सरकारी कार्यालयों में प्रस्तुत दस्तावेजों की पावती देने की मानक प्रक्रिया
📋 आदेश का सारांश
मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी इस शासकीय आदेश के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में प्रस्तुत दस्तावेजों, प्रार्थना पत्रों एवं लेटर आदि की पावती (रसीद) देने की मानक प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
⚠️ पृष्ठभूमि एवं आवश्यकता
शासन के ध्यान में यह बात लाई गई थी कि प्रायः सरकारी कार्यालयों में:
- कोई भी प्रार्थना पत्र, लेटर या दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर संबंधित लिपिक केवल हस्ताक्षर कर देते हैं।
- कई बार पावती पर दिनांक भी अंकित नहीं की जाती।
- इससे यह प्रमाणित नहीं हो पाता कि प्राप्ति स्वीकृति किस कार्यालय के किस कर्मचारी ने दी है।
- ऐसी अधूरी पावती को भविष्य में प्रमाणित करना कठिन हो जाता है।
✅ मानक प्रक्रिया (3 अनिवार्य बिंदु)
अब से प्रत्येक सरकारी कार्यालय में पावती देते समय निम्नलिखित तीन बातें अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएंगी:
- प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर: पावती पर दस्तावेज प्राप्त करने वाले कर्मचारी के स्पष्ट हस्ताक्षर अनिवार्य।
- पूरी तारीख का अंकन: प्राप्ति की दिनांक (दिन/माह/वर्ष) पूर्ण रूप से अंकित की जाए।
- पहचान विवरण: प्राप्तकर्ता का नाम, पदनाम एवं कार्यालय की मुद्रा (सील) स्पष्ट रूप से अंकित हो।
📬 आदेश प्राप्तकर्ता
यह आदेश निम्नलिखित अधिकारियों/कार्यालयों को निर्देशित है:
- समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, म.प्र. शासन, समस्त विभाग, मंत्रालय, भोपाल
- समस्त संभागायुक्त
- समस्त विभागाध्यक्ष
- समस्त कलेक्टर
- समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत
🔍 महत्वपूर्ण नोट
प्रत्येक कार्यालय द्वारा उपरोक्तानुसार प्रक्रिया अपनाई जाना सुनिश्चित किया जाए। इससे दस्तावेजों की पारदर्शिता, जवाबदेही एवं भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में प्रमाणिकता बनी रहेगी।
📥 आदेश PDF यहाँ से डाउनलोड करें — Click Here
अस्वीकरण: यह ब्लॉग पोस्ट सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। आधिकारिक एवं कानूनी प्रयोजनों के लिए कृपया मध्यप्रदेश शासन के मूल शासकीय आदेश देखें।

0 Comments