MP Board Class 12 Business Studies Pre-Board Paper 2026: संपूर्ण हल (Model Answer) | MP EDUCATION GYAN DEEP

MP Board Class 12 Business Studies Pre-Board Paper 2026: संपूर्ण हल (Model Answer) | MP EDUCATION GYAN DEEP

नमस्कार विद्यार्थियों (Dear Students),

स्वागत है आपका MP EDUCATION GYAN DEEP पर। जैसा कि आप सभी जानते हैं, मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल (MPBSE) द्वारा आयोजित प्री-बोर्ड परीक्षाएँ (Pre-Board Exams 2026) चल रही हैं। ये परीक्षाएँ आपकी वार्षिक बोर्ड परीक्षा की तैयारी को परखने का सबसे बेहतरीन माध्यम हैं।

आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन (Business Studies) के प्री-बोर्ड परीक्षा 2026 का आदर्श उत्तर (Model Answer Paper) लेकर आए हैं।

प्री-बोर्ड परीक्षा का महत्व (Importance of Pre-Board Exams)

प्री-बोर्ड परीक्षा केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह फाइनल मैच से पहले का अभ्यास मैच है। इस प्रश्न पत्र को हल करने और इसके मॉडल आंसर को देखने से आपको निम्नलिखित लाभ होंगे:

1. परीक्षा पैटर्न की समझ: आपको पता चलेगा कि मुख्य परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे।

2. समय प्रबंधन (Time Management): 3 घंटे में पेपर कैसे पूरा करें, इसका अभ्यास होगा।

3. उत्तर लेखन शैली: मॉडल आंसर से आप सीखेंगे कि पूरे नंबर प्राप्त करने के लिए उत्तर कैसे लिखना चाहिए।

Class 12 Business Studies Pre-Board Exam Overview

विवरण (Details) जानकारी (Information)
Board Name MP Board (MPBSE)
Class 12th (बारहवीं)
Subject Business Studies (व्यवसाय अध्ययन)
Session 2025-26
Content Type Pre-Board Model Answer Key
Provided By MP EDUCATION GYAN DEEP

कक्षा 12वीं व्यवसाय अध्ययन प्री-बोर्ड पेपर का संपूर्ण हल (Model Answer)

नीचे हमने प्रश्न पत्र के सभी वस्तुनिष्ठ (Objective) और वर्णनात्मक (Descriptive) प्रश्नों के सटीक उत्तर तैयार किए हैं। आप इसे ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) से मिलान करें।

(नोट -  उत्तर देखने के लिए प्रश्न पर क्लिक कीजिए)

Class 12 Business Studies Pre-Board 2026

व्यवसाय अध्ययन प्री बोर्ड पेपर मॉडल आंसर

MP EDUCATION GYAN DEEP

1. सही विकल्प चुनकर लिखिए (1x6=6)
(b) खनन इंजीनियर (Mining Engineer)
(c) गतिशीलता (Dynamism)
(d) मानवीय घटक से (Human aspect)
(b) अपवाद द्वारा प्रबंध (Management by exception)
(c) प्रतिधारित आय (Retained earning) - क्योंकि इस पर कोई ब्याज या लाभांश नहीं देना पड़ता।
(c) राष्ट्रीय आयोग (National Commission)

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (1x6=6)
समन्वय (Coordination)
बाजार / व्यावसायिक (Market / Business)
संगठन (Organizing)
प्रारंभिक जांच (Preliminary Screening)
विचलन / त्रुटियाँ (Deviations / Errors)
5 (पाँच)

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

3. सत्य/असत्य में उत्तर लिखिए (1x6=6)
असत्य (False) - उनका केंद्र बिंदु श्रमिक/कारखाना स्तर (Shop floor) था।
असत्य (False) - नियम कठोर होते हैं।
सत्य (True)
असत्य (False) - यह शीर्ष स्तर से प्रारंभ होता है।
सत्य (True)
सत्य (True)

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

4. सही जोड़ियां बनाइए (1x7=7)
  • (I) उत्पाद अवधारणा (Product Concept) → (f) उत्पाद में सुधार (Product improvement)
  • (II) विक्रय अवधारणा (Selling Concept) → (a) प्रवर्तन (Promoting/Selling)
  • (III) विपणन अवधारणा (Marketing Concept) → (d) एकीकृत विपणन (Integrated marketing)
  • (IV) उत्पादन अवधारणा (Production Concept) → (g) उत्पाद की उपलब्धता (Availability of product)
  • (V) FPO → (c) प्रसंस्कृत फलों की गुणवत्ता (Quality for processed fruit)
  • (VI) एगमार्क (Agmark) → (e) कृषि उत्पादों की शुद्धता (Purity for agricultural goods)
  • (VII) इकोमार्क (Ecomark) → (b) पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद (Environmentally friendly products)
5. एक वाक्य में उत्तर लिखिए (1x7=7)
संगठनात्मक उद्देश्य (Organizational Objective) - जीवित रहना (Survival)
भूमि के मूल्यों में गिरावट आई (Land prices declined/fell).
सोपान श्रृंखला का सिद्धांत (Scalar Chain Principle)
नीतियाँ (Policies)
अधिकार (Authority)
अभिरुचि परीक्षण (Aptitude Test)
नियंत्रण (Controlling)

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक) - Very Short Answer
प्रबंध कोई एक कार्य नहीं है, बल्कि यह तीन मुख्य आयामों का जटिल समूह है: 1. काम का प्रबंध (Management of Work) 2. लोगों का प्रबंध (Management of People) 3. परिचालन का प्रबंध (Management of Operations)
प्रबंध को देखा या छूआ नहीं जा सकता, लेकिन इसकी उपस्थिति को संगठन के कार्यों के परिणामों (जैसे लक्ष्यों की प्राप्ति, कर्मचारियों की संतुष्टि) से महसूस किया जा सकता है। इसलिए इसे अदृश्य शक्ति कहते हैं।
1. विदेशी निवेश में वृद्धि: विदेशी पूंजी निवेश (FDI) में बढ़ोतरी हुई है।
2. उपभोक्ताओं को लाभ: उपभोक्ताओं को कम कीमत पर बेहतर गुणवत्ता वाली वस्तुएँ उपलब्ध हुई हैं।
1. दक्षता में वृद्धि: निजी क्षेत्र में कार्यकुशलता और उत्पादकता अधिक होती है।
2. राजकोषीय बोझ में कमी: घाटे में चल रहे सार्वजनिक उपक्रमों के बोझ से सरकार को राहत मिलती है।
कार्यक्रम एक विस्तृत योजना है जिसमें किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए उद्देश्य, नीतियां, कार्यविधियां, नियम, और बजट आदि सभी शामिल होते हैं। उदाहरण: 'स्वच्छ भारत अभियान'।
बजट एक योजना है जो भविष्य के अनुमानित परिणामों को संख्यात्मक रूप (रुपये, इकाई आदि) में व्यक्त करती है। यह एक निश्चित अवधि के लिए आय और व्यय का विवरण होता है।
संगठन ढांचा वह रूपरेखा है जिसके अंतर्गत प्रबंधकीय और परिचालन कार्यों को निष्पादित किया जाता है। यह विभिन्न पदों के बीच संबंधों और अधिकार-उत्तरदायित्व के प्रवाह को दर्शाता है।
एक अच्छे संगठन में कार्य को छोटे-छोटे भागों में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक भाग को उस व्यक्ति को सौंपा जाता है जो उसमें दक्ष होता है। एक ही कार्य को बार-बार करने से कर्मचारी विशेषज्ञ बन जाता है, जिससे विशिष्टीकरण का लाभ मिलता है।
1. शिक्षुता प्रशिक्षण (Apprenticeship): इसमें प्रशिक्षु एक विशेषज्ञ के अधीन काम सीखता है (जैसे प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन)।
2. इंटर्नशिप (Internship): इसमें शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक संस्थाएं मिलकर छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देती हैं।
1. प्रकोष्ठ प्रशिक्षण (Vestibule Training): कार्यस्थल जैसा माहौल बनाकर डमी उपकरणों पर प्रशिक्षण देना।
2. कक्षा व्याख्यान (Classroom Lectures): सैद्धांतिक ज्ञान देने के लिए।
1. मापन: वित्तीय को मुद्रा में मापा जा सकता है, गैर-वित्तीय को नहीं।
2. उदाहरण: वित्तीय (वेतन, बोनस), गैर-वित्तीय (सम्मान, पदोन्नति, प्रशंसा)।
1. कार्यों का निरीक्षण करना और कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना।
2. प्रबंधन और श्रमिकों के बीच कड़ी (Link) का कार्य करना।
इसका अर्थ है कि प्रबंधक को हर गतिविधि पर ध्यान देने के बजाय केवल उन 'प्रमुख परिणाम क्षेत्रों' (KRAs) पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो संगठन की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
योजनाएं केवल लक्ष्य निर्धारित करती हैं, लेकिन नियंत्रण यह सुनिश्चित करता है कि कार्य उन योजनाओं के अनुसार हो रहा है या नहीं। यदि नियंत्रण नहीं होगा, तो गलतियों का पता नहीं चलेगा और योजनाएं धरी रह जाएंगी।
अधिक कार्यशील पूंजी तरलता (Liquidity) बढ़ाती है (नकदी उपलब्ध रहती है) लेकिन लाभदायकता (Profitability) कम करती है क्योंकि पैसा बेकार पड़ा रहता है। कम कार्यशील पूंजी लाभदायकता बढ़ा सकती है लेकिन तरलता संकट पैदा कर सकती है।
1. यह दीर्घकालिक होता है और इसे आसानी से बदला नहीं जा सकता।
2. इसमें बड़ी मात्रा में धनराशि लगती है और यह व्यवसाय की भविष्य की आय क्षमता को प्रभावित करता है।
उत्पाद मिश्रण से आशय उन सभी उत्पादों और सेवाओं के समूह से है जो एक फर्म बाजार में बिक्री के लिए प्रस्तुत करती है। इसमें उत्पाद की डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और लेबलिंग शामिल हैं।
विक्रय संवर्धन वे अल्पकालिक प्रोत्साहन हैं जो ग्राहकों को तुरंत वस्तु खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं। जैसे- छूट, कूपन, मुफ्त नमूने, प्रतियोगिताएं आदि।
1. सुरक्षा का अधिकार: हानिकारक वस्तुओं से सुरक्षा।
2. सूचना का अधिकार: उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, और मूल्य की जानकारी पाने का अधिकार।
1. कम तौलना या कम माप।
2. मिलावटी या निम्न गुणवत्ता वाली वस्तुएं बेचना।

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक) - Short Answer
1. उद्देश्य: समय अध्ययन का उद्देश्य कार्य का मानक समय तय करना है। गति अध्ययन का उद्देश्य अनावश्यक गतिविधियों को हटाना है।
2. उपकरण: समय अध्ययन में स्टॉपवॉच का उपयोग होता है। गति अध्ययन में कैमरे/वीडियो का।
3. फोकस: यह समय पर केंद्रित है। यह गतिविधियों/हिलने-डुलने पर केंद्रित है।
1. अर्थ: आदेश की एकता का अर्थ है एक कर्मचारी को एक ही बॉस से आदेश मिलना चाहिए। निर्देश की एकता का अर्थ है समान उद्देश्य वाली गतिविधियों का एक अध्यक्ष और एक योजना होनी चाहिए।
2. उद्देश्य: यह दोहरे आदेशों को रोकता है। यह गतिविधियों में दोहराव को रोकता है।
3. प्रभाव: यह व्यक्तिगत कर्मचारी से संबंधित है। यह पूरे संगठन से संबंधित है।
1. योग्य कर्मचारी: बाहर से भर्ती करने पर विस्तृत विकल्प मिलते हैं और योग्य व प्रशिक्षित लोग मिलते हैं।
2. नया खून (New Blood): संगठन में नए विचार और नई ऊर्जा आती है।
3. प्रतियोगिता की भावना: मौजूदा कर्मचारियों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
1. उत्पादकता में वृद्धि: प्रशिक्षित कर्मचारी बेहतर और तेज काम करते हैं।
2. दुर्घटनाओं में कमी: मशीनों को सही ढंग से चलाने से दुर्घटनाएं कम होती हैं।
3. मनोबल में वृद्धि: कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे संगठन के प्रति वफादार बनते हैं।
1. संबंध: यह आधिकारिक पद और संबंधों पर आधारित होता है। यह व्यक्तिगत और सामाजिक संबंधों पर आधारित होता है।
2. गति: औपचारिक संप्रेषण धीमा होता है (सोपान श्रृंखला के कारण)। अनौपचारिक (अंगूरीलता) बहुत तेज होता है।
3. स्वरूप: यह लिखित और व्यवस्थित होता है। यह प्रायः मौखिक और अव्यवस्थित होता है।
1. निरंकुश (Autocratic): नेता सारे निर्णय खुद लेता है और अधीनस्थों को आदेश देता है।
2. जनतांत्रिक (Democratic): नेता अधीनस्थों की सलाह लेकर निर्णय लेता है और भागीदारी को बढ़ावा देता है।
3. अहस्तक्षेप (Laissez-faire): नेता अधीनस्थों को पूरी आजादी देता है और खुद निर्णय लेने से बचता है।
1. लागत (Cost): विभिन्न स्रोतों (ऋण या समता) की लागत अलग-अलग होती है। सबसे सस्ता स्रोत चुना जाता है।
2. जोखिम (Risk): ऋण पूंजी में जोखिम अधिक होता है क्योंकि ब्याज देना अनिवार्य है।
3. नकदी प्रवाह स्थिति (Cash Flow): यदि कंपनी का कैश फ्लो मजबूत है, तो वह ऋण ले सकती है।
1. ब्याज आवरण अनुपात (ICR): यह जितना अधिक होगा, कंपनी उतना अधिक ऋण ले सकती है।
2. कर की दर (Tax Rate): उच्च कर दर होने पर ऋण लेना फायदेमंद होता है क्योंकि ब्याज पर कर छूट मिलती है।
3. लचिलापन (Flexibility): कंपनी को भविष्य के लिए ऋण लेने की क्षमता बचाकर रखनी चाहिए।

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक) - Long Answer
1. भली-भांति परिभाषित ज्ञान का समूह: पेशे की तरह प्रबंध का भी अपना व्यवस्थित ज्ञान और सिद्धांत हैं।
2. अवरोधित प्रवेश: पेशे में डिग्री जरूरी है (जैसे डॉक्टर के लिए MBBS), प्रबंध में अभी यह पूरी तरह अनिवार्य नहीं है लेकिन MBA को प्राथमिकता दी जाती है।
3. पेशेवर संघ: जैसे वकीलों का बार काउंसिल होता है, वैसे ही प्रबंधकों के लिए AIMA है, लेकिन सदस्यता अनिवार्य नहीं है।
4. सेवा उद्देश्य: पेशे का मुख्य उद्देश्य सेवा है, प्रबंध भी अब समाज सेवा को महत्व दे रहा है।
1. उद्देश्यों की प्राप्ति: प्रबंध सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करता है।
2. दक्षता में वृद्धि: यह लागत कम करके उत्पादकता बढ़ाता है।
3. गतिशील संगठन का निर्माण: प्रबंध बदलते पर्यावरण (तकनीक, प्रतिस्पर्धा) के अनुसार संगठन को ढालता है।
4. समाज का विकास: अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुएं देकर और रोजगार पैदा करके समाज का भला करता है।
1. उद्देश्यों का निर्धारण: सबसे पहले यह तय करना कि क्या हासिल करना है।
2. आधार विकसित करना: भविष्य के बारे में मान्यताएं बनाना।
3. वैकल्पिक कार्यवाहियों की पहचान: लक्ष्य पाने के विभिन्न तरीकों को खोजना।
4. विकल्पों का मूल्यांकन और चयन: हर विकल्प के गुण-दोष परखकर सर्वोत्तम को चुनना।
5. योजना को लागू करना और अनुवर्तन: योजना पर काम शुरू करना और निगरानी रखना।
1. स्पष्ट उद्देश्य: योजना के लक्ष्य स्पष्ट और परिभाषित होने चाहिए।
2. सरलता: योजना समझने और लागू करने में सरल होनी चाहिए।
3. लोचशीलता (Flexibility): बदलती परिस्थितियों के अनुसार योजना में बदलाव की गुंजाइश होनी चाहिए।
4. व्यावहारिकता: योजना हकीकत पर आधारित होनी चाहिए, न कि कोरी कल्पना पर।
1. उत्पत्ति: औपचारिक संगठन जानबूझकर नियमों द्वारा बनाया जाता है। अनौपचारिक स्वतः सामाजिक संबंधों से बनता है।
2. उद्देश्य: औपचारिक का उद्देश्य तकनीकी कार्य पूरा करना है। अनौपचारिक का उद्देश्य सामाजिक संतुष्टि है।
3. व्यवहार: औपचारिक में व्यवहार नियमों से निर्देशित होता है। अनौपचारिक में आपसी संबंधों से।
4. संप्रेषण: औपचारिक में सोपान श्रृंखला का पालन होता है। अनौपचारिक में कोई भी किसी से बात कर सकता है (अंगूरीलता)।
1. प्रकृति: अंतरण सभी प्रबंधकों के लिए अनिवार्य है। विकेन्द्रीकरण उच्च प्रबंधन का एक ऐच्छिक नीतिगत निर्णय है।
2. स्वतंत्रता: अंतरण में अधीनस्थ को कम स्वतंत्रता होती है। विकेन्द्रीकरण में अधिक स्वतंत्रता होती है।
3. क्षेत्र: अंतरण का क्षेत्र संकुचित (दो व्यक्तियों के बीच) होता है। विकेन्द्रीकरण का क्षेत्र व्यापक (पूरे संगठन में) होता है।
4. उद्देश्य: अंतरण का उद्देश्य अधिकारी का कार्यभार कम करना है। विकेन्द्रीकरण का उद्देश्य अधीनस्थों की भूमिका बढ़ाना है।
1. उत्पाद की लागत: कीमत कम से कम इतनी होनी चाहिए कि लागत निकल जाए।
2. मांग की उपयोगिता: यदि मांग अधिक है और उत्पाद उपयोगी है, तो अधिक कीमत रखी जा सकती है।
3. प्रतियोगिता: यदि बाजार में प्रतियोगी अधिक हैं, तो कीमत कम रखनी पड़ती है।
4. सरकारी नियम: आवश्यक वस्तुओं की कीमतें सरकार द्वारा नियंत्रित की जा सकती हैं।
कुछ आलोचक मानते हैं कि विज्ञापन अपव्यय है क्योंकि:
1. लागत बढ़ाता है: विज्ञापन का खर्च अंततः ग्राहक से ही वसूला जाता है, जिससे वस्तु महंगी हो जाती है।
2. भ्रामक होता है: कई बार विज्ञापन झूठे दावे करते हैं और ग्राहकों को गुमराह करते हैं।
3. फिजूलखर्ची को बढ़ावा: यह लोगों को उन चीजों को खरीदने के लिए प्रेरित करता है जिनकी उन्हें वास्तव में जरूरत नहीं है (सामाजिक दिखावा)।
4. ब्रांड का एकाधिकार: बड़ी कंपनियां विज्ञापन के दम पर छोटी कंपनियों को बाजार से बाहर कर देती हैं।

यह मॉडल आंसर आप MP EDUCATION GYAN DEEP पर देख रहे हैं.

code 

बोर्ड परीक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स (Exam Tips by MP EDUCATION GYAN DEEP)

1. NCERT पर फोकस करें: व्यवसाय अध्ययन के लिए NCERT की पुस्तकें सबसे महत्वपूर्ण हैं।

2. Case Studies: केस स्टडीज को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि ये अक्सर परीक्षा में पूछी जाती हैं और इनमें स्कोर करना आसान होता है।

3. Keywords का प्रयोग: अपने उत्तरों में व्यावसायिक शब्दावली (Business Terminology) का प्रयोग करें।

4. Points में उत्तर दें: लंबे पैराग्राफ लिखने के बजाय पॉइंट्स और हेडिंग्स का उपयोग करें।

विद्यार्थियों, हमें उम्मीद है कि MP EDUCATION GYAN DEEP द्वारा उपलब्ध कराया गया यह "Class 12 Business Studies Pre-Board Model Answer" आपकी तैयारी में मददगार साबित होगा।

अगर आप अन्य विषयों के भी मॉडल पेपर और महत्वपूर्ण प्रश्न चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट को विजिट करते रहें और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ Share जरूर करें।

जुड़े रहिये MP EDUCATION GYAN DEEP के साथ!

MP Board Class 12 Business Studies Pre Board Paper 2026, Business Studies Model Answer 12th, MPBSE Pre Board Solution, MP Education Gyan Deep, 12th Vyavsay Adhyayan Paper Solution.