाएंगे (व्याख्याता, उच्च माध्यमिक शिक्षक, सहायक शिक्षक आदि), उन्हें प्राथमिक/माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विभाग के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा।

स्कॉलर पंजी एकीकरण की प्रक्रिया क्या है?+

वरिष्ठ स्तर की शाला की स्कॉलर पंजी में आगे के स्कॉलर नम्बर पर नवीन प्रवेश एवं कक्षोन्नत छात्रों की प्रविष्टि की जाएगी तथा मूल स्कॉलर शाला (PS/MS कोडिंग) रिमार्क कॉलम में अंकित की जाएगी, उदाहरण: EPES-300।

एकीकृत शाला अवलोकन हेतु दल गठन कब किया गया?+

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 8 जुलाई 2019 तक प्रति 10 एकीकृत विद्यालयों हेतु एक दल का गठन कर 11 से 19 जुलाई 2019 तक भौतिक सत्यापन कराया गया।

दल को प्रतिवेदन कब प्रस्तुत करना था?+

दल प्रभारी को 23 जुलाई 2019 तक जिला शिक्षा अधिकारी को प्रतिवेदन देना था तथा उसी रात्रि 10 बजे तक गूगल लिंक पर एंट्री करनी थी।

© MP Education Gyan Deep — मध्यप्रदेश शिक्षा से जुड़ी हर ताज़ा जानकारी हिंदी में।

यह लेख आधिकारिक शासन आदेश पर आधारित है। पूर्ण आदेश हेतु संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।