बाल वाटिका (अरूण, उदय, प्रभात) का तृतीय एवं अंतिम आकलन“बाल मेला” 28 मार्च 2026 को सभी चयनित विद्यालयों में
भोपाल : राज्य शिक्षा केन्द्र, मध्य प्रदेश ने प्रदेश के 4473 विद्यालयों में संचालित बालवाटिका कक्षाओं (अरूण, उदय, प्रभात) के लिए सत्र 2025-26 का तीसरा एवं अंतिम आकलन (बाल मेला) 28 मार्च 2026 (शनिवार) को आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह आकलन समग्र प्रगति पत्रक (कम्प्रीहेन्सिव प्रोग्रेस कार्ड) को अंतिम रूप देने के लिए किया जाएगा।
क्या है बाल मेला ?
बाल मेला एक आकलन दिवस है, जहाँ बच्चे गतिविधियों के माध्यम से अपनी सीख प्रदर्शित करते हैं। इस दिन पालकों/अभिभावकों को आमंत्रित किया जाता है, वे अपने बच्चों की प्रगति को प्रत्यक्ष देखते हैं और उन्हें समग्र प्रगति पत्रक वितरित किया जाता है। यह बच्चों के समग्र विकास (भाषा, गणित, सामाजिक भावना, शारीरिक विकास) को मापने का सरकारी टूल है।
📅 तीन आकलन – एक नज़र में (कॉम्पैक्ट टेबल)
| आकलन | तिथि | स्थिति |
|---|---|---|
| प्रथम (बाल मेला) | 23 सितम्बर 2025 | सम्पन्न |
| द्वितीय (बाल मेला) | 19 दिसम्बर 2025 | सम्पन्न |
| तृतीय (अंतिम) बाल मेला | 28 मार्च 2026 | आगामी (अनिवार्य) |
🧩 बाल मेला 28 मार्च – मुख्य बातें
- अनिवार्य तिथि : 28 मार्च 2026 (शनिवार) को सभी 4473 बालवाटिका विद्यालयों में बाल मेला आयोजित होगा।
- पालक आमंत्रण अभिभावकों को 3-4 दिन पूर्व (24-25 मार्च तक) सूचना दें – व्हाट्सएप, फोन, डायरी, व्यक्तिगत संपर्क से।
- गतिविधि आधारित आकलन बच्चे खेल-खेल में गतिविधियाँ करेंगे, पालक देखेंगे।
- प्रगति पत्रक वितरण कार्यक्रम के अंत में प्रत्येक बच्चे का समग्र प्रगति पत्रक अभिभावक को सौंपें।
- निगरानी डाइट अकादमिक सदस्य, एपीसी, बीएसी/सीएमी, जनशिक्षक कम से कम 3 विद्यालयों का अवलोकन करें।
📺 यूट्यूब लाइव कार्यक्रम – प्रशिक्षण सत्र
तृतीय आकलन को सफल बनाने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा यूट्यूब लाइव आयोजित किया जाएगा।
तैयारी हेतु चेकलिस्ट (विद्यालय स्तर)
| क्रम | क्या करना है | समयसीमा |
|---|---|---|
| 1 | बाल मेला की रूपरेखा एवं गतिविधियाँ तैयार करें | 25 मार्च तक |
| 2 | अभिभावकों को सूचना (व्हाट्सएप/डायरी/फोन) दें | 24-25 मार्च |
| 3 | खेल सामग्री / स्टॉल / बैठक व्यवस्था | 27 मार्च |
| 4 | समग्र प्रगति पत्रक भरकर तैयार रखें | 27 मार्च |
| 5 | बाल मेला आयोजन एवं पत्रक वितरण | 28 मार्च |
उद्देश्य – समग्र प्रगति पत्रक क्यों जरूरी?
समग्र प्रगति पत्रक सिर्फ अंकों का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि बच्चे के संज्ञानात्मक, सामाजिक, भावनात्मक एवं शारीरिक विकास का नक्शा है। यह निपुण भारत मिशन एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बच्चों को प्राथमिक स्तर पर मजबूत बनाने में सहायक है।
📢 सभी अधिकारियों/शिक्षकों से निवेदन
यह सुनिश्चित करें कि 28 मार्च 2026 को बाल मेला उत्सवपूर्ण वातावरण में आयोजित हो। अधिक से अधिक अभिभावकों की भागीदारी हो, जिससे वे अपने बच्चों की प्रगति को समझ सकें और विद्यालय के साथ जुड़ सकें। डाइट एवं बीआरसी स्तर से मॉनिटरिंग की जाए। गूगल शीट पर डेटा अनिवार्य रूप से भरा जाए।
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