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सांदीपनि विद्यालय, मॉडल स्कूल एवं उत्कृष्ट विद्यालयों में प्राचार्य, उप प्राचार्य, प्रधानाध्यापक के पदों पर आवेदन आमंत्रित (विज्ञापन दिनांक 06-10-2026)

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✍ प्रकाशक: MP EDUCATION GYAN DEEP  |  📅 प्रकाशित: 08 अक्टूबर 2026  |  🏷 श्रेणी: DPI आदेश / शिक्षक पदोन्नति-चयन

लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश (भोपाल) ने म.प्र. शासन की महत्वाकांक्षी योजना सांदीपनि विद्यालय, मॉडल स्कूल एवं जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रशासकीय पदों (प्राचार्य, उप प्राचार्य, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला एवं प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला) पर चयन के माध्यम से पदांकन हेतु स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शासकीय शिक्षकों/अधिकारियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इस पोस्ट में आदेश (क्रमांक सांदीपनि/स्थापना/176/2026) के सभी बिंदु – रिक्त पद, पात्रता, आयु सीमा, अंक विभाजन, लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम, आवेदन प्रपत्र, आवेदन की प्रक्रिया और सावधानियां – सरल हिंदी में विस्तार से दिए गए हैं।

⚡ एक नज़र में (Quick Summary)
बिंदुविवरण
जारीकर्तालोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र., गौतम नगर, भोपाल
आदेश/विज्ञापन क्रमांकसांदीपनि/स्थापना/176/2026
जारी होने की तिथि06-10-2026 (अपर संचालक श्री रविंद्र कुमार सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर)
आवेदन माध्यमऑनलाइन – विमर्श पोर्टल (www.vimarsh.mp.gov.in) एवं educationportal3
आवेदन प्रारंभ07-10-2026
आवेदन की अंतिम तिथि16-10-2026
कौन आवेदन कर सकता हैस्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियमित शिक्षक/अधिकारी (पद अनुसार पात्रता नीचे)
आयु सीमा01-01-2026 की स्थिति में 57 वर्ष से अधिक न हो
पदप्राचार्य (उमावि), उप प्राचार्य, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला, प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला
कुल रिक्तियां (सूची अनुसार)724 (परिवर्तनीय)

📌 आदेश का मूल सार (Order Highlights)

  • यह योजना म.प्र. शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें सांदीपनि विद्यालयों, मॉडल स्कूलों और जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालयों में ऊर्जावान लोकसेवकों को चयन के माध्यम से प्रशासकीय पदों पर पदांकित किया जाएगा।
  • नई शिक्षा नीति के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु सर्व संसाधन संपन्न विद्यालयों के रूप में सांदीपनि स्कूल स्थापित किए गए हैं। प्रथम चरण में प्रदेश में 274 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं।
  • सांदीपनि विद्यालयों में: प्राचार्य/उप प्राचार्य के रिक्त पदों की पूर्ति लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार से, तथा प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला/प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला के रिक्त पदों की पूर्ति केवल साक्षात्कार से की जाएगी।
  • जिला उत्कृष्ट विद्यालयों में: प्राचार्य के रिक्त पदों की पूर्ति लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार से (आदेश के अनुसार 43 जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय शामिल)।
  • मॉडल स्कूलों में: प्राचार्य उमावि के रिक्त पदों की पूर्ति लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार से (आदेश के अनुसार 144 मॉडल स्कूल शामिल)।
  • अवसर उन शिक्षकों के लिए है जो स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उच्चतम आयाम स्थापित करने की चुनौती स्वीकारना चाहते हैं।
  • नोट (आदेश): स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियमित शिक्षक ही आवेदन हेतु पात्र हैं।

चयन का माध्यम – पदवार (आदेश की मूल तालिका)

क्र.स्तर / पदआवेदन हेतु पात्रताचयन का माध्यम
1प्राचार्य उमाविस्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत नियमित प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाईस्कूललिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार
2उप प्राचार्यव्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक, जो उच्च पद प्रभार प्राप्त प्राचार्य हाईस्कूल हैंलिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार
3प्रधानाध्यापक माध्यमिक शालास्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रधान अध्यापक माध्यमिक शालासाक्षात्कार
4प्रधानाध्यापक प्राथमिक शालास्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रधानाध्यापक प्राथमिक शालासाक्षात्कार

📊 पदवार रिक्तियां (आदेश के साथ संलग्न सूची के अनुसार)

आदेश के साथ संलग्न सूचियों में प्रत्येक पद के लिए स्वीकृत पद = 1, कार्यरत = 0, रिक्त = 1 दर्शाया गया है। हर पद का अलग Post Code है, जिसे आवेदन के समय देखना उपयोगी रहेगा।

श्रेणीविद्यालय का प्रकाररिक्त पद
प्राचार्य उमाविउत्कृष्ट विद्यालय15
सांदीपनि विद्यालय176
मॉडल स्कूल117
प्राचार्य – कुल308
उप प्राचार्यसांदीपनि विद्यालय115
प्रधानाध्यापक माध्यमिक शालासांदीपनि विद्यालय151
प्रधानाध्यापक प्राथमिक शालासांदीपनि विद्यालय150
कुल योग (सभी पद)724
⚠ आदेश की प्रत्येक सूची पर स्पष्ट लिखा है – “यह रिक्तियां परिवर्तनीय हैं।” अर्थात अंतिम संख्या बदल सकती है। साथ ही, विज्ञापन के परिचय में 43 उत्कृष्ट व 144 मॉडल विद्यालयों का उल्लेख है, जबकि संलग्न सूची में अभी रिक्त पद क्रमशः 15 व 117 दर्शाए गए हैं – यह अंतर स्वाभाविक है क्योंकि सभी विद्यालयों में पद रिक्त नहीं हैं।

जिलेवार/विद्यालयवार पूरी सूची कहां देखें?

सांदीपनि (प्राचार्य 176, उप प्राचार्य 115, HM माध्यमिक 151, HM प्राथमिक 150) तथा मॉडल स्कूल (117) की विद्यालयवार सूची में जिला, ब्लॉक, विद्यालय का नाम, DISE Code, Subject Panel (PR-HSS / Vice-Principal / HM-MS / HM-PS), Post Code तथा Urban/Rural दर्शाया गया है। पूरी सूची के लिए ऊपर दिए गए मूल आदेश PDF को देखें। उत्कृष्ट विद्यालयों के 15 पद नीचे दिए गए हैं।

जिलों का दायरा

सूचियों में आगर-मालवा, अलीराजपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, दतिया, देवास, धार, डिंडोरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, जबलपुर, झाबुआ, कटनी, खंडवा, खरगोन, मंडला, मंदसौर, मऊगंज, मुरैना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, नीमच, निवाड़ी, पन्ना, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा सहित प्रदेश के अनेक जिलों के विद्यालय शामिल हैं (पद-वार सूची अनुसार जिले भिन्न-भिन्न हैं)।

📅 महत्वपूर्ण तिथियां एवं आवेदन पोर्टल

घटनातिथि / विवरण
विज्ञापन/आदेश जारी06 अक्टूबर 2026
ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ07 अक्टूबर 2026
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि16 अक्टूबर 2026
लिखित परीक्षा / साक्षात्कार की तिथिआदेश में उल्लेख नहीं – पोर्टल/विभागीय सूचना की प्रतीक्षा करें
आवेदन का स्थानविमर्श पोर्टल – www.vimarsh.mp.gov.in तथा educationportal3 पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन व प्रक्रिया

✅ किस पद के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

  • प्राचार्य उमावि: स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत नियमित प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाईस्कूल। इसके अतिरिक्त आदेश में प्रतिनियुक्ति पर पदांकित प्राचार्य (जैसे प्रभारी DEO/प्रभारी सहायक संचालक/ADPC), जिला परियोजना समन्वयक (DPC), राज्य स्तरीय कार्यालयों/RSK/DPI/माध्यमिक शिक्षा मंडल/म.प्र. राज्य ओपन स्कूल/संस्कृत बोर्ड/मदरसा बोर्ड आदि में तथा विकासखंड स्तर पर कार्यरत प्रभारी सहायक संचालकों के लिए भी चयन प्रक्रिया बताई गई है।
  • उप प्राचार्य: व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत लोक सेवक (तथा ऊपर के अनुसार ADPC/APC/प्रभारी DEO/DPC आदि के लिए अलग गणना)।
  • प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला: स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला।
  • प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला: स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला।

🎓 1. प्राचार्य उमावि पद – योग्यता, आयु सीमा व चयन प्रक्रिया

1. पात्रता एवं आयु

  • स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत नियमित प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाईस्कूल।
  • विगत 03 वर्षों (2023-24, 2024-25, 2025-26) में प्राचार्य उमावि/प्राचार्य हाईस्कूल के लिए कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 60 प्रतिशत होना चाहिए।
  • आयु सीमा: 01-01-2026 की स्थिति में 57 वर्ष से अधिक न हो।
  • विभागीय जांच / लोकायुक्त / EOW में शिकायत लंबित न हो तथा दण्ड के प्रभाव में न हो।

1.1 चयन प्रक्रिया – कुल 100 अंक

1.1.1 वर्तमान में कार्यरत प्राचार्य उमावि एवं प्राचार्य हाईस्कूल

क्र.चयन का घटकअंक
1विगत 03 वर्षों के नामांकन के विरुद्ध कक्षा 10वीं/12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत25
2लिखित परीक्षा50
3साक्षात्कार25
योग100

1.1.2 प्रतिनियुक्ति पर पदांकित प्राचार्य (यदि ADPC / प्रभारी सहायक संचालक / प्रभारी DEO हैं)

उनके जिले के 03 वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत गणना में लिया जाएगा। शेष – लिखित परीक्षा 50 अंक, साक्षात्कार 25 अंक; कुल 100 अंक।

1.1.3 जिले में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक (DPC) के लिए

  • जो DPC लगातार पिछले 03 वर्षों से उसी जिले में या अन्य जिलों में DPC पद पर कार्यरत हैं, उनके कार्यकाल के दौरान जिलों के लिए कुल आवंटित वार्षिक राशि के लक्ष्य के विरुद्ध किए गए व्यय का प्रतिशत (तीन वर्ष के औसत का 25 प्रतिशत) गणना में लिया जाएगा।
  • 03 वर्ष से कम कार्यकाल वाले DPC के लिए जितने वर्ष DPC रहे उतने वर्ष का आंकलन ऊपर की तालिका के अनुसार होगा; शेष वर्षों का आंकलन उनके पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम के औसत के 25 प्रतिशत से होगा।
  • अंक विभाजन: व्यय/परिणाम 25 + लिखित परीक्षा 50 + साक्षात्कार 25 = 100।

1.1.4 राज्य स्तरीय कार्यालय/संस्था में कार्यरत प्रभारी सहायक संचालक

राज्य स्तरीय कार्यालय, राज्य शिक्षा केंद्र (RSK), लोक शिक्षण संचालनालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल, म.प्र. राज्य ओपन स्कूल, संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि में कार्यरत प्रभारी सहायक संचालकों के लिए पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के विगत 03 वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम एवं शेष प्रक्रिया उपरोक्तानुसार अपनाई जाएगी।

1.1.5 विकासखंड स्तरीय प्रभारी सहायक संचालक

पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के विगत 03 वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम एवं शेष प्रक्रिया उपरोक्तानुसार।

1.1.6 न्यूनतम अंक एवं मेरिट सूची

  • लिखित परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (50 में से 30 अंक) प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए पात्र माने जाएंगे।
  • रिक्त पदों के अनुपात में पात्र अभ्यर्थियों की संख्या कम होने पर लिखित परीक्षा के न्यूनतम अंक शिथिल किए जा सकेंगे।
  • चयन प्रक्रिया में प्राप्त अंकों की मेरिट सूची बनेगी और उसी क्रम में पदस्थापना होगी।
  • मेरिट सूची अधिकतम 3 वर्ष या नया विज्ञापन जारी होने तक (जो पहले हो) मान्य रहेगी।

🧑‍🏫 2. उप प्राचार्य पद – योग्यता, आयु सीमा व चयन प्रक्रिया

2. पात्रता एवं आयु

  • व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत लोक सेवक।
  • विगत 03 वर्षों (2023-24, 2024-25, 2025-26) में व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक के लिए विषयवार कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम; यदि प्रभारी प्राचार्य की अवधि रही हो तो उस अवधि में कक्षा 10 अथवा 12 का परीक्षा परिणाम देखा जाएगा।
  • आयु सीमा: 01-01-2026 को 57 वर्ष से अधिक नहीं।
  • विभागीय जांच / लोकायुक्त / EOW में शिकायत लंबित न हो तथा दण्ड के प्रभाव में न हो।

2.1 चयन प्रक्रिया – कुल 100 अंक

2.1.1 कार्यरत व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक

क्र.चयन का घटकअंक
1विगत 03 वर्षों के कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत25
2लिखित परीक्षा50
3साक्षात्कार25
योग100

2.1.2 ADPC / APC / प्रभारी सहायक संचालक / प्रभारी DEO

उनके जिले के 03 वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के औसत का 25 प्रतिशत; लिखित परीक्षा 50, साक्षात्कार 25 (योग 100)।

2.1.3 जिला परियोजना समन्वयक (DPC)

प्राचार्य पद की तरह – कार्यकाल के दौरान आवंटित वार्षिक राशि के लक्ष्य के विरुद्ध व्यय का प्रतिशत (3 वर्ष औसत) का 25 प्रतिशत; 3 वर्ष से कम कार्यकाल होने पर शेष वर्षों का आंकलन पूर्व के विद्यालयों के कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम के औसत से। लिखित 50 + साक्षात्कार 25।

2.1.5 एवं 2.1.6 राज्य स्तरीय/विकासखंड स्तरीय प्रभारी सहायक संचालक

राज्य स्तरीय कार्यालय, RSK, DPI, माध्यमिक शिक्षा मंडल, राज्य ओपन स्कूल, संस्कृत बोर्ड, मदरसा बोर्ड आदि तथा विकासखंड स्तर के प्रभारी सहायक संचालकों के लिए पूर्व में कार्यरत विद्यालयों के विगत 03 वर्षों के कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम एवं शेष प्रक्रिया उपरोक्तानुसार।

2.1.7 न्यूनतम अंक एवं मेरिट सूची

  • लिखित परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत (30/50) अंक वाले अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के पात्र।
  • पात्र अभ्यर्थी कम होने पर न्यूनतम अंक शिथिल किए जा सकेंगे।
  • मेरिट सूची के क्रम से पदस्थापना; मेरिट सूची अधिकतम 3 वर्ष या नया विज्ञापन आने तक मान्य।

🏛 3. प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला – पात्रता, आयु व चयन

  • पात्रता: स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला।
  • आयु: 01-01-2026 को 57 वर्ष से अधिक नहीं।
  • विभागीय जांच / लोकायुक्त / EOW में शिकायत लंबित न हो, दण्ड के प्रभाव में न हो।
  • चयन: केवल साक्षात्कार के माध्यम से; कुल 50 अंक।
क्र.चयन का घटकअंक
1विगत 03 वर्षों के कक्षा 8वीं के परीक्षा परिणाम के औसत का 30 प्रतिशत30
2साक्षात्कार20
योग50

न्यूनतम अंक (3.3): साक्षात्कार में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (20 में से 12) प्राप्त करने वाले ही पात्र; मेरिट सूची के क्रम से पदस्थापना; मेरिट सूची अधिकतम 3 वर्ष या नया विज्ञापन आने तक मान्य।

🏫 4. प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला – पात्रता, आयु व चयन

  • पात्रता: स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला।
  • आयु: 01-01-2026 को 57 वर्ष से अधिक नहीं।
  • विभागीय जांच / लोकायुक्त / EOW में शिकायत लंबित न हो, दण्ड के प्रभाव में न हो।
  • चयन: केवल साक्षात्कार के माध्यम से; कुल 50 अंक।
क्र.चयन का घटकअंक
1विगत 03 वर्षों के कक्षा 5वीं के परीक्षा परिणाम के औसत का 30 प्रतिशत30
2साक्षात्कार20
योग50

न्यूनतम अंक (4.4): साक्षात्कार में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (12/20); मेरिट सूची के अनुसार पदस्थापना; मेरिट सूची अधिकतम 3 वर्ष या नया विज्ञापन आने तक।

⚖ चारों पदों की तुलना (एक तालिका में)

बिंदुप्राचार्यउप प्राचार्यHM माध्यमिकHM प्राथमिक
कुल अंक1001005050
परिणाम आधारित अंक25 (कक्षा 10/12)25 (कक्षा 12)30 (कक्षा 8)30 (कक्षा 5)
लिखित परीक्षा5050नहींनहीं
साक्षात्कार25252020
न्यूनतम अर्हतालिखित में 60% (30/50)लिखित में 60% (30/50)साक्षात्कार में 60% (12/20)साक्षात्कार में 60% (12/20)
आयु (01.01.2026)≤ 57 वर्ष≤ 57 वर्ष≤ 57 वर्ष≤ 57 वर्ष
मेरिट सूची वैधताअधिकतम 3 वर्ष या नया विज्ञापन आने तक (जो पहले हो)
📝 ध्यान दें: आदेश में परिणाम के प्रतिशत को 25 या 30 अंकों में बदलने का सूत्र स्पष्ट नहीं लिखा है (जैसे 80% औसत परिणाम पर कितने अंक मिलेंगे)। सामान्यतः इसे आनुपातिक माना जा सकता है, किंतु अंतिम गणना विभाग की प्रक्रिया पर निर्भर रहेगी। कृपया पोर्टल पर जारी विस्तृत निर्देश अवश्य देखें।

📚 प्राचार्य पद हेतु लिखित परीक्षा पाठ्यक्रम (कुल अंक: 50)

परीक्षा पैटर्न: प्रत्येक इकाई से 01-01 अंक के 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे (5 इकाई × 10 = 50 प्रश्न/अंक)। सही उत्तर पर 1 अंक दिया जाएगा एवं गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटा जाएगा। पास होने हेतु न्यूनतम 60% = 30 अंक।

इकाई 1: प्रशासनिक दक्षता एवं सेवा नियम (Administrative Efficiency & Service Rules)

  • सेवापुस्तिका संधारण: प्रविष्टि, सत्यापन, द्वितीय प्रति और डिजिटल संधारण के नियम।
  • सिविल सेवा नियम: म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम तथा म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम की बुनियादी धाराएं।
  • भर्ती एवं पेंशन: म.प्र. सिविल सेवा भर्ती नियम, नवीन अंशदायी पेंशन योजना (NPS) एवं पारंपरिक पेंशन नियम।
  • अवकाश नियम: म.प्र. अवकाश नियम (आकस्मिक, अर्जित, अर्ध-वेतन, चिकित्सा, मातृत्व और पितृत्व अवकाश की पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया)।
  • संसाधन अनुकूलन: सीमित शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ में कार्य विभाजन, समय-सारणी (Time Table) प्रबंधन और मानव संसाधन का अधिकतम उपयोग।

इकाई 2: वित्तीय प्रबंधन, भण्डार क्रय एवं लेखा नियम (Financial Management & Accounts)

  • म.प्र. भण्डार क्रय नियम: संशोधित भण्डार क्रय नियमों की जानकारी, जेम (GeM – Government e-Marketplace) पोर्टल के माध्यम से क्रय प्रक्रिया।
  • क्रय एवं अपलेखन (Write-off): निविदा (Tender) प्रक्रिया, कोटेशन आमंत्रण, अनुपयोगी/अक्रियाशील सामग्री के अपलेखन की विधिक प्रक्रिया और अधिकार।
  • पंजियों का संधारण: कैशबुक (Cash Book), लेजर (Ledger), स्टॉक रजिस्टर (Consumable & Non-consumable) के मिलान और अंकेक्षण (Audit) के नियम।
  • वेतन निर्धारण: शैक्षणिक स्टाफ का वेतन निर्धारण (Fixation), वेतन वृद्धि (Increment), सातवें वेतनमान के प्रावधान और एरियर गणना का ज्ञान।
  • वित्तीय अधिकार: प्राचार्य को प्राप्त विभिन्न वित्तीय शक्तियों की सीमाएं और आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के कर्तव्य।

इकाई 3: शिक्षण अधिगम प्रक्रियाएं एवं अकादमिक दक्षता (Teaching-Learning Processes)

  • कक्षा संचालन: कक्षा केजी से 12वीं तक सांदीपनि विद्यालयों को प्रदान की जा रही शिक्षण सामग्री (TLM) के आधार पर कक्षाओं का सुचारू संचालन।
  • विद्यार्थी ट्रैकिंग: छात्रों की दैनिक उपस्थिति की मॉनिटरिंग, डिजिटल अटेंडेंस, कक्षाकार्य (Classwork) और गृहकार्य (Homework) का नियमित मूल्यांकन।
  • परीक्षा प्रबंधन: सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE), त्रैमासिक, अर्धवार्षिक, वार्षिक एवं बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन, प्रश्नपत्र निर्माण और परिणाम विश्लेषण।
  • सह-शैक्षणिक गतिविधियां: खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान मेला, बाल संसद, इको-क्लब और अन्य पाठ्येतर (Co-curricular) गतिविधियों का योजनाबद्ध क्रियान्वयन।
  • अकादमिक पर्यवेक्षण: शिक्षकों की पाठ योजना (Lesson Plan) की समीक्षा और सुधारात्मक उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) का प्रबंधन।

इकाई 4: मानव संसाधन एवं समुदाय समन्वय (HR & Community Coordination)

  • स्टेकहोल्डर्स समन्वय: शिक्षक, पालक (Parents), स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक समुदाय के बीच रचनात्मक समन्वय स्थापित करना।
  • बैठक प्रबंधन: स्टाफ काउंसिल, शिक्षक-पालक संघ (PTA) और समुदाय के साथ बैठकों के एजेंडा का निर्माण, मिनट बुक लेखन और निर्णयों का क्रियान्वयन।
  • SMC/SMDC गठन: शाला प्रबंधन समिति (SMC) और शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (SMDC) का विधिक गठन, उनकी संरचना, अधिकार और कार्य क्षेत्र।
  • विवाद निवारण: संस्था के भीतर और बाहर उत्पन्न होने वाले प्रशासनिक व व्यक्तिगत विवादों का शासकीय नियमों के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण समाधान।
  • शिक्षकों की विशेषज्ञता के अनुसार टाइम-टेबल और विषय सौंपना, कार्यभार का आकलन करना, शिक्षकों के कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन (Self-Appraisal और Peer Review) और फीडबैक देना।

इकाई 5: शासकीय योजनाएं, कानून एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (Govt Schemes & Education Policies)

  • छात्र कल्याणकारी योजनाएं: म.प्र. शासन एवं भारत सरकार की छात्रवृत्तियां, साइकिल/लैपटॉप वितरण योजना, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक व गणवेश योजना, मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना, नि:शुल्क ई-स्कूटी योजना, कन्या साक्षरता प्रोत्साहन योजना, प्रतिभा किरण योजना, विक्रमादित्य योजना की पात्रता व नियम, समग्र शिक्षा अभियान, सांदीपनि विद्यालय योजना, उत्कृष्ट विद्यालय योजना, मॉडल स्कूल योजना।
  • शिक्षा का अधिकार (RTE Act, 2009): अधिनियम की प्रमुख धाराएं, 25% नि:शुल्क प्रवेश के नियम, बच्चों के अधिकार और शाला के दायित्व।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP): 5+3+3+4 संरचना, मातृभाषा में शिक्षा, कौशल विकास और बहु-विषयक दृष्टिकोण का क्रियान्वयन।
  • राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF): वर्तमान NCF के प्रमुख सिद्धांत, रटन प्रणाली से मुक्ति और योग्यता-आधारित शिक्षा (Competency-based Education)।
  • सूचना का अधिकार (RTI Act, 2005): लोक सूचना अधिकारी (PIO) के रूप में प्राचार्य के दायित्व, समय-सीमा में जानकारी प्रदान करने की प्रक्रिया और अपील प्रावधान।

📘 उप प्राचार्य पद हेतु लिखित परीक्षा पाठ्यक्रम (कुल अंक: 50)

परीक्षा पैटर्न: प्रत्येक इकाई से 01-01 अंक के 10 वस्तुनिष्ठ प्रश्न; सही उत्तर पर 1 अंक, गलत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती।

इकाई 1: शैक्षणिक प्रबंधन एवं दैनिक विद्यालय संचालन

  • दैनिक संचालन: उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रतिदिन सुचारू संचालन की रूपरेखा, प्रार्थना सभा (Assembly) और अनुशासन व्यवस्था।
  • वैकल्पिक शिक्षक व्यवस्था: किसी शिक्षक के आकस्मिक अवकाश पर होने पर कक्षाओं के लिए ‘अव्यवस्था/वैकल्पिक पीरियड’ (Arrangement) का त्वरित और प्रभावी आवंटन।
  • उपस्थिति एवं मॉनिटरिंग: विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति की निगरानी, लगातार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के पालकों से संपर्क की रणनीति।
  • अकादमिक निरीक्षण: छात्रों की कॉपियों में कक्षाकार्य और गृहकार्य की नियमित जांच की मॉनिटरिंग और शिक्षकों को फीडबैक देना।
  • परीक्षा परिणाम संवर्धन: कमजोर छात्रों (Slow Learners) की पहचान कर उनके लिए विशेष कक्षाओं और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम हेतु रणनीतियों का क्रियान्वयन।

इकाई 2: अकादमिक गुणवत्ता प्रबंधन एवं नवाचार

  • विषयवार अध्यापन व्यवस्था: कक्षा केजी से 12वीं तक सभी विषयों के कठिन बिन्दुओं (Hard Spots) की पहचान कर उनके उत्तम अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
  • शैक्षणिक नवाचार: डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड का उपयोग, कबाड़ से जुगाड़ (TLM) और खेल-खेल में शिक्षा (Play-way method) का अनुप्रयोग।
  • डायरी संधारण: शिक्षक डायरी (Teacher's Diary) और विद्यार्थी डायरी (Student's Diary) के नियमित उपयोग और उनके दैनिक प्रमाणीकरण की जांच।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: विद्यालय स्तर पर ओलंपियाड, NTSE, NMMS, बोर्ड परीक्षाओं और अन्य पाठ्येतर प्रतियोगिताओं में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना।

इकाई 3: स्कूल विकास कार्य योजना का निर्माण (School Development Planning – SDP)

  • वार्षिक शाला विकास योजना: भौतिक और अकादमिक आवश्यकताओं का आकलन कर वार्षिक ‘स्कूल डेवलपमेंट प्लान’ (SDP) का खाका तैयार करना।
  • कक्षा अवलोकन (Classroom Observation): पीयर-ऑब्जर्वेशन तथा कक्षा शिक्षण के दौरान शिक्षण विधियों का सूक्ष्म अवलोकन कर गुणात्मक सुधार की योजना बनाना।
  • वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश: प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अथवा राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों, अभियानों और अकादमिक गतिविधियों का समयबद्ध क्रियान्वयन।
  • डेटा प्रबंधन: यू-डाइस (U-DISE+), समग्र शिक्षा पोर्टल और अन्य अकादमिक पोर्टल्स पर विद्यालय के बुनियादी ढांचे और नामांकन डेटा का शुद्धिकरण।

इकाई 4: समुदाय समन्वय एवं विद्यालय की छवि (Community Coordination & Public Relations)

  • समिति बैठकें: शाला प्रबंधन समिति (SMC) और विद्यालय नेतृत्व समिति की बैठकों के आयोजन में प्राचार्य का सहयोग करना तथा क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
  • स्टाफ बैठकें: आंतरिक स्टाफ बैठकों का आयोजन, आपसी वैचारिक मतभेदों का निवारण और टीम भावना (Team Work) का विकास।
  • वाह्य समन्वय: पालकों/अभिभावकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडियाकर्मियों के साथ सकारात्मक व गरिमापूर्ण संवाद।
  • ब्रैंडिंग एवं छवि निर्माण: विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों और सांस्कृतिक जीतों का प्रचार-प्रसार कर समाज में शाला की उत्कृष्ट छवि बनाना।

इकाई 5: उप प्राचार्य के प्रशासनिक व वित्तीय दायित्व

  • कार्यवाहक प्रबंधन: प्राचार्य की अनुपस्थिति या अवकाश की स्थिति में कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में संपूर्ण विद्यालय का प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रबंधन संभालना।
  • नियमों एवं प्रक्रियाओं का ज्ञान: सिविल सेवा आचरण नियम, अवकाश नियम और स्थापना (Establishment) संबंधी शासकीय पत्राचार की बुनियादी समझ।
  • वित्तीय एवं भंडार नियम: संविदा/आउटसोर्सिंग नियमों का ज्ञान, शासकीय क्रय में पारदर्शिता के नियम और वित्तीय अनुशासन।
  • स्टॉक एवं परिसंपत्ति सुरक्षा: भण्डारण, अपलेखन, भौतिक सत्यापन और स्टॉक रजिस्टर के संधारण की विधिक प्रक्रियाओं का पर्यवेक्षण।
ℹ HM माध्यमिक/प्राथमिक शाला पदों के लिए आदेश में लिखित परीक्षा नहीं है – चयन साक्षात्कार व परिणाम आधारित अंकों से होगा, इसलिए इनके लिए अलग पाठ्यक्रम जारी नहीं किया गया है।

📝 आवेदन प्रपत्र में मांगी गई जानकारी (पदवार)

आदेश में चारों पदों के लिए अलग-अलग आवेदन प्रपत्र का प्रारूप दिया गया है। आवेदन से पहले ये सभी दस्तावेज/जानकारी तैयार रखें।

क. प्राचार्य पद हेतु प्रपत्र

  1. यूनिक आईडी
  2. पूरा नाम
  3. मोबाइल नंबर
  4. जन्मतिथि (01.01.2026 को 57 वर्ष से अधिक न हो)
  5. ईमेल
  6. लिंग
  7. वर्तमान पद (प्राचार्य उमावि / प्राचार्य हाईस्कूल)
  8. वर्तमान पद पर पदांकन दिनांक
  9. पत्र व्यवहार का पता
  10. वर्तमान पदस्थापना का जिला
  11. वर्तमान पदस्थापना का विकासखण्ड
  12. पदांकित शाला का डाइस कोड/ऑफिस का नाम
  13. शाला का नाम/ऑफिस का पता

अतिरिक्त तालिकाएं: (1) प्रभारी DEO/प्रभारी सहायक संचालक/ADPC/विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हों तो – जिला, पद, कब पदस्थ हुए, कब तक पदस्थ रहे, जिले का कक्षा 10वीं परीक्षा परिणाम % (दर्ज विद्यार्थियों के विरुद्ध); (2) जिला परियोजना समन्वयक हों तो – जिला, पद, अवधि तथा कार्यकाल के दौरान आवंटित राशि के लक्ष्य के विरुद्ध व्यय का प्रतिशत; (3) विगत 03 वर्ष में शाला का परीक्षा परिणाम – सत्र, डाइस कोड, शाला का नाम, माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदत्त स्कूल कोड, कक्षा 10वीं परिणाम % (यदि विगत 3 वर्ष से किसी कार्यालय में कार्यरत हैं तो परिणाम दर्ज करना अनिवार्य नहीं)।

ख. उप प्राचार्य पद हेतु प्रपत्र

प्राचार्य प्रपत्र की सभी जानकारी (वर्तमान पद: व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक; “नियुक्ति/पदांकन दिनांक”) के साथ अतिरिक्त रूप से 14. वह विषय जिसमें आपकी नियुक्ति/पदोन्नति का पी.जी. विषय। परिणाम तालिका में सत्र, डाइस कोड, शाला का नाम, मंडल द्वारा प्रदत्त शाला कोड, विषय तथा परीक्षा परिणाम % (कक्षा 12वीं) दर्ज करना होगा।

ग. प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला पद हेतु प्रपत्र

यूनिक आईडी, पूरा नाम, मोबाइल, जन्मतिथि, ईमेल, लिंग, वर्तमान पद (प्रधान अध्यापक माध्यमिक शाला), प्रथम नियुक्ति दिनांक, वर्तमान पद पर नियुक्ति/पदांकन दिनांक, पत्र व्यवहार का पता, पदस्थापना का जिला व विकासखण्ड, पदांकित शाला का डाइस कोड, शाला का नाम, नियुक्ति/पदोन्नति का विषय (कुल 15 बिंदु)। साथ ही विगत 03 वर्ष में कक्षा 8वीं के शाला परीक्षा परिणाम की तालिका।

घ. प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला पद हेतु प्रपत्र

उपरोक्त जैसी ही जानकारी (कुल 14 बिंदु; विषय का बिंदु नहीं) – साथ ही विगत 03 वर्ष में कक्षा 5वीं के शाला परीक्षा परिणाम की तालिका (सत्र, डाइस कोड, शाला का नाम, परिणाम %)।

सभी प्रपत्रों में समान रूप से मांगी गई जानकारी

  • अंग्रेजी भाषा का ज्ञान: लिखना, पढ़ना, बोलना।
  • कंप्यूटर का ज्ञान: वर्ड, एक्सेल, पावर पाइंट।
  • विमर्श पोर्टल एवं एजुकेशन पोर्टल पर कार्य का अनुभव।
  • घोषणा (Declaration): प्रमाणित किया जाता है कि उल्लेखित जानकारी पूर्णतः सत्य है, आवश्यक शर्तों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर लिया है और निर्धारित शर्तों पर आवेदित पद पर कार्य करने हेतु सहमत हूं।

🖥 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (स्टेप बाय स्टेप)

  1. अपने मोबाइल/कंप्यूटर में www.vimarsh.mp.gov.in (विमर्श पोर्टल) खोलें और अपनी यूनिक आईडी से लॉगिन करें।
  2. पोर्टल पर उपलब्ध सांदीपनि/मॉडल/उत्कृष्ट विद्यालय पदांकन संबंधी विज्ञापन/आवेदन लिंक खोलें और विस्तृत विज्ञापन, शर्तें व प्रक्रिया ध्यान से पढ़ें।
  3. अपने वर्तमान पद के अनुसार सही पद (प्राचार्य / उप प्राचार्य / HM माध्यमिक / HM प्राथमिक) चुनें।
  4. आवेदन प्रपत्र में व्यक्तिगत, सेवा संबंधी व विद्यालय के 3 वर्ष के परीक्षा परिणाम की जानकारी (डाइस कोड सहित) भरें।
  5. अंग्रेजी/कंप्यूटर ज्ञान, पोर्टल पर कार्य का अनुभव भरें और घोषणा स्वीकार करें।
  6. सभी विवरण जांचकर 16-10-2026 की अंतिम तिथि से पहले आवेदन सबमिट करें और आवेदन की पावती/प्रिंट सुरक्षित रखें।
⚙ पोर्टल की स्क्रीन/चरण समय-समय पर बदल सकते हैं। ऊपर के स्टेप सामान्य मार्गदर्शन के लिए हैं; अंतिम प्रक्रिया वही मानें जो पोर्टल व विभागीय विज्ञापन में दी गई है।

🎯 तैयारी रणनीति (प्राचार्य / उप प्राचार्य परीक्षा)

  • प्राथमिकता से पहले यह तय करें: 50 प्रश्न, नेगेटिव मार्किंग 0.25 – इसलिए सिर्फ वही प्रश्न करें जिनके उत्तर में 70–75% तक भरोसा हो। 30 अंक (60%) लाना पहली शर्त है।
  • इकाई 1 व 2 (सेवा नियम + वित्त): ये तथ्य-आधारित हैं और सबसे आसानी से अंक देते हैं। सिविल सेवा आचरण/वर्गीकरण-अपील नियम, अवकाश नियम, भण्डार क्रय नियम, GeM, DDO की शक्तियां, वेतन निर्धारण व एरियर के प्रश्नों का अभ्यास करें।
  • इकाई 3 व 4 (शिक्षण + समुदाय): अनुभव आधारित व्यावहारिक स्थिति-प्रश्न आ सकते हैं – CCE, SMC/SMDC, PTA, रेमेडियल टीचिंग, कक्षा अवलोकन के प्रारूप समझें।
  • इकाई 5 (योजनाएं/कानून/नीति): RTE 2009 की धाराएं और 25% प्रवेश, NEP 5+3+3+4, NCF, RTI 2005 (PIO की भूमिका), तथा म.प्र. की छात्र योजनाओं की पात्रता का नोट्स बनाएं।
  • उप प्राचार्य के लिए: SDP, U-DISE+, कक्षा अवलोकन, अव्यवस्था (Arrangement), डायरी संधारण और कार्यवाहक प्राचार्य के वित्तीय दायित्वों पर विशेष ध्यान दें।
  • साक्षात्कार हेतु: अपने विद्यालय के पिछले 3 वर्षों के परिणाम, नवाचार, SMC भागीदारी, नामांकन वृद्धि और किसी एक SDP का उदाहरण तैयार रखें।
  • समय प्रबंधन: प्रतिदिन 2 घंटे; पहले सप्ताह में नियम, दूसरे में वित्त, तीसरे में शिक्षा-नीतियां, अंतिम सप्ताह में मॉक टेस्ट।

⚠ आवेदन से पहले ज़रूरी सावधानियां

  • आवेदन केवल स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षक/अधिकारी कर सकते हैं – संविदा/अन्य विभाग के कर्मचारी पात्र नहीं।
  • आयु 01-01-2026 को 57 वर्ष से अधिक न हो – जन्मतिथि सेवा पुस्तिका अनुसार ही भरें।
  • विभागीय जांच, लोकायुक्त या EOW में कोई शिकायत लंबित हो अथवा आप दण्ड के प्रभाव में हों तो पात्रता नहीं।
  • प्राचार्य पद हेतु पिछले 3 वर्षों (2023-24 से 2025-26) में प्रत्येक वर्ष कक्षा 10वीं का परिणाम न्यूनतम 60% होना आवश्यक है।
  • डाइस कोड, स्कूल कोड और परीक्षा परिणाम की जानकारी सही व प्रमाणित भरें – गलत जानकारी पर आवेदन निरस्त हो सकता है।
  • अंतिम तिथि की शाम तक न रुकें – पोर्टल पर भीड़ होने की संभावना रहती है।
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्र.1: सांदीपनि विद्यालय प्राचार्य/उप प्राचार्य पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

उ. ऑनलाइन आवेदन विमर्श पोर्टल पर 07-10-2026 से 16-10-2026 तक किए जा सकेंगे। अंतिम तिथि 16 अक्टूबर 2026 है।

प्र.2: इस आदेश में कुल कितने पद रिक्त दर्शाए गए हैं?

उ. संलग्न सूचियों के अनुसार प्राचार्य के 308 (उत्कृष्ट 15, सांदीपनि 176, मॉडल 117), उप प्राचार्य के 115, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला के 151 तथा प्रधानाध्यापक प्राथमिक शाला के 150 – कुल 724 पद दर्शाए गए हैं। आदेश में रिक्तियां परिवर्तनीय बताई गई हैं।

प्र.3: आवेदन कौन कर सकता है?

उ. केवल स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत नियमित शिक्षक/अधिकारी। प्राचार्य के लिए नियमित प्राचार्य उमावि/हाईस्कूल, उप प्राचार्य के लिए व्याख्याता/उच्च माध्यमिक शिक्षक, तथा HM पदों के लिए क्रमशः कार्यरत प्रधान अध्यापक माध्यमिक/प्राथमिक शाला।

प्र.4: अधिकतम आयु सीमा कितनी है?

उ. सभी पदों के लिए 01-01-2026 की स्थिति में 57 वर्ष से अधिक न हो।

प्र.5: प्राचार्य और उप प्राचार्य का चयन कैसे होगा और अंक विभाजन क्या है?

उ. कुल 100 अंक – परिणाम आधारित 25 अंक, लिखित परीक्षा 50 अंक और साक्षात्कार 25 अंक। लिखित परीक्षा में न्यूनतम 60% (30/50) अंक वालों को ही साक्षात्कार हेतु पात्र माना जाएगा।

प्र.6: क्या प्रधानाध्यापक पदों के लिए लिखित परीक्षा होगी?

उ. नहीं। प्रधानाध्यापक माध्यमिक व प्राथमिक शाला का चयन केवल साक्षात्कार से होगा। कुल 50 अंक – परिणाम आधारित 30 और साक्षात्कार 20, साक्षात्कार में न्यूनतम 60% अनिवार्य।

प्र.7: लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग है?

उ. हां। प्राचार्य/उप प्राचार्य परीक्षा में प्रत्येक सही उत्तर पर 1 अंक मिलेगा और गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाएंगे। 5 इकाइयों से 10-10 प्रश्न, कुल 50 अंक।

प्र.8: प्राचार्य पद के लिए परीक्षा परिणाम की क्या शर्त है?

उ. विगत तीन वर्षों (2023-24, 2024-25, 2025-26) में प्रत्येक वर्ष कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम न्यूनतम 60 प्रतिशत होना चाहिए।

प्र.9: मेरिट सूची कितने समय तक मान्य रहेगी?

उ. मेरिट सूची अधिकतम 3 वर्ष या चयन हेतु नया विज्ञापन जारी होने तक, जो भी पहले हो, मान्य रहेगी।

प्र.10: क्या विभागीय जांच लंबित होने पर आवेदन कर सकते हैं?

उ. नहीं। आदेश अनुसार विभागीय जांच, लोकायुक्त या EOW में शिकायत लंबित न हो तथा अभ्यर्थी दण्ड के प्रभाव में न हो।

प्र.11: DPC (जिला परियोजना समन्वयक) के अंक कैसे गिने जाएंगे?

उ. DPC के कार्यकाल में आवंटित वार्षिक राशि के लक्ष्य के विरुद्ध किए गए व्यय के प्रतिशत (3 वर्ष के औसत) का 25 प्रतिशत गिना जाएगा। 3 वर्ष से कम कार्यकाल होने पर शेष वर्षों के लिए पूर्व के विद्यालयों के कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम का औसत लिया जाएगा।

प्र.12: रिक्त पदों की विद्यालयवार सूची कहां मिलेगी?

उ. आदेश के साथ संलग्न सूची (जिला, ब्लॉक, विद्यालय, DISE Code, Post Code सहित) में तथा विमर्श पोर्टल पर। उत्कृष्ट विद्यालयों के 15 पद इसी पोस्ट में दिए गए हैं।

📢 अस्वीकरण (Disclaimer)

MP EDUCATION GYAN DEEP एक निजी शैक्षिक सूचना ब्लॉग है। इसका किसी सरकारी विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन या विमर्श पोर्टल से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

इस पोस्ट की जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय, म.प्र. के विज्ञापन/आदेश (क्रमांक सांदीपनि/स्थापना/176/2026, दिनांक 06-10-2026) के आधार पर पाठकों की सुविधा हेतु सरल भाषा में तैयार की गई है। टाइपिंग/अनुवाद त्रुटि अथवा बाद में हुए संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रिक्तियां परिवर्तनीय हैं।

कृपया आवेदन करने से पहले मूल आदेश, विस्तृत विज्ञापन तथा विमर्श पोर्टल/विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य पढ़ें। किसी भी निर्णय, आवेदन में त्रुटि या हानि के लिए यह ब्लॉग उत्तरदायी नहीं होगा। पोस्ट में दिए गए तैयारी संबंधी सुझाव सामान्य मार्गदर्शन हैं, आधिकारिक निर्देश नहीं।

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