MP BoardClass 12 BiologyPre-BoardPaperSolution 2026 | कक्षा 12वीं जीव विज्ञान प्री-बोर्ड परीक्षा सम्पूर्ण हल
MP BoardClass 12 BiologyPre-BoardExam 2026 का सम्पूर्ण और सटीक हल (FullSolution) यहाँ देखें। वस्तुनिष्ठ प्रश्न, रिक्त स्थान, सही जोड़ी और बड़े प्रश्नों के उत्तर। MP EDUCATION GYAN DEEP.
नमस्कार विद्यार्थियों,
MP EDUCATION GYAN DEEP में आपका स्वागत है। जैसा कि आप जानते हैं, आपकी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को परखने के लिए प्री-बोर्ड परीक्षाएं (Pre-BoardExams 2026) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए लेकर आए हैं कक्षा 12वीं जीव विज्ञान (Class 12 Biology) के प्री-बोर्ड पेपर का सम्पूर्ण आदर्श उत्तर (ModelAnswerKey)।
इस पोस्ट में हमने न केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (ObjectiveQuestions) के उत्तर दिए हैं, बल्कि 2, 3 और 4 अंक वाले सभी बड़े प्रश्नों (Subjective Questions) और उनके 'अथवा' (OR) वाले भागों को भी विस्तार से समझाया है। चित्र विद्यार्थी स्वयं बनाये.
इस मॉडलआंसर की विशेषताएँ:
100% सटीक उत्तर: NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित।
पूर्णकवरेज: प्रश्न क्र. 1 से 20 तक सभी प्रश्नों के हल।
चित्र सहित: जहाँ आवश्यक हो, वहाँ नामांकित चित्र के निर्देश।
इंटरैक्टिवफॉर्मेट: नीचे दिए गए बॉक्स में प्रश्न पर क्लिक करें और उत्तर देखें।
Class 12 Biology Pre-Board Solution 2026 (Interactive)
(नीचे दिए गए प्रश्नों पर क्लिक करके अपना उत्तर जांचें)
विवरण (Details)
जानकारी (Information)
Board Name
MP Board (MPBSE)
Class
12th (बारहवीं)
Subject
Biology (जीव विज्ञान)
Session
2025-26
Content Type
Pre-Board Model Answer Key
Provided By
MP EDUCATION GYAN DEEP
Class 12 Biology Pre-Board Solution 2026
MP EDUCATION GYAN DEEP
1. सही विकल्प चुनकर लिखिए (1x6=6)
a. वर्तिकाग्र (Stigma)
d. बीजाण्ड से (Ovule)
c. एनीमिया (Anemia)
b. कैंसर (Cancer)
d. रेस्ट्रिक्शन एण्डोन्यूक्लिएज (Restriction Endonuclease)
b. 50%
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कर लिखिए (1x6=6)
अपरा (Placenta)
अनुलेखन (Transcription)
लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus)
बायोपायरेसी (Biopiracy)
आनुवंशिकतः रूपांतरित जीव (GMO)
अजैविक (Abiotic)
3. सत्य या असत्य चुनिए (1x6=6)
सत्य (True)
असत्य (False) - यह एक प्रभावी विधि है।
सत्य (True)
असत्य (False) - इसे 'माइकोराइजा' कहते हैं (लाइकेन कवक+शैवाल होता है)।
सत्य (True)
असत्य (False) - यह 'परस्थाने' (Ex-situ) संरक्षण की परिभाषा है।
4. सही जोड़ियां मिलाकर लिखिए (1x5=5)
I. ध्रुवीय काय → (b) Oogenesis (अंडजनन)
II. आरंभन कोडोन → (a) AUG
III. एलर्जी → (d) IgE
IV. क्लोनिंग संवाहक → (c) pBr322
V. परजीविता → (e) + -
5. एक शब्द/एक वाक्य में उत्तर लिखिए (1x5=5)
एम्नियोसेंटेसिस (उल्बवेधन)
ड्रायोपिथेकस वनमानुष (ape) के अधिक समान थे, जबकि रामापिथेकस मनुष्य (man) के अधिक समान थे।
एलर्जी (Allergy)
डाइसल्फाइड बंध (Disulphide bond)
International Union for Conservation of Nature (अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ)
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
1. यह गर्भाशय में शुक्राणुओं की भक्षकाणुक्रिया (phagocytosis) को बढ़ा देती है और उनकी गतिशीलता कम करती है।
2. यह गर्भाशय को भ्रूण के आरोपण के लिए अनुपयुक्त बनाता है।
1. किसी अनजान साथी या अनेक साथियों के साथ यौन संबंध न रखें।
2. समागम के दौरान हमेशा कंडोम का उपयोग करें।
1. मादा (रानी/श्रमिक): ये निषेचित अंडों से विकसित होती हैं, जिनमें 16 गुणसूत्र माता से और 16 पिता से मिलते हैं, अतः ये द्विगुणित (2n=32) होती हैं।
2. नर (ड्रोन): ये अनिषेचित अंडों से 'अनिषेकजनन' (Parthenogenesis) द्वारा विकसित होते हैं, अतः इनमें केवल माता के गुणसूत्र होते हैं, जो अगुणित (n=16) होते हैं।
वह व्यक्ति वर्णांधता (Colour Blindness) रोग से ग्रसित है। यह एक लिंग-सहलग्न (Sex-linked) अप्रभावी विकार है जिसमें व्यक्ति लाल और हरे रंग में विभेद नहीं कर पाता है।
(a) समवृत्ति (Analogous): उत्पत्ति अलग, कार्य समान (दृष्टि)।
(b) समजात (Homologous): उत्पत्ति समान (तने का रूपांतरण), कार्य अलग (सुरक्षा/सहारा)।
हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक विशाल और यादृच्छिक संगम वाली समष्टि में, एलील आवृत्तियाँ और जीनप्ररूप आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कोई विकासवादी कारक (जैसे म्यूटेशन, चयन, प्रवास) कार्य न करे। समीकरण: (p + q)² = p² + 2pq + q² = 1
वाहित मल (Sewage): नगरों और शहरों से निकलने वाला व्यर्थ जल, जिसमें मानव मल-मूत्र और कार्बनिक पदार्थ अधिक मात्रा में होते हैं। भूमिका: उपचार संयंत्रों में वायवीय सूक्ष्मजीव (flocs) कार्बनिक पदार्थों को पचाकर BOD (Biochemical Oxygen Demand) को कम करते हैं, जिससे जल प्रदूषण कम होता है।
एंजाइम: स्ट्रेप्टोकाइनेज (Streptokinase)। महत्व: इसका उपयोग 'क्लॉट बस्टर' (Clot buster) के रूप में किया जाता है, जो हृदयाघात (Myocardial Infarction) के रोगियों की रक्त वाहिकाओं से रक्त के थक्के को घोलने में मदद करता है।
ऊतक संवर्धन (Tissue Culture) तकनीक द्वारा प्रयोगशाला में कम समय और कम जगह में हजारों की संख्या में पादपों को उत्पन्न करने की विधि को सूक्ष्म प्रवर्धन (Micropropagation) कहते हैं।
कार्य: ADA एंजाइम प्रतिरक्षा तंत्र के कार्य करने के लिए अति आवश्यक है (यह लिम्फोसाइट्स के विभेदन में मदद करता है)। अभाव का कारण: ADA बनाने वाले जीन का विलोपन (Deletion) हो जाना। इससे SCID रोग होता है।
(a) पहचान:
A = विस्तारी (Expanding) - बढ़ती हुई जनसंख्या
B = स्थिर (Stable) - स्थिर जनसंख्या
C = घटती हुई (Declining) - ह्रासमान जनसंख्या (b) आधार: पिरामिडों का आरेखण जननक्षम आयु वर्ग, जननपूर्व आयु वर्ग और जन्मोत्तर आयु वर्ग के व्यक्तियों के प्रतिशत वितरण के आधार पर किया गया है।
गॉस के स्पर्धी अपवर्जन नियम के अनुसार, एक ही तरह के संसाधनों के लिए स्पर्धा करने वाली दो निकटतम रूप से संबंधित जातियाँ अनंत काल तक साथ-साथ नहीं रह सकतीं और अंततः स्पर्धी रूप से घटिया (कमजोर) जाति विलुप्त हो जाएगी।
क्रायोप्रिजरवेशन (निम्नताप परिरक्षण): वह तकनीक जिसमें जैविक पदार्थों (जैसे युग्मक, भ्रूण, ऊतक) को अति निम्न तापमान (-196°C, द्रव नाइट्रोजन) पर संरक्षित किया जाता है। उपयोग: संकटग्रस्त प्रजातियों के युग्मकों को लंबे समय तक जननक्षम स्थिति में सुरक्षित रखने के लिए।
जैव विविधता क्षति के कारण: 1. आवासीय क्षति तथा विखंडन 2. अतिदोहन (Over-exploitation)। रिबेट पॉपर परिकल्पना: पॉल एहरलिच द्वारा दी गई। उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र की तुलना हवाई जहाज से की और प्रजातियों की तुलना कीलों (Rivets) से। यदि हर यात्री एक कील निकाल ले (प्रजाति विलुप्त हो), तो शुरू में जहाज (तंत्र) पर असर नहीं दिखेगा, लेकिन मुख्य पंखों की कीलें (मुख्य प्रजातियां) निकलने पर जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा।
लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
1. माँ के दूध (कोलोस्ट्रम) में IgA प्रतिरक्षी प्रचुर मात्रा में होती है जो शिशु को रोगों से लड़ने की शक्ति (निष्क्रिय प्रतिरक्षा) देती है।
2. यह शिशु के लिए संपूर्ण और संतुलित आहार है, जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं।
3. यह आसानी से पचने योग्य होता है और शिशु के मस्तिष्क विकास में सहायक होता है।
[विद्यार्थी यहाँ स्त्री जनन तंत्र का चित्र बनाएं जिसमें निम्न भाग नामांकित हों: गर्भाशय, अंडाशय, अंडवाहिका (Fallopian tube), ग्रीवा, योनि।]
वर्णान्धता X-सहलग्न अप्रभावी विकार है। पुरुषों में केवल एक X गुणसूत्र (XY) होता है, इसलिए X पर स्थित एक भी दोषपूर्ण जीन होने पर वे रोगी हो जाते हैं। स्त्रियों में दो X गुणसूत्र (XX) होते हैं। यदि एक X पर दोषपूर्ण जीन है, तो दूसरे X का सामान्य जीन उसे दबा देता है, जिससे वे रोगग्रस्त नहीं होतीं बल्कि केवल 'वाहक' बनती हैं। स्त्रियाँ तभी रोगी होती हैं जब उनके दोनों X गुणसूत्र प्रभावित हों।
जीनोटाइप: यह जीव का आनुवंशिक संगठन है। फीनोटाइप: यह जीव का बाहरी रूप/लक्षण है।
स्थिरता: जीनोटाइप जीवन भर समान रहता है। फीनोटाइप पर्यावरण और उम्र के साथ बदल सकता है।
दृश्यता: इसे नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता (टेस्ट की जरूरत होती है)। फीनोटाइप को सीधे देखा जा सकता है।
बायोगैस: यह गैसों (मुख्यतः मीथेन) का मिश्रण है जो सूक्ष्मजीवों की सक्रियता से उत्पन्न होती है। उत्पादन: गोबर और पानी के घोल (slurry) को एक टैंक में डाला जाता है जहाँ अवायवीय जीवाणु (methanogens) जटिल पदार्थों को तोड़कर मीथेन, CO2 और हाइड्रोजन गैसें बनाते हैं। सूक्ष्मजीव: मेथेनोजेन (जैसे- Methanobacterium)।
प्रतिजैविक (Antibiotic): वे रासायनिक पदार्थ जो कुछ सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पन्न होते हैं और अन्य (रोगजनक) सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकते हैं या उन्हें मार देते हैं। प्रथम प्रतिजैविक: पेनिसिलिन (खोजकर्ता: एलेक्जेंडर फ्लेमिंग)। महत्व: इसका उपयोग जीवाणु जनित गंभीर रोगों (जैसे सिफलिस, डिप्थीरिया, निमोनिया) के उपचार में किया जाता है।
पारिस्थितिक पिरामिड: किसी पारिस्थितिक तंत्र के विभिन्न पोषी स्तरों पर जीवों की संख्या, जैव भार या ऊर्जा के आलेखीय निरूपण को पारिस्थितिक पिरामिड कहते हैं। प्रकार: 1. संख्या का पिरामिड, 2. जैव भार का पिरामिड, 3. ऊर्जा का पिरामिड।
सूर्य से प्राप्त कुल ऊर्जा = 1,000,000 J. पहला पोषी स्तर (उत्पादक): पौधे सौर ऊर्जा का केवल 1% प्रकाश संश्लेषण में उपयोग करते हैं।
अतः, 1,000,000 का 1% = 10,000 J. दूसरा पोषी स्तर (प्राथमिक उपभोक्ता): 10% नियम के अनुसार, 10,000 का 10% = 1,000 J. तीसरा पोषी स्तर (द्वितीयक उपभोक्ता): 1,000 का 10% = 100 J.
उत्तर: पहले स्तर को 10,000 J और तीसरे स्तर को 100 J.
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
अनिषेकफलन (Parthenocarpy): बिना निषेचन के अंडाशय से फल बनने की प्रक्रिया। उदाहरण: केला। असंगजनन (Apomixis): बिना निषेचन के बीज बनने की प्रक्रिया। उदाहरण: एस्ट्रेसी कुल की घास। समानता: दोनों प्रक्रियाओं में नर और मादा युग्मकों का संलयन (निषेचन) नहीं होता है।
[विद्यार्थी यहाँ बीजाण्ड (Ovule) का चित्र बनाएं और निम्नलिखित भागों को नामांकित करें: बीजाण्डवृंत (Funiculus), बीजाण्डद्वार (Micropyle), भ्रूणकोष (Embryo sac), और बीजाण्डकाय/न्यूसेलस (Nucellus).]
[विद्यार्थी यहाँ DNA का डबल हेलिक्स मॉडल बनाएं, जिसमें शर्करा-फॉस्फेट बैकबोन, और एडिनिन-थाइमिन (A=T) व गुआनिन-साइटोसिन (G≡C) के बीच हाइड्रोजन बंध दर्शाएं।]
हर्षे और चेस को सिद्ध करना था कि आनुवंशिक पदार्थ DNA है या प्रोटीन। जीवाणुभोजी (Bacteriophage) एक वायरस है जो केवल DNA और प्रोटीन आवरण से बना होता है। यह जीवाणुओं को संक्रमित करता है।
उन्होंने रेडियोधर्मी फास्फोरस (P-32) से DNA को और रेडियोधर्मी सल्फर (S-35) से प्रोटीन को नामांकित किया। प्रयोग में उन्होंने पाया कि संक्रमण के दौरान केवल DNA जीवाणु के भीतर प्रवेश करता है, प्रोटीन बाहर रह जाता है। अतः DNA ही आनुवंशिक पदार्थ है। जीवाणुभोजी की सरल संरचना ने इस प्रयोग को स्पष्ट बना दिया।
सक्रिय प्रतिरक्षा: शरीर स्वयं एंटीबॉडी बनाता है। निष्क्रिय: शरीर को बनी-बनाई एंटीबॉडी दी जाती है।
समय: यह धीमी होती है, प्रभाव दिखाने में समय लेती है। समय: यह तुरंत प्रभाव दिखाती है।
अवधि: यह दीर्घकालिक (लंबे समय तक) होती है। अवधि: यह अल्पकालिक (कम समय के लिए) होती है।
उदाहरण: टीकाकरण या प्राकृतिक संक्रमण। उदाहरण: माँ का दूध (IgA), टिटनेस का इंजेक्शन।
I. पूरा नाम: Acquired Immuno Deficiency Syndrome (उपार्जित प्रतिरक्षा न्यूनता संलक्षण)।
II. रोगजनक: HIV (Human Immunodeficiency Virus)।
III. परीक्षण: ELISA (एलाइजा)।
IV. कारण: असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाना, संक्रमित सुई का साझा प्रयोग, संक्रमित माँ से बच्चे को।
I. परिभाषा: वे एंजाइम जो DNA को विशिष्ट स्थानों (पैलिंड्रोमिक अनुक्रम) पर काटते हैं। इन्हें 'आणविक कैंची' कहते हैं।
II. प्रथम नाम: Hind II.
III. नामकरण: पहला अक्षर वंश (Genus) से, अगले दो अक्षर प्रजाति (Species) से, और अगला अक्षर जीवाणु के प्रभेद (Strain) से लिया जाता है। (उदा. EcoRI).
IV. नाम का कारण: ये एंजाइम जीवाणु कोशिका में बैक्टीरियोफेज (वायरस) की वृद्धि को 'प्रतिबंधित' (Restrict) कर देते हैं, इसलिए इन्हें प्रतिबंधन एंजाइम कहते हैं।
I. पूरा नाम: Polymerase Chain Reaction (पलीमरेज शृंखला अभिक्रिया)।
II. चरण: 1. निष्क्रियकरण (Denaturation), 2. तापानुशीलन (Annealing), 3. प्रसार (Extension)।
III. स्रोत:Thermus aquaticus (थर्मस एक्वेटिकस) नामक जीवाणु।
IV. उपयोग: यह एंजाइम उच्च तापमान (लगभग 72°C - 94°C) पर भी सक्रिय रहता है और DNA के बहुलीकरण (Polymerisation) को प्रेरित करता है।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer): यह मॉडल उत्तर पत्र केवल विद्यार्थियों के अभ्यास और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। यद्यपि उत्तरों की सटीकता सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया गया है, तथापि अंतिम मूल्यांकन और अंकन योजना परीक्षा बोर्ड (MP Board) के विवेक और आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अधीन है। छात्र कृपया अपनी पाठ्यपुस्तकों से मिलान अवश्य करें।
महत्वपूर्ण निर्देश (Important Instructions):
इस मॉडलआंसर का उपयोग अपनी गलतियों को सुधारने के लिए करें।
जीव विज्ञान में डायग्राम (चित्र) बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए नामांकित चित्र बनाने का अभ्यास जरूर करें।
बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखते समय शब्द सीमा (Word Limit) का ध्यान रखें।
हमें आशाहैकि यह पोस्ट आपकीतैयारी में मददगार साबित होगी। यदि आपको किसी प्रश्न में संदेह है, तो नीचे कमेंटबॉक्स में पूछ सकते हैं। बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए आप सभी को MP EDUCATION GYAN DEEP की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ!
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